*बिलासपुर,मेड़पार में दम घुटने से 45 गायों की मौत,मामले में एफआईआर दर्ज*

*बिलासपुर,मेड़पार में दम घुटने से 45 गायों की मौत,मामले में एफआईआर दर्ज*

बिलासपुर- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले के मेड़पार बाजार गांव में लगभग 45 गायों को पंचायत भवन में बंद रखा गया था जिनकी दम घुटने से मौत हो गई. बिलासपुर कलेक्टर सारांश मित्तर ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। स्थिति का जायज़ा लेने के लिए वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. कलेक्टर सारांश मित्तर ने कहा, अधिकारियों ने बिलासपुर के तखतपुर के मेड़पार बाजार गांव के पंचायत भवन पहुंच कर 15 गायों को बचाया है” उन्होंने कहा, शरुआती जानकारी से पता चला कि सरपंच ने पिछले कुछ दिनों से गाँव में 60 मवेशियों को पंचायत भवन में रखा हुआ था। हमने उनमें से 15 को बचाया है, जबकि 45 की मौत दम घुटने के कारण हुई है।
उन्होंने बताया कि सरपंच ने मालिकों की अनुमति के बिना मवेशियों को पंचायत भवन के अंदर डाल दिया था। एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पशुपालकों को पर्याप्त मुआवजा मिलेगा। पशु चिकित्सकों की एक टीम गांव में पहुंच गई है और बचाई गई गायों का परीक्षण कर रही है। पुलिस मौके पर पहुंच गई है और गायों के शवों को पंचायत भवन से बाहर निकाला जा रहा है।
बिलासपुर के एसपी प्रशांत अग्रवाल ने बताया, कलेक्टर के निर्देशानुसार एफआईआई दर्ज कर ली गई है और जांच शुरू हो गई है,जून में छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सभी गांवों में  रोका-छेका अभियान शुरू किया था, जो पारंपरिक कृषि विधियों को पुनर्जीवित करने के लिए और खुले में चराई करने वाले आवारा पशुओं से खरीफ फसलों को बचाने के लिए था। राज्य सरकार इस बात से अवगत है कि राज्य के कई गांवों में गौशाला नहीं है और पशुपालकों को खरीफ फसलों को बचाने के लिए चराई पर प्रतिबंध के कारण बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
सरकार ने पशुपालकों के बचाव में काम करना किया है. सरकार सूराजी गाँव योजना के तहत राज्य भर में 5,000 गौशालाओं का निर्माण कर रही है। सरकार ने सभी सरपंचों से अपील की है कि वे गौशालाओं में मवेशियों के रहने को सुनिश्चित करें क्योंकि खुले में चराई करने पर प्रतिबंध लागू है। 

ब्यूरो रिपोर्ट


Related Post

Add Comment