*निचे लटके बिजली तार की चपेट मे आने से किसान की मौत, ग्रामीणों मे आक्रोश*

*निचे लटके बिजली तार की चपेट मे आने से किसान की मौत, ग्रामीणों मे आक्रोश*

बिलासपुर। सरगांव के ग्राम पंचायत बिदबिदा में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। गांव में जमीन से काफी नीचे झूल रहे बिजली के तार की चपेट में आने से खेती करने गए किसान की मौत हो गई। मृतक का नाम मांघी लाल राजपूत (उम्र 60) वर्ष बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया इससे पहले भी बिजली के तार लूज होने से 12 गौ वंश की मौत हो चुकी है ग्रामीणों का आरोप है कि इस तरह की लापरवाही से आज एक किसान की मौत हो गई। गौ सेवा विकासखंड समिति के अध्यक्ष बृजेश शर्मा ने बताया कि पूर्व में भी सम्बन्धित थाने एवं सीएम हेल्पलाइन नंबर में इस बात की शिकायत की जा चुकी है  उसके बाद भी क्षेत्र की लाइन कनेक्शन दुरुस्त नहीं होने की वजह से आज एक किसान की मौत हो गई। उधर परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में बिजली विभाग को पहले भी कई बार सूचना दी जा चुकी थी कि तार बहुत नीचे लटका हुआ है और कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है लेकिन विभाग ने उसे सुधारने की जहमत नहीं उठाई, जिससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।

*यह है पूरा मामला - ग्राम बीदबिदा के किसान मृतक मांघी लाल राजपूत अपने खेत में कृषि कार्य के लिए गया हुआ था, इसी दौरान जमीन से लगभग 5 फीट की ऊंचाई पर लटके बिजली के तार की चपेट में आने से उसकी मौके पर मौत हो गई।

ग्रामीणों का आरोप घटना की जानकारी देने के बाद घंटो बाद पहुंचा प्रशासन

उधर ग्रामीणों ने आरोप लगाया है घटना की सूचना मिलने के बाद भी प्रशासन को मौके पर पहुंचने में लगभग 1 घंटे का समय लग गया। इस बीच स्थिति को बिगड़ने से बचाने के लिए गौ सेवा आयोग के विकासखंड समिति के अध्यक्ष बृजेश शर्मा अपनी गौ सेवा टीम के साथ मौके पर पहुंचे प्रशासन के पहुंचने के बाद शव का पंचनामा कर पीएम की कार्रवाई की गई।

ग्रामीणों में आक्रोश, FIR की मांग
इस घटना के बाद गांव में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि पहले भी इस तरह के लापरवाही की सूचना विभाग को दी जा चुकी हैं लेकिन जानकारी देने के बाद भी तार नहीं सुधारा गया इसी लापरवाही के कारण ये बड़ी घटना हो गई।

ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने की मांग
1.  मृतक के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए
2.  लापरवाह बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर गैर इरादतन हत्या की धारा में FIR दर्ज की जाए
3.  पूरे क्षेत्र में नीचे लटके तारों का सुरक्षा ऑडिट करवाया जाए

*ग्रामीणों ने पूछा जिम्मेदार कौन?
यह घटना बिजली विभाग की घोर लापरवाही को उजागर करती है। बार-बार शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान न करना सीधे तौर पर एक परिवार की मौत का कारण बना है।

ब्यूरो रिपोर्ट