*अब राकांपा अध्यक्ष शरद पवार द्वारा एनसीबी की कार्रवाई पर सवाल उठाया*


मुंबई। क्रुज ड्रग्स पार्टी मामले में राकांपा अध्यक्ष शरद पवार द्वारा एनसीबी की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए जाने की प्रदेश भाजपा ने आलोचना की है। गुरुवार को प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता राम कदम ने कहा कि एनसीबी के अधिकारी साहस दिखाते हुए मुंबई को ड्रग्स मुक्त करने में जुटे हैं पर पवार उनकी आलोचना कर उन्हें हतोत्साहित कर रहे हैं। इस बीच गुरुवार को राकांपा प्रवक्ता व मंत्री नवाब मलिक ने एक बार फिर एनसीबी पर आरोप लगाए। इस दौरान उनका दर्द भी छलका।
उन्होंने कहा कि मेरे दामाद को एनसीबी ने ड्रग्स मामले में फंसाया। मलिक के दामाद 9 माह बाद जेल से जमानत पर बाहर निकल सके है। भाजपा विधायक ने कहा कि आखिर क्या कारण है कि एनसीपी अध्यक्ष को एनसीबी की कार्रवाई रास नहीं आ रही है। कदम ने सवाल किया कि महाराष्ट्र में पवार की पार्टी के गृहमंत्री हैं इसके बावजूद मुंबई पुलिस ने ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आखिर राकांपा के नेता ड्रग्स माफियाओं का बचाव क्यों कर रहे हैं।

छलका नवाब मलिक का दर्द
नवाब मलिक एनसीबी द्वारा कुछ हाई-प्रोफाइल लोगों के खिलाफ की गई छापेमारियों की पृष्ठभूमि में बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि एनसीबी के ‘‘इरादे दुर्भावनापूर्ण’’ है और वह लोगों को फंसाने के लिए ‘‘चुनिंदा जानकारी लीक’’ कर रहा है। मलिक ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनके दामाद समीर खान एनसीबी द्वारा लगाए गए आरोप खारिज करने का अनुरोध करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। खान को मादक पदार्थ संबंधी एक मामले में नौ महीने बाद हाल में जमानत दी गई। खान को कथित रूप से मादक पदार्थ के एक मामले में इस साल जनवरी में एनसीबी ने गिरफ्तार किया था। उन्हें पिछले महीने जमानत पर रिहा किया गया। एनसीबी ने पिछले शनिवार मुंबई तट के पास एक क्रूज पर छापा मारा था और वहां से प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद करने का दावा किया था। इस मामले में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा एनसीबी ने पिछले साल अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की हत्या से जुड़े मादक पदार्थों के एक मामले और हाई-प्रोफाइल लोगों की संलिप्तता वाले मादक पदार्थों संबंधी कई मामलों में जांच की थी।
मलिक ने पिछले सप्ताह आरोप लगाया था कि दो अक्टूबर को मुंबई के तट के पास क्रूज पोत पर एनसीबी की छापेमारी ‘‘फर्जी’’ थी और इस दौरान कोई नशीला पदार्थ नहीं मिला था। मंत्री ने बुधवार को कहा था, ‘‘एनसीबी के इरादे दुर्भावनापूर्ण हैं और वह लोगों को फंसाने के लिए केवल चुनिंदा जानकारी लीक कर रहा है।’’ उन्होंने बताया कि एनसीबी की जांच को लेकर सवाल उठाने के बाद उन्हें ‘‘धमकियां’’ मिलने लगीं, जिसके बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई है। 


केंद्र सरकार ने BSF को पंजाब असम और बंगाल में पावर दिया

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सीमा सुरक्षा बल ( बीएसएफ) पर बड़ा फैसला लिया है। मोदी सरकार ने कानून में संशोधन कर बीएसएफ को पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में तलाशी और जब्ती के अलावा गिरफ्तार करने की शक्ति दी है। बता दें कि गृह मंत्रालय ने इस बारे में 11 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की है।

केंद्र सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कानून में संशोधन कर इसे पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में अंतरराष्ट्रीय सीमा से मौजूदा 15 किलोमीटर की जगह 50 किलोमीटर के बड़े क्षेत्र में तलाशी लेने, जब्ती करने और गिरफ्तार करने की शक्ति दे दी है। वहीं, पाकिस्तान की सीमा से लगते गुजरात के क्षेत्रों में यह दायरा 80 किलोमीटर से घटाकर 50 किलोमीटर कर दिया गया है तथा राजस्थान में 50 किलोमीटर तक की क्षेत्र सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बीएसएफ ने एक बयान में कहा, ‘‘इससे सीमा पार से होने वाले और गुजरात, राजस्थान, पंजाब, पश्चिम बंगाल तथा असम में 50 किलोमीटर के दायरे तक अपराधों पर अंकुश लगाने में बल की अभियानगत क्षमता में वृद्धि होगी।’’ इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अधिसूचना सीमा सुरक्षा बल को पासपोर्ट अधिनियम, विदेशियों के पंजीकरण अधिनियम, केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, विदेशी अधिनियम, विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, सीमा शुल्क अधिनियम या किसी अन्य केंद्रीय अधिनियम के तहत दंडनीय किसी भी संज्ञेय अपराध की रोकथाम के लिए तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी की शक्ति प्रदान करेगी।
बीएसएफ अधिनियम में नया संशोधन बल को किसी भी ऐसे व्यक्ति को पकड़ने का अधिकार प्रदान करेगा जिसने इन कानूनों के तहत अपराध किया होगा। सीमा सुरक्षा बल मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय तथा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में “पूरे क्षेत्र” में इन शक्तियों का प्रयोग करना जारी रखेंगे। वहीं, कांग्रेस ने गुजरात में दायरा काम किये जाने पर इस सवाल उठाया है। वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी ने भी विरोध जताया है। 


*UP Election: ऐसे में तो बीजेपी को जबरदस्त फायदा चुनाव में होंगा*

यूपी विधानसभा का चुनाव को बहुत कम समय बचे है। भाजपा को पटखनी देने सभी दल अपनी रणनीति बनाने में लगे हैं, पर जिस तरह से विपक्ष की तैयारी चल रही है उससे तो यहीं लगता है कि भाजपा की राह औऱ आसान हो जाएगी। विपक्षियों की हालत देखने से पता चलता है कि यूपी में इस बार कौन सबसे बड़ा विपक्षी दल बन कर उभरेगा, उसकी लड़ाई चल रही है, बाकी भाजपा से मुकाबला करना इनके बस की बात नहीं। इन दिनों यूपी में दो रथ यात्रा की शुरुआत हुई है, जिसमे आमने सामने चाचा शिवपाल यादव और भतीजा अखिलेश यादव हैं। जहां अखिलेश की दो दिन की विजय रथ यात्रा कानपुर से शुरू हुई, वहीँ चाचा शिवपाल यादव हफ्ते भर की रथ यात्रा पर मथुरा से रवाना हुए।

अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष हैं और शिवपाल यादव ने समाजवादी पार्टी से अलग होकर 2018 में अपना स्वयं का दल प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) का गठन किया। शिवपाल मुलायम सिंह के सगे छोटे भाई हैं। शिवपाल यादव ने अपनी पार्टी तो बना ली पर वह कई बार परिवार में एकता की बात करते दिखे, पर बात बनी नहीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में फिरोजाबाद सीट से अखिलेश यादव ने रामगोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव को समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार बनाया था, गुस्से में शिवपाल यादव ने रामगोपाल यादव को सबक सिखाने की ठान ली। दोनों हार गए और फिरोजाबाद सीट से बीजेपी जीत गयी। शिवपाल यादव एक बार फिर से सपा का वोट काटते दिख सकते हैं। यह पहला चुनाव होने वाला है जिसमें मुलायम सिंह यादव जनता के बीच नहीं होंगे, अखिलेश शायद चाहते भी नहीं हैं कि शिवपाल यादव की परिवार या पार्टी में वापसी हो।

अखिलेश ने कुछ महीनों पहले घोषणा की थी कि समाजवादी पार्टी का इस चुनाव में किसी राष्ट्रीय दल से गठबंधन नहीं होगा, इशारा कांग्रेस की तरफ था। 2017 के चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी का गठबंधन था। 403 सदस्सीय विधानसभा में सपा 311 पर चुनाव लड़ी और कांगेस 114 सीटों पर, 14 सीटों में समाजवादी और कांग्रेस में सहमति नहीं बनी और दोंनों दलों ने अपना उम्मीदवार उतारा, समाजवादी पार्टी के मात्र 47 प्रत्याशियों की जीत हुई और कांग्रेस सात सीटों पर ही सिमट कर रह गई। 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा का गठबंधन हुआ, पर एक बार फिर से अखिलेश यादव को निराशा ही हाथ लगी। अखिलेश यादव कांग्रेस और बीएसपी दोनों से दूरी बनाने का फैसला किया है ताकि उनकी स्थिति मजबूत हो सके। वहीं भाजपा का वोटबैंक एकमुश्त मजबूत है। सपा-बसपा-कांग्रेस व अन्य दलों की अलग-अलग राह होने से भाजपा की राह आसान होगी, चूंकि भाजपा सभी को साथ लेकर चल रही है। उसका अपना दल, निषाद दल से पहले ही गठबंधन करने का एलान किया है। 


*दिल्ली में यहां लगती है मर्दों को बोली*

Delhi में हर वो चीज आसानी से मिल जाएगी जो कि शायद किसी दूसरे राज्य में मिलती हो | चहल-पहल वाली Delhi में दिन रात लोग अपने काम में ही व्यस्त हैं | आपको जानकर हैरानी होगी कि दिल्ली में एक ऐसी जगह भी हैं जहां औरतें नहीं बल्कि मर्द जाने से डरते हैं क्योंकि यहां पर लगती है मर्दों की बोली| gigolo market नाम से मशूहर इस स्थान पर आदमी जाने से डरने लगते हैं क्योंकि यहां शाम होते ही लड़कों की बिक्री शुरू हो जाती है |
 
 

 

gigolo market

 

 
gigolo market में अमीर घरों की औऱतें आकर मर्दों के रेट तय कर उनको अपने साथ ले जाती हैं | gigolo market Delhi में काफी मशूहर है लेकिन सूरज डूबते ही यहां आम लोग आना-जाना बंद कर देते हैं |
gigolo market में ये गलत काम बड़ी ही चौकसी से किय जाता है | दिल्ली जिगोलो मार्किट सरोजनी नगर, लाजपत नगर, पालिका मार्केट और कमला नगर मार्केट समेत कई ऐसे इलाके में लगती है|

 

gigolo market

 


आपको बता दें कि इस काम में कई लड़के तो काफी माहिर तक हो चुके हैं लेकिन कई लड़के अपनी मजबूरी के कारण भी इस काम को करते हैं | gigolo market में लड़कों की बोली 1800 रुपये से शुरू होती है और रात होते-होते ये कीमत 8000 रुपये की हो जाती है| ये काम इतनी चतुराई से होता है कि आम लोग इस बारे में समझ तक नहीं पाते |
 
 

gigolo market का काम इस समय दिल्ली में काफी फल फूल रहा है |यहां लड़कों की कीमत गले में जिगोलो रुमाल से होती है | वहीं काम पूरे होने के बाद जो पैसे लड़को को मिलते हैं उसका 20 प्रतिशित हिस्सा लड़कों को अपनी संस्था में देना पड़ता है| आपको बता दें कि, ये एक गैरकानूनी काम है फिर भी इस काम में सम्मिलत लोग बड़ी ही सावधानी के साथ इस काम को करते हैं | पुलिस की नजर से बचते हुए इस काम को दिल्ली के कई इलाकों में आसानी से किया जा रहा है | 


*ड्रग्स लेने के मामले में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान सहित 7 को 14 दिन की रिमांड में भेजा गया जेल*

Mor News

Breaking:मुंबई क्रूज ड्रग्स केस में एनसीबी ने शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान समेत अन्य आरोपियों को कस्टडी बढ़ाने के लिए कोर्ट में पेश किया,एनसीबी ने कोर्ट से मांग करते हुए कहा कि उन्हें 11 अक्टूबर तक सभी आरोपियों की कस्टडी दी जाए।
लेकिन कोर्ट ने इससे इनकार कर दिया कोर्ट ने आर्यन खान समेत 7 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का फैसला सुनाया।

ब्यूरो रिपोर्ट 


*तारक मेहता का उल्टा चश्मा के नट्टू काका यानी एक्टर घनश्याम नायक का निधन*

तारक मेहता का उल्टा चश्मा के नट्टू काका यानी एक्टर घनश्याम नायक का निधन हो गया हैं. वह पीछे कई महीनों से कैंसर से पीड़ित थे. कुछ महीने पहले उनके दो ऑपरेशन्स भी हो चुके थे. वह 77 साल के हैं. उम्र के कारण वह रोजाना शूटिंग पर नहीं जा पाते थे लेकिन वह अभी भी तारक मेहता की टीम का हिस्सा थे. 


सिद्धू की तरह कॉमेडी करने पर आमादा है पूरी कांग्रेस पार्टी- कप्तान अमरिंदर सिंह

चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा पूरी कांग्रेस पार्टी ही नवजोत सिंह सिद्धू की तरह कॉमेडी करने पर आमादा हो गई है। उनका यह बयान प्रदेश प्रभारी हरीश रावत और राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला के बयान के बाद सामने आया है, कैप्टन ने कांग्रेस के इन दोनों नेताओं को गलतियों की कॉमेडी कहा है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने शुक्रवार को अपने एक बयान में कहा था कि पंजाब के 14 कांग्रेसी विधायकों की ओर से साइन करके पार्टी आलाकमान को कैप्टन के खिलाफ कार्रवाई करने की चिट्ठी दी गई है,उनके इस बयान के बाद शनिवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बयान जारी कर कहा कि पंजाब के 78 विधायकों के हस्ताक्षरित चिट्ठी के आधार पर कैप्टन को हटाया गया है।

इन दोनों कांग्रेसी नेताओं के बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया कि आगे वे दावा करेंगे कि 117 विधायकों ने ही मेरे खिलाफ पत्र लिखा था, पंजाब में पार्टी संकट से निपटने की कोशिश में नेताओं द्वारा की जा रही झूठी बयानबाजी के लिए कांग्रेस फटकार लगाते हुए कैप्टन ने कहा कि उनके खिलाफ पार्टी नेतृत्व को मिले पत्रों पर हस्ताक्षर करने वालों के अलग-अलग आंकड़े साबित कर रहे हैं कि कांग्रेस के नेताओं में आत्मविश्वास की कमी है,कांग्रेस पूरी तरह से अस्त-व्यस्त स्थिति में है और संकट बढ़ता जा रहा है. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के एक बड़े धड़े को उसके कामकाज से मोहभंग हो गया है, कैप्टन ने कहा कि मामले की सच्चाई यह थी कि इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले 43 विधायकों को दबाव में ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया था। 


*मुख्तार के वकील ने की बांदा जेल की सीसीटीवी फुटेज की मांग, मुख्तार की जान को बताया खतरा*

बांदा :22 साल पुराने धोखाधड़ी के मामले में बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी के मामले में अब विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए नीरज गौतम की अदालत में आठ अक्तूबर को सुनवाई होगी। गुरुवार को मुख्तार की ओर से अधिवक्ता ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इसमें जेल में जान का खतरा जताते हुए चार माह की बांदा जेल के गेट की जीडी/गेट बुक और सीसीटीवी फुटेज तलब करने की मांग की। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता ने प्रार्थना पत्र पर आपत्ति के लिए समय मांगा। मामले में मुख्तार की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी हो रही है। वहीं मुख्तार अंसारी पर अभी आरोप तय नहीं हो सके।

मुख्तार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. रवि अरोरा ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इसमें आरोप लगाया कि शासन व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की शह पर कुछ लोग बिना लिखा-पढ़ी के जेल में आते हैं, जिनसे मुख्तार को अपनी जान का खतरा है और जिन मुकदमों में मुख्तार गवाह हैं उनके अभियुक्तों से भी उसे खतरा है। पूर्व में भी मुख्तार अपने खाने में जहर मिलाकर हत्या का खतरा जता चुका है। उसकी सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए जाने की मांग की। वहीं अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शशि शर्मा ने प्रार्थना पत्र पर आपत्ति के लिए समय मांगा। प्रार्थना पत्र दिया कि मामले से जुड़े तथ्य प्रस्तुत करने के लिए केस डायरी का अध्ययन करना है। इसलिए समय दिया जाए। मामले में अब अगली सुनवाई आठ अक्तूबर को होगी। 


*ब्रिटेन से आने पे 10 दिन क्वारंटाइन में रहना पड़ेंगे अब, भारत का ब्रिटेन को करारा जवाब*

नई दिल्ली। भारत ने भारतीय वैक्सीन सर्टिफिकेट को मान्यता नहीं देने पर ब्रिटिश सरकार को करारा जवाब दिया है। ब्रिटेन से आने वाले लोगों भारत में दस दिन के लिए क्वारंटीन में रहना होगा। बता दें कि ब्रिटेन सरकार ने कोरोना वैक्सीन सर्टिफिकेट को मान्यता नहीं दी है। जिसके जवाब में भारत ने जैसे को तैसा जवाब देते हुए जवाबी कार्रवाई की है।

भारत की ओर से जारी किए गए ये नए 4 अक्टूबर से लागू होने वाले हैं। इन नियमों से किसी भी देश की नागरिकता रखने वाले लोगों को कोई छूट नहीं होगी। ब्रिटेन से आने वाले हर यात्री को 10 दिनों क्वारंटीन में रहना ही होगा। यही नहीं इसके लिए वैक्सीनेशन के स्टेटस का भी कोई प्रावधान नहीं रखा गया है। भले ही आने वाले यात्री को कोरोना वैक्सीन के दो टीके लग चुके हों, लेकिन उसे आइसोलेशन में रहना होगा। इसके अलावा भारत आने के लिए भी कुछ नियम तय किए गए हैं। ब्रिटेन से आने वाले यात्रियों के लिए यह जरूरी होगा कि सफर से 72 घंटे पहले तक के कोरोना आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट उनके पास हो।
इसके अलावा एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद भी एक आरटीपीसीआर टेस्ट किया जाएगा। यही नहीं भारत आने के 8 दिनों के बाद एक बार फिर से इस टेस्ट से गुजरना होगा। भारत आने के बाद घर पर या फिर संबंधित एड्रेस पर (जहां यात्री को जाना हो) 10 दिन तक क्वारंटाइन में रहना जरूरी होगा। भारत सरकार ने स्वास्थ्य मंत्रालय और उड्डयन मंत्रालय को इन नियमों को लागू कराने का आदेश दिया है। मालूम हो कि ब्रिटिश सरकार ने 4 अक्टूबर से लागू होने वाली ट्रैवल गाइडलाइंस जारी की थीं। इसमें कोविशील्ड वैक्सीन को अप्रूव्ड टीकों की लिस्ट में शामिल नहीं किया गया था। इस पर भारत ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद यूके ने कोविशील्ड वैक्सीन को मंजूरी दे दी। 


ब्राह्मण क्षत्रिय चोर उनके वोट की जरूरत नही- सपा विधायक अबरार अहमद

सुल्तानपुर। एक तरफ जहां सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अगले साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए जातिगत समीकरण साधने की कोशिश कर रहे हैं। प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलनों का आयोजन कर रहे हैं। भगवान परशुराम की मुर्ति लगवा रहे हैं। वहीं दूसरी ओऱ अखिलेश के इन प्रयासों पर सपा के ही नेता पानी फेरने पर तुले हैं। कोई सपा नेता तालिबान का समर्थन करता है,तो कोई 15 अगस्त के मौके पर झंडा रोहण के बाद राष्ट्रगान नहीं गा पाता। अब एक और सपा विधायक के विवादित बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

सुल्तानपुर जिले की इसौली विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक अबरार अहमद ने ब्राह्मणों और क्षत्रियों को लेकर बेहद अमर्यादित भाषा में विवादित बयान दिया है। सुल्तानपुर के एक निजी होटल में मीडियाकर्मियों से बातचीत में उन्होंने यह टिप्पणी की जिस पर बवाल मचा है। अबरार अहमद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ब्राह्मण और क्षत्रिय जाति के मतदाताओं को ‘चोट्टा’ बोलते हुए सुने जा सकते हैं। अबरार अहमद कह रहे हैं कि चुनाव जीतने के लिए उन्हें ब्राह्मणों और क्षत्रियों के वोट की जरूरत नहीं है, उनके बिना भी वह जीत सकते हैं। वायरल वीडियो में इसौली सपा विधायक कह रहे हैं कि मुसलमान ही उनके वास्तविक वोटर्स हैं। 


*धर्म के ठेकेदारों द्वारा मुस्लिम कलाकार को धमकी*

बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली से तालिबानी सोच जैसा मामला सामने आया है। जहां रामलीला में मुस्लिम किरदारों को धर्म के ठेकेदारों ने फरमान सुनाया है। धमकी देते हुए कहा कि अगर उन्होंने रामलीला ने कोई भी किरदार निभाया तो अच्छा नहीं होगा। रामलीला में राम और कैकई का किरदार निभाने वाले दो मुस्लिम कलाकारों दानिश खान व समियुन को यह धमकी मिली है। दोनों कलाकारों के किरदारों पर मुहल्ले के कुछ दबंगों ने आपत्ति जताई और धमकी भी दी है।

दोनों मुस्लिम कलाकारों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनको अगले महीने अयोध्या में होने वाली रामलीला में मंचन के लिए योगी सरकार ने बुलावा भेजा है। लेकिन धर्म के यह ठेकेदार सरकार के बुलावे और रामलीला मे एक्टिंग करने से नाराज हैं। दबंगों की धमकी से डरकर कलाकार सोमवार को बरेली में एसएसपी ऑफिस पहुंचकर धमकी देने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। कलाकार दानिश ने बताया कि वह पिछले 15 साल से रंगमंच से जुड़े हुए हैं। उन्होंने भगवान के ऐसे सैकड़ों नाटकों में अभिनय किया है। मेरी एक्टिंग देखकर तीन साल पहले मुझे रामलीला में राम का किरदार निभाने का मौका मिला।

तब से लेकर वह अब तक यह भगवान राम का किरदार निभा रहे हैं। दनिश ने कहा कि वह कभी-कभी रंगमंच से मेकअप और तिलक लगाकर ही घर लौटते हैं। लेकिन यह देखकर कॉलोनी के खालिद और अन्य दबंग मुझे परेशान करते हैं। उन्हें मेरे माथे पर तिलक और राम के किरदार से बहुत ही परेशानी है। दानिश को दबंगों से मिली धमकी से उनका पूरा परिवार डरा हुआ है। दनिश ने कहा कि पिता नहीं है, घर में दो बहने और परिवार में कमाने वाला मैं अकेला हूं। अगर इनकी धमकी से डरकर काम करना बंद कर दिया तो हमारे परिवार का क्या होगा? 


*IAS अधिकारी का धर्म प्रचार करता वीडियो वायरल, जांच के लिये एसआईटी गठित*

लखनऊ। अभी उत्तर प्रदेश में धर्मान्तरण का मुद्दा ठंडा ही नहीं हुआ था कि राज्य में एक आईएएस द्वारा एक दूसरा धर्म प्रचार करने का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अध्यक्ष भारती प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन का अपने सरकारी आवास पर एक धार्मिक सभा आयोजित कर इस्लामिक प्रचार का वीडियो हो रहा है। वहीं इस मामले की जांच के लिए सरकार ने एसआईटी गठित की है।

कहा जा रहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो उस वक्त का है जब इफ्तिखारउद्दीन कानपुर के मंडलायुक्त थे। यह नहीं पता चला सका है कि वीडियो किस तारीख का है। वीडियो में आईएएस अधिकारी कुछ मुस्लिम धर्म गुरुओं के साथ बैठे नजर आ रहे हैं और कथित रूप से देश के हर घर तक इस्लाम फैलाने की नीतियों पर बात कर रहे हैं। ऐसा ही एक अन्य वीडियो भी जारी हुआ है जिसमें इफ्तिखारउद्दीन अपने सरकारी आवास में जमीन पर बैठे हैं और एक वक्ता कट्टरता भरा बयान दे रहा है।
भूपेश अवस्थी नामक व्यक्ति ने इस मामले में इफ्तिखारउद्दीन के खिलाफ राज्य सरकार से लिखित शिकायत की थी और उसने वीडियो भी उपलब्ध कराए थे। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संवाददाताओं से बातचीत में इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किया है।
गृह विभाग ने एक ट्वीट में बताया कि कानपुर के आईएएस अधिकारी इफ्तिखारउद्दीन के मामले में शासन ने एसआईटी को जांच के आदेश दिए हैं। एसआईटी के अध्यक्ष सीबीसीआईडी के महानिदेशक जीएल मीणा हैं जबकि कानपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर इसके सदस्य हैं। एसआईटी सात दिनों के अंदर शासन को अपनी रिपोर्ट देगी। कानपुर के पुलिस आयुक्त असीम अरुण ने बताया कि अपर पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) सोमेंद्र मीना को आईएएस अधिकारी इफ्तिखारउद्दीन के उन कथित वीडियो की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि वीडियो की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। 


*आरएसएस की तुलना तालिबान से, इस वेटेरन एक्टर पे केस दर्ज*

अपनी विवादित बयानों के लिए जाने वाले बॉलीवुड गीतकार जावेद अख्तर की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। आरएसएस की तुलना तालिबान से करने के मामले में महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत में अख्तर के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया गया है।बता दें कि हाल ही में जावेद अख्तर ने आरएसएस के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और सीनियर डिवीजन की अदालत में आरएसएस कार्यकर्ता विवेक चंपानेरकर ने जावेद अख्तर के खिलाफ मुकदमा दायर करते हुए उनसे मुआवजे के रूप में एक रुपए की मांग की है। कोर्ट ने जावेद अख्तर के खिलाफ जारी नोटिस का जवाब 12 नवंबर तक मांगा है। दरअसल, इस मामले से जुड़े वकील संतोष दुबे का कहना था कि अगर जावेद अख्तर ‘बिना शर्त लिखित माफी’ मांगने और नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर जवाब देने में विफल हुए तो वह अख्तर से 100 करोड़ रुपये हर्जाने के रूप में मांगते हुए उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराएंगे। वकील का दावा था कि इस तरह की बयानबाजी करके जावेद अख्तर ने भारतीय दंड संहिता की धारा 499 (मानहानि) और 500 (मानहानि की सजा) के तहत अपराध किया है। दरअसल, एक मीडिया चैनल से बातचीत के दौरान 76 वर्षीय लेखक और कवि जावेद अख्तर ने आरएसएस का नाम लिए बिना ही कहा था, ‘तालिबान एक इस्लामी देश चाहता है और ये लोग हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहते हैं।’ इससे पहले जब जावेद अख्तर ने आरएसएस को लेकर टिप्पणी की थी, तब एक वकील ने लीगल नोटिस भेजकर उनसे माफी मांगने के लिए कहा था।
कोर्ट ने जावेद अख्तर को नोटिस जारी करके 12 नवंबर को कोर्ट में पेश होने को कहा है। बता दें कि जावेद अख्तर उस वक्त विवादों में आए थे जब उन्होंने इस महीने की शुरुआत में एक टीवी चैनल पर कहा था कि राइट विंग में दुनिया भर में एक जैसी समानता है। बता दें कि जावेद अख्तर विवादित बयान देकर सुर्खियां बटोरते रहते हैं। 


*उत्तर प्रदेश: CM योगी ने नए मंत्रियों को जिम्मेदारी दी, जानिए किसको क्या मंत्रालय मिला*

लखनऊ। सीएम योगी ने सोमवार को सात नए मंत्रियों के विभागों की जिम्मेदारी सौंपी। इस संबंध की जानकारी खुद सीएम योगी ट्वीट कर दी। बता दें कि रविवार को सात नए विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। इनमें जितिन प्रसाद को कैबिनेट और अन्य लोगों को राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। योगी सरकार ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए मंत्रिमंडल विस्तार को हर तरह से सामंजस्य बैठने की कोशिश की। इसमें जातीयता और क्षेत्रीयता का समावेश है।

इनको मिला यह विभाग: जितिन प्रसाद को प्राविधिक शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य मंत्री पल्टू राम को सैनिक कल्‍याण, होमगार्ड, प्रांतीय रक्षक दल एवं नागरिक सुरक्षा विभाग दिया गया है। राज्य मंत्री डॉ. संगीता बलवंत को सहकारिता विभाग और धर्मवीर प्रजापति को औद्योगिक विकास विभाग दिया गया है। राज्यमंत्री छत्रपाल सिंह गंगवार को राजस्‍व विभाग और राज्यमंत्री संजीव कुमार को समाज कल्‍याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्‍याण विभाग का जिम्मा मिला है। राज्य मंत्री दिनेश खटीक को जल शक्ति एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग की जिम्मेदारी मिली है।
अब कुल 60 सदस्य: गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे मंत्रिमंडल के विस्तार में मनोनीत विधान परिषद सदस्य जितिन प्रसाद को कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही एक विधान परिषद सदस्य और पांच विधायकों को राज्य मंत्री की शपथ दिलाई गई। रविवार शाम राजभवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए जितिन प्रसाद को कैबिनेट मंत्री तथा छत्रपाल सिंह गंगवार, पल्टू राम, डा.संगीता बलवंत, संजीव कुमार, दिनेश खटीक और धर्मवीर प्रजापति को राज्य मंत्री के तौर पर पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। इन सात नए मंत्रियों को मिलाकर टीम योगी आदित्यनाथ में अब कुल 60 सदस्य हो गए हैं जो मंत्रिमंडल की अधिकतम संख्या है। इनमें 24 कैबिनेट मंत्री, नौ राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 27 राज्य मंत्री हैं। इनमें चार महिला मंत्री शामिल हैं।जितिन प्रसाद को कैबिनेट मंत्री बनाकर भाजपा ने उनसे अपना वादा निभाया है। राज्य मंत्री की शपथ लेने वालों में आगरा के धर्मवीर प्रजापति भाजपा के विधान परिषद सदस्य व उत्तर प्रदेश राज्य माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष हैं। छत्रपाल सिंह गंगवार बरेली के बहेड़ी, पल्टू राम बलरामपुर, डा.संगीता बलवंत गाजीपुर सदर, संजीव कुमार सोनभद्र के ओबरा और दिनेश खटीक मेरठ के हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।


जातीय और क्षेत्रीय समीकरण को प्रधानता: योगी आदित्यनाथ सरकार का गठन 19 मार्च 2017 को हुआ था। पहला मंत्रिमंडल विस्तार 21 अगस्त 2019 को हुआ था। पहले विस्तार के बाद मंत्रिमंडल में मंत्रियों की कुल संख्या 56 थी। मंत्रिमंडल के पहले विस्तार के बाद कोरोना संक्रमण से बीते वर्ष कैबिनेट मंत्री कमल रानी वरुण व चेतन चौहान तथा इस वर्ष राज्य मंत्री विजय कश्यप का निधन हुआ था। तीन मंत्रियों के निधन के बाद मंत्रिमंडल में 53 सदस्य रह गए थे। सीएम आदित्यनाथ योगी द्वारा मंत्रिमंडल विस्तार मेब जातीय और क्षेत्रीय समीकरण का विशेष ध्यान रखा गया है। सात नए मंत्रियों तीन पिछड़ा वर्ग एक अनुसूचित जनजाति और एक ब्राह्मण को शामिल किया गया है। 


*पूर्व सीएम का दिग्विजय सिंह पर आरोप*

पणजी: गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और नवेलिम से विधायक लुइजिन्हो फेलेरो ने सोमवार को पहले विधानसभा सदस्यता और फिर कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने के साथ ही फेलेरो ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी जिसमें उन्होंने बिना नाम लिए दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाया कि उनकी वजह से 2017 में गोवा में कांग्रेस की सरकार नहीं बन पाई. फेलेरो ने आरोप लगाया कि 2017 विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के पास बहुमत के लिए जरूरी 21 विधायकों का समर्थन था लेकिन कांग्रेस प्रभारी द्वारा उन्हें राज्यपाल के पास जाने से रोक दिया गया.


2017 में दिग्विजय सिंह गोवा कांग्रेस के प्रभारी थे. फेलेरो ने कहा कि तब उनके नेतृत्व में कांग्रेस के 17 विधायक जीते, इसके अलावा एक निर्दलीय विधायक का समर्थन कांग्रेस के पास था. कुल चार विधायकों के समर्थन से कांग्रेस के पास 21 विधायक थे, यानी बहुमत का आंकड़ा था. फेलेरो ने आरोप लगाया कि प्रभारी ने उन्हें राज्यपाल के पास जाने से रोक दिया और 24 विधायकों के समर्थन तक इंतजार करने को कहा.

 

इसके बाद बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा जुटा कर सरकार बना ली. सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी में फेलेरो ने कहा कि इस घटनाक्रम से उन्हें ठगा सा महसूस हुआ और झटका लगा. फेलेरो ने कहा कि बीते साढ़े चार सालों में कांगेस 18 विधायकों से सिमट कर 05 पर रह गई है. 13 विधायकों के कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल होने के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं की गई. फेलेरो ने कहा कि गोवा में वो कांग्रेस नहीं बची जिसके लिए उन्होंने लड़ाई लड़ी. इसलिए वो कांग्रेस से इस्तीफा देते हैं.


पूरी संभावना है कि कांग्रेस को छोड़ने के बाद जल्द ही फेलेरो तृणमूल कांग्रेस में शामिल होंगे. उन्होंने ममता बनर्जी को स्ट्रीट फाइटर बताते हुए कहा है कि बीजेपी को ममता बनर्जी ही चुनौती दे सकती हैं. फेलेरो के आने से टीएमसी को फायदा होना तय है और जाहिर है नुकसान कांग्रेस को होगा. उससे पहले सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी के जरिए फेलेरो ने दिग्विजय सिंह को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है.  


*ओशो आश्रम में हुए 1 हजार करोड़ के घोटाले की जांच करे ईडी: आठवले*

मुंबई। केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री रामदास आठवले ने कहा है कि आध्यात्मिक गुरु आचार्य रजनीश ओशो के आश्रम में हो रहे घोटालों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी ओशो अनुयायियों की आवाज बनेगी। ओशो आश्राम में विदेशियों द्व्रारा किए जा रहे भ्रष्टाचार की जांच के लिए भारत सरकार से अनुरोध करुंगा। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इसकी जांच करें।

विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु आचार्य रजनीश की मृत्यु को 21 वर्ष बीत चुके हैं। इस दौरान, पुणे में उनके ओशो आश्रम में भ्रष्टाचार की शिकायतें आती रहती हैं। ओशो के अनुयायियों में से एक स्वामी योगेश ने कहा कि ओशो आश्रम के पास पुणे में कुल 20 एकड़ जमीन है, जिसमें से 8 एकड़ जमीन ओशो आश्रम के मौजूदा निदेशकों द्वारा बेची जा चुकी है। करीब 1 हजार करोड़ का घोटाला हुआ है। ओशो आश्रम का नाम बदलकर ओशो रिज़ॉर्ट कर दिया गया है।

इस मामले की जांच की मांग को लेकर ओशो के अनुयायियों ने केंद्रीय सामाजिक न्यायमंत्री आठवले से शुक्रवार को मुलाकात की। इस दौरान आरपीआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कृष्ण मिलन शुक्ला ने कहा कि ओशो के अनुयायी आश्रम में किए जा रहे अवैध कृत्यों के कारण परेशान हैं। ओशो के अनुयायियों के आश्रम में प्रवेश पर पाबंदी लगाई जा रही है, वहीं आश्रम प्रबंधन करोड़ों का राजस्व चुराकर विदेश भेज रहा है। मैं भारत सरकार से अनुरोध करता हूं कि भूमि की अवैध बिक्री की त्वरित जांच कराएं और अनुयायियों के लिए ओशो आश्रम निःशुल्क प्रवेश के लिए खोला जाए। 


*रतन टाटा ने की मोदी सरकार की तारीफ*

रतन टाटा ने एयरक्रॉफ्ट की खरीद एक सौदा किये जाने पर शुक्रवार को मोदी सरकार की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ‘सी-295 के निर्माण के लिए एयरबस डिफेन्स और टाटा ग्रुप के बीच संयुक्त परियोजना की मंजूरी भारत में विमानन और उड्डयन परियोजना के लिए नए द्वार खोलेंगे।” बता दें कि मेक इन इंडिया के तहत 22000 करोड़ की लगत से कुल 56 सी 295 एयरक्रॉफ्ट खरीदें जाने हैं। इन एयरक्राफ्ट को एयरबसऔर टाटा ग्रुप संयुक्त रूप से तैयार करेगा। बताया जा रहा है कि 16 एयरक्रॉफ्ट को एयरबस डिलीवरी करेगा जबकि 40 को टाटा एडवांस्ड सिस्टम लिमिटेड द्वारा सप्लाई किया जाना है।

रतन टाटा ने शुक्रवार को कहा कि यह फैसला विमानन और उड्डयन क्षेत्र को खोलने की दिशा में एक ‘बड़ा कदम’ है। रक्षा मंत्रालय ने 56 ‘सी-295’ परिवहन विमानों की खरीद के लिए स्पेन की ‘एयरबस डिफेंस एंड स्पेस’ के साथ करीब 20,000 करोड़ रुपये के अनुबंध पर शुक्रवार को हस्ताक्षर किए। ये विमान भारतीय वायु सेना के एवरो-748 विमानों का स्थान लेंगे। अधिकारियों ने बताया कि यह अपनी तरह की पहली परियोजना है, जिसमें एक निजी कंपनी भारत में सैन्य विमान का निर्माण करेगी।
इस सौदे के तहत अनुबंध पर हस्ताक्षर के 48 महीनों के भीतर एयरबस डिफेंस एंड स्पेस 16 विमान सौंपेगी। बाकी 40 विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा। एयरबस डिफेंस एंड स्पेस और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (टीएएसएल) द्वारा अनुबंध पर हस्ताक्षर के 10 वर्षों के भीतर इनका निर्माण किया जाएगा। रतन टाटा ने एक बयान में कहा, ‘सी-295 के निर्माण के लिए एयरबस डिफेंस और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के बीच संयुक्त परियोजना की मंजूरी भारत में विमानन और उड्डयन परियोजनाओं को शुरू करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।’ उन्होंने कहा, ‘सी-295 कई भूमिकाएं निभाने वाला विमान है, जिसमें मिशन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कई विशेषताएं हैं। इसमें भारत में विमान के संपूर्ण निर्माण की परिकल्पना की गयी है।’ 


*पॉजिटिव न्यूज़:- कोरोना की तीसरी लहर शायद ना आए*

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस के मामले लगातार घट रहे हैं और मंगलवार को संक्रमण के 26 हजार मामले सामने आए साथ ही 252 मौतें दर्ज की गईं. एम्स निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया के मुताबिक कोरोना वायरस अब महामारी नहीं रह गया है. हालांकि उन्होंने सावधान किया कि जब तक भारत में हर व्यक्ति को वैक्सीन नहीं लग जाती तब तक सतर्क रहने की जरूरत है. खास तौर पर सभी के लिए त्योहारों पर भीड़-भाड़ से बचना जरूरी है.



‘पूरी तरह कभी खत्म नहीं होगा कोरोना’
डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि भारत में दर्ज हो रहे आंकड़े अब 25 हजार से 40 हजार के बीच आ रहे हैं. अगर लोग सावधान रहे तो ये मामले धीरे-धीरे कम होते रहेंगे. हालांकि कोरोना कभी पूरी तरह खत्म नहीं होगा. लेकिन भारत में जितनी तेजी से वैक्सीनेशन हो रहा है, उसे देखते हुए कोरोना का अब महामारी की शक्ल लेना या बड़े पैमाने पर फैलना मुश्किल है.



एम्स डायरेक्टर डॉक्टर गुलेरिया का कहना है कि कोरोना वायरस जल्द ही आम फ्लू यानी साधारण खांसी, जुकाम की तरह हो जाएगा क्योंकि लोगों में अब इस वायरस के खिलाफ इम्युनिटी तैयार चुकी है. लेकिन बीमार और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को इस बीमारी से जान का खतरा बना रहेगा.



बूस्टर डोज पर कही अहम बात
वैक्सीन लगवा रहे लोगों के मन में ये सवाल भी है कि वैक्सीन क्या जीवनभर सुरक्षा प्रदान करेगी या फिर दोबारा कुछ वक्त के बाद बूस्टर डोज की जरूरत पड़ेगी. इस सवाल के जवाब में डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि भारत में प्राथमिकता ये है कि सभी लोगों को वैक्सीन की दोनो डोज लग जाएं, बच्चों को भी वैक्सीन लग जाए. इसके बाद ही बूस्टर डोज पर जोर दिया जाना चाहिए.



उन्होंने कहा कि दुनिया के सभी देशों में लोग वैक्सीन लगवा लें, इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने वैक्सीन मैत्री कार्यक्रम को अक्टूबर में फिर से शुरू करने की बात की है. अप्रैल के महीने में भारत सरकार ने भारतीयों को प्राथमिकता देते हुए कुछ वक्त के लिए दूसरे देशों को वैक्सीन डोनेट करने का काम स्थगित कर दिया था लेकिन एम्स निदेशक के मुताबिक अगर दुनिया के किसी भी देश के लोग वैक्सीन नहीं लगवा पा रहे तो इससे हर देश को खतरा है.

दिसंबर तक सबका वैक्सीनेशन
डॉक्टर गुलेरिया का कहना है कि वायरस कहीं से भी फिर से फैल सकता है. इस दिशा में दुनिया को वैक्सीन बांटकर भारत अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है. हालांकि कुछ वक्त के बाद बेहद बीमार, बुजुर्गों या कमजोर इम्युनिटी वालों को बूस्टर डोज दी जा सकती है. ये भी जरूरी नहीं कि बूस्टर उसी वैक्सीन का लगे जो किसी ने पहले लगवाई हो. कोई नई वैक्सीन लगवाकर भी बूस्टर का काम किया जा सकता है, हालांकि इस बारे में पहले एक पॉलिसी बनाई जाएगी.

उनका कहना है कि कुछ लोगों को बूस्टर डोज की जरूरत पड़ सकती है. ये बूस्टर दूसरी वैक्सीन की भी लग सकती है. लेकिन इस पर फैसला लिया जाएगा, पहले सभी को वैक्सीन लगानी जरूरी है, फिर बूस्टर की बारी आएगी. डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि दिसंबर तक सभी को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है.