*रोजाना सड़को पर बेजुबान गायों की हो रहीं है मौते,गौठान को लेकर राज्य सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे*

*रोजाना सड़को पर बेजुबान गायों की हो रहीं है मौते,गौठान को लेकर राज्य सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे*

बिलासपुर-शहर हो या गांव, सभी जगह गौ-वंश की दुर्दशा हो रही है। ऐसा कोई दिन नहीं बीतता जिस दिन गौ-वंश सड़क दुर्घटना का शिकार न हो, जिस दिन किसी गाय की तड़प-तड़प कर मौत न होती हो। इन सड़क दुर्घटनाओं का शिकार आम लोग भी हो रहे हैं। इन सड़क दुर्घटनाओ में लोग या तो घायल हो रहे हैं, या उनकी भी मौत हो रही है। गौ-वंश के सड़कों पर आ जाने से सड़क जाम से लेकर, दुर्घटनाओं में इजाफा हुआ है। हालात ये आ चुके हैं, कि दुर्घटना में रोजाना गाय और इंसान की मौत हो रही है। दो वक्त के दाना-पानी के बदले दूध देने और मरने के बाद शरीर के चमड़े से कई लोगों का रोजगार चलाने वाली गाय, सड़कों पर मारी-मारी इसलिए फिर रही हैं, क्योकि उनके रहने-खाने का इंतजाम इंसान ने छीन लिया। गाय सड़कों पर आ गईं, बस यहीं से गाय सड़क दुर्घटना की वजह और शिकार बनने लगी हैं।
बेेजुबान का भी हो रहा दर्दनाक अंत :
भूख-प्यास से बिलखते ये बेजुबान अपने साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ बोल भी नहीं पाते, सड़क पर आवारा घूम रही किसी भी गाय की आंखों, शरीर के जर्जर ढांचे को देखने से ही महसूस हो जाता है, कि इन आंखों से बह रहे आंसूओं की वजह क्या है, कितनी तकतीफ में गुजरता है इनका हर पल, हर दिन। एक दिन कैसे भी गुजर जाए, लेकिन अगले दिन भूख से या सड़क दुर्घटना से बच पाएंगी या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है। घर या गौशाला में ठिकाना नहीं रहा, सड़कों पर कुछ देर के लिए ठौर मिलता तो है, लेकिन सड़क दुर्घटना में कब हमेशा के लिए बैठ जाएं या जान चली जाए, इसका बात का डर हर पल बना रहता है। गौ-वंश के हित की बात तो सभी करते हैं, लेकिन इनकी दुर्दशा देखकर भी अनदेखी कर रहे हैं, यही वजह है कि गौ-माता तिल-तिल कर जीकर तड़प-तड़प कर मर रहे हैं।
हाइवे में हर दिन हो रहे हादसे :
गौवंश सबसे ज्यादा बारिश के मौसम में सड़क हादसे का शिकार होते हैं,कोई दिन ऐसा नहीं गुजरता जब दुर्घटना न हो,लोग और गाय घायल न हो, या उनकी जान न चली जाए। गाय के इलाज की व्यवस्था भी सीमित है,ऐसे में जान बचाना बहुत मुश्किल होता है।नगर निगम हो या ग्राम पंचायत सभी कुछ समय के लिए काऊ कैचर लेकर कभी कभी ही घूमते नजर आते है।रायपुर बिलासपुर मार्ग पर हर दिन बड़ी संख्या में गाये मरी हुई दिखती है, सरकार के बड़े दावे खोखले नजर आते है। ऐसा कोई भी दिन नही होता है जिस दिन सड़कों में आपको ऐसी घटनाएं न दिखे। बिलासपुर से कोटा रोड़ पर आज भी बड़ी संख्या में गाये सड़कों में बैठी हुई दिखती है।आज भी हर दिन की तरह तेज चलती गाडियो की वजह से गाये मरने को मजबूर है। भूपेश सरकार का गौठान किसके लिए बना है यह समझ से परे है। एक तरफ लाखो रु विज्ञापन में सरकार खर्च करके अपने आपको गौ रक्षक बताने का ढिंढोरा पिट रही है और वही दूसरी ओर सड़कों में रोजाना गाय मर रही है। गौठान में अगर गाये रहती तो आज सड़कों में इनको मौते नही होती। सरकार अपनी पीठ खुद ही थपथपाने में लगी हुई है। रायपुर बिलासपुर की यात्रा करने वाले मंत्री अफसरों को सड़कों में बेजुबान गाय मरती हुई नही दिखती होगी।इससे यह तो तय है सरकार आँख में पट्टी बांधकर हवा हवाई योजना बनाकर जनमानस को बेवकूफ बनाने में लगी हुई है।
ब्यूरो रिपोर्ट 


Related Post

Add Comment