*खरसिया सिविलअस्पताल में चारो तरफ गन्दगी एवं अव्यवस्था का आलम देखिए रिपोर्ट*

*खरसिया सिविलअस्पताल में चारो तरफ गन्दगी एवं अव्यवस्था का आलम देखिए रिपोर्ट*

खरसिया सिविल अस्पताल में चारो तरफ गन्दगी एवं अव्यवस्था का आलम

जीवनदीप समिति के उच्च शिक्षा मंत्री उमेश अध्यक्ष तो एसडीएम खरसिया सचिव

खरसिया:-
(भूपेंद्र वैष्णव)खरसिया 100 बिस्तर खरसिया सिविलअस्पताल में व्यवस्था सुधरने का नाम नही ले रहा है। खरसिया सिविल अस्पताल के चारो तरफ गन्दगी का साम्राज्य फैला हुआ है। खरसिया सिविल अस्पताल के 22 सैप्टिक टैंक खुली अवस्था मे पड़ा हुआ है जिसका गन्दा पानी चारो तरफ फैला हुआ है,जिसके कारण कभी भी सुरक्षित प्रसव अथवा ईलाज के लिए पहुंचे मरीजों को स्वास्थ्य लाभ के जगह उल्टे संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है।यूं तो जगह जगह हॉस्पिटल में कचरों को एवं मेडिकल अपशिष्ट को डस्टबिन में डालने लिखा गया है। किंतु खुलेआम मरीजों के ईलाज के बाद उपयोग किये गए निडिल एवं अन्य मेडिकल अपशिष्टों को फेंका जा रहा है जिससे कभी भी संक्रमण फैल सकता है।
प्रसव एवं नियमित ईलाज के लिए भर्ती मरीजों को जांच करने के लिए समय पर डॉक्टरों जनरल वार्डो में राउंड में जाना है, किंतु डॉक्टर राउंड में नियमित नही जाते है। तो ईलाज के बाद निकलने वाले अपशिष्टों को खुले में फेंक दिए जाने से संक्रमण फैलने का खतरा मंडरा रहा है।

"महीनों से बन्द पड़ा एक्सरे मशीन"
जहां पूरे देश मे करोना को लेकर अलर्ट जारी है लेकिन ख़रसिया 100 बिस्तर सिविल अस्पताल में एक्सरे मशीन कई माह से बन्द पड़ा है। कोई भी मरीज को दुर्घटना अथवा फ्रेक्चर की रिपोर्ट के लिए एक्सरे सुविधा उपलब्ध नही होने के कारण निजी क्लीनिकों के भरोसे रहना पड़ रहा है।
ख़रसिया सिविल अस्पताल में मरीजों को सिर्फ मलेरिया का जाँच ही सम्भव है अन्य जांच के लिए भी निजी पैथोलॉजी के भरोसे रहना पड़ता है।
ख़रसिया सिविल अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 1 हजार मरीज ईलाज के लिए आते है लेकिन बुनियादी सुविधाओं के आभाव मे भटकने मजबूर है।

ब्यूरो रिपोर्ट 


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