योग वर्तमान युग की सबसे महत्वपूर्ण विरासत है - योगाचार्य अनिल तिवारी
बिलासपुर। योग दिवस के अवसर पर आयोजित योगाभ्यास का आरम्भ स्वामी सत्यानंद जी को याद करते हुए योगाचार्य अनिल तिवारी ने कहा कि योग महज एक कपोल कल्पित कथा नहीं बल्कि आधुनिक युग की आवश्यकता एवं भविष्य की संस्कृति है
उपस्थित सभी साधकों को योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए योगाचार्य ने कहा, प्रतिदिन निरंतर ज्ञान योग, कर्म योग, आत्म संयोग, हठ योग, तथा राज योग करने एवं ना भी करने वाले सभी साधकों को योग दिवस की मंगल शुभकामनाएं, आप सभी के लिए प्रतिदिन परमात्म कृपा से योग दिवस बना रहे.

अन्तर मौन से साधकों को एकाग्र कर गुरु स्तुति के बाद पवन मुक्त आसन के के अभ्यास स्वास प्रस् वास की क्रिया के साथ-साथ जोड़कर कराते हुए लोगों को धीरे-धीरे अपने आप से जोड़ने का प्रयास योगाचार्य अनिल तिवारी द्वारा किया गया.
शरीर के फ्री हो जाने के पश्चात सूर्य मंत्रों का जप करते हुए विधि वत सूर्य नमस्कार के अभ्यास कराये गये. तत्पश्चात रीढ़ की हड्डी में लचीलापन लाने एवं सुगर के रोगियों के लिए भी लाभप्रद मेरु वक्र आसन, भू नमन आसन, जानू सिरा सन, विष्णु आसान कराये गये.

उपासना हेतु तिवारी जी के द्वारा मकर आसन, मकर क्रीड़ा आसन, अद्व आसन, सेतु आसन, सिंहासन, ऊष्ट्रासन, एवं शशांक आसन कराये गये आसनों के अभ्यास के पश्चात प्राणायाम के महत्त्व को बतला ते हुए योगाचार्य अनिल तिवारी ने भ्रष् ती का प्राणायाम, उज्ज यी प्राणायाम, नाड़ी शोधन प्राणायाम, शीतली प्राणायाम, शीतका री प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम,नौ मुखी मुद्रा, योग निद्रा के साथ-साथ शांति पाठ करा कार्यक्रम का समापन किया साधकों के अंकुरित अनाज के साथ-साथ जल पान की व्यवस्था esaf bank द्वारा की गई.

आज के योग दिवस के अवसर पर डॉ कौशिक, सुधीर गुप्ता, अनिल सोनी, अशोक दुबे, केशव चंद्र, रवि जाजोदिया, ममता जाजोदिया, नेहा राय जादा, सुनीता गम्भीर, श्रीमती कमल गम्भीर, जमन भाई कक्कड़, नंदलाल पाम नानी, श्याम कल वाणी, कमलेश का री ,तृप्ति का री,बिनोद चौधरी, काट ले, पंकज गुप्ता, श्रीमती केसरवानी, सोनी जी,

सी दारा जी, सहित esaf बैंक के कर्मचारियों एवं बड़ी संख्या में जनमानस ने भाग लेकर स्वामी सत्यानंद पद्धति से योग दिवस का आनंद लिया.


