*रोजेदार की मिसाल: 4 वर्षीय ज़ेहरा फ़ातिमा ने रखा रोज़ा, मुल्क में अमन-चैन व माता-पिता की सलामती की मांगी दुआ*
बिलासपुर। पवित्र माह-ए-रमज़ान में छोटे-छोटे बच्चों में भी इबादत और रोज़े के प्रति गहरी आस्था देखने को मिल रही है।जिले के बिलासपुर मासागंज निवासी शबाज़ अहमद 4 वर्षीय बेटी. ज़ेहरा ने मंगलवार को रोज़ा रखकर सभी का दिल जीत लिया।
नन्हे रोजेदार . ज़ेहरा ने पूरे दिन रोज़ा रखकर देश में अमन-चैन, उन्नति और प्रगति के साथ-साथ अपने माता-पिता के बेहतर रिज्क, सेहत और लंबी उम्र के लिए अल्लाह ताला से दुआ मांगी। इतनी कम उम्र में रोज़ा रखने की उनकी लगन और जज़्बा लोगों के लिए प्रेरणा बन गया।
ज़ेहरा ने बताया कि उनकी अम्मी शिरिन अहमद ने उन्हें बताया था कि रमज़ान के पाक महीने में जब कोई नन्हा रोजेदार रोज़ा रखता है तो समुद्र की मछलियां भी उसके लिए दुआ करती हैं। साथ ही रोजेदार अल्लाह की इबादत कर जो भी दुआ करता है, अल्लाह ताला उसे कबूल फरमाता है।
अम्मी की इसी बात से प्रेरित होकर नन्हे रोजेदार ज़ेहरा ने भी भीषण गर्मी और तपिश के बावजूद पूरे दिन रोज़ा रखा और देश-दुनिया में शांति, अपने माता-पिता की सलामती, बेहतर सेहत और इल्म-ए-दीन के लिए अल्लाह ताला से दुआएं मांगी।
रमज़ान के इस पवित्र महीने में नन्हे रोजेदार की यह पहल लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग उसकी हौसला अफजाई कर रहे हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट


