*सरकंडा सुभाष चौक में असामाजिक तत्व युवक ने किया पीतांबरा पीठाधीश्वर पर हमला: चैत्र नवरात्र धार्मिक अनुष्ठान में विघ्न बाधा पहुंचाने का प्रयास, संत समाज ने की निंदा, पुलिस और जिला प्रशासन से की गई सुरक्षा की मांग*

बिलासपुर। सरकंडा सुभाष चौक स्थित त्रिदेव मंदिर श्री पीतांबरा पीठ में भी रजत जयंती उत्सव का आयोजन किया गया है, यहां देवी भागवत कथा के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हो रहे हैं, जिसमें देशभर से संत समाज भी सम्मिलित हो रहे है। शनिवार को श्री स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज, भक्ति पीठाधीश्वर बृजघाट हापुर उत्तर प्रदेश, श्री 108 श्री स्वामी अभेदानंद सरस्वती जी महाराज परमार्थ ज्ञान मंदिर हरिद्वार उत्तराखंड और पीतांबर पीठाधीश्वर, अखिल भारतीय संत समिति धर्म समाज छत्तीसगढ़ प्रमुख डॉक्टर दिनेश चंद्र महाराज बिलासपुर प्रेस क्लब पहुंचे, जहां उन्होंने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि मां बगलामुखी का यह दिव्य मंदिर जिस गली में स्थित है उस गली में रहने वाले असामाजिक तत्व लगातार धार्मिक क्रिया कलाप में बाधा उत्पन्न करते हुए पीठाधीश्वर आचार्य दिनेश चंद्र जी महाराज और उनके परिजनों पर हमले कर रहे हैं।
इस गली में रहने वाले युवक ने आचार्य दिनेश चंद्र जी महाराज के साथ दुर्व्यवहार करते हुए उन पर हमला किया। इस वर्ष ऐसा ना हो इसके लिए पीठाधीश्वर आचार्य दिनेश चंद्र महाराज ने इसी गली में रहने वाले अधिवक्ता को आमंत्रित कर उनसे इस आयोजन में सहयोग करने का आग्रह किया लेकिन इसका विपरीत प्रभाव नजर आया। गुरुवार को छत्तीसगढ़ के राजकीय अतिथि का दर्जा प्राप्त श्री 1008 मनमोहन दास जी महाराज श्री राधे राधे बाबा अखिल भारतीय संत समिति राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री के समक्ष ही गली में रहने वाले निखिल पांडे नामक युवक ने मेरे पिता से मेरी शिकायत करते हो कहते हुए 3 अप्रैल 2025 सुबह 10:00 बजे गाली गलौज करते हुए आचार्य दिनेश जी महाराज को धक्का देकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
प्रेस क्लब में पत्रकारों को जानकारी देते हुए आचार्य दिनेश महाराज ने बताया कि अपने पिता के अधिवक्ता होने की धमकी देकर निखिल पांडे हमेशा से ही उन्हें और उनके पूरे परिवार को परेशान करता रहा है। उसे इस गली में कोई भी धार्मिक अनुष्ठान बर्दाश्त नहीं, इसलिए वह किसी भी आयोजन के अवसर पर इसी तरह बिघ्न बाधा पहुंचाने का प्रयास करता है। मंदिर आने जाने वाले लोगों को परेशान करने के लिए वह कभी गली में अपनी मोटरसाइकिल खड़ी कर देता है तो कभी कुर्सी लगाकर बैठ जाता है। भागवत कथा के बीच में भी वह तेज एक्सीलेटर कर शोर मचाते हुए बार-बार गली से गुजरता है और मना करने पर मारपीट पर उतारू हो जाता है। 3 अप्रैल की सुबह आचार्य दिनेश जी महाराज के साथ मारपीट करने के बाद निखिल पांडे ने दोपहर को फिर श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर भागवत कथा में विघ्न डाला और हंगामा किया। इस मामले में सरकंडा थाने में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। जब पुलिसों उसे समझाने पहुंची तो वह पुलिस से भी उलझ गया। जिसके विरुद्ध बीएनएस की धारा 296 और 351 (2) के तहत मामला दर्ज करते हुए पुलिस उसे गिरफ्तार कर ले गई, मगर जमानती अपराध होने की वजह से उसे थाने से ही मुचलका मिल गया, जिससे उसका हौसला और बढ़ गया।
पुलिस ने निखिल पांडे को भविष्य में इस तरह की हरकत दोबारा ना करने की चेतावनी दी थी लेकिन शनिवार सुबह एक बार फिर निखिल पांडे गली में कुर्सी लगाकर बैठ गया और आने जाने के दौरान उसने पुजारी मधुसूदन पांडे के साथ गाली गलौज की। आचार्य दिनेश ने बताया कि उन्होंने विधिवत शासन से ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाने की अनुमति ली है और शासन ने उन्हें 75 डेसीबल की सीमा के अंदर ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाने की अनुमति दी है जबकि उनके द्वारा मात्र 20 डेसीबल का ही इस्तेमाल कर भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है लेकिन निखिल पांडे द्वारा बार-बार पुलिस को भी गुमराह करते 112 पर कॉल कर गली में डीजे बजने की मिथ्या सूचना दी जा रही है। इस मिथ्या सूचना पर कई बार पुलिस पहुंची जिसने आरोपो को मिथ्या पाया।
कुल मिलाकर निखिल पांडे हर प्रयास से धार्मिक अनुष्ठानों में विघ्न उत्पन्न करने की कुचेष्टा कर रहा है ।उसके द्वारा मंदिर आने जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया जा रहा है। स्वयं राजकीय अतिथि के समक्ष भी उसने जिस तरह की हरकत की उससे सिर्फ आचार्य दिनेश चंद्र महाराज ही नहीं पूरा प्रदेश लज्जित हुआ है। दिनेश महाराज ने कहा कि संत के लिए सम्मान सर्वोपरि है, उसे जान से मारने की आवश्यकता नहीं है उसके लिए तो अपमान और तिरस्कार ही मृत्यु तुल्य है। इसलिए उन्होंने ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए अपने लिए सुरक्षा की भी मांग की।
ब्यूरो रिपोर्ट