*आपातकाल की वर्षगांठ पर भाजपा बिलासपुर ग्रामीण ने निकाला मौन जुलूस,आयोजित की विचार गोष्ठी;लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को किया नमन*
बिलासपुर। को घोषित आपातकाल की वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी, जिला बिलासपुर ग्रामीण एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जनजागरण के उद्देश्य से मौन जुलूस एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ आपातकाल विषयक विचार गोष्ठी से हुआ। इसके पश्चात युवा मोर्चा के नेतृत्व में राजकिशोर नगर चौक से भक्त माता कर्मा चौक तक काली पट्टी बांधकर मौन जुलूस निकाला गया। जुलूस के माध्यम से आपातकाल के दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं पर लगे प्रतिबंध, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश, प्रेस पर सेंसरशिप तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों के योगदान का स्मरण किया गया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता *छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय* ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय है, जिसने लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के त्याग, संघर्ष एवं बलिदान का स्मरण करते हुए कहा कि उनके साहस और दृढ़ संकल्प के कारण ही देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था की पुनर्स्थापना संभव हो सकी।
*जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष रजनीश कुमार सिंह* ने कहा कि आपातकाल के दौरान देशभर में विपक्षी नेताओं एवं आंदोलनकारियों की गिरफ्तारियाँ हुईं, नागरिक स्वतंत्रताओं पर प्रतिबंध लगाए गए तथा प्रेस पर सेंसरशिप लागू की गई। उस दौर की घटनाएँ लोकतंत्र की रक्षा के महत्व का स्थायी संदेश देती हैं और लोकतंत्र सेनानियों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
*पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. कृष्णमूर्ति बाँधी* ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति परिवारवाद और तुष्टिकरण पर आधारित रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता बनाए रखने के लिए लोकतांत्रिक परंपराओं की उपेक्षा की गई। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान वर्ष 1976–77 में देशभर में लगभग 82 लाख नसबंदी ऑपरेशन किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान को लेकर अनेक स्थानों पर जबरदस्ती तथा प्रशासनिक दबाव के आरोप सामने आए, जो उस समय व्यापक जनचर्चा का विषय बने।
*जिला अध्यक्ष मोहित जायसवाल* ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान की गाथा नई पीढ़ी तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
*युवमोर्चा जिलाध्यक्ष ऋषभ चतुर्वेदी* ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता प्राप्ति के लिए सदैव अलोकतान्त्रिक नीति का अनुशरण लिया है अपनी राजनितिक महत्वकांक्षा पूरा करने संविधान के अनुच्छेद 365 का अनेकों बार दुरूपयोग कर राज्य की चुनी हुई सरकारों की स्वायत्ता को भंग करने का काम किया है
कार्यक्रम के अंत में लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लोकतंत्र, संविधान तथा नागरिक अधिकारों की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का संचालन निखिल केशरवानी ने किया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष रजनीश कुमार सिंह पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. कृष्णमूर्ति बाँधी, जिला अध्यक्ष मोहित जायसवाल, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान, महामंत्री जनक देवांगन, उमेश गौरहा,डॉ रजनीश पाण्डेय,राजेश्वर भार्गव, अवधेश अग्रवाल, चंद्रप्रकाश सूर्या, प्रणव शर्मा समदरिया, तीरथ राम यादव, निखिल केशरवानी,शैल भोई, राजेन्द्र अग्रहरि, ऋषभ चतुर्वेदी, अनिल पाण्डेय, महाराज सिंह नायक, वासित अली, राजेश कश्यप, लखन पैकरा, घनश्याम रात्रे, मुरर्फ खान, रवि बरगाह, पवन कश्यप, मनीदास मानिकपुरी, मोनू रतनाकर, श्रीवास, मनीष कश्यप, बबलू कश्यप, रामेश्वर सिंह, बजरंग जायसवाल, रंजीत सिंह, भोजेश रजक, अंकुर सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
ब्यूरो रिपोर्ट


