शक की रंजिश बनी मौत की वजह, फरहदा हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा
मुंगेली -
जरहागांव थाना क्षेत्र के ग्राम फरहदा में हुए सनसनीखेज हत्या मामले का मुंगेली पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन में की गई।
मिली जानकारी के अनुसार बहन से बातचीत करने की शंका को लेकर हुए पुराने विवाद की रंजिश में आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। थाना जरहागांव पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त बटनदार चाकू व खून लगे कपड़े भी जब्त किए हैं।
क्या है पूरा मामला
प्रार्थी अर्जुन साहू (20 वर्ष) निवासी फरहदा ने 3 फरवरी 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि करीब 2–3 माह पहले गांव के जयपाल उर्फ कल्लू साहू द्वारा उसकी बहन से बातचीत को लेकर विवाद हुआ था। इसी रंजिश को लेकर 2 फरवरी की रात करीब 10:30 बजे खरवोरवा तालाब पार ग्राम फरहदा के पास जयपाल साहू ने अर्जुन साहू व कोमल साहू के साथ मारपीट की।
इसी दौरान आरोपी हितेश उर्फ हरिओम कश्यप ने अपने पास रखे बटनदार चाकू से हमला कर अर्जुन साहू को पेट व हाथ में गंभीर चोट पहुंचाई, वहीं कोमल साहू के पेट में चाकू मार दिया। घायल को उपचार हेतु जिला अस्पताल मुंगेली ले जाया गया, जहां 19 वर्षीय कोमल साहू की मौत हो गई।
आरोपियों की गिरफ्तारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मयंक तिवारी के मार्गदर्शन में पुलिस टीम गठित कर त्वरित विवेचना की गई। फारेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर हथियार व अन्य साक्ष्य जब्त किए गए।
जांच के बाद पुलिस ने
हितेश उर्फ हरिओम कश्यप (18 वर्ष 10 माह), निवासी बजरंगपारा, जरहागांव
जयपाल उर्फ कल्लू साहू (20 वर्ष), निवासी फरहदा
को गिरफ्तार कर 4 फरवरी 2026 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
धारा व कानूनी कार्रवाई
प्रकरण में थाना जरहागांव में अपराध क्रमांक 19/26 धारा 103(1), 109, 3(5) बीएनएस एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इनकी रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक सत्येन्द्रपुरी गोस्वामी सहित सउनि लखीराम नेताम, लव सिंह ध्रुव, प्र.आर. महेश राज, देवकुमार डिडोरे, लक्ष्मण यादव, आरक्षक उमेश सोनवानी, सुशांत पाण्डेय, राजचंद्र जोशी, जितेन्द्र ठाकुर, पेखन गेदले, विजय साहू, रोहित पटेल तथा साइबर सेल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही



