*वन विभाग ने कैंपा योजना के तहत तालाब निर्माण का काम मजदूरो से ना कराकर जेसीबी मशीन से कराने का मामला सामने आया है*

*वन विभाग ने कैंपा योजना के तहत तालाब निर्माण का काम मजदूरो से ना कराकर जेसीबी मशीन से कराने का मामला सामने आया है*

कांकेर:- नरहरपुर विकासखंड के वन परिक्षेत्र सरोना के अंतर्गत वन विभाग ने कैंपा योजना के तहत खल्लारी एवं चोरिया में तालाब निर्माण का कार्य मजदूरों से ना कराकर जेसीबी मशीन से कराने का मामला सामने आया है। तालाब निर्माण कार्य में भारी अनियमितता भी बरती गई है। ग्राम चोरिया में 12 लाख एवं खल्लारी में 11 लाख के लागत से दो तालाब का निर्माण कराया गया है। ‌लेकिन तलाब का साइज को देखकर नहीं लगता कि इतनी बड़ी राशि खर्च हुई होगी। वहीं वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारीयों ने गांव वालों को अंधेरे में रखकर उन्हें काम नहीं दिया और गांव में काम करने वाले मजदूरों से वन विभाग के डिप्टी रेंजर द्वारा लिखवा लिया गया कि वे काम करना नहीं चाहते।

जबकि केंद्र सरकार का आदेश था कि कैंपा योजना के तहत ग्रामीणों को रोजगार मुहैया कराना। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा तालाब निर्माण कार्य को जेसीबी मशीन से कराया गया। कार्य के दौरान वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों ने तालाब निर्माण की जांच की मांग की है। इस मामले में डिप्टी रेंजर आरके पटौदी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस कार्य को टेंडर के जरिए करवाया गया है। इसमें हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है। वन परिक्षेत्र अधिकारी माधव श्याम रामटेके ने कहा कि डीएफओ ऑफिस से जैसा टेंडर निकला था उसी के हिसाब से तालाब निर्माण का कार्य करवाया गया है। 

ब्यूरो रिपोर्ट


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