असाक्षरता के अभिशाप से आजादी के लिये विकास खंड के 3567 महिला पुरुषों ने दी परीक्षा , कहा नही कहलायेंगे असाक्षर स्वच्छता से साक्षरता की ओर एक कदम बढ़ाया स्वच्छता दीदियों ने , साक्षर कहलाने दी परीक्षा
पथरिया - उल्लास नवभारत साक्षरता अभियान के अंतर्गत पूरे देश भर में असाक्षरों साक्षर बनाने बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन का आयोजन हुआ इस कार्यक्रम में विकास खण्ड के 140 परीक्षा सेंटरों में परीक्षा आयोजित हुआ जिसमें 3567 परीक्षार्थियों ने अपनी सहभागिता निभाते हुए परीक्षा में शामिल हुए । उक्त परीक्षा के निरीक्षण करने सहायक संचालक कार्यालय बिलासपुर से उप शिक्षा संचालक पाटिल विकास खण्ड के कई परीक्षा केंद्र पहुचे और परीक्षार्थियों एवम केंद्राध्यक्ष से चर्चा कर परीक्षा सम्बन्धी जानकारी प्राप्त किये ।उन्होंने कहा कि असाक्षरता एक अभिशाप है जिससे मुक्ति दिलाने जनजगरुक्ता की आवश्यकता है शिक्षित समाज बनाना हम सब की जिम्मेदारी है जो किसी कारण शिक्षा से वंचित हो गए है उन्हें नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से जोड़ना और साक्षर बनाना एक पुनीत कार्य है उनके साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी एलपी डाहीरे, बीईओ पी मण्डलोई , सहायक शिक्षा अधिकारी रविपाल राठौर ने निरीक्षण किया । विकास खंड में उक्त परीक्षा की जानकारी देते हुए ब्लाक प्रभारी यतेन्द्र भास्कर ने बताया कि विकास खण्ड में 4585 परीक्षार्थियों को साक्षर बनाने के लिये लक्ष्य रखा गया था जिनके लिये 140 परीक्षा केंद्र और केंद्र संचालन के लिये 280 केंद्राध्यक्ष और पर्यवेक्षक बनाया गया था।उन्होंने बताया कि असाक्षरता के अधंकार से साक्षरता के प्रकाश की ओर ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र महिला पुरुषों को पिछले तीन महीने तक स्वमसेवी शिक्षकों शासन द्वारा दिए गए उल्लास पुस्तक को पढ़ाया गया उसके उपरांत रविवार को परीक्षा में शामिल करने प्रेरित किया गया था । जिसके परिणामस्वरूप काम काजी महिला पुरुषों ने अपने वयस्त समय से परीक्षा के लिये समय निकाला और परीक्षा में श।इल हुए । अधिकारियों के निरीक्षण दौरान पथरिया संकुल समन्वयक मोहित खांडे , गजानन सिंगरौल , रामाधार करमाकर , शशि भास्कर , प्रधान पाठक गुना राम निर्मलकर , गीतादेवी गुप्ता , जसविंदर कौर , नीलम।यादव , श्रद्धा साहू , खेमलता राजपूत उपस्थित रहे ।
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय से मिलेगा अंकसूची - रविवार को आयोजित परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों में जो परीक्षा उत्तीर्ण होंगे उनको राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से साक्षरता अंकसूची प्रदान किया जाएगा जो राष्ट्रीय स्तर को होगा इसके साथ साक्षर कहलायेंगे । परीक्षा में लिखना पढ़ना , और संख्यात्मक ज्ञान प्रमुख रहा जो सौ सौ नम्बर का रहा ।
स्वच्छता दीदियों ने दी परीक्षा - नगर पंचायत में स्वच्छता अभियान की रीढ़ कहे जाने वाले स्वछता दीदियों ने असाक्षरता के अभिशाप से मुक्त होने परीक्षा दी उन्होंने कहा कि अस्वच्छता और असाक्षरता दोनों ही मानव जीवन के विकास में रुकावट है। इग्नाइट इंग्लिश मीडियम स्कूल में परीक्षा देने आई स्वच्छता दीदियों ने इसे स्वच्छता से साक्षरता की ओर एक कदम बताया । उनके स्वमसेवी शिक्षक रवि चेलकर रहे जिन्होंने नगर के कचड़ा इक्कट्ठा करने वाले स्वछता कर्मियों को साक्षर बनने प्रेरित किया ।



