*कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव के हिडमा वाले बयान पर भाजपा नेताओं ने घेरा : कहा शहीदों के बलिदान और छत्तीसगढ़ की अस्मिता का अपमान*
बिलासपुर । कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव द्वारा नक्सली हिड़मा को अपना "रोल मॉडल" बताए जाने संबंधी कथित बयान पर भारतीय जनता पार्टी ग्रामीण जिला अध्यक्ष मोहित जायसवाल ने कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह केवल एक गैर-जिम्मेदाराना राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों, पीड़ित परिवारों और पूरे छत्तीसगढ़ की भावनाओं का घोर अपमान है।

मोहित जायसवाल ने कहा कि अटल श्रीवास्तव को तत्काल अपने कथित बयान पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। यदि उन्होंने वास्तव में हिड़मा जैसे खूंखार नक्सली का महिमामंडन किया है, तो उन्हें प्रदेश की जनता, शहीद जवानों के परिजनों, नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवारों और जनजातीय समाज से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।

शहर अध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि अटल श्रीवास्तव को तत्काल अपने कथित बयान पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। यदि उन्होंने वास्तव में हिड़मा जैसे खूंखार नक्सली का महिमामंडन किया है, तो उन्हें प्रदेश की जनता, शहीद जवानों के परिजनों, नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवारों और जनजातीय समाज से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति का नाम निर्दोष नागरिकों की हत्या, सुरक्षा बलों पर कायराना हमलों और वर्षों तक छत्तीसगढ़ में भय का वातावरण बनाने से जुड़ा रहा हो, उसे “रोल मॉडल” बताना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं हो सकता। ऐसे बयान नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई को कमजोर करने वाले हैं और समाज में गलत संदेश देते हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ने कांग्रेस नेतृत्व से भी पूछा कि क्या वह अटल श्रीवास्तव के कथित बयान से सहमत है। यदि नहीं, तो कांग्रेस को तत्काल अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करते हुए संबंधित बयान से स्वयं को अलग करना चाहिए तथा उचित कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता नक्सलवाद के विरुद्ध मजबूती से खड़ी है और किसी भी कीमत पर नक्सली हिंसा या उससे जुड़े व्यक्तियों के महिमामंडन को स्वीकार नहीं करेगी।

जिला प्रवक्ता प्रणव शर्मा समदरिया ने कहा कि जिस व्यक्ति का नाम निर्दोष नागरिकों की हत्या, सुरक्षा बलों पर कायराना हमलों और वर्षों तक छत्तीसगढ़ में भय का वातावरण बनाने से जुड़ा रहा हो, उसे "रोल मॉडल" बताना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं हो सकता। ऐसे बयान नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई को कमजोर करने वाले हैं और समाज में गलत संदेश देते हैं। प्रवक्ता प्रणव शर्मा ने कांग्रेस नेतृत्व से पूछा कि क्या वह अटल श्रीवास्तव के कथित बयान से सहमत है। यदि नहीं, तो कांग्रेस को तत्काल अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करते हुए संबंधित बयान से स्वयं को अलग करना चाहिए तथा उचित कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता नक्सलवाद के विरुद्ध मजबूती से खड़ी है और किसी भी कीमत पर नक्सली हिंसा या उससे जुड़े व्यक्तियों के महिमामंडन को स्वीकार नहीं करेगी।
ब्यूरो रिपोर्ट


