*मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह अंतर्गत जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित,कलेक्टर-एसपी ने जिले के उत्कृष्ट शिक्षकों को किया सम्मानित*

*मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह अंतर्गत जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित,कलेक्टर-एसपी ने जिले के उत्कृष्ट शिक्षकों को किया सम्मानित*

मुंगेली।  मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण 2024-25 के अंतर्गत शिक्षा विभाग द्वारा जिला कलेक्टोरेट स्थित जनदर्शन में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर  राहुल देव और पुलिस अधीक्षक  भोजराम पटेल ने जिले के उत्कृष्ट शिक्षकों को शाल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

कलेक्टर-एसपी ने मीनदास पात्रे,  राजकुमार कश्यप और श्रीमती ममता दर्शन को ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित करते हुए सात-सात हजार रुपये की राशि का चेक प्रदान किया। इसके साथ ही जिले के 12 शिक्षक, जिनमें दिलीप जाटवर, श्रीमती अनिता शुक्ला, श्रीमती प्रिया भास्कर, अभिजीत तिवारी, श्रीमती शारदा ताम्रकार,  गजानंद राज, श्रीमती पुष्पलता सोनवानी, श्रीमती नीलम यादव और प्रदीप कुमार साहू को शिक्षादूत पुरस्कार के तहत पांच-पांच हजार रुपये की राशि का चेक दिया गया।

इसके अलावा, इस सत्र में सेवानिवृत्त होने वाले 18 शिक्षकों और संकुल स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले 06 संकुल शैक्षिक समन्वयकों को भी सम्मानित किया गया। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने कार्यक्रम में पीएमश्री नवोदय विद्यालय दाबो मुंगेली में चयनित 40 विद्यार्थियों को भी उपहार भेटकर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

अनुभव ही जीवन का सबसे बड़ा शिक्षक - राहुल देव 

       कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर शिक्षकों को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जीवन में मध्यमार्ग अपनाना सबसे सही निर्णय होता है। उन्होंने कहा कि अनुभव ही जीवन का सबसे बड़ा शिक्षक होता है, इसलिए हमें सीखने की प्रक्रिया में निरंतर बने रहना चाहिए। कलेक्टर ने शिक्षकों को शिक्षा के महत्व को समझने और अपने कर्तव्यों को निष्ठापूर्वक निभाते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा और खेल-कूद में संतुलन बनाए रखने की सलाह दी और मोबाइल फोन तथा सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि मेहनत और अनुशासन से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने पालकों से अनुरोध किया कि वे अपने बच्चों के मानसिक, शारीरिक और नैतिक विकास में योगदान दें ताकि समाज में एक सशक्त और जागरूक पीढ़ी तैयार हो सके।

शिक्षक समाज के सच्चे मार्गदर्शक - पुलिस अधीक्षक

           पुलिस अधीक्षक पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक समाज के सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। वे न केवल ज्ञान का संचार करते हैं बल्कि समाज को सही दिशा भी प्रदान करते हैं। उन्होंने रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए कहा कि जब शिक्षक अपने शिष्यों को पुत्रवत स्नेह देते हैं, तो समाज में अर्जुन और विवेकानंद जैसे महान व्यक्तित्व जन्म लेते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी और योग, संतुलित आहार एवं नियमित दिनचर्या अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता सबसे बड़ी शक्ति है, जिससे व्यक्ति किसी भी संकट का सामना कर सकता है। विद्यार्थियों को भौतिकता के साथ-साथ आध्यात्मिक मूल्यों को भी अपनाने की सलाह दी गई।

जिला शिक्षा अधिकारी  चन्द्रकुमार घृतलहरे ने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण 2024-25 के अंतर्गत विकासखण्ड स्तर पर गठित समिति द्वारा चयनित शिक्षकों को शिक्षादूत पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रत्येक विकासखंड से 03-03 शिक्षकों को पांच-पांच हजार रुपये की राशि और प्रशस्ति पत्र दिया गया। इसी प्रकार जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए चयनित शिक्षकों को ज्ञानदीप पुरस्कार प्रदान किया गया, जिसमें प्रत्येक विकासखंड से 01-01 शिक्षक को सात-सात हजार रुपये की राशि और प्रशस्ति पत्र दिया गया। इस सत्र में सेवानिवृत्त होने वाले 17 शिक्षक, संकुल स्तर पर श्रेष्ठ कार्य करने वाले 06 संकुल शैक्षिक समन्वयक, एवं जवाहर नवोदय विद्यालय में चयनित 40 विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मंच का संचालन जिला कलेक्टोरेट के अधीक्षक अशोक सोनी ने किया। समारोह में शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

ब्यूरो रिपोर्ट