*ACB की बड़ी कार्रवाई: बिजली विभाग के एई, जेई,सहित कंप्यूटर ऑपरेटर रिश्वत लेते गिरफ्तार, नगर पंचायत कार्यालय का बाबू पर भी कार्रवाई*

*ACB की बड़ी कार्रवाई: बिजली विभाग के एई, जेई,सहित कंप्यूटर ऑपरेटर रिश्वत लेते गिरफ्तार, नगर पंचायत कार्यालय का बाबू पर भी कार्रवाई*

जांजगीर। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम में एंटी करप्शन ब्यूरो को एक और सफलता मिली है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने बिजली विभाग में छापा मारकर रिश्वत लेने वाले सहायक अभियंता उप अभियंता और कंप्यूटर ऑपरेटर को पकड़ा है तीनों मिलकर 35 हजार रुपए की रिश्वत ले रहे थे। 

एंटी करप्शन ब्यूरो के आईजी अमरेश मिश्रा के नेतृत्व में प्रदेश भर में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाई जा रही है। जिसके तहत आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वाले भ्रष्ट अधिकारी–कर्मचारियों के यहां छापेमारी और चालानी कार्यवाही के अलावा ट्रैप का भी आयोजन किया जाता है। जिसमें रिश्वत लेने वाले सरकारी अधिकारी– कर्मचारी और उनके दलालों को रंगे हाथों पकड़ा जाता है । इसी अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने छत्तीसगढ़ स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के ग्रामीण कार्यालय में छापा मार कार्यवाही की है। जिसमें अस्सिटेंट इंजीनियर– जूनियर इंजीनियर समेत कार्यालय का कंप्यूटर ऑपरेटर भी धराया है। 

मामले में मिली जानकारी के अनुसार सीएसईबी ग्रामीण कार्यालय में पदस्थ जूनियर इंजीनियर राजेंद्र शुक्ला, असिस्टेंट इंजीनियर विजय नोरगे और  कंप्यूटर ऑपरेटर ने एक उपभोक्ता से एचटी लाइन विस्तार के लिए रिश्वत की मांग की थी। पर उपभोक्ता रिश्वत देना नहीं चाहते थे। बिना रिश्वत के काम नहीं करने पर परेशान होकर उन्होंने एंटी करप्शन ब्यूरो कार्यालय बिलासपुर में शिकायत की। 

शिकायत के सत्यापन के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने आज ट्रैप कार्यवाही का आयोजन किया और केमिकल युक्त नोटों के साथ प्रार्थी को रिश्वत देने बिजली ऑफिस में भेज दिया। जैसे ही सीएसईबी  ग्रामीण कार्यालय में रिश्वत ली गई वैसे ही एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्यालय के बाहर तैनात टीम ने कार्यालय में छापा मार दिया। छापेमारी में जेई राजेंद्र शुक्ला, एई विजय नोरगे  और कंप्यूटर ऑपरेटर को 35 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। एसीबी तीनों से कार्यालय ने पूछताछ कर रही है। इस दौरान कार्यालय को बंद कर दिया गया है। छापेमारी से कार्यालय परिसर में गहमा– गहमी का माहौल बन गया है। लोगों की भीड़ भी कार्यालय के बाहर जुटी हुई है। जल्द एसीबी पूछताछ के बाद विस्तृत खुलासा करने वाली है।

नगर पंचायत का लेखापाल आठ हजार  रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों हुआ गिरफ्तार, चेक जारी कराने के एवज में   मांगी  थी रिश्वत -

एसीबी ने दूसरी कार्रवाई करते हुए आज 20 मार्च को जांजगीर  जिले में नवागढ़ नगर पंचायत के लेखापाल को 8 हजार  रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा है।

 एसीबी डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि नवागढ़  निवासी अब्दुल वहाब द्वारा  एसीबी इकाई बिलासपुर में इस आशय की  शिकायत की गई थी कि उसके फर्म के द्वारा नगर पंचायत नवागढ़ क्षेत्र में    वित्त वर्ष 2024-25 में अधोसंरचना से संबंधित कार्य  और मरम्मत का कार्य किया गया था जिसकी बिल राशि करीब 203000 रुपए का चेक जारी कराने के एवज में 16000 रुपए रिश्वत की  मांग  की जा रही है और वह 6000 रुपए उसे दे चुका है तथा 10000 रुपए की और माँग की जा रही है   जो वह उसे उक्त कार्य के लिए 10000 रुपए  रिश्वत नहीं देना चाहता बल्कि उसे रंगे हाथ पकड़वाना चाहता है।

 शिकायत का सत्यापन कराने पर शिकायत सही पाई गई और सत्यापन में मोलभाव पर आरोपी द्वारा 10000 रुपए की जगह  8000 रुपए लेने हेतु सहमति दी गई,  जिस पर  ट्रैप की योजना तैयार की गई ।  आज 20 मार्च को प्रार्थी को संबंधित को रिश्वत रकम देने भेजे जाने पर आरोपी द्वारा प्रार्थी से रिश्वती रकम  अपने   हाथ  में लेकर अपनी कार में रखे जाने पर आसपास फैली   एसीबी टीम द्वारा उसे ग्राम सेमरा के पास शाह क्रशर के पास पकड़ लिया गया।रिश्वत में ली गई राशि 8000 रुपए को  आरोपी से बरामद कर लिया गया है। एसीबी के द्वारा आरोपी के विरुद्ध धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कार्यवाही की जा रही है ।गौरतलब है कि  एसीबी के द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों /कर्मचारियों की लगातार कार्यवाही की  जा रही है इसी अनुक्रम में उक्त कार्यवाही  की गई ।एसीबी द्वारा  किसी भी विभाग के लोकसेवक द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने पर तत्काल सूचना देने हेतु अपील की गई है।

ब्यूरो रिपोर्ट