*भाजपा नेत्री से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार हुए कारोबारी ने महिला नेत्री पर लगाए लाखों के रकम गबन करने के आरोप : वीडियो जारी कही बात जानिए पूरा घटनाक्रम*
बिलासपुर। न्यायधानी में महिला नेत्री ने कारोबारी पर दैहिक शोषण के आरोप के आरोप लगाकर सिविल लाईन थाने में एफआईआर दर्ज कराई जिसके बाद हड़कंप मच गया था,इस मामले में रांची के एक व्यापारी को बिलासपुर पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया।
भाजपा नेत्री से जुड़े कथित दैहिक शोषण और करोड़ों के लेन-देन का मामला सामने आया। इस मामले में जब रेप के आरोपी कारोबारी संजय सिंह ने एक वीडियो जारी कर भाजपा नेत्री पर संगीन और गंभीर आरोप लगाए। वीडियो में साफ देखा जा सकता है जिस वक्त कारोबारी अपनी बात रख रहे थे और भाजपा नेत्री पर कोयला का ठेका दिलाने 80 लाख रुपए लेने का संगीन आरोप लगाया।पैसा नहीं देने की नियत साफ नजर आती है,कारोबारी द्वारा वीडियो के जरिए खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है।
भाजपा नेत्री रेप का शिकार हुई साथ ही उसका करोड़ों रुपये किसी ने खा लिया इसकी चर्चा आज हर जगह बनी हुई थी।अब इस मामले में एक बड़ा उलटफेर आ गया। कारोबारी ने वीडियो के माध्यम से अपनी बात बताई, इस वीडियो के सामने के आने के बाद पूरा मामला उलट गया है। वीडियो में कारोबारी यह कहते सुनाई दे रहे हैं, बीते सात महीने से उन दोनों के बीच व्यक्तिगत रूप से कोई मुलाकात नहीं हुई। मोबाइल के जरिए कारोबार के संबंध में बात होते रही, जब उसने अपना रकम मांगने फोन किया तब भाजपा नेत्री ने इस तरह का शर्मनाक कदम उठाया है। इस पूरी घटना को लेकर आज रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में चर्चा बनी हुई है।।इस वीडियो में संजय सिंह साफ बोल रहा है कि मुझसे नेताओं को गिफ्ट देने के लिए समान लिया गया मै इस मामले में कही से भी दोषी नहीं हु।
कोयला ठेकेदार संजय सिंह का वीडियो में अपनी बात कहकर सच्चाई बया कर रहा है। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि उनका और पीड़िता का परिचय कारोबारी और सामाजिक संपर्कों के माध्यम से हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया ओडिशा और छत्तीसगढ़ में कोल माइंस से जुड़े ठेके दिलाने के नाम पर उनसे करीब 80 लाख रुपये लिए गए थे। वीडियो में उन्होंने यह भी दावा किया है इस दौरान उन्हें अभिषेक सिंह, अलका सिंह और तड़का देव सिंह जैसे नामों का हवाला दिया गया था, जिनके माध्यम से कोल माइंस और ठेका दिलाने की बात कही गई थी। भाजपा नेत्री ने बिलासपुर के सिविल लाइन में संजय सिंह के खिलाफ ढाई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और दैहिक शोषण के आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी।
इसके बाद बिलासपुर पुलिस टीम रांची पहुंची और कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद ही कारोबारी का यह वीडियो सामने आया, जिसने पूरे मामले को नया राजनीतिक और कानूनी मोड़ दे दिया है।
कारोबारी संजय सिंह ने वीडियो जारी कर यह कहा
वीडियो में संजय सिंह ने यह कहते सुनाई दे रहे हैं, उनके खिलाफ लगाए गए ढाई करोड़ रुपये के लेन-देन संबंधी आरोप पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने दावा किया है, पिछले करीब सात महीनों से दोनों के बीच आमने- सामने मुलाकात नहीं हुई थी और केवल फोन पर बातचीत होती रही। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतने महीनों से कोई व्यक्तिगत संपर्क ही नहीं था, तब दैहिक शोषण का आरोप कैसे लगाया जा सकता है?रांची के कारोबारी संजय सिंह ने वीडियो में यह भी कहा कि वे लगातार अपनी रकम वापस मांग रहे थे। उनके अनुसार 21 तारीख को रायपुर में फोन पर बातचीत हुई, जहां उन्हें भरोसा दिया गया कि पैसा लौटा दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद कुछ लोग थार वाहन से पहुंचे, बैंक अकाउंट नंबर लिया गया, लेकिन बाद में मोबाइल फोन बंद कर दिया गया और रकम वापस नहीं की गई।
अब इस मामले से बहुत से सवाल उठने लगे है आखिर मामला अब पुलिस के लिए बड़ा पेचीदा हो गया है।अब इस मामले में आगे क्या होगा यह कहना कठिन है।वीडियो में कारोबारी संजय सिंह कही बात अगर सही है तो क्या इस मामले में शिकायतकर्ता की जांच बिलासपुर पुलिस सूक्ष्मता से करेगी या फिर मामले को दबाने का प्रयास किया जाएगा।करोड़ों के भुगतान करने की बात पर क्या पुलिस ने जांच की।ऐसे बहुत से सवाल है आखिर सात माह पहले हुए मामले पर आखिर अभी क्यो शिकायत की गई।अब इस मामले पर क्या होगा यह देखना बाकी है।
ब्यूरो रिपोर्ट


