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*जानिए किन वजह से टूट सकता है प्यार का रिश्ता*

love relationship breaking mistakes: एक कहावत है कि प्यार के रिश्ते (love relationship) की डोर कच्चे धागे से बंधी होती है. जरा सी गलती इस डोर को तोड़ सकती है. इसलिए जरूरी है कि इस रिश्ते में हर वक्त फूंक-फूंक कर कदम रखना चाहिए. हम देखते हैं कि लोग जब हम प्यार के रिश्ते में होते हैं, तो शुरुआत के दिन काफी अच्छे होते हैं.पार्टनर (partner) संग समय बिताना, पार्टनर की बातों को ध्यान से सुनना, उनकी इच्छाओं को पूरा करना और अपने इस रिश्ते को लेकर कई तरह के सपने देखना आदि, लेकिन लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, वैसे-वैसे ये बातें कहीं गुम सी हो जाती हैं. वक्त बीतने के साथ कई लोगों के साथ ये दिक्कतें बढ़ती जाती हैं. इसलिए हमें समझना होगा कि कुछ गलतियां होती हैं, जिनकी वजह से प्यार का रिश्ता टूट तक सकता (love relationship can break) है और इन गलतियों को करने से बचना चाहिए.

इन गलतियों की वजह से टूट सकता है प्यार का रिश्ता (love relationship breaking mistakes )

1. शक करना

अगर आपके रिश्ते में शक है तो ये रिश्ते को तोड़ सकता है. कई लोग शुरुआत से ही बड़े शक्की किस्म के होते हैं और यही लोग आगे चलकर अपने पार्टनर पर भी बेवजह शक करने लगते हैं. उनके मोबाइल फोन चेक करना, सोशल मीडिया पर नजर रखना, कहां से आ रहे हैं-कहां को जा रहे हैं, दोस्त कौन हैं आदि रिश्ते को बनाए रखने के लिए आपको अपने पार्टनर पर बेवजह शक करने से बचना चाहिए.

2. भरोसा न जताना

कई लोग अपने पार्टनर पर भरोसा नहीं जता पाते हैं. रिश्ते को लंबा बनाने के लिए जरूरी है कि आप अपने पार्टनर पर भरोसा जताएं, उन्हें ऐसे मौके दें ताकि वे आपके भरोसे को कायम रखें. अपने पार्टनर से बातें करें, उन पर विश्वास जताएं. जब आप उन पर भरोसा करेंगे, तब आपका रिश्ता बेहतर चल पाएगा.

3. पार्टनर को समय न देना

हम देखते हैं कि ज्यादा दिक्कत ये होती है कि लोग अपने पार्टनर को समय नहीं दे पाते हैं, जिसकी वजह से कई बार दोनों के बीच अनबन तक हो जाती है. इसलिए आपको अपने पार्टनर के लिए समय निकालना चाहिए, उनके साथ आप बाहर घूमने जा सकते हैं, कैंडल लाइट डिनर कर सकते हैं, शॉपिंग पर जा सकते हैं और कहीं का ट्रिप भी प्लान कर सकते हैं.

4. पार्टनर और परिवार वालों की इज्जत न करना

कुछ लोग अपने पार्टनर की इज्जत नहीं करते. कुछ उसके परिवार वालों को भी इज्जत नहीं देते. ऐसे लोगों के रिश्ते में जल्द दरार आ सकती है. इस वजह से कई बार कपल के बीच झगड़े तक हो जाते हैं और ये झगड़े आगे चलकर रिश्ते बिखरने की वजह भी बन जाते हैं. इसलिए आपको अपने पार्टनर और उनके घर वालों की इज्जत करनी चाहिए, तभी आपके पार्टनर भी आपकी इज्जत करेंगे. 


एक्टर टाइगर श्रॉफ के ऊपर हुई एफ आई आर दर्ज जानिए क्या थी वजह

Fir aganist Tiger shroff :एक्टर टाइगर श्रॉफ के बारे में आपको बताना की जरूरत नहीं होगी । एक्टर वेदांश की दुनिया में अपने फ्रेंड्स के दिलों पर राज करते करते हैं टाइगर हमेशा से ही विवादों से दूर रहे हैं लेकिन अचानक से सुर्खियों में आ चुके हैं उनके खिलाफ एफ आई आर दर्ज हुई है
एक्टर के खिलाफ कोरोना नियमों का उल्लंघन करने के कारण एफआईआर दर्ज की गई है। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार टाइगर श्रॉफ के खिलाफ बुधवार को बिना किसी वैध कारण के सार्वजनिक स्थान पर घूमकर महामारी नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

 

क्यों दर्ज हुई टाइगर के खिलाफ शिकायत-

दरअसल COVID 19 के बढ़ते मामलों के कारण से मुंबई सहित देश के विभिन्न हिस्सों में आवाजाही पर कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं।लेकिनटाइगर श्रॉफ इन्हीं नियमों का उल्लंघन करके फंस गए हैं। कथित तौर पर टाइगर के खिलाफ बुधवार को COVID 19 के नियमों का उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया गया है।

न्यू इंडियन एक्सप्रेस को मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने कहा है कि कथित तौर पर बागी 3 अभिनेता शाम को बांद्रा बैंडस्टैंड में बिना किसी वैध कारण के घूमते हुए पाए गए थे। जिस कारण से एक्टर के खिलाफ एक्शन लिया गया है। खबरों की मानें तो टाइगर घूमने के तय समय सीमा के बाद शाम को बांद्रा बैंडस्टैंड में घूम रहे थे। जो COVID 19 लॉकडाउन नियमों के खिलाफ है। क्योंकि फिलहाल बिना किसी कारण से कोई भी तय सीमा के बाद घूम नहीं सकता है। कहा जा रहा है कि जब टाइगर घूम रहे थे तो कार में उनके साथ दिशा पाटनी भी मौजूद थीं।

 

किस धारा के तरह केस हुआ दर्ज

इतना ही नहीं एक्टर के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आपको बता दें कि इस मामले में एक्टर की गिरफ्तारी नहीं होगी क्योंकि यह एक जमानती अपराध है। वहीं, जब एक्टर को पुलिस ने घूमते देखा था और उनसे पूछताछ की थी| 


'रणबीर कहां है... मजे करो' जब सलमान खान ने कटरीना कैफ पर खुलेआम कसा था तंज, क्यों लड़के नहीं झेल पाते हैं रिजेक्शन?

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान (Salman Khan) की लाइफ में कई लड़कियां आईं लेकिन किसी के साथ भी उनका रिश्ता टिक नहीं पाया। एक तरफ जहां एक्टर का अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड्स के साथ अच्छा बॉन्ड दिखाई देता है, तो वहीं ब्रेकअप के बाद वो ताना मारने में भी पीछे नहीं रहते हैं। ऐसा ही कुछ कटरीना कैफ के केस में भी हुआ था। एक वक्त था जब इन दोनों के रिश्ते के चर्चे बॉलीवुड गलियारों में आम हुआ करते थे। हालांकि ये प्रेम कहानी अंजाम तक नहीं पहुंची। ब्रेकअप के बाद कटरीना, रणबीर कपूर को दिल दे बैठीं और सलमान को ये बात रास नहीं आई।

 

ऐसे कई मौके आए जब वो एक्ट्रेस पर तंज कसते हुए दिखाई दिए, साथ ही रणबीर को भी उन्होंने आड़े हाथों लिया। जब कटरीना उनके साथ रिलेशनशिप में थीं, तब सलमान ने 'संजू' एक्टर को सलाह देने के सवाल पर बोला था कि 'मजे करो'। इसी को आगे जारी रखते हुए उन्होंने एक्ट्रेस का नाम भी जोड़ा था, जिससे साफ नजर आया कि उन्हें छोड़कर कैट का दूसरे रिलेशनशिप में मूव ऑन कर जाना वो बर्दाश्त नहीं कर पाए। 'रणबीर मजे ना कर पाए' सलमान खान अपने रिलेशनशिप्स को लेकर हमेशा ही चर्चाओं में रहे हैं।

कटरीना से ब्रेकअप के बाद एक्टर ने उनपर बहुत तरह के कमेंट्स किए, ऐसा ही कुछ तब भी देखने को मिला जब करण जौहर के चैट शो 'कॉफी विद करण' में सलमान गेस्ट बनकर पहुंचे थे। जहां करण ने उनसे रैपिड फायर राउंड में कटरीना और रणबीर के रूप में सुबह उठने पर सवाल पूछा था। तो एक्टर ने जवाब में कहा था, 'कटरीना से पूछूंगा रणबीर कहां है? रणबीर से पूछूंगा वो ज्यादा लकी हैं या मैं'? करण ने आगे पूछा कि रणबीर को वो क्या सलाह देना चाहेंगे जिसके जवाब में सलमान ने कहा, 'मजे करो'।

उसके बाद कटरीना को सलाह देने के नाम पर एक्टर बोले, 'ये श्योर करो कि रणबीर मजे ना कर पाए'। शो के दौरान सलमान ने एक्स-गर्लफ्रेंड कटरीना पर कटाक्ष करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ा था। वो हर एक बात पर कमेंट करते हुए दिखाई दिए थे, जो उनकी खीज साफ दिखा रहा था।


50 की उम्र में भी 20 साल की दिखती हैं ये अभिनेत्रियां

फिल्मी दुनिया का उसूल है कि नए चेहरों के आते ही पुराने रुख्सारों की चमक फीकी पड़ जाती है। ऐसा तकरीबन हर फिल्म उद्योग में देखने को मिलता है। हॉलीवुड से लेकर टॉलीवुड तक यही रिवाज चला आ रहा है। इसमें हिंदी फिल्म इंडस्ट्री यानी कि बॉलीवुड भी पीछे नहीं है। सिनेमा की दुनिया में सौ साल पूरे कर चुका बॉलीवुड अब कई दशक देख चुका है। हर दशक में एक खास ट्रेंड देखने को मिला। फिल्मों की एक विशेष तरह की पटकथा से लेकर, कलाकार, सेट, एक्शंस, म्यूजिक, कॉस्ट्यूम और दर्शकों तक यह धीरे-धीरे परिवर्तित होता गया। बदलते दौर के साथ फिल्मों की कहानियां और इंडस्ट्री की स्थिति भी बदल गई। लेकिन एक चीज जो नहीं बदली वो वही रीत है, जिसमें पुराने कलाकारों को रिटायरमेंट का तमगा मिल जाता है। लेकिन कहते हैं न कि अपवाद हर जगह होता है। कुछ ऐसा ही बॉलीवुड में भी है। यहां कुछ ऐसी अभिनेत्रियां हैं जो पांच दशकों से बदलते ट्रेंड और इंडस्ट्री के मिजाज के साथ ही दर्शकों की डिमांड से कदम से कदम मिलाकर 2021 तक चली आई हैं। आज हम बॉलीवुड की कुछ ऐसी अभिनेत्रियों का जिक्र करेंगे, जिनका 50 साल से अधिक की उम्र में भी कभी मनोरंजन उद्योंग कभी सोशल मीडिया पर जलवा कायम है और उन्होंने साबित कर दिया है कि उम्र महज संख्या है।

 

रेखा (Rekha) हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में जब भी ‘ओल्ड इज गोल्ड’ की बात होती है तो साउथ की सुंदरी भानुरेखा गणेशन यानी कि रेखा का जरूर जिक्र होता है। इंडस्ट्री की दिग्गज अभिनेत्री रेखा 66 साल की हैं। उनकी पहली फिल्म 'अंजाना सफर' थी, जिसकी शूटिंग 1969 में हुई थी। लेकिन किसी वजह से ये फिल्म 10 साल बाद 'दो शिकारी' के नाम से रिलीज हुई थी। इस फिल्म में उनसे 25 साल बड़े एक्टर विश्वजीत के साथ 15 साल की रेखा के एक किसिंग सीन ने उन्हें रातों-रात चर्चित कर दिया था, जिसका जिक्र रेखा के जीवन पर लिखी गई किताब 'रेखा द अनटोल्ड स्टोरी' में भी किया गया है। छोटी सी उम्र में अपने से 25 साल बड़े हीरो को किस कर उन्होंने तहलका मचा दिया था। तब से लेकर आजतक रेखा के दीवाने लाखों-करोड़ों लोग हैं। और ‘इन आंखों की मस्ती के मस्ताने हजारों हैं’ लोग आज भी इससे इत्तेफाक रखते हैं। हालांकि, आज रेखा एक आकॉनिक एक्ट्रेस के तौर पर देखी जाती हैं और उनका काफी सम्मान करते हैं।

 

संगीता बिजलानी (Sangeeta Bijlani) 9 जुलाई 1960 में मुंबई में जन्मी संगीता बिजलानी 60 साल की हैं। इतनी उम्र होने के बाद भी संगीता ने खुद को एकदम फिट रखा है।संगीता बिजलानी अपनी प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में रही हैं। संगीता ने अपने मॉडलिंग करियर की शुरुआत 16 साल की उम्र में की थी। उन्होंने निरमा और पॉन्ड्स सोप सहित कई विज्ञापनों में काम किया। साल 1980 में संगीता मिस इंडिया चुनी गईं थीं। संगीता ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1988 में प्रदर्शित फिल्म कातिल से की थी। और आज भी वह सोशल मीडिया पर अपनी कातिलाना तस्वीरें शेयर कर लोगों को दीवान बना देती हैं।

 

माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit) बॉलीवुड की धक-धक गर्ल और अनुभवी अदाकारा माधुरी दीक्षित का इसी महीने 15 मई को 54वां जन्मदिन था। सोशल मीडिया पर उनके चाहने वालों ने अभिनेत्री पर खूब प्यार लुटाया। माधुरी की खूबसूरती के आज भी लोग दीवाने हैं। उनकी तस्वीरों को देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल है कि उनकी उम्र क्या है। उनकी हर तस्वीर यह साबित कर देती है कि उम्र तो महज एक नंबर है। दरअसल, ताजगी और जिंदगी तो खिलखिला कर जी उठने में है। माधुरी ने 1984 में आई फिल्म 'अबोध' से अपना बॉलीवुड डेब्यू किया, लेकिन इसके चार साल बाद आई फिल्म 'तेजाब' से उन्हें पहचान मिली। 90 के दशक में माधुरी की गिनती बॉलीवुड की टॉप अभिनेत्रियों में होती थी। आज भी वह इंडस्ट्री में सक्रिय हैं।

 

भाग्यश्री (Bhagyashree) सलमान खान के साथ फिल्म मैंने प्यार किया से बॉलीवुड में कदम रखने वालीं अभिनेत्री भाग्यश्री 52 साल की हैं। भाग्यश्री का जन्म महाराष्ट्र के सांगली के शाही परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमोल पालेकर के सीरियल कच्ची धूप से की थी। 1989 में मैंने प्यार किया से जब भाग्यश्री ने फिल्मों में कदम रखा तो उनकी सादगी पर हर कोई फिदा हो गया था। पहली फिल्म ने भाग्यश्री को रातों रात स्टार बना दिया। आज भी अभिनेत्री की खूबसूरती में कोई कमी नहीं आई है। वह सोशल मीडिया पर अपनी प्यारी-प्यारी तस्वीरें डालती रहती हैं।

 

तब्बू (Tabu) 80 के दशक से बॉलीवुड पर राज करने वालीं अभिनेत्री तब्बू आज भी अपनी खूबसूरती और अपनी अदाकारी से लोगों का दिल जीत लेती हैं। 50 बरस की अभिनेत्री ने छोटी उम्र से ही अपने फिल्मी सफर की शुरुआत कर ली थी। तब्बू ने हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु फिल्मों में भी काम किया है। ये तस्वीर तब्बू की 1997 में रिलीज हुई फिल्म 'इरुवर' के समय की है, जिसमें तब्बू बेहद खूबसूरत लग रही हैं। तब्बू ने शुरुआत से ही अपने हर एक किरदार में जान फूंकी है। फिल्मों से इतर यदि बात करें तो तब्बू का जीवन काफी उतार- चढ़ाव भरा रहा है। 50 साल की उम्र में तब्बू अब तक कुंवारी हैं। लेकिन उनकी तस्वीरों को देखकर कोई भी उनकी उम्र का अंदाजा नहीं लगा ।


*गंगा में तैरती लाशों को कंगना ने बताया नाइजीरिया का, सोशल मीडिया पर जमकर बरसे यूजर्स*

कंगना रणौत अपने बेबाक बिंदास अंदाज के साथ-साथ विवादित बयान के लिए भी बखूबी जानी जाती हैं। पिछले दिनों ट्विटर पर बंगाल हिंसा को लेकर विवादित बयानबाजी करने के चलते उनका ट्विटर सस्पेंड कर दिया गया था। ऐसे में कंगना दूसरे प्लेटफॉर्म पर काफी सक्रिय हो गई हैं। हाल ही में कंगना ने ईद की मुबारकबाद देते हुए एक तस्वीर साझा की थी जिसके बाद वह बुरी तरह ट्रोल हो गई थीं।

अब उन्होंने फेसबुक पर एक वीडियो साझा किया है जिसमें उन्होंने इस्रायल-फिलिस्तीन, गंगा में बहती लाशों और कोरोनावायरस समेत कई मुद्दों पर अपनी राय रखी है। हालांकि कंगना का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है लेकिन यूजर्स ने उनकी जमकर क्लास लगा दी है। कंगना सबसे पहले ईद, अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती की बधाई देती हैं। उसके बाद वो कहती हैं कि 'दुनिया इस समय कई परेशानियों से जूझ रही हैं। चाहे वह कोरोना हो या दो देशों के बीच लड़ाई हो। मुझे लगता है कि अच्छे वक्त में संयम नहीं खोना चाहिए और बुरे वक्त में हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। हमें इस सब से क्या सीख मिल रही है, हम क्या सीख रहे हैं। उदाहरण के तौर पर आप इस्रायल को ही ले लीजिए, मात्र कुछ लाख लोग हैं उस देश में लेकिन छह-सात देश भी उनपर एक साथ हमला कर दें तो वो सबको लोहे के चने चबवा देते हैं।' जिस हिम्मत से वो आतंकवाद का सामना कर रहे हैं पूरी दुनिया के लिए मिसाल बन गए हैं। ऐसा क्या है उस देश में - विपक्ष.... वो तो वहां भी है लेकिन वो युद्ध के बीच में खडे़ होकर यह नहीं कह रहा है कि कहां तुमने स्ट्राइक की, हमने तो नहीं देखा।

वो ऐसी गंदगी नहीं फैलाते हैं। उस देश पर कोई भी आपदा आए चाहे किसी ने हमला किया हो या महामारी.... वो लोग डंटकर सामना करते हैं। साइड में खड़े होकर तमाशा नहीं देखते हैं। अब जैसे हमने कोरोना काल में ही देखा की एक वृद्ध महिला की तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें उसे ऑक्सीजन के लिए सड़क पर बैठना पड़ रहा है। यह ग्लोबल लेवल पर वायरल हो रही है जबकि यह इस दौरान की है भी नहीं।'

इसी बात का हवाला देते हुए कंगना कहती हैं, 'आजकल जो तस्वीरें वायरल हो रही हैं जिनमें गंगा किनारे लाशें तैर रही हैं वो भारत की है ही नहीं बल्कि नाइजीरिया की हैं। यहां के लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं, अपनी ही पीठ में छुरा घोंप रहे हैं। ये जो लोग ऐसी हिंसा फैलाते हैं ये किसी धर्म विशेष के नहीं बल्कि हर जगह पाए जाते हैं। इसी बात को आगे बढ़ाते हुए कंगना कहती हैं, 'मेरी भारत सरकार से गुजारिश है कि इस्रायल की तरह यहां भी हर युवा के लिए आर्मी में सेवा देना अनिवार्य कर दें। हम भी करना चाहते हैं, हम भी करेंगे। जिस भी धर्म की किताब में लिखा है कि उसी धर्म के लोग आपके अपने हैं केवल वही इंसान हैं बाकी सब मायने ही नहीं रखते, उसको हटा दीजिए उन किताबों में से। अंत में कंगना कहती हैं कि चाहे आप किसी भी धर्म के हैं चाहे जैन, इस्लाम, सिख, आपके लिए सर्वोपरि धर्म होना चाहिए भारतीयता का। हमारा-आपका जो संबंध है देश के नागरिक होने का वह सर्वोपरि होना चाहिए, इंसानियत का नाता सर्वोपरि होना चाहिए। हम भारतीय एक-दूसरे के लिए मायने रखते हैं, जब हम आगे बढ़ेंगे तब देश आगे बढ़ेगा। जय हिंद।'

वहीं इस वीडियो के बाद कंगना को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। कुछ यूजर्स ने उन्हें खरी-खोटी सुनाई तो कुछ उनके सर्मथन में भी दिखें। एक यूजर ने लिखा, 'बहन तू बोलकर निकल जाती है इधर तेरे भक्तों को ट्रोल किया जाता है।' एक अन्य यूजर ने उनपर तंज कसते हुए लिखा, कंगना जी हम सब आपको भारत के सर्वोच्च पद पर देखना चाहते हैं आपका ज्ञान तो वाकई काफी प्रेरणा देने वाला है। वहीं कुछ यूजर्स ने उन्हें अक्षय तृतीया परशुराम जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।


'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' की कलाकार बबिता के खिलाफ FIR दर्ज, जानें पूरा मामला

टीवी शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' की बबीता जी यानी मुनमुन दत्ता के खिलाफ हरियाणा के हांसी में एफआईआर दर्ज हुई है। ये एफआईआर हाल ही में मुनमुन द्वारा एक वीडियो में जाति विशेष के बारे में टिप्पणी करने के चलते दर्ज हुई है। नेशनल अलायंस फॉर दलित हुमन राइट्स के संयोजक रजत कलसन ने कहा, 'अभिनेत्री के लाखों फॉलोअर्स हैं और उन्होंने ये बात सिर्फ हमें नीचा दिखाने के लिए कही है।' बता दें कि जिन धाराओं में मुनमुन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, वह सभी धाराएं गैर जमानती हैं और इन धाराओं में अग्रिम जमानत का प्रावधान भी नहीं है। क्या है पूरा मामला दरअसल कुछ वक्त पहले मुनमुन ने एक वीडियो में जाति विशेष के बारे में टिप्पणी की थी। जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनका वो वीडियो वायरल हो गया और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने अभिनेत्री के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया और उनकी गिरफ्तारी की मांग की। मामले के तूल पकड़े ही मुनमुन ने सोशल मीडिया पर माफी मांगी थी। मुनमुन ने एक नोट में लिखा था, 'यह एक वीडियो के संदर्भ में है जिसे मैंने कल पोस्ट किया था। जहां मेरे द्वारा इस्तेमाल किए गए एक शब्द का गलत अर्थ लगाया गया है। यह अपमान, धमकी, या किसी की भावनाओं को चोट पहुंचाने के इरादे से कभी नहीं कहा गया था। भाषा की सीमित जानकारी के कारण, मुझे उस शब्द के अर्थ के बारे में गलत जानकारी थी।' अपने पोस्ट में मुनमुन ने आगे लिखा था, 'एक बार जब मुझे इसके अर्थ से अवगत कराया गया तो मैंने तुरंत उस भाग को निकाल दिया। मेरा हर जाति, पंथ या लिंग से हर एक व्यक्ति के लिए अत्यंत सम्मान है और हमारे समाज या राष्ट्र में उनके अपार योगदान को मैं स्वीकार करती हूं। मैं ईमानदारी से हर एक व्यक्ति से माफी मांगना चाहती हूं जो शब्द के उपयोग से अनजाने में आहत हुए हैं और मुझे उस के लिए खेद है।'

*जीवन साथी की तलाश, लेखक हलेश्वर जोशी*

जीवनसाथी की तलाश - श्री हुलेश्वर जोशी

यदि आप स्वयं के लिए अथवा अपने संतान के लिए जीवनसाथी की तलाश कर रहे हैं तो यह लेख आपका मार्गदर्शन कर सकता है।

सबसे पहले आपको यह जान लेना आवश्यक है कि "हर लड़की - लड़का योग्य है, योग्यता किसी में कम या अधिक नहीं। बस किसी भी लड़के या लड़की के लिए उसके टाइप का, उसके समानांतर जीवनसाथी चाहिए होता है।" यह बात आपको पचने वाला नहीं है मगर यही सत्य है, मगर जो आपको देखने समझने में कुछ कम ज्यादा लग रहा है वह केवल अवसर की असमानता के कारण है।

हो सकता है आप बैचलर हों, मास्टर हों, एडवोकेट हों, सीए हों, इंजीनियर हों, डॉक्टरेट किये हों और सामने जिसे देख रहे हैं वह साक्षर भी न हों, तो इसका मतलब यह नहीं कि सामने वाले योग्य नहीं है। बस अवसर की असमानता जिसमें आपको अच्छा अवसर मिला और उन्हें अच्छे अवसर या माहौल ही नहीं मिल पाया हो। हो सकता है आप आईएएस हों, आईपीएस हों, मजिस्ट्रेट हों, वैज्ञानिक हों, प्रोफेसर हों, बड़े व्यवसायी हों या आप किसी विशालकाय सीमा में राजनीति के प्रमुख शक्तिकेन्द्र हों, तो इसका एक मात्र कारण "अवसर" हो सकता है।

आपसे अनुरोध है कि आप अपने हिसाब से सामान अवसर मिलने वाले से ही नही बल्कि सदैव कम अवसर मिलने वाले से विवाह करिए, सम्भव है ऐसे जीवनसाथी आपको ईश्वर से अधिक महान जान सकेंगे। जबकि समांतर जीवन साथी के नजर में आप योग्य दिखेंगे मगर इसकी कोई गारंटी नहीं है कि वे आपका अच्छा खासा सम्मान करेंगे।

अक्सर देखने मे आता है कि पुरूष वर्ग जब लड़की देखने जाते हैं तो सामने वाली लड़की की सुंदरता और शिक्षा को देखते हैं कुछ लोग जो स्वयं अच्छे पद में रहते हैं वे भी समांतर पद की लड़की ही खोजते हैं या अपने से अधिक शैक्षणिक योग्यता वाली लड़की देखते हैं ताकि वे उनसे रोज़गार करवा सकें, प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से बराबर या अपने स्वयं से अधिक उचे दर्जे का पदवी पा सके। अधिक हद तक ऐसे विचार सबके भीतर है, न्यायसंगत भी प्रतीत होता है मगर आप सार्वभौमिक रूप से सोचेंगे तो पाएंगे कि समाज मे असमानता का सबसे प्रमुख कारण यही सोच है। एक वर्ग अधिक शक्तिशाली हो रहा है, एक वर्ग अधिक धनवान हो रहा है एक वर्ग अधिक दिमाक वाला हो रहा है जिसके कारण शक्ति और धन आबादी की 70% से अधिक जनसंख्या के हिस्से कुछ नहीं है। यही असमानता किसी भी सीमाक्षेत्र में वर्गसंघर्ष को जन्म देती है। यह संघर्ष ही समानता और आत्मीयता का दुश्मन है इसके कारण ही अधिकतर लोग बराबर अवसर अर्थात बराबर शिक्षा, सम्मान, ओहदा, धन से परे रहकर जीवन जीने को मजबूर हैं। एक हिस्सा बड़े मजे से बहुसंख्यक समुदाय के हिस्से में मजा ले रहा है तो बहुसंख्यक समुदाय अपने मूलभूत जरूरत से वंचित अस्थिरता पूर्ण जीवन जीने को मजबूर है।

मनकी, अब मुंगेली जिला का एक गाँव है यहाँ एक मंडल हुआ करते थे संभु मंडल, पुरा नाम था श्री संभुदास जांगड़े। आसपास के बुद्धजीवी लोगों में उनका ओहदा बड़ा था आसपास के लोग उनसे सलाह मशविरा करने आते थे और सामाजिक, गैर सामाजिक मामलों के बैठकों में उनके तर्क और पक्ष का तोड़ कम ही मिलता था। मेरा बचपन खासकर गर्मी का दिन उन्ही के सानिध्य में गुजरता था, उनके द्वारा लगाए गस्ती और पीपल का वृक्ष ही गाँव का सबसे बड़ा सभास्थल हुआ करता था। वे अपने जीवन की 50% से अधिक समय इसी गस्ती के छांव में व्यतीत किए, एक बार की बात है मेरे एक मित्र के बड़े भैया की विवाह के लिए लड़की खोजने की बात चल रही थी उस दौरान उन्होंने कहा था "यदि आप सुंदरता का मतलब गोरी चमड़ी को मानते हैं तो आपसे अधिक अमानवीय सोच वाला इंसान पूरे विश्व में कोई और नहीं होगा।" उन्होंने आगे कहा था हमारे समय मे तो गर्भ के भीतर ही वैवाहिक अथवा मैत्री संबंधों की नींव रख दी जाती थी और ऐसे संबंध अधिक सफल रहे। आज हम लोकतंत्र के नागरिक हैं हमारे लाखों अधिकार हैं एक अच्छा खासा सिस्टम हमारे लिए हमारे अच्छे जीवन के लिए काम कर रहा है। अब लड़के और लड़की के लिए निर्धारित आयुसीमा तय है मतलब दोनो ही परिवार चलाने में सक्षम हैं ऐसे में तो विवाह को और भी अधिक सफल होना चाहिए मगर नहीं! पता है इसका कारण? इसका कारण है तीव्र इच्छाशक्ति, ऐला चाकंव कि ओला चाकंव वाले मन। अकेले आप मन, दिल या दिमाक से काम लेंगे या इनके योग से भी निर्णय लेंगे तो वह अमानवीय अथवा असफलता का कारक ही होगा इसलिये मनुष्य को अपनी आत्मा की सुनना चाहिए अंतरात्मा की बात सुनिए, अंतरात्मा से लिए गए निर्णय भी कतिपय मामलों में गलत हो सकते हैं यदि गलत है और सुधारने योग्य तो सुधारिए। मैंने इतिहास से लेकर अपने जीवन के शुरुआती दिनों तक राजपाठ के लिए हिंसा होते देखा, आज छोटी मोटी बातों के लिए लोग खून के प्यासे हो चले हैं। हिंसा और हत्या किसी भी शर्त में अच्छा या मानवीय नहीं हो सकता, चाहे इंसान की हो या अमुक पशु पक्षियों की। मैंने लगभग सभी धर्मों का धार्मिक पुस्तक पढ़ा है, रामायण के उस प्रसंग की बात बताना चाहता हूं जिसमें राजा राम और काल की वार्तालाप के समय शर्त उल्लंघन होने पर शर्त के अनुसार लक्ष्मण की हत्या करना था। विकल्प निकाला गया "मारने से अच्छा त्यागना" यदि किसी कारण से वैवाहिक जीवन सुखमय न रहा तो उसे सुखमय और सफल बनाया जा सकता है। इसके बावजूद लोग एकाकी परिवार की ओर बढ़ने के कारण इस विकल्प से वंचित होते जा रहे हैं यही वजह है पति पत्नी में आपसी विवाद और हिंसा, ये हिंसा और प्रताड़ना घोर अमानवीय और अव्यवहारिक है। यदि आप अपने जीवन सुखमय नहीं बना सकते हैं तो आपको विवाह विच्छेद का रास्ता अपनाना चाहिए यदि आप हिंसा या आत्महत्या कर रहे हैं तो आपसे बड़ा दुष्ट कंश भी नहीं रहा होगा। आप रामायण से सीखिए "मारने अथवा मरने से अच्छा त्यागना"

एक दिन की बात है दोपहर में मैं अपने अनन्य मित्र बीरेंद्र, श्री बीरेंद्र कुमार कुर्रे के साथ गस्ती के पास गए, खेल रहे थे और भी कुछ लोग थे मगर संभु मंडल वहां नही थे। कोई कुछ उल्टा सीधा बोल रहा था मगर उसके घर जाकर देखने की हिम्मत किसी में नही था। लोगों का कहना था उसे पिछले दिन 2-3 बार खार बाहिर जाते देखे हैं कहीं मंडल टपक तो नही गया? वे लगभग 115 साल के रहे होंगे, इसलिये उनके मृत्यु के बारे में सोचना सहज था। संभु मंडल नहीं मरेंगे यह मेरा विश्वास था, क्योंकि वे अमर हैं। मेरा पूरा परिवार उन्हें अमर जानते हैं, वह किसी धर्मगुरु अथवा महात्मा से कम नहीं थे, फर्जी और ढोंगी नहीं बल्कि सच्चे वाले महात्मा, सचमुच का धर्मगुरु। संभु मंडल का विश्वास था जब तक उनका रुपया लोगों के पास है लोग उनके कर्जदार रहेंगे तब तक वे जिंदा रहेंगे। इसलिए वे लोगों से उनके खेत, घर, सायकल, गाय- भैस या अन्य स्वर्ण आभूषण या बर्तन को गहना लिखवाकर रुपये दे दिया करते थे। ख्याल रखिए वे इन धरोहर की चीजों को अपने पास नही रखते बल्कि मूल मालिक के पास ही छोड़ देते थे। ब्याज नहीं बल्कि पिलारि लेते थे, पिलारि मतलब महीने के ब्याज को हर महीने मांग लेता जब तक वे जिंदा हैं तभी तक आप उनके कर्जदार हैं यदि उनकी मृत्यु हो गई तो कर्ज माफ, उनके वारिस को कर्ज वशूलने या मांगने का कोई अधिकार नही होगा। आप किसी महीने पिलारि नहीं दे पाते तब भी कोई बात नहीं, अगले महीने दे दीजिए अगले महीने भी नही देंगे तो कोई बात नहीं अपने दुःख या कारण बता दीजिए। जब वे पिलारि लेने आएं तो आदर से आसन दे दीजिए, चाय पानी या भोजन के लिए पूछ लीजिए फिर वे हलि भली पूछकर चले जायेंगे, पिलारि भी नहीं मांगेंगे, यदि आपका प्रेम और सम्मान सच्चा नही है तो वे न तो आपके घर पानी पियेंगे न बैठेंगे, बल्कि तगादा करके चले जायेंगे आप अगली संभावित तिथि बता दीजिए या इस महीने के पिलारि के लिए माफी मांग लीजिये। आप उनके सामने बेईमान हूँ कहकर भी उनके कर्ज के बोझ से मुक्त हो सकते हैं। मनकी के 40% से अधिक गरीब परिवार उधारी लेते थे, उधारी देने की शुरुआत उन्होंने अपने 50 या 70 वर्ष के उम्र होने के साथ ही कर दिया था।

मैं और बीरेंद्र संभु मंडल के घर गए, वे दरवाजा बंद किये हुए थे, बीरेंद्र ने दरवाजा खटखटाया उन्होंने आवाज दी, कौन झमलु? मैंने आवाज दी हव बबा। खोल रहा हूँ बेटा... उन्होंने दरवाजा खोलकर बोला खाना खाए हो कि नहीं? हमने कहा खा लिए हैं। पुनः कहा बासी बचे हे, तय खा ले बीरेंद्र। बीरेंद्र ने बताया कि वह जब अभी कुछ समय पहले खा रहा था तभी मैं उनके घर आया था। बीरेंद्र अधिक सीधा सच्चा आदमी था, बबा आपको तो अनपढ़ हैं बोलते हैं फिर ये इतने सारे पुस्तक आपके पास? आप अंग्रेजी के किताब को खोलकर क्या कर रहे हैं? वे हँसने लगे, और बोले बेटा बीरेंद्र, ये सारे पुस्तक अलग अलग धर्मों के धार्मिक पुस्तक हैं जिसके माध्यम से कुछ कुछ समझने और जानने में सहायता मिलती है। उनके पास हिन्दू, मुश्लिम, ईसाई और फारसी के धार्मिक पुस्तक थे। बीरेंद्र ने पूछा सबसे उच्च जाति के कौन है? जवाब आया - कोई नहीं, ये जाति धर्म का विभाजन केवल फुट डालो और राजकरो का सिद्धांत है। तब उन्होंने जाति धर्म के सिद्धांत का विरोध करते हुए कहा था बेटा यदि आप इसके विभाजनकारी सिद्धांतों के झांसे में आओगे तो मनुष्य नहीं बन पाओगे। सभी मनुष्य को गुरु घासीदास बाबा के बताए बात "मनखे मनखे एक समान" को जानने और उसके अनुसार जीवन जीने की जरूरत है। आप सतनामी हैं या सतनामी नहीं हैं फिर भी आपको गुरु घासीदास बाबा के बताए अनुसार जीवन के विकल्प का चुनाव करना चाहिए। यदि आप गुरु घासीदास बाबा के रास्ते नहीं चलेंगे तो आप भी केवल सतनामी होकर रह जाओगे, मनुष्य नहीं बन पाओगे। मनुष्य को किसी जाति या धर्म का होने की नही बल्कि मनुष्य होने की जरूरत है, मेरा मानना है कोई भी सामाजिक धार्मिक सिद्धांत अपने आप में पूर्ण और श्रेष्ठ नही हो सकता। मानवता को जानने के लिए, धर्म को समझने के लिए केवल आप "मनखे मनखे एक समान" और "सत्य ही मानव का आभूषण है" यह जानकर जीवन जिएं, यदि आप इससे अपरिचित हैं आप मेरे बातों से सहमत नही हैं तो आपको चाहिए कि आप मेरी तरह सभी धर्म के पुस्तकें पढ़कर समझें फिर जान पाएंगे कि कौन से धर्म के कौन से बात सही है और कौन से बात झूठ हैं। अपना दीपक खुद जलाओ अपने अंदर के अंधेरे को मिटाओ। मैं जब से अपना होश संभाला हूँ तब से धार्मिक विभाजन के खिलाफ हूँ परंतु जातिगत व्यवस्था के पक्षधर रहा हूँ अब भारत के आजाद होने के साथ ही जातिव्यवस्था को समाप्त करने योग्य जान चुका हूं।

प्रिय पाठक, अब तक आप संभुमण्डल की जाति धर्म के संबंध में विचार को समझ चुके होंगे, सम्भव है आप इस लेख को पढ़ने के पहले ही जाति और धर्म के सिद्धान्तों को समझ चुके होंगे। यदि नहीं तो अब समझने का प्रयास करिए, जाति और धर्म के विभाजनकारी सिद्धांत को तोड़ने का सबसे अच्छा तरीका है सभी जाति धर्म के बीच रोटी बेटी का सहज संबंध स्थापित करना। अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहित करिए अपने संतान के लिए जाति धर्म के भेद मिटाकर लड़का या लड़की खोजिए। सम्भव है कुंठा से ग्रसित कुछ लोग आपसे दुर्व्यवहार भी कर दें मगर आप अपना काम करिए, मानवता के अनुकूल जीवनसाथी की खोज करिए। जिस दिन हम समाज को जाति धर्म के बंधन से मुक्त कर लेंगे, जिस दिन हम असमान को समाप्त कर पाएंगे उसी दिन यह धरती उस काल्पनिक स्वर्ग का वास्तविक आकार ले लेगा।

वैवाहिक जीवन की अग्रिम शुभकामनाएं.


*कोरोना वायरस और मंगरोहन वाले मूडही के फूल,लेख श्रीमान एच पी जोशी*

(एच.पी.जोशी)लेखक;-सावधान और सुरक्षित रहिए क्योंकि कोरोना वायरस इस तस्वीर में दिख रहे फूल जैसे नग्न आंखों से दिखाई नही देता। दीगर राज्य और विदेशों से आने वाले अथवा कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले कोई भी व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं, संक्रमित व्यक्ति के हथेली देखकर आप नही जान पाएंगे कि वह संक्रमित है या नहीं। मेरे हथेली में जो कोरोना वायरस जैसे दिख रहा है वह मुडही का फूल है, मुडही को नग्न आंखों से देखा जा सकता है मगर वास्तव में कोरोना वायरस अत्यंत तुच्छ आकार के होने के कारण विशेष वैज्ञानिक तकनीक अर्थात स्पेशल कोरोना टेस्टिंग किट से ही पता चल पाता है और दिख सकता है। इस मुडही को कोई अंधा व्यक्ति भी छूकर जान सकता है कि यह कोई फूल है सायद उन्हें लगे कि यह कोई फल है, मगर आप चाहे कितने ही अच्छे या दिव्य दृष्टि रखते हों आपको कोरोना के वायरस दिखाई नही देंगे, कोरोना वायरस की भविष्यवाणी कोई ज्योतिष भी नहीं कर सकता।

आपसे अनुरोध है एक ही घर परिवार में निवासरत अपने पारिवारिक सदस्यों के अलावा शेष सभी व्यक्तियों से फिजिकल डिस्टेनसिंग रखें। जब दूसरे किसी स्थान पर या किसी अन्य व्यक्ति से मिलने जाना पड़े या किसी अन्य व्यक्ति से वार्तालाप करना पड़े तो वार्तालाप और घर से बाहर रहने के दौरान नाक और मुह को अच्छे से ढ़कने योग्य मास्क जरूर लगाएं। घर में रहें तब भी समय समय पर साबुन से हाथ धोते रहें जब साबुन से हाथ धोएं तो कम से कम 20 सेकंड तक हाथ को धोते रहें। घर या कार्यालय से बाहर जब साबुन से हाथ धोने का व्यवस्था न मिले तब अल्कोहल बेस्ड सेनेटाइजर से हाथ साफ करते रहें। लिफ्ट के बटन, गेट, संदेहास्पद वस्तुओं अथवा सामग्री इत्यादि को छूने के पहले या बाद में साबुन से हाथ धोएं या सेनेटाइजर लगाएं; घर से बाहर निकलें तो बेहतर होगा सेनेटाइजर की एक छोटी बॉटल लेकर चलें।

यह उसी मुडही का फूल है जिसके तना और हरे डालियों का उपयोग छत्तीसगढी परंपरा में विवाह के दौरान मंगरोहन (लकड़ी का पुतला पुतली) बनाने और मड़वा छाने में किया जाता है। मंगरोहन मंडप के बीच में गड़ाया जाता है। मंगरोहन के सामने ही मिट्टी के 02 करसा में पानी भरकर उसके बाहरी आवरण में गोबर से चित्र बनाकर हल्दी और कुमकुम इत्यादि से रंगे हुए चाँवल से सजाया जाता है इस करसा के ढक्कन में ही तेल के जोत जलाया जाता है। जिसके चारों ओर दूल्हा दुल्हन भांवर घूमते हैं तब विवाह संपन्न होता है। सम्भव है आप इसे अर्थात मुडही को दूसरे किसी नाम से जानते हों। 


*गवइया ददा अउ शहरिया बेटा के सवाद(गोठ-बात):हुलेश्व जोशी*

गवंइहा ददा अउ शहरिया बेटा के संवाद (गोठ-बात) - श्री हुलेश्वर जोशी

गवंईहा ददा ले अबड डिमाण्ड करथे
शहरिया टूरा ह हर बात म रिसाथे
ददा घलो गुसियाके अपन बचपन के बात बताथे

मेनीपोको पेंट पहिनथस फेर
आनि-बानि के गोठियाथस
झूठ चलाकी हमर पुरखा नई जानिस,
टूरा बढ़-चढ़ के तंय गुठियाथस

सट्टा जुआ कभु खेलेन नही
बेटा, जबर शर्त तंय लगाथस
बिगरे के रसदा म झइन चल बेटा
इहि बात म मोला तंय रोवाथस

गोल्फ हाकी कभु खेलेंव नहीं
गिल्ली डंडा खेलईया तो आंव
कुकुर बिलई कभु चराएंव नहीं
मैं भैसी पडरू के चरईया तो आंव

सांप सीढ़ी अउ लूडो खेलेंव नहीं
थप्पा-भटकउला खेलईया तो आंव
अमली बीजा के तिरी पासा
अउ कौड़ी खेलइया तो आंव

उद्यान-ओपन जीम काबर जाबो
बर-पिपर तरी खेलाईया तो आंव
अगास झूला कभू झुलेंव नही त का भईगे
रेहचुल-ढेलुआ झुलैया तो आंव

स्विमिंग पूल के नईहे जरूरत
नरवा नदिया म तंउडईया तो आव
बोटिंग नई करेंव त का भईगे
भैंसा ऊपर चढ के मजा लुटईया तो आंव

पागा गिराऊ बिल्डिंग देखेंव नहीं
खदर म रहैया तो आव
फटफटी चलाएंव नहीं त का भईगे
पड़वा ऊपर चढ़ैया तो आव

पनीर कोफ्ता कभू चिखेंव नहीं
नुन बासी के खवईया तो आंव
अम्मटहा रमकेलिया अऊ जिमी कानदा
आलू भाटा के चीखना खवईया तो आंव

मेगी पिज्जा कभु खाएंव नहीं
चिला रोटी खवईया तो आव
सीसी रोड म रेंगेव नहीं, त का भईगे
धरसा रसदा के रेंगैया तो आव

मार्निंग वाक कभु जावन नही
मुही पार देखईया तो आंव
जीम-सीम कभु नई गेन त का भईगे
पसीना गिराके कमईया-खवईया तो आन

मोरो गोठ ल मान ले बेटा
होसियारी अभी झइन मार
हेलीकाप्टर घलो बिसाबो एक दिन
अभी नई लेवन पुराना कार

सरकारी स्कूल म पढे बर जाबो
अउ देश के मान बढ़ाबो
गुगल-फेसबुक के नौकर नई बनन
ऐकर ले बडे कम्पनी बनाबो

नोट- इस कविता के रचनाकार श्री हुलेश्वर जोशी पुलिस विभाग में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं। श्री जोशी शिक्षा शास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त हैं जो वर्तमान में इग्नु से मानव अधिकार में कोर्स कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि यह चित्र किसी भी प्रकार से बालकों के उपर अपराध और अत्याचार का समर्थन नही करता है मनोरंजनात्मक दृष्टिकोण से पिता-पूत्र का नाठकीय सेल्फी है। 

Mornews रिपोर्टर,


आर्मी यूनिफॉर्म में दिखेंगे सलमान खान, BSF जवान की बायोपिक में करेंगे काम!

 सलमान खान की मल्टीस्टारर मूवी भारत के बाद दबंग 3, इंशाअल्लाह पाइपलाइन में हैं. सूत्रों का कहना है कि सलमान खान एक और मजेदार प्रोजेक्ट लेकर आने वाले हैं. वे BSF जवान की बायोपिक में काम कर सकते हैं.

सलमान खान का फिल्मी ग्राफ बेस्ट फेज में है. उनके फिल्म सलेक्शन में बीते सालों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. एक्शन, कॉमेडी के अलावा वे गंभीर किरदारों में भी दर्शकों की पसंद बने हुए हैं. सलमान की मल्टीस्टारर मूवी भारत के बाद दबंग 3, इंशाअल्लाह पाइपलाइन में हैं. अब सूत्रों का कहना है कि सलमान खान एक और मजेदार प्रोजेक्ट लेकर आने वाले हैं. वे BSF जवान की बायोपिक में काम कर सकते हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सलमान खान भारत के इर्द गिर्द घूमने वाली कहानियों से खासा इंप्रेस हैं. हाल ही में एक बड़े बैनर ने एक्टर को एक बायोपिक फिल्म के लिए अप्रोच किया है. इस फिल्म की कहानी एक बीएसएफ जवान की जिंदगी पर आधारित होगी. कहानी कश्मीर में सेट होगी. सूत्रों के अनुसार, ये एक भारतीय सैनिक के साहस और प्रेरणा की कहानी है. जिसने 12-14 साल पहले खुद के दम पर मुजाहिद्दीन के आतंकियों का पूरा कैंप तबाह किया था.  


प्रियंका चोपड़ा के खिलाफ बयानबाजी से भड़कीं सिंगर सोना मोहपात्रा, दबंग खान की लगाई क्लास

 सलमान खान से हर इंटरव्यू में प्रियंका चोपड़ा के भारत से वॉकआउट करने पर सवाल किया जा रहा है. सलमान भी प्रियंका के मूवी छोड़ने पर बेबाकी से बयान दे रहे हैं. प्रियंका के खिलाफ लगातार सलमान द्वारा की जा रही बयानबाजी से सिंगर सोना मोहपात्रा भड़क गई हैं.

 


नच बलिए-9 में Ex गर्लफ्रेंड संग दिख सकते हैं दिव्यांका त्रिपाठी के को-स्टार!

 टीवी एक्टर एली गोनी को डांस रियलिटी शो नच बलिए 9 के लिए अप्रोच किया गया है. एली के साथ उनकी एक्स गर्लफ्रेंड नताशा स्टेनकोविक को भी मेकर्स ने साथ में पार्टिसिपेट करने का ऑफर दिया है.

 


इस एक्टर ने शेयर की क्रिकेटर के निधन की फर्जी खबर, लोगों ने बताया- जिंदा हैं भाई

 सोशल मीडिया पर श्रीलंका के पूर्व कप्तान और वनडे क्रिकेट के विस्फोटक बल्लेबाज सनथ जयसूर्या के निधन की फर्जी खबरें वायरल हैं. इसी बीच बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी ने भी अपने हैंडल पर क्रिकेटर के निधन की एक ऐसी ही खबर शेयर कर दी.

सोशल मीडिया पर श्रीलंका के पूर्व कप्तान और वनडे क्रिकेट के विस्फोटक बल्लेबाज सनथ जयसूर्या के निधन की फर्जी खबरें वायरल हैं. इसी बीच बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी ने भी अपने हैंडल पर क्रिकेटर के निधन की एक ऐसी ही खबर शेयर कर दी. एक न्यूज की लिंक साझा करते हुए वारसी ने सनथ जयसूर्या को श्रद्धांजलि भी दे दी. 

अरशद ने लिखा, "ये बहुत शॉकिंग और दुखद खबर है. हैरत की बात यह है कि अरशद के तमाम प्रशंसक भी इस झूठी खबर पर पूर्व क्रिकेटर को श्रद्धांजलि देते नजर आए. जबकि कई लोगों ने एक्टर को बताया कि क्रिकेटर अभी जिन्दा है. जयसूर्या को श्रद्धांजलि देने की वजह से अरशद को ट्रोल भी किया जा रहा है.