बिलासपुर तहसीलदार के फर्जी सील साइन से बन रहा था जाति निवास प्रमाण पत्र

बिलासपुर। तहसीलदार के फर्जी सील–साइन से जाति व निवास प्रमाण पत्र बनाने का मामला बिलासपुर में सामने आया है। महिला एवं बाल विकास विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की भर्ती के लिए जाति–निवास व आमदनी प्रमाण पत्र मांगे गए थे। जिसके लिए जरूरतमंदों को ठगने मैन्युअल फर्जी जाति, निवास व आमदनी प्रमाण पत्र जारी किए थे। फर्जी जाति, निवास, प्रमाण पत्र जारी करने का पता चलने पर तहसीलदार अतुल वैष्णव ने आधा दर्जन प्रमाण पत्र जब्त किया है। साथ ही के तहसीलदार के निर्देश पर तहसील कर्मी ने थाने में एफआईआर दर्ज करवाया है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। बिलासपुर जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की भर्ती चल रही है। जिसके लिए मंगलवार को आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि थी। आवेदन के साथ ही जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र लगाने थे। जिसके लिए बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थियों के द्वारा जाति,निवास,प्रमाण पत्र बनवाने तहसील दफ्तरों के चक्कर लगाए जा रहे थे। सभी इच्छुक महिला अभ्यर्थी अंतिम तिथि समाप्त होने से पहले ही जाति, निवास, आमदनी प्रमाण पत्र बनवा लेना चाहती थी, ताकि निर्धारित तिथि में फॉर्म भर सके। इसी बात का फायदा उठा भोली भाली महिलाओं से दलाल के द्वारा फर्जी सील व साइन लगा ठगी की जा रही थी। साधना अहिरवार और गायत्री खरे नाम के महिलाओं को जाति प्रमाण और निवास प्रमाण पत्र जारी किए गए थे। किसी ने इनके प्रमाण पत्र तहसीलदार अतुल वैष्णव को व्हाट्सेप पर भेजा। जिन लोगो को प्रमाण पत्र जारी किया गया था उनकी एंट्री ऑनलाइन दर्ज नहीं की गई थी। ऑफलाइन प्रणाम पत्र बनवाने पर उसकी मैनुअल एंट्री की जाती है लेकिन उनकी मैनुअल एंट्री भी नहीं थी। तहसीलदार अतुल वैष्णव को जांच के बाद फर्जी सील व साइन कर मैनुअल जाति निवास व आमदनी प्रमाण पत्र बनाने की पुष्टि हुई।
जांच के दौरान महिला अभ्यर्थियों ने बताया कि एक दलाल तहसील दफ्तर में घूम रहा है और तुरंत जाति–निवास प्रमाण पत्र बना कर देने के दावे कर रहा है। जिस पर तहसील कर्मियों ने सेमरताल गांव के रहने वाले मुकेश खरे नामक युवक को पकड़ा। तहसीलदार ने जब उससे पूछताछ की तब पता चला की रामकुमार सूर्या नाम के युवक को प्रमाण पत्र बनवाने के लिए वह पैसे और कागजात देता है, जिसके बाद रामकुमार उसे सील व साइन लगा प्रमाण पत्र बना कर देता है। पकड़े गए युवक मुकेश खरे ने पूछताछ में बताया कि मंगलवार को भी एक युवक उससे जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवाने आया था। युवक से उसने 300 रुपए लिए थे। उसने रामकुमार सूर्या को युवक जाति व निवास प्रमाण पत्र बनाने के लिए दिया था। जिस पर रामकुमार ने प्रमाण पत्र में तहसीलदार को फर्जी सील व साइन लगाकर दे दिया। प्रमाण पत्र में राजस्व प्रकरण भी दर्ज नहीं था।
फर्जीवाड़ा का खुलासा होने के बाद तहसीलदार अतुल वैष्णव ने आधा दर्जन फर्जी जाति प्रमाण पत्र पंचनामा बना जप्त किया है। उनके निर्देश पर तहसील कार्यालय के मालजमादार 57 वर्षीय मनोज राव निवासी कुदुदंड मिलन चौक को थाने में फर्जीवाड़े का एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए। माल जमादार मनोज राव की तरफ से सिविल लाइन थाने में धारा 466, 467, 468 के तहत मुकेश खरे पर अपराध दर्ज किया गया है। मामले में मुकेश खरे व अन्य लोगों के खिलाफ भी जांच की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में किसी वकील की भूमिका होने की बात कही जा रही है, जिसे भी पुलिस ने जांच में लिया है।
ब्यूरो रिपोर्ट