*एसीबी की बड़ी कार्रवाई: पटवारी और बिजली विभाग के बाबू को किया रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, तहसीलदार के चेंबर से टीम ने रिश्वत के साथ पटवारी को पकड़ा*
बिलासपुर। रिश्वतखोर पटवारी और बिजली विभाग के बाबू को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पटवारी के द्वारा जमीन का नक्शा बटांकन के एवज में 25000 रुपए रिश्वत ली थी। खास बात यह है कि पटवारी की गिरफ्तारी तहसीलदार के चेंबर से हुई है। पटवारी के द्वारा प्रार्थी से तहसीलदार सोनू अग्रवाल के चेंबर में बुलाकर रिश्वत की रकम ली जा रही थी। जबकि बिजली विभाग का बाबू, विद्युत पोल लगाने के लिए दस हजार रुपए रिश्वत ले रहा था। जो रंगे हाथों गिरफ्तार हुए है।
पहले मामले में प्रार्थी अशोक अग्रवाल, निवासी रतनपुर, जिला बिलासपुर द्वारा एन्टी करप्शन ब्यूरो, बिलासपुर में शिकायत की गई थी उसके द्वारा लालपुर स्थित अपने जमीन का नक्शा बटांकन करने के लिए करीब एक वर्ष पूर्व तहसीलदार कार्यालय रतनपुर में आवेदन दिया था जिस पर उक्त कार्य करने के लिए तहसीलदार रतनपुर द्वारा लालपुर पटवारी को आदेशित किया गया था। उक्त कार्य करने के लिए प्रार्थी द्वारा लालपुर पटवारी भानु चंद्राकर से संपर्क करने पर आरोपी द्वारा प्रार्थी से 40,000 रुपए रिश्वत की मांग की गई थी। प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था बल्कि आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था। शिकायत का सत्यापन कराने पर शिकायत सही पाई गई और सत्यापन में मोलभाव करने पर आरोपी द्वारा 25,000 रुपये लेने हेतु सहमति दी गई। आज 25 जून को ट्रेप आयोजित किया गया। प्रार्थी को पटवारी ने रिश्वत की रकम के साथ तहसीलदार सोनू अग्रवाल के तहसील दफ्तर स्थित चैंबर में बुलवाया और वही रकम ली। वहीं प्रार्थी से आरोपी पटवारी भानु चंद्राकर को 25,000 रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकडा गया।
आरोपी को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के प्रावधानों के तहत् अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
दूसरे मामले में जिला-बिलासपुर में सीएसपीडीसीएल कार्यालय मस्तूरी के बाबू को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है।
प्रार्थी त्रिलोकी साहू, निवासी ग्राम पारघाट जिला बिलासपुर द्वारा एन्टी करप्शन ब्यूरो, बिलासपुर में शिकायत की गई थी कि उसके ग्राम पारघाट स्थित करीब एक एकड़ कृषि जमीन में शासन की योजना के तहत् विद्युत ले जाने हेतु निःशुल्क विद्युत पोल लगाने के लिए सीएसपीडीसीएल कार्यालय मस्तूरी में आवेदन प्रस्तुत किया गया था जिस पर वहां पदस्थ बाबू सहदेव कुमार चंद्रा द्वारा पोल लगाने का प्रोसेस करने के एवज में 10,000 रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था बल्कि आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकडवाना चाहता था। शिकायत सत्यापन पर सही पाये जाने से आज 25 जून को ट्रेप आयोजित कर प्रार्थी से आरोपी बाबू सहदेव कुमार चंद्रा को 10,000 रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के प्रावधानों के तहत् अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
ब्यूरो रिपोर्ट


