*चिल्हर सब्जी विक्रेताओं को मुआवजा से प्रशासन-सिन्हा*

*चिल्हर सब्जी विक्रेताओं को मुआवजा से प्रशासन-सिन्हा*

(निर्मल जैन)कोरबा। जिला सब्जी विक्रेता कल्याण समिति , जिला कोरबा के सचिव विनोद कुमार सिन्हा ने जारी एक बयान में बताया कि जिला प्रशासन द्वारा दिनांक 9-10 मई 2020 को एक आदेश जारी कर पूरे जिले में लॉक डाउन की घोषणा की थी जिसमें आवश्यक सामानों की बिक्री में शनिवार 9 मई को सब्जी विक्रेय पर रोक लगाई गई थी ।केवल 10 मई 2020 को सब्जी बेचने पर छूट थी लेकिन बुधवारी थोक सब्जी मंडी के कमीशन एजेंटों ने नगर निगम के अधिकारियों से मिलीभगत कर थोक सब्जी मंडी खोलकर चिल्हर सब्जी विक्रेताओं को यह कह कर अपना सब्जी लाखों रुपए का बेच दिया कि 9 मई शनिवार को सब्जी बेचने पर कोई रोक नहीं है क्योंकि मुझे (थोक सब्जी विक्रेता) प्रशासन का आदेश नहीं मिला है।
श्री सिन्हा ने आगे बताया कि बुधवारी थोक सब्जी विक्रेताओं द्वारा समय पर अपना व्यापार किया गया। नगर निगम अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन करते तो थोक सब्जी विक्रेताओं द्वारा सब्जी नहीं बेचने पर रोक लगा देते तो चिल्हर सब्जी विक्रेताओं द्वारा सब्जी नहीं खरीदी जाती । चिलहर सब्जी विक्रेताओं द्वारा लाखों रुपए की सब्जी खरीदी के बाद दुकान लगाने से निगम ने मना कर दिया लेकिन थोक व्यापारियों को व्यवसाय करने से नहीं रोका इससे प्रतीत होता है कि निगम अधिकारी लॉक डाउन की धज्जियां
उड़ाते हुए कुछ व्यापारियों को लाभ पहुंचा रहे हैं।
सचिव सिन्हा ने बताया कि सब्जी मंडी थोक व्यापारियों एवं नगर निगम अधिकारियों के विरुद्ध कारवाही हेतु जिला कलेक्टर कोरबा एवं मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन से एक पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए थोक सब्जी मंडी कमीशन एजेंट द्वारा गलत जानकारी देकर सब्जी बेचने पर उनके लाइसेंस रद्द कर लाखों रुपए के सब्जी खरीदी करने वाले चिल्हर सब्जी विक्रेता जो निहायत गरीब एवं निस्सहाय है उनकी पूंजी डूब गई जिसके चलते लॉक डाउन में कर्जदार के साथ-साथ आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं उन्हें जिला प्रशासन मुआवजा दें ताकि खरीदी गई सब्जी की पूंजी हाथ आ सके। 


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