पथरिया विकास खण्ड के 3416 असाक्षरों ने साक्षर बनने दी परीक्षा , कहा नही कहलायेंगे अनपढ़

पथरिया  विकास खण्ड के 3416 असाक्षरों ने साक्षर बनने दी परीक्षा , कहा नही कहलायेंगे अनपढ़

पथरिया - राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा रविवार को आयोजित उल्लाश नव भारत साक्षरता कार्यक्रम बुनियादी परीक्षा विकास खण्ड के सभी 150 ग्रामो सफलतापूर्वक संपन्न हुआ क्षेत्र के लगभग सभी प्राथमिक शालाओं को परीक्षा केंद्र बनाया गया था और केंद्राध्यक्ष नियुक्त किया गया था जिनके माध्यम से परीक्षा विधिवत ढंग से आयोजित हुआ । कास खंड शिक्षा अधिकारी पथरिया पीएस बेदी ने बताया कि पथरिया ब्लॉक को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने के उद्देश्य से नवभारत साक्षर कार्यक्रम चलाया जा रहा था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 15 वर्ष के अधिक आयु वर्ग के लोग को जो किन्ही कारणों से पढ़ लिख नही पाए है ,उन्हे पढ़ने लिखने का अवसर उपलब्ध कराना है | इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बुनियादी साक्षरता व संख्या ,महत्वपूर्ण कौशल ,व्यावसायिक कौशल ,बुनियादी शिक्षा,सतत विकास शामिल है | कार्यक्रम प्रभारी एबीईओ यतेन्द्र भास्कर ने बताया कि इस कार्यक्रम  में वर्ष भर ब्लॉक के 153 प्राथमिक शालाओं के माध्यम से स्वयं सेवी शिक्षको के द्वारा ब्लॉक में 5000 से ऊपर असाक्षरो को अध्ययन केंद्रों में पढ़ाया गया है। केंद्र सरकार के द्वारा चलाये जा रहे योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला साक्षरता मिशन मुंगेली के द्वारा  आज 23 मार्च 25 रविवार को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक राष्ट्रव्यापी परीक्षा का आयोजन किया गया। जिसमे विकास खंड पथरिया के 153  साक्षरता केंद्रों मे 3416  असाक्षरों ने परीक्षा दी और पास होकर साक्षर बन गए हैं। जिला परियोजना अधिकारी प्रभारी रामनाथ गुप्ता और मुंगेली प्रभारी रविन्द्र तिवारी ने परीक्षा तिथि पर पथरिया इग्नाइट परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया और परीक्षार्थियों से मिलकर आगे की पढ़ाई जारी रखने प्रेरित किये ।

नगर से लेकर गांव तक सबने दी परीक्षा - असाक्षरता के अभिशाप से मुक्त होने की ललक नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रो में एक समान देखने को मिली जहाँ पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और परीक्षा देकर साक्षर बने । असाक्षरों को परीक्षा केंद्र तक लाने में स्वमसेवी शिक्षकों की भूमिका सराहनीय रही ।परीक्षा के उपरांत ही उत्तरपुस्तिका का मुल्यांकन शिक्षकों द्वारा किया गया जिसे राज्य साक्षरता मिशन के पोर्टल में ऑनलाइन किया जयेगा ।

150 अंकों का पेपर -


अशाक्षरो को साक्षर बनाने के लिये 150 अंक का पेपर तैयार किया गया था  जिसमे सामान्य दिनचर्य के प्रश्न , गणित में अलग अलग ज्यामितीय आकृतियां पहचान के साथ कामकाज में उपयोग होने वाले जोड़ घटाव के प्रश्न शामिल रहे ।परीक्षा में  पढ़ना में 50 अंक,लिखना में 50 अंक,गणित में 50 अंक सहित कुल 150 अंकों के मूल्यांकन परीक्षा के माध्यम से लिया गया। परीक्षा को सफल बनाने के एबीईओ रविपाल राठौर, बीआरसी अशोक यादव, पथरिया सीएससी मोहित खांडे , डीआरजी नारायणी कश्यप ने ब्लॉक परीक्षा केंद्रों का दौरा कर निरीक्षण किया। बीआरसी में कंट्रोल रूम प्रभारी के रूप में टेक्निकल प्रभारी अशोक सोनवानी, ईश्वर जायसवाल की महती भूमिका रही।