*ग्राम चिचिरदा के कोटवार को हटाने के लिए ग्रामीण व पंचायत प्रतिनिधियों ने खोला मोर्चा*

*ग्राम चिचिरदा के कोटवार को हटाने के लिए ग्रामीण व पंचायत प्रतिनिधियों ने खोला मोर्चा*

बिलासपुर।- ग्राम चिचिरदा के ग्रामीण कोटवार को हटाने के लिए लामबंद हो गए है। पिछले दिनों ग्रामीणों ने बैठक आहूत कि, जिसमें बार-बार शिकायत के बावजूद भी कोटवार को न हटाने पर विरोध जताया गया एवं ग्राम पंचायत ने पूर्व में शासन द्वारा दी गई कोटवारी जमीन भी वापस लेने की मांग की है। ग्रामीणों ने तहसीलदार सकरी को स्मरण पत्र भी लिखा है। ग्रामीण लंबे समय से कोटवार पर आरोप लगाते रहे कि कोटवार की गलत मुनादी करने की वजह से ग्रामीणों को शासन की योजनाओं को सही तरीके से लाभ नहीं मिल पा रहा है, वहीं ग्रामीण गलत जानकारी के अभाव में समय-समय पर शासन की ओर से आयोजित शिविरों का लाभ भी नहीं ले पा रहे है। कोटवार ने ग्राम पंचायत के कार्य में उदासीनता व शासन के कार्य में घोर लापरवाही करने तथा सरपंच सचिव के बातों का अवहेलना करता हैं। हर समय गांव के बाहर रहना पंचायत की महत्वपूर्ण जानकारी ग्रामीणों तक समय में नहीं पहुँचता है।
ग्रामीण अधिकारियों का लगा रहें है चक्कर-:
तीन माह पहले ग्राम पंचायत चिचिरदा ने ग्राम सभा का आयोजन कर कोटवार को हटाए जाने का अनुमोदन किया था। इसकी जानकारी सीईओ जनपद पंचायत तखतपुर समेत तहसीलदार सकरी को भी दी गई थी। ग्राम कोटवार के अनुचित व्यवहार की शिकायत ग्रामीण पिछले कई महीनों से कर रहे हैं। हर बार ग्रामीण तहसील कार्यालय आते हैं और ज्ञापन देते हैं। अधिकारी भी तुरंत कार्रवाई करने की बात कहते है, लेकिन अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई हैं।
पटवारी प्रतिवेदन में कोटवार के निष्कासन की मांग-:
वर्तमान हल्का पटवारी कौशलेंद्र कुमार राज द्वारा तहसीलदार को दिये गये अपने प्रतिवेदन में कोटवार द्वारा पंचायत कार्य के साथ-साथ राजस्व कार्य व कोविड-19 से जुड़े शासन के महत्वपूर्ण कार्यों में लगातार लापरवाही बरती जाने की बात कही है। पटवारी ने लिखा है की कोटवार को बार-बार समझाइश देने के बाद भी उसके व्यवहार में परिवर्तन नहीं आया तथा हमेशा की तरह कार्यों को करने में इनके द्वारा बहानेबाजी वह टालमटोल किया जाता है और कुछ कहने पर पंचायत प्रतिनिधियों से वाद-विवाद करने लगता है। इसलिए कोटवार का निष्कासन किया जाना चाहिए। इसके पूर्व में भी तत्कालीन हल्का पटवारी बृजेश राजपूत के द्वारा 18 जुलाई 2020 कोटवार को पद से हटाने के लिए तहसीलदार सकरी को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था।
कोटवार को हटाने ग्राम सभा में प्रस्ताव-: आपको बता दे कि कोटवार के खिलाफ ग्राम पंचायत चिचिरदा के ग्राम सभा मे दोबारा फिर से एक प्रस्ताव लाकर कोटवार को शीघ्र हटाने प्रस्ताव पर मुहर लगा चुकी है। कोटवार के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सर्वसहमति से 25 नवम्बर 2020 के प्रस्ताव कार्रवाई पंजी में दर्ज करवाया गया था। साथ ही तहसीलदार व एसडीएम को शिकायत भी की गई है। कोटवार के कार्यो से ग्रामीण असंतुष्ट है इसलिए उन्हें हटाए जाने की लगातार मांग की जा रही है। 

ब्यूरो रिपोर्ट


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