*वैक्सीनेशन सेंटर पर गोलीबारी: टीके के विवाद में दिनदहाड़े चली गोली, गोली लगने से एक गंभीर घायल, सेंटर पर फैली दहशत*

मुजफ्फरपुर. जिला में वैक्सीनेशन के दौरान बदमाशों ने फायरिंग कर दी. इसमें गोली लगने से एक व्यक्ति घायल हो गया है, जिसे इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया. इसके बाद घायल की स्थिति गंभीर होने के चलते उसे एसकेएमसीएच अस्पताल में रेफर किया गया है. यहां उसका इलाज जारी है. वहीं इसकी सूचना मिलने पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गयी है.

जिला के मोतीपुर थाना इलाके के सिरसिया रामपुर गांव स्थित एक स्कूल में बने वैक्सीनेशन केंद्र में दिनदहाड़े गोलीबारी हुई. इस गोलीबारी में एक व्यक्ति घायल हो गया है. वहीं इसकी सूचना पर पहुंचकर पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है. बताया जा रहा है कि बदमाश वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गया.

वहीं इस गोलीबारी से वैक्सीनेशन केंद्र पर लोगों में दहशत फैल गयी. लोग इधर-उधर भागने लगे. यह गोलीबारी टीके के विवाद के चलते हुई है. फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच कर रही है. आरोपी को पता लगाकर उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी. 


*मुख्तार अंसारी की पत्नी एवं सालों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा*

उत्तर प्रदेश में माफियाओं के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत नंदगंज पुलिस द्वारा विकास कंस्ट्रक्शन के पार्टनर्स विधायक मुख्तार अंसारी की पत्नी आफसां अंसारी ,साला अनवर शहजाद व सरजील रजा पुत्रगण जमशेद रजा व अन्य के विरुद्ध फतेहुल्लहपुर में ताल की जमीन पर अवैध कब्जा कर अपने गोदाम के लिए अवैध सड़क निर्माण करने के संबंध में एफआईआर 227/21 अंतर्गत धारा 447 IPC, 3/5 सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 1984 पंजीकृत किया गया है।
मालूम हो कि दो दिन पूर्व
पुलिस एवं प्रशासन ने फतेहुल्लहपुर स्थित उक्त ताल की जमीन को अवैध कब्जे से अवमुक्त करा दिया। प्रशासन ने गोदाम पर जाने वाली सड़क को क्षतिग्रस्त करा दिया था। नंदगंज थाना में एफआईआर दर्ज किया गया है।अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रचलित है। 


*शीर्ष केन्द्रीय नेतृत्व की जुबान, राज्यस्तरिय प्रेशर पॉलिटिक्स के सामने क्या दम तोड़ दिया*

 विगत कुछ दिनों से छत्तीसगढ़ की राजनीति नये नये करवट बदल रही है, लगातार सह और मात का खेल चल रहा है। इस बात से इनकार नही किया जा सकता कि कुछ बात तो नही है, अगर धुंवा निकला है तो कुछ तो बात रही होंगी तभी  प्रदेश के  दो विपरीत ध्रुव अपने खेल पे लगे हुए हैं।

इस खेल में एक बात तो जनता समझ चुकी है कि एक पार्टी जो लंबे समय तक भारत की सत्ता में रही अब उसमें वो धार नही जो पहले रहा करता था। आज फैसला शीर्ष नेतृत्व नही बल्कि प्रेशर पॉलिटिक्स के दबाव में बस लिया जा सकता है, शीर्ष नेतृत्व की जुबान भी फस जाए या सम्मान की बात भी आ जाए तो भी शीर्ष नेतृत्व असहाय जैसा हो जाता है फैसला लेने का समर्थ अब नही रहा, प्रेशर पॉलिटिक्स में उसकी आवाज़ और सम्मान दोनो दम तोड़ दे देती हैं।

 

(संपादक की कलम से)


*शायर मुनव्वर राणा का बेटा तबरेज राणा झूठी रिपोर्ट करवाने के जुर्म में गिरफ्तार*

शायर मुनव्वर राणा के बेटे तबरेज राणा को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। तबरेज पर खुद पर हमले की साजिश रचने का आरोप है। बताया जा रहा है कि सदर कोतवाली पुलिस और एसओजी की टीम ने लखनऊ में तबरेज के आवास से गिरफ्तार किया गया। कोर्ट द्वारा वारंट जारी होने के बाद भी तबरेज सरेंडर नहीं किया था।

शायर मुनव्वर राना के बेटे तबरेज राना ने बीते 28 जून को सदर कोतवाली में तहरीर देकर लखनऊ मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास जानलेवा हमले का मुकदमा अपने चाचाओं के खिलाफ दर्ज कराया था। मामले में पुलिस ने साजिशकर्ता नयापुरवा निराला नगर निवासी हलीम और सुल्तान अली के अलावा शूटर व भदोखर थाना क्षेत्र के पूरे हंसा मजरे बेलाभेला निवासी सत्येंद्र त्रिपाठी व उत्तरपारा निवासी शुभम सरकार को भी गिरफ्तार करके जेल भेजा था। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ था कि जमीनी विवाद में चाचाओं को फर्जी मामले में फंसाने के लिए तबरेज राना ने स्वयं खुद पर हमले की साजिश रची थी। उस समय तबरेज की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी।
उसकी धरपकड़ के लिए पुलिस प्रयास कर रही थी। बुधवार को मुखबिर से सूचना मिली कि तबरेज लखनऊ के हुसैनगंज के लालकुआं स्थित एफआई टॉवर ढींगरा अपार्टमेंट में मौजूद है। अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के दिशा-निर्देशन में सदर कोतवाल अतुल सिंह, एसओजी टीम प्रभारी अमरेश कुमार त्रिपाठी की अगुवाई में टीम ने लखनऊ स्थित आवास पर छापा मारकर तबरेज राना को गिरफ्तार कर लिया। बताते हैं कि पुलिस ने छापा मारा तो इसकी भनक लगने पर तबरेज ने भागने की कोशिश की।
पुलिस ने घेराबंदी करके उसे दबोच लिया। बताया जा रहा है कि पुलिस को कई दिन से सूचनाएं मिल रही थीं कि तबरेज घर पर ही मौजूद है। सटीक जानकारी लेने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। खुद पर हमले की साजिश रचने वाला तबरेज राना आगामी विधानसभा चुनाव तिलोई सीट से लड़ना चाहता था। पिता की तरह सुर्खियां बटोरने और परिवार के लोगों को फंसाकर शांत कराने के मकसद से ही उसे यह करतूत सूझी। पुलिस का कहना है कि तिलोई से चुनाव लड़ने, मीडिया के जरिए सुर्खियां बटोरने और चाचाओं को फंसा कर शांत करके उनके हिस्से की रकम हड़पने की तबरेज की मंशा पूरी नहीं हो सकी थी।
आरोपी तबरेज राना ने अपने साथी हलीम के साथ खुद पर हमले की साजिश रची थी, लेकिन पुलिस की जांच में वह उल्टा फंस गया था। सीसीटीवी फुटेज ने उसकी करतूत को उजागर कर दिया था। यदि यह फुटेज न होती तो पुलिस को मामले का खुलासा कर पाना कठिन होता। घटना के दिन गाड़ी में कई लोगों के बैठे होने की जानकारी तबरेज ने दी, लेकिन सीसीटीवी फुटेज में वह अकेला ही नजर आया। गोली भी जिस तरफ वह बैठकर गाड़ी चला रहा था, ठीक उसके विपरीत स्थान पर कार में मारी गई। 


*केन्द्रीय मंत्री नारायण राणे को आधी रात जमानत मिली*

मुंबई। केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की आधी रात को उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली गई। उन्हें 15 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दे दी गई। इस दौरान एक शर्त रखी गई कि राणे दो दिन रायगढ़ अपराध शाखा में हाजिरी लगाएंगे। नारायण राणे की जमानत की खबर मिलते ही बीजेपी समर्थकों ने जमकर आतिशबाजी और जश्न मनाया। बता दें कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर एक टिप्पणी करने के आरोप में मंगलवार को राणे को गिरफ्तार किया गया था।

बता दें कि नारायण राणे को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस संगमेश्वर पुलिस स्टेशन से महाड के एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में ले गई थी। इसके बाद देर रात उन्हेंं कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। महाड के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने रात 9 बज कर 50 मिनट में नारायण राणे की जमानत पर सुनवाई शुरू हुई और महाड कोर्ट ने रात 11.15 बजे नारायण राणे की जमानत मंजूर कर ली। रत्नागिरि पुलिस द्वारा गिरफ्तारी किए जाने से पहले राणे ने रत्नागिरी कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दी। रत्नागिरी कोर्ट ने जमानत अर्जी ठुकरा दी। इसके बाद मुंबई उच्च न्यायालय ने भी तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
इसके बाद रत्नागिरी में दोपहर सवा तीन बजे जब नारायण राणे अपने जन आशीर्वाद यात्रा के कार्यक्रम के दौरान खाना खा रहे थे तो रत्नागिरी पुलिस के डीसीपी उन्हें गिरफ्तार करने पहुंचे। नारायण राणे ने अपनी गिरफ्तारी से संबंधित नोटिस दिखाने को कहा ,लेकिन बिना किसी नोटिस के पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर संगमेश्वर पुलिस स्टेशन ले आई. यहां से महाड पुलिस आकर उन्हें महाड के लिए रवाना हुई। महाड के एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में रात साढ़े आठ बजे राणे पहुंचे। यहां से महाड पुलिस ने 9 बज कर 50 मिनट में महाड कोर्ट में दंडाधिकारी के सामने राणे को पेश किया। इसके बाद नारायण राणे की जमानत अर्जी पर सुनवाई शुरू हुई। 11.15 बजे रात को नारायण राणे की जमानत याचिका महाड कोर्ट ने मंजूर कर ली। नारायण राणे को जमानत मिलने की खबर बाहर आते ही सिंधुदुर्ग के भाजपा समर्थकों ने पटाखे फोड़ कर जश्न मनाया। नारियल फोड़ कर जोश में नारे लगाए। कुडाल में भी राणे समर्थकों ने पटाखे फोड़ कर अपनी खुशियां जाहिर की।
दरअसल, राणे ने हाल ही में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लेकर एक बयान दिया था। इस बयान में उन्होंने ठाकरे की आलोचना करने के साथ ही कथित तौर पर उन्हें थप्पड़ मारने की बात कही थी। इस बयान के बाद उन पर एफआईआर दर्ज की गई थी। राणे को मंगलवार दोपहर हिरासत में लेने के बाद औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद रात में उन्हें रायगढ़ जिले की महाड कोर्ट में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। 


*ससुराल वाले से छुटकारा पाने बहु ने चाय पे जहर मिलाया, मासूम की गई जान, जानिए पूरा मामला*

बहराइच: उत्तर प्रदेश में बहराइच से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. कोतवाली देहात क्षेत्र स्थित मछियाही गांव में ससुराल वालों से छुटकारा पाने के लिए घर की बहू ने चाय में जहर मिला दिया. जहरीली चाय से डेढ़ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई और चार अन्य लोगों की हालत गंभीर हैं. पुलिस को इस घटना के पीछे प्रेम संबंधों का मामला होने का शक है.



मायके से लेकर आई जहर!
ASP (सिटी) कुंवर ज्ञानन्जय सिंह ने बताया कि युवती अनीता जायसवाल का विवाह पिछले दिसंबर माह में मछियाही गांव के पूरन जायसवाल से हुआ था. अनीता की अपने ससुराल वालों से अनबन रहती थी और वह किसी तरह उनसे छुटकारा पाना चाहती थी. एक दिन पहले ही अनीता मायके से लौटी थी. उन्होंने दर्ज रिपोर्ट के हवाले से बताया कि सोमवार सुबह अनीता का पति घर पर नहीं था. त्योहार के कारण घर पर मेहमान आए हुए थे. आरोप है कि सुबह अनीता ने परिवार और मेहमानों के लिए चाय बनाई और उसमें अपने मायके से लाया हुआ जहरीला पदार्थ मिला दिया.

 


देवर ने दर्ज कराई एफआईआर
चाय पीकर अनीता के ससुर पंचम जायसवाल (50), देवर जितेंद्र जायसवाल (22), ननद शिवानी (8), रक्षाबंधन पर घर आई मेहमान मौसेरी ननद की बेटी सृष्टि (3) और ननद के डेढ़ वर्षीय बेटे शिवांश की हालत बिगड़ने लगी. सभी को स्थानीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया. इलाज के दौरान शिवांश की मौत हो गई. शेष चारों बीमार परिवारीजनों का इलाज चल रहा है. सभी की हालत स्थिर बताई जाती है. महिला के देवर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी अनीता जायसवाल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. 


भोजपुरी एक्ट्रेस प्रियंका पंडित का एमएमएस वीडियो हुआ लीक, जानिए पूरा मामला

भोजपुरी इंडस्ट्री का जाना माना नाम प्रियंका पंडित के प्राइवेट वीडियो लीक होने की खबरें आ रही हैं। प्रियंका पंडित की एमएमएस वीडियो धड़ल्ले से इंटरनेट पर वायरल हो रही है। जिससे भोजपुरी इंडस्ट्री और इंटरनेट पर हंगामा मचा हुआ है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो, ऐक्ट्रेस ने दिया बयान

उत्तर प्रदेश के जौनपुर की रहने वाली प्रियंका पंडित सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और फैंस के लिए आए दिन नई तस्वीरें पोस्ट करती रहती हैं। हाल ही में उनकी एक प्राइवेट वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हुई, जिसके बाद एक बयान में उन्होंने पूरे मामले को अपने खिलाफ साजिश करार दिया है।



प्रियंका ने दावा किया कि कोई उनसे पर्सनल दुश्मनी निकाल रहा है। किसी ने उन्हें बदनाम करने के लिए जानबूझ कर इस वीडियो को वायरल किया है। प्रियंका ने अपना पल्ला झाड़ते हुए यह भी कहा है कि ये उनका वीडियो नहीं है। इसमें नजर आने वाली लड़की कोई और है, जो उनकी जैसी दिख रही है।

हालांकि ये विवाद सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल चुका है और यूजर्स ने सोशल मीडिया पर यह वीडियो खोजना और शेयर करना भी शुरू कर दिया है। प्रियंका ने इस वीडियो के खिलाफ शिकायत भी दर्ज की है। पुलिस अभी भी जांच में जुटी है। अभी तक कुछ कन्फर्म नहीं है कि यह वीडियो कहां से लीक हुआ है, पर फिलहाल सोशल मीडिया पर इसकी खिचड़ी पक रही है।



इन फिल्मों में किया है काम

साल 2013 में भोजपुरी फिल्म ‘जीना तेरी गली में’ से डेब्यू करने वाली प्रियंका पंडित ने अब तक 50 से ज्यादा भोजपुरी फिल्मों में काम किया है। प्रियंका पंडित ने पवन पुत्र, तोड़ दे दुश्मन की नली राम और अली, इच्छाधारी, आवारा बलम और करम युग जैसी हिट फिल्मों में काम किया है। प्रियंका अभी कई भोजपुरी फिल्मों में काम कर रही हैं। उनकी आने वाली फिल्म ‘दिल मत देना मेरी सौतन को’ और ‘पुलिसगीरी’ है। 


*केन्द्रीय मंत्री नारायण राणे गिरप्तार हुए*

केंद्रीय मंत्री नारायण राणे गिरफ्तार किए जाने की खबर इस तरह की जानकारी मिली है। गिरफ्तारी से पूर्व जमानत की अर्जी नामंजूर हो गई। रत्नागिरि कोर्ट ने जमानत अर्जी ठुकरा दी। 


नारायण राणे को अब रत्नागिरि कोर्ट में पेश किया जाएगा। नासिक पुलिस आयुक्त दीपक पांड्ये ने उनको गिरफ्तार करने का आदेश दिया था, उन्होंने रत्नागिरि पुलिस से आग्रह किया था कि वे नारायण राणे को अरेस्ट करे।


कोरोना की तीसरी लहर से निपटने को लेकर पीएम मोदी आज करेंगे बैठक

नई दिल्ली। पीएम मोदी कोरोना की तीसरी लहर की सम्भावनाओं को देखते हुए आज यानी मंगलवार को इस संबंध में अहम् बैठक बुलाई है। यह बैठक दोपहर 3.30 बजे होगी, जिसमें तीसरी लहर से निपटने और इस दौरान क्या कदम उठाये जाने चाहिए जैसे मसलों पर चर्चा होने की संभावना है। इसमें बैठक स्वास्थ्य मंत्रालय के आलावा कैबिनेट सचिव और नीति आयोग भी शामिल होगा।

इधर, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को जानकारी दी कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोरोना वैक्सीन की 57.05 करोड़ से ज्यादा डोज अब तक दी जा चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अब तक 57,05,07,750 डोज सभी स्रोतों के माध्यम से प्रदान की जा चुकी हैं। कोरोना वैक्सीनेशन का यूनिवर्सलाइजेशन फेज 21 जून 2021 से शुरू हुआ था।
वैक्सीनेशन अभियान के हिस्से के रूप में भारत सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को फ्री में वैक्सीन उपलब्ध कराकर उनका सहयोग कर रही है। केंद्र सरकार पूरे देश में कोरोना वैक्सीनेशन ड्राइव को स्पीडअप करने और इसके दायरे का विस्तार करने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रही है। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 25,072 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान 389 मरीजों की मौत हो गई। देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,24,49,306 हो गई है। 


*3 दिन पहले ही CM ने इस सड़क का किया था उद्घाटन, हुई जलमग्न*

पालघर जिले के कोलगांव परिसर स्थित जिला मुख्यालय के सामने की सड़क हालिया भारी बारिश के कारण पूरी तरह जलमग्न हो गई है, जबकि महज तीन दिन पहले ही राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने मुख्यालय का ऑनलाइन उद्घाटन किया था। अभी उद्घाटन हुए यहां सजाए पुष्पों के तोरण कुम्हलाए भी नहीं थे कि मुख्यालय के बाहर की सड़क जलमग्न हो चुकी है, इससे स्थानीयों में जबर्दस्त हैरत व्यक्त की जा रही है।

खुली सरकारी तंत्र के कामकाज की पोल: उल्लेखनीय है कि पालघर जिले में मूसलाधार बारिश और खराब मौसम के चलते मुख्यमंत्री ने पूर्वंनिर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिला मुख्यालय के उद्घाटन में आना टालते हुए इसका ऑनलाइन उद्घाटन किया था। लेकिन इसके सिर्फ 3 दिन के भीतर ही मुख्यालय के बाहर का इलाका पानी में डूब जाने से समूचे सरकारी तंत्र के कामकाज व प्रबंध की पोल खुल गई है। सिडको द्वारा स्थापित इस मुख्यालय में जिला कलेक्टर, जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, जिला परिषद, नया प्रशासनिक भवन और न्यायालय का समावेश है।
कैसे आए-जाए आम जनता ?: लगभग 103 हेक्टेयर क्षेत्र में बने इस मुख्यालय के सामने की सड़क पर पानी भर जाने से स्थानीय लोगों के समक्ष अब सवाल यह हैं कि मुख्यालय आएं-जाएं कैसे, जहां वे अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। कम-से-कम मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री तो हवाई जहाज से वहां पहुंच सकते हैं, लेकिन आम आदमी के पास वहां पहुंचने का कोई विकल्प नहीं है। 


*हिंदुत्व की सियासत को शिखर पर ले जाने वाले भाजपा के दमदार नेता थे कल्याण सिंह*

यूपी के पूर्व सीएम कल्याण सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे। कल्याण सिंह वर्ष 1991 में पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और दूसरी बार 1997 में मुख्यमंत्री बने थे। ये प्रदेश के प्रमुख राजनैतिक चेहरों में एक इसलिए माने जाते हैं, क्‍योंक‍ि उन्होंने राम मंदिर के लिए एक झटके में कुर्सी छोड़ दी थी। कल्याण सिंह, श्रीराम मंदिर आंदोलन के अग्रणी नेतृत्वकर्ताओं में से एक थे। मंदिर के लिए सत्ता छोड़ने में उन्होंने एक क्षण भी नहीं लगाया। राम मंदिर के लिए सत्ता ही नहीं गंवाई, बल्कि इस मामले में सजा पाने वाले वे एकमात्र शख्स हैं।

कल्याण सिंह सिर्फ हिंदुत्व की राजनीति के ही योद्धा नहीं रहे, बल्कि लगातार आदर्श से फिसलती राजनीति के दौर में प्रेरक आदर्शवादी राजनेता भी रहे। सेक्युलर राजनीति और विचार की नजर में वे बाबरी ढांचे के विध्वंस के जिम्मेदार रहे। पर कल्याण को इसका कभी मलाल नहीं रहा। उलटे वे इसके लिए गर्व से भरे रहे। कल्याण सिंह को हिंदू हृदय सम्राट कहा जाता था। अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के अलावा उत्तर प्रदेश में पहली बार बीजेपी को जीत दिलाने वाले नेता के तौर पर भी उन्हें हमेशा याद किया जाता रहेगा। राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की बुनियाद रखने वालों में शुमार रहेगा। क्योंकि उनके मुख्यमंत्री रहते हुए 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद गिरा दी गई थी। हालांकि कल्याण सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद को बचाने का हलफनामा दिया था, पर उन्होंने कारसेवकों पर गोली नहीं चलाने का आदेश भी दिया। आखिरकार बाबरी मस्जिद भी गिर गई और उत्तर प्रदेश से उनकी सरकार को सत्ता से हटना पड़ा।

जिसके प्रभाव से यूपी में भाजपा का पहली बार बजा डंका

अयोध्या में भव्य राममंदिर बन रहा है। भाजपा की राजनीति के तीन बड़े मुद्दे रहे हैं, भाजपा आज जिस मुकाम पर है, उसमें राम मंदिर आंदोलन, जम्मू-कश्मीर से संबंधित संविधान के अनुच्छेद 370 का खात्मा और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों का बड़ा योगदान रहा है। कह सकते हैं कि अयोध्या के भव्य राममंदिर की नींव के मजबूत ईंट कल्याण सिंह रहे। भाजपा में पिछड़े वर्ग की जातियों के साथ ही दलित वर्गों में भारतीय जनता पार्टी की मजबूत पहुंच और पहचान है। इसके लिए भाजपा की ओर से जो सोशल इंजीनियरिंग शुरू हुई थी, कल्याण सिंह उसका प्रमुख चेहरा रहे। उनकी ही अगुआई में उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी का आधार पिछड़ी और दलित जातियों में बढ़ा। जिसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश में भाजपा का पहली बार डंका बजा, जिसने बाबरी ध्वंस के लिए अधिकारियों को नहीं, खुद को जिम्मेदार बताया। जिसने अयोध्या कांड की जांच कर रहे लिब्राहन आयोग से भी स्पष्ट कहा कि सजा देना हो तो उन्हें दे, अधिकारियों को नहीं। राजनीति के इतिहास में ऐसे व्यक्तित्व कम ही मिलते हैं। राममंदिर जल्द ही मूर्त होने वाला है। अभी से ही अयोध्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी है, लेकिन अयोध्या आने वाला हर व्यक्ति कल्याण को जरूर याद करता है।

मेरा शव भाजपा के झंडे में लिपट कर श्मशान भूमि तक जाए

बीजेपी में पिछड़ों और दलितों के पहले नेता के तौर पर कल्याण सिंह को जाना जाता है। वह विधानसभा क्षेत्र अतरौली के 10 बार विधायक रहे। दो बार बुलंदशहर व एटा के सांसद भी रहे। एक बार कल्याण सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से अपने बचपन के रिश्तों की याद दिलाई और रो पड़े थे। उन्होंने कहा था, ‘संघ और भारतीय जनता पार्टी के संस्कार मेरे रक्त की बूंद-बूंद में समाए हुए हैं, इसलिए मेरी इच्छा है कि जीवनभर मैं भाजपा में रहूं और जब जीवन का अंत होने को हो, तब मेरी इच्छा है कि मेरा शव भी भाजपा के झंडे में लिपट कर श्मशान भूमि की तरफ जाए।

बदली थी ब्रिटिश राज की परंपरा

बीजेपी के कद्दावर नेता रहे कल्याण सिंह ने राजस्थान के राज्यपाल रहते 52 साल का रिकॉर्ड तोड़ना भी सुर्खियों में शुमार है। राजस्थान के इतिहास में 52 साल में कोई भी राज्यपाल अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया था, लेकिन कल्याण सिंह ने 2 सितंबर 2019 को ये रिकॉर्ड तोड़ डाला। यही नहीं, यूपी के पूर्व सीएम ने बतौर राज्यपाल न सिर्फ पांच साल का कार्यकाल पूरा किया बल्कि 1967 के बाद ये पहला मौका था, जब किसी राज्यपाल ने अपना कार्यकाल पूरा किया. इससे पहले 1967 में सम्पूर्णानंद ने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था। यही नहीं, राजस्थान के राज्यपाल का पद संभालते ही कल्याण ने पहले ही दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस की और राज्यपाल को ‘महामहिम’ की जगह ‘माननीय’ संबोधित करने के आदेश दे दिया था। उन्होंने कहा था कि महामहिम शब्द में औपनिवेशिक बू आती है। हम स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश के नागरिक हैं। ऐसे में राज्यपाल के लिए महामहिम के बजाए माननीय या फिर दूसरा सम्मानजनक शब्द का इस्तेमाल किया जा सकता है।

तो राम मंदिर आज भी दूर का सपना होता

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा, ‘कल्याण सिंह ने 6 दिसंबर 1992 में जो हुआ उसकी पूरी जिम्मेदारी ली थी। उनमें 6 दिसंबर को आयोध्या में हुई हर घटना की जिम्मेदारी लेने का साहस था।’ निर्मोही अखाड़ा के प्रमुख महंत धीनेंद्र दास ने कहा, ‘कल्याण सिंह की मौत के साथ राम मंदिर आंदोलन का एक जरूरी अध्याय समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा, ‘कल्याम सिंह ने कारसेवकों को बलपूर्वक रोकने के बजाए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पसंद किया। दास 6 दिसंबर 1992 की बात कर रहे थे, जब कारसेवकों ने विवादित बाबरी मस्जिद का ढांचा गिरा दिया था। महंत कमल नयन दास ने कहा, ‘कल्याण सिंह ही थे, जिन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का रास्ता तैयार किया। कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं होते (6 दिसंबर, 1992) तो राम मंदिर आज भी दूर का सपना होता। कल्याण सिंह मणि राम दास छवि पीठ के काफी करीबी थे। इसी मठ में अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े सभी अहम फैसले लिए गए थे। नृत्य गोपाल दास इस मठ के प्रमुख हैं। 


*केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी को छुट्टा सांड कहा, कांग्रेस ने बर्खास्त करने की मांग की*

मुंबई। केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि वह किसी काम के नहीं हैं, और उनकी तुलना छुट्टा सांड से की। कांग्रेस ने दानवे की ‘‘अभद्र’’ टिप्पणी पर आपत्ति जताई और उन्हें केंद्रीय मंत्रिपरिषद से हटाने की मांग की। दानवे ने महाराष्ट्र के जालना जिले में जनसभा में यह टिप्पणी की। नवनियुक्त वित्त राज्य मंत्री डॉ. भागवत कराड द्वारा निकाली गई ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के तहत जनसभा का आयोजन किया गया। दानवे ने कहा, ‘‘राहुल गांधी किसी काम के नहीं हैं। वह भगवान को समर्पित ‘सांड’ की तरह हैं। वह हर जगह घूमते हैं, लेकिन किसी के काम नहीं आते हैं। मैं 20 साल लोकसभा में रहा हूं और उनका काम देखा है।’’ केंद्रीय रेल राज्य मंत्री ने आगे कहा, ‘‘ऐसा सांड भले ही किसी खेत में घुसकर फसल को खा जाए, लेकिन किसान यह कहकर जानवर को माफ कर देता है कि उसे भोजन की जरूरत है।’’

दानवे ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जा रहे महान कार्यों को देखना चाहिए…सरकार अपने खजाने से पैसा खर्च कर रही है क्योंकि रेलवे टिकटों की बिक्री समेत विभिन्न स्रोतों से पर्याप्त राजस्व नहीं जुटा पाता है।’’ रेल राज्य मंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस की प्रदेश इकाई के प्रमुख नाना पटोले ने दानवे का इस्तीफा मांगा। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने (दानवे) सारी हदें पार कर दी है। उनकी टिप्पणी अशोभनीय और चौंकाने वाली है। हम राहुल गांधी के खिलाफ इस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के लिए उन्हें केंद्रीय मंत्रिपरिषद से हटाने की मांग करते हैं।’’ पटोले ने कहा, ‘‘मुझे आश्चर्य होता है कि अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के उनके ‘ट्रैक रिकॉर्ड’ के बावजूद उन्हें मंत्रिपरिषद में इतना महत्वपूर्ण पद कैसे दिया जा सकता है।’’ 


*ब्रेकिंग न्यूज़ पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का निधन*


लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के पूर्व सीएम कल्याण सिंह (Former CM Kalyan Singh) का शनिवार शाम निधन हो गया हैं. बता दें कि कल्याण सिंह की तबीयत करीब दो महीने से खराब थी. लखनऊ के एसजीपीजीआई में उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था. वे 89 वर्ष के थे. बीजेपी के वरिष्ठ नेता कल्याण सिंह के निधन के बाद सीएम योगी ने अपना गोरखपुर दौरान निरस्त कर दिया था. बता दें कि कल्याण सिंह यूपी के सीएम रहने के अलावा राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रह चुके हैं. निधन की सूचना मिलने पर बीजेपी के मंत्री, सांसद और कई कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ पड़ी है. 


*15 दिनों के भीतर हो सकता हैं मंत्रिमंडल का विस्तार*


लखनऊ:- विधानसभा चुनाव की रणनीति बन चुकी है। गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर करीब साढे तीन घंटे उत्तर प्रदेश को लेकर मंथन चला। क्षेत्रीय, सामाजिक और जातीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए 5-7 मंत्री बनाए जाने की जरूरत जताई गई। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अगले तीन दिनो में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होगी और फिर आखिरी मुहर के लिए केंद्र की सहमति ली जाएगी जिसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख तय की जाएगी। अगले 15 दिनों के अंदर योगी मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। रक्षा बंधन के अगले दिन लखनऊ में सरकार और संगठन की बैठक होगी, जिसमें मंत्रिमंडल के विस्तार के लिए संभावित मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप दिया जा सकता है। अगस्त के आखिरी हफ्ते या सितम्बर के पहले हफ्ते में मंत्रिमंडल विस्तार सम्भव है। 5 से 7 नए मंत्री बनाए जाने की संभावना है। योगी मंत्रिमंडल में कुल मंत्रियो की संख्या 54 है जिसमें 23 कैबिनेट, 9 स्वतंत्र प्रभार और 22 राज्यमंत्री शामिल हैं। कैबिनेट में 6 मंत्री पद खाली हैं। विस्तार में ओबीसी, ब्राह्मण के साथ ही अन्य जातियों को साधने की कोशिश हो सकती है। 19 मार्च 2017 को सरकार गठन के बाद योगी सरकार ने 22 अगस्त 2019 को मंत्रिमंडल विस्तार किया था। उनके मंत्रिमंडल में 56 सदस्य थे, कोरोना के चलते तीन मंत्रियों का निधन हो गया। राज्यमंत्री विजय कुमार कश्यप की मौत हो गई थी, जबकि कोरोना की पहली लहर में मंत्री चेतन चैहान और मंत्री कमल रानी वरुण का निधन हो गया था। पहले मंत्रिमंडल विस्तार में 6 स्वतंत्र प्रभार मंत्रियों को कैबिनेट की शपथ दिलाई गई थी, इसमें तीन नए चेहरे भी शामिल थे। 23 अगस्त को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा उत्तर प्रदेश में बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। नड्डा प्रदेश भर के 2700 सेक्टर में बूथ प्रमुख और सेक्टर प्रमुखों से सीधा संवाद स्थापित करेंगे। यूपी विधानसभा चुनाव में पार्टी के निचले स्तर तक के कार्यकताओं को सक्रिय करने के लिए इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बीजेपी 25 सितंबर से पन्ना प्रमुख सम्मेलन की शुरुआत करेगी। सम्मेलनों के जरिये बीजेपी सबसे निचले कार्यकर्ता को जमीनी स्तर पर पूरी तरह से सक्रिय करेगी। दो - तीन दिनो में संगठन की लखनऊ में फिर बैठकें होगी जिसमें अगले तीन महीने के भावी कार्यक्रम तय होंगे। 


केन्द्र सरकार ने 15 लोगो की लिस्ट CBI ED को सौंपी, प्रदेश में हड़कम मचा।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. शनिवार को मीडिया से बातचीत में सिसोदिया ने दावा करते हुए कहा कि हमें सूत्रों से पता चला है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 लोगों की लिस्ट CBI, ED और दिल्ली पुलिस को सौंपी है ताकि आने वाले चुनाव में इन्हें बर्बाद किया जा सके. उनहोंने कहा कि पीएम मोदी ने अपने ब्रह्मास्त्र दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना को चलाने का फैसला लिया है. इस जानकारी के बाद आम आदमी पार्टी का स्टैंड ये है कि AAP ईमानदारी से काम करेगी. प्रधानमंत्री जिसे भेजना चाहें भेज लें, हमारे खिलाफ जो जांच करना चाहें करा लें. हम डरेंगे नहीं.

 


*रक्षाबंधन के दिन करे ये उपाय, आपकी किस्मत बदल देगी*

नई दिल्‍ली: 22 अगस्‍त को रक्षाबंधन है. वैसे तो यह पर्व भाई-बहन के रिश्‍ते का पर्व है लेकिन सावन महीने की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह त्योहार कई मायनों में अहम है. साल की सभी पूर्णिमा-अमावस्‍या अहम होती हैं लेकिन सावन महीने की पूर्णिमा का ज्‍यादा महत्‍व है. लिहाजा इस दिन कुछ उपाय किए जाएं तो यह घर की गरीबी मिटाने, परिवार पर आए संकट को दूर करने में बहुत कारगर साबित होते हैं.



जिंदगी बदल सकते हैं ये उपाय
रक्षाबंधन के दिन किए गए ये उपाय जिंदगी में बड़े और सकारात्‍मक परिवर्तन ला सकते हैं. यह आपकी जिंदगी से परेशानियों को दूर कर सकते हैं.



गरीबी दूर करने का उपाय: यदि आप लगातार पैसे की तंगी झेल रहे हैं तो अपनी बहन के हाथ से गुलाबी कपड़े में अक्षत, सुपारी और एक रुपए का सिक्का ले लें. इसके बाद बहन को कपड़े-मिठाई, तोहफा-पैसा देकर उसके पैर छुएं. इसके बाद गुलाबी कपड़े में लिया गया सामान बांधकर घर में कहीं रख दें. इससे धन की आवक बढ़ेगी. .

सुख-समृद्धि के लिए उपाय: पूर्णिमा के देवता चंद्रमा हैं. इस दिन भगवान शिव और चंद्र देव की पूजा करें. इससे घर में सुख-समृद्धि आएगी.


संकट दूर करने का उपाय: जिंदगी में अचानक कोई संकट आ गया हो तो सावन महीने की इस पूर्णिमा को एकासन (दिन में केवल एक बार अन्‍न ग्रहण करना) करें. साथ ही पितृ-तर्पण करके पितरों का आशीर्वाद लें. इससे आपके संकट दूर होंगे.

भाई-बहन के रिश्‍ते को बेहतर करने का उपाय: यदि किसी कारण से भाई-बहन के रिश्‍ते में खटास आ गई हो तो रक्षाबंधन पर हनुमानजी को राखी बांधें. यह भाई-बहन के बीच का प्‍यार बढ़ाएगा. 


*पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर को आस्था का प्रतीक बताया*

सोमनाथ। पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि आस्था को आतंकवाद से खत्म नहीं किया जा सकता। हमें अपने इतिहास से सीखना होगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल इवेंट में सोमनाथ से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस मौके पर बीजेपी के दिग्गज नेता रहे लालकृष्ण आडवाणी, होम मिनिस्टर अमित शाह, गुजरात के सीएम विजय रूपाणी और कई अन्य हस्तियां भी मौजूद थीं। लाल कृष्ण आडवाणी सोमनाथ मंदिर के ट्रस्ट से भी जुड़े रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर के दर्शन के लिए दुनिया भर से लोग आते रहे हैं। लेकिन अब यहां समुद्र दर्शन समेत कई अन्य चीजों के दर्शन कर सकेंगे। यहां अब पार्वती मंदिर और जूना सोमनाथ मंदिर के भी दर्शन लोग कर सकेंगे। इससे रोजगार के नए अवसर लोगों को मिलेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि आज सोमनाथ एग्जिबिशन गैलरी का भी लोकार्पण हो रहा है। इससे युवाओं को इतिहास से जुड़े और आस्था को प्राचीन स्वरूप में देखने का भी अवसर मिलेगा। सोमनाथ तो सदियों से सदाशिव की भूमि रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि सोमनाथ का यह मंदिर हमारे आत्मविश्वास का प्रेरणा स्थल है। उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई भी व्यक्ति जब इसे देखता है तो उसे सिर्फ मंदिर ही नहीं दिखता बल्कि उसे ऐसा अस्तित्व नजर आता है, जो मानवता के मूल्यों को बताता है।

सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष का भी जिम्मा संभालने वाले पीएम मोदी ने कहा कि यह मंदिर आज भी पूरी दुनिया के सामने यह आह्वान कर रहा है कि सत्य को असत्य से हराया नहीं जा सकता। आस्था को आतंक से कुचला नहीं जा सकता। इस मंदिर को सैकड़ों साल के इतिहास में कितनी ही बार तोड़ा गया, मूर्तियों को खंडित किया गया। लेकिन इसे जितनी ही बार गिराया, यह उतनी ही बार खड़ा हो गया। आज सोमनाथ मंदिर सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए एक संदेश है कि तोड़ने वाली शक्तियां कुछ वक्त के लिए भले हावी हो जाएं। लेकिन उनका अस्तित्व स्थायी नहीं होता। वे ज्यादा दिनों तक मानवता को दबाकर नहीं रख सकते। यह बात जितनी तब सही थी, जब कुछ आततायी मंदिर को गिरा रहे थे। आज भी उतनी ही सही है, जब विश्व आतंकवाद से आशंकित है। हम सभी जानते हैं कि सोमनाथ मंदिर की यह भव्यता कुछ सालों की यात्रा का परिणाम नहीं है बल्कि सदियों के संघर्ष का नतीजा है।

इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज राम मंदिर के रूप में नए भारत का गौरव भी खड़ा हो रहा है। हमें इतिहास से सीखकर वर्तमान को सुधारने और भविष्य बनाने की कोशिश होनी चाहिए। मैं जब भारत जोड़ो की बात करता हूं तो वह भविष्य के भारत के निर्माण के लिए अतीत से जोड़ने का संकल्प है। इसी आत्मविश्वास के चलते हमने अतीत के खंडहरों पर भविष्य निर्माण किया है। प्रधानमंत्री ने पार्वती देवी मंदिर का भी शिलान्यास किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस मौके पर मैं सरदार वल्लभभाई पटेल के चरणों में भी नमन करता हूं, जिन्होंने देश के प्राचीन गौरव को वापस दिलाने का काम किया था। उन्होंने सोमनाथ मंदिर को स्वतंत्र भारत को स्वतंत्र चेतना का प्रतीक बनाने का काम किया था। पीएम मोदी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन में आधुनिकता और प्राचीनता का जो संगम था, आज उसका देश अनुसरण कर रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि यह जरूरी है कि हम धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को तलाशे। 


*अब प्राइवेट हॉस्पिटल में भी होंगा free में इलाज, मोदी सरकार करने जा रही है ये बदलाव*


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत स्कीम में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी बढ़ाने के लिए बड़े बदलाव की तैयारी है. आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना में अलग-अलग इलाज की दरें तय है और दरों में बदलाव नहीं होने की वजह से प्राइवेट सेक्टर के हॉस्पिटल इस योजना में बढ़-चढ़कर भाग नहीं लेते हैं. इसके चलते सरकार इलाज की दरों में बदलाव करने जा रही है. आयुष्‍मान भारत योजना (प्रधानमंत्री जन आरोग्‍य योजना) में प्रत्येक परिवार को सालाना 5 लाख रुपये का फ्री हेल्थ इंश्योरेंस कवर दिया जाता है.



निजी अस्पतालों की बढ़ेगी भागीदारी
आपको बता दें कि नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) आयुष्मान भारत योजना की दरें तय करती है. NHA जल्द ही इलाज की दरों में बदलाव कर सकती हैं जिससे प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी भी बढ़े. हॉस्पिटल की दरों का स्टैंडर्डाइजेशन इस तरह से होगा कि अस्पताल ज्यादा मुनाफा नहीं कमाए, क्योंकि जन आरोग्य की इस योजना में वॉल्यूम काफी बड़े स्तर पर होता है. इसके अलावा सरकार क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया को भी तेज करने के लिए एक मॉडल तैयार कर रही है जिससे हॉस्पिटल का भुगतान तुरंत किया जा सके. आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 2 करोड़ लोगों का इलाज हुआ है.

 

इलाज की दरें होंगी वाजिब
नेशनल हेल्थ अथॉरिटी से जुड़ी एक अधिकारी ने जी बिजनेस को बताया कि इलाज की दरें वाजिब नहीं होने की वजह से प्राइवेट हॉस्पिटल आयुष्मान भारत स्कीम से जुड़ना नहीं चाहते हैं. जबकि, दूसरी तरफ सरकारी हॉस्पिटल के लिए भी कुछ ट्रीटमेंट तय दरों से ज्यादा हैं, लेकिन सरकारी हॉस्पिटल में बाकी इलाज मुफ्त होता है इसलिए सरकारी हॉस्पिटल को ज्यादा दिक्कत नहीं है. आयुष्‍मान भारत योजना से जुड़े 23,000 हॉस्पिटल में फिलहाल प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी 40% के करीब है.

सरकारी-प्राइवेट हॉस्पिटल के रेट में काफी अंतर
सरकारी अस्‍पतालों और प्राइवेट अस्‍पतालों के रेट में काफी अंतर है. नेशनल हेल्थ अथॉरिटी का इलाज दरों में स्टैंडर्डाइजेशन का विचार कर रही है. सरकार के इस कदम से आयुष्मान भारत में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी बढ़ने की उम्‍मीद है. वहीं, प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी बढ़ने से आम लोगों को फायदा होगा. मरीजों को ज्‍यादा से ज्‍यादा प्राइवेट अस्‍पतालों में 5 लाख रुपये तक का फ्री इलाज हो सकेगा.