*अवैध शराब के खिलाफ लड़ाई लड़ कलेक्टर एसपी से प्रशंसा बटोरने वाली महिला समूह को नहीं मिल रहा राशन दुकान संचालन का अधिकार*

*अवैध शराब के खिलाफ लड़ाई लड़ कलेक्टर एसपी से प्रशंसा बटोरने वाली महिला समूह को नहीं मिल रहा राशन दुकान संचालन का अधिकार*

पथरिया-(रवि निर्मलकर )
विकास खण्ड के ग्राम पंचायत अमोरा में जिस महिला समूह ने नशामुक्ति , स्वक्षता और साक्षरता जैसे क्षेत्रों में कई उल्लेखनीय रचनात्मक कार्य करके तात्कालिक मुंगेली कलेक्टर संजय अलंग और एसपी नथु कमल से  प्रसंसा बटोरी और प्रोत्साहन स्वरूप प्रशस्ति पत्र  प्राप्त किये ।ग्राम की यह कौशिल्या महिला स्वसहायता समूह आज आर्थिक गतिविधि करके सबल बनना चाहती है लेकिन प्रशासन से सहयोग नही मिलने से हताश है । समूह की अध्यक्ष कौशिल्या ने बताया कि आर्थिक गतिविधि के लिए  समूह के महिलाओं ने पंचायत के उचित मूल्य दुकान का संचालन करने का निर्णय लिया और ग्राम सरपंच डांग सिंग से बात की जिस पर ग्राम के सरपंच और पांचों ने एक अनुशंसा पत्र लिखकर खाद्य विभाग से ग्राम के कौशिल्या महिला समूह को उचित मूल्य दुकान संचालन का अधिकार देने की मांग की लेकिन खाद्य विभाग के अधिकारियों ने महिलाओं के रचनात्मक योगदान और सरपंच पांचों के अनुशंसा बावजूद आवेदन के एक माह बाद भी  ग्राम के उचित मुख्य दुकान संचालन का अधिकार उक्त महिला समहू को नही दिया है । जबकि यह समूह ग्राम की सबसे पुरानी समूह है और इसके 80 फीसदी सदस्य अनुसूचित जनजाति समूह से है  उनका कहना है कि ग्राम में पहले पूर्व सरपंच द्वारा खुद उचित मूल्य दुकान संचालन किया जा रहा था और दो साल पूर्व धांधली के आरोप साबित हो जाने पर पंचायत से दुकान छीन कर खाद्य विभाग ने पड़ोस ग्राम भिलाई के दुकान संचालक को अतिरिक्त प्रभार दे दिया ।अब नए सरपंच ने महिला समूहों को आगे बढ़ने के अवसर देने हमे दुकान संचालन की जवाबदारी देनी चाही लेकिन अभी तक आदेश नही आया और पड़ोस के दुकान संचालक हमारे ग्राम के शासकीय दुकान का संचालन कर रहे है ।


ग्राम को नशामुक्त बनाने खाई लाठी - 

महिला समूह की सचिव गनेशिया बाई गोड़ ने कहा कि तीन चार साल पहले गाँव मे ही शराब बनाने और बेचने का अवैध कारोबार जोरो पर था जिससे ग्राम में छोटे बच्चों से लेकर बड़े शराब के नशे में असामाजिक कार्य करते रहे जिसे दूर करने के लिए हम महिलाओं ने खुद लाठी थामी और सुबह शाम समूह में निकलकर आंदोलन किया कई माह बाद पुलिस प्रशासन के सहयोग से हमे सफलता मिली लेकिन इसके लिए कई बार हमें गंदी गलियों के साथ मार भी खाना पड़ा । इसी तरह विकास खण्ड को खुले में शौच मुक्त बनाने के अभियान में ब्लाक के सभी गावों में जाकर ग्रामीणों को जागरूक किये । ग्राम अमोरा को पूर्ण हस्ताक्षर ग्राम बनाने में भी हमारे समहू के अग्रणी भूमिका निभाई लेकिन प्रशासन की ओर से हमे आर्थिक गतिविधि के लिए कोई सहयोग नही किया जा रहा है । हम महिलाये अब आर्थिक गतिविधि के माध्यम से आर्थिक रूप से सक्षम बनना चाहते है जिसके लिए राशन दुकान का कार्य अपने हाथ लेने आवेदन किये है ।


अस्सी फीसदी महिला आदिवासी - 

अमोरा की कौशिल्या महिला स्वसहायता समूह में अस्सी फीसदी महिला आदिवासी वर्ग से है जो आर्थिक गतिविधि करके आगे बढ़ना चाहती है ग्राम की पंचायत भी आदिवासी महिलाओं को आर्थिक क्रियाकलापों से जोड़ना चाहते है पर खाद्य विभाग की लेटलतीफी महिलाओं के सशक्तिकरण में बाधा।बनती नजर आ रही है ।


डांग सिंह सरपंच अमोरा -

कौशिल्या महिला स्वसहायता समूह ने ग्राम में सामाजिक बुराइयों को दूर करने में प्रशसनीय कार्य किया है इसलिए अब उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है अगर प्रशासन सहयोग कर दे तो ये आदिवासी महिलाये आर्थिक रूप से सबल बन सकती है ।


 क्या कहते है अधिकारी -


चित्रकान्त चार्ली ठाकुर एसडीएम पथरिया- अभी पदस्थ हुआ हूं फ़ाइल देखर ही कुछ बोल पाऊंगा ।


संदीप पांडेय फूड इंस्पेक्टर पथरिया-

अमोरा से आवेदन प्राप्त हुए है मामला प्रकिया में है । किस समूह को दुकान संचालन का आदेश देना है वह एसडीएम का स्वविवेक है । 

ब्यूरो रिपोर्ट


Related Post

Add Comment