*मुख्यमंत्री के निर्देश पर कलेक्टर ने ली आकस्मिक बैठक: तूफान से फसल क्षति का युद्ध स्तर पर होगा सर्वे, किसानों को दिलाई जाएगी राहत,सर्वे टीमों की संख्या बढ़ाने के निर्देश*

*मुख्यमंत्री के निर्देश पर कलेक्टर ने ली आकस्मिक बैठक: तूफान से फसल क्षति का युद्ध स्तर पर होगा सर्वे, किसानों को दिलाई जाएगी राहत,सर्वे टीमों की संख्या बढ़ाने के निर्देश*

बिलासपुर। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिले में बारिश और तूफान से फसलों को हुए नुकसान का त्वरित सर्वे कर प्रभावित किसानों को राहत दिलाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कृषि विभाग और फसल बीमा कंपनी के अधिकारियों की अपने कक्ष में आकस्मिक बैठक लेकर युद्ध स्तर पर सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों की बारिश और तूफान से धान सहित अन्य फसलों को हुई वास्तविक क्षति का आकलन कर किसानों को नियमानुसार मुआवजा एवं फसल बीमा दावे का लाभ दिलाया जाए।

कलेक्टर ने कहा कि जिन किसानों ने फसल बीमा नहीं कराया है और उनकी फसलों को नुकसान हुआ है, उन्हें भी राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के प्रावधानों के तहत पात्रतानुसार सहायता दी जाएगी। उन्होंने राजस्व विभाग को ऐसे किसानों की फसल क्षति का सर्वे कर नियमानुसार सहायता के प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बीमा कंपनी के अधिकारियों को सर्वे टीमों की संख्या बढ़ाकर अगले कुछ दिनों में सर्वे कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) का अनुभव रखने वाले युवाओं को भी सर्वे की जिम्मेदारी सौंपने को कहा, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन शीघ्र किया जा सके। जिले में एचडीएफसी एर्गो कंपनी के माध्यम से चालू खरीफ मौसम में लगभग 47 हजार किसानों ने फसल बीमा कराया है।

  कलेक्टर  अग्रवाल ने कहा कि विपत्ति की इस घड़ी में राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। कठिन परिस्थितियों में मेहनत कर अन्न उपजाने वाले किसानों का मनोबल बनाए रखना जरूरी है। उनकी फसलों को हुई वास्तविक क्षति के लिए नियमानुसार राहत सहायता और बीमा दावे का लाभ दिलाया जाएगा। उन्होंने कृषि एवं राजस्व विभाग तथा बीमा कंपनी के अधिकारियों को आपसी समन्वय से सर्वे कार्य प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

   सहायक संचालक कृषि शशांक शिंदे ने बैठक में बताया कि पकने के बाद काटकर खेत अथवा खलिहान में रखी धान की फसल को पानी से नुकसान होने पर बीमित किसानों को नियमानुसार फसल बीमा का लाभ मिलेगा। ऐसे किसान नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447, व्हाट्सएप नंबर 7065514447 अथवा अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी को दे सकते हैं। श्री शिंदे ने बताया कि अत्यधिक बारिश और तूफान से खड़ी फसल के पौधे गिरने की स्थिति में फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्त परिणामों के आधार पर नियमानुसार सहायता निर्धारित की जाएगी। उन्होंने प्रभावित बीमित किसानों से निर्धारित समय-सीमा में नुकसान की सूचना दर्ज कराने की अपील की है।

ब्यूरो रिपोर्ट