1. Home
  2. बिजनेस

बिजनेस

आज से 5 दिन तक नहीं कर पाएंगे बैंक से जुड़े कई काम, बैंक जाने से पहले पढ़ लें ये खबर

अगर बैंक का कोई जरूरी काम है, जैसे कोई चेक क्लियर करवाना है या किसी को पैसे ट्रांसफर करने हैं या सैलरी और पेंशन से जुड़ा कोई काम है, तो अब आप उसे अगले हफ्ते ही पूरा कर सकेंगे, क्योंकि अगले पांच दिन तक बैंक बैंद रहने वाले हैं. आपको बता दें कि RBI की ओर से जो छुट्टियों को लिस्ट दी गई है, उसके मुताबिक अगस्त में आधा महीना बैंक बंद रहेंगे.



अगस्त में पड़ रहीं 15 छुट्टियां
अगस्त में पड़ रही 15 छुट्टियों में से 6 छुट्टियां तो बीत चुकी हैं, बाकी 9 छुट्टियां बची हुई हैं. इसमें कुछ क्षेत्रीय छुट्टियां हैं और कुछ रेगुलर है. क्षेत्रीय छुट्टियों के दिन सिर्फ कुछ राज्यों में ही बैंक्स बंद रहेंगे, जबकि बाकी जगह खुले रहेंगे. इसके पहले 13 अगस्त से 16 अगस्त तक लगातार चार दिन तक बैंक बंद रहे थे. इसलिए अगर आप भी कोई काम करना चाहते हैं तो आज ही ये छुट्टियों की लिस्ट चेक कर लें.



आज से 5 दिन बैंक रहेंगे बंद
आज 20 अगस्त से लेकर 23 अगस्त तक यानी पूरे 5 दिनों तक बैंकों में ताला पड़ा रहेगा. आज मुहर्रम की वजह से बैंकों में कामकाज नहीं होगा. आज के दिन अगरतला, बेलापुर, जम्मू, कोलकाता, मुंबई, नागपुर, पटना, रायपुर, और श्रीनगर बैंक बंद रहेंगे. इसके बाद ओणम की वजह से 20 अगस्त को नई दिल्ली, लखनऊ, अहमदाबाद, कानपुर, भोपाल, हैदराबाद, जयपुर, रांची, बेंगलूरु, चेन्नई, कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में बैंक बंद. 21 अगस्त को थिरुवोणम और 23 अगस्‍त को श्री नारायणा गुरु जयंती के मौके पर कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में बैंकों में अवकाश होगा.

19 अगस्त- मुहर्रम (अशूरा)- अगरतला, बेलापुर, जम्मू, कोलकाता, मुंबई, नागपुर, पटना, रायपुर, और श्रीनगर में बैंक बंद
20 अगस्त- मुहर्रम/फर्स्ट ओणम- नई दिल्ली, लखनऊ, अहमदाबाद, कानपुर, भोपाल, हैदराबाद, जयपुर, रांची, बेंगलूरु, चेन्नई, कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में बैंक बंद
21 अगस्त- थिरुवोणम- कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में बैंक बंद
22 अगस्त- रविवार
23 अगस्त- श्री नारायणा गुरु जयंती- कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में बैंक बंद 


RBI ने इंटरचेंज फीस को बढ़ाया, 1 अगस्त से ATM से पैसे निकालना हो जाएगा महंगा

भारतीय रिजर्व बैंक ने एटीएम ट्रांजैक्शन पर लिए जाने वाले इंटरचेंज फीस को बढ़ा दिया है। अब जनता लेनदेन पर इंटरचेंज फीस 17 रुपए देनी होगी। इससे पहले यह 15 रुपए थी। वहीं नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की फीस 5 रुपए से बढ़ाकर 6 रुपए कर दी गई है। ये नए रेट्स 1 अगस्त 2021 से लागू हो जाएंगे। बता दें इंटरचेंज फी ऐसा शुल्क होता है। जो बैंक क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से भुगतान करने के लिए मर्चेंट्स से वसूलता है। 


जरूरी जानकारी-- FD एकाउंट के Interest में भी लगता है टैक्स।

आजकल हर कोई बैंक में अपना अकाउंट खुलवा रहा है. बैंक बचत खातों के साथ कई तरह की सुविधाएं देता है और आपकी ओर से जमा करवाए गए पैसे पर ब्याज भी देता है. वहीं, बैंक अकाउंट के साथ एफडी भी काफी चर्चा में है. जो लोग जोखिम के बिना निवेश करना चाहते हैं, वो लोग एफडी का ही सहारा लेते हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं आपको इन पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स देना पड़ता है.ऐसे में जानते हैं कि क्या आपको सेविंग अकाउंट या एफडी अकाउंट से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स देना होता है?

सेविंग अकाउंट के ब्याज पर लगता है टैक्स?
जब आप किसी भी बैंक में सेविंग अकाउंट खुलवाते हैं तो आपको समय-समय पर ब्याज मिलता रहता है. लेकिन, सेविंग अकाउंट पर मिलने वाला ब्याज टैक्स स्लैब में नहीं आता है. यानी सेविंग अकाउंट से मिलने वाले ब्याज पर कोई भी टैक्स नहीं लगता है. यह टैक्स फ्री होता है.

एफडी अकाउंट के ब्याज पर लगता है टैक्स?
लेकिन, एफडी अकाउंट में ब्याज से होने वाली इनकम टैक्स के दायरे में आती है और इस इंट्रेस्ट पर आपको टैक्स देना पड़ता है. हालांकि, ऐसा नहीं है कि जिन-जिन लोगों ने एफडी करवा रखी है, उन लोगों को ये टैक्स देना होगा. इसके लिए भी कुछ नियम है और हर साल मिलने वालै इंट्रेस्ट के अमाउंट पर यह तय किया जाता है कि टैक्स लगेगा या नहीं.

कितने अमाउंट पर लगता है टैक्स?
आपको एफडी से हर साल 40 हजार से ज्यादा का ब्याज मिलता है तो यह इनकम टैक्स के दायरे में आती है. लेकिन, अगर एफडी सीनियर सिटीजन के नाम है तो उन्हें छूट मिलती है और इस स्थिति में 50 हजार रुपये तक के ब्याज पर कोई टैक्स नहीं देना होता है. ऐसे ही सीनियर सिटीजन को एफडी पर काफी फायदा मिलता है और इंट्रेस्ट रेट सामान्य से ज्यादा होती है. 


रियल एस्टेट इंडस्ट्रीज की है ये मांग, तब आएंगे आछे दिन।



Real Estate: कोरोना की पहली लहर के बावजूद रियल एस्टेट सेक्टर में रिकवरी देखने को मिली. दरअसल कोविड ने ही लोगों को अपना घर खरीदने से लेकर बड़े घर में शिफ्ट होने की जरूरत का अहसास कराया. इसपर होम लोन की ब्याज दरों पर रियायत, स्टैंप ड्यूटी में रियायत और सर्कल रेट में कटोती जैसे फैसलों से लोगों ने घर खरीदने का सही मौका देखा और आशियाने का सपना पूरा करने के लिए कदम बढ़ाए.

बिल्डर्स के संगठन CREDAI-पुणे मेट्रो के प्रेसिडेंट अनिल फरांडे का कहना है कि पिछले दो तिमाहियों से रेजिडेंशियल घरों की डिमांड बढ़ी है. ये डिमांड उम्मीद से भी ज्यादा है. कई लोग पहली बार घर ले रहे हैं तो वहीं कई लोग दूसरा या बड़ा घर ले रहे हैं क्योंकि वर्क फ्रॉम की जरूरत है.

उन्हें उम्मीद है कि दूसरी लहर के बावजूद हाउसिंग सेक्टर में डिमांड बढ़ेगी. उन्हें उम्मीद है कि साल 2021 की तीसरी तिमाही से ही रिकवरी देखने को मिल सकती है – जैसे जैसे वैक्सीन ड्राइव बढ़ेगी और मामलों में आई गिरावट आगे भी जारी रहे.

इस समय घर खरीदारों की नजर रेडी-टू-मूव घरों की ओर है.

बने बनाए घरों की डिमांड

एनारॉक की एक रिपोर्ट के मुताबिक NCR में अफोर्डेबल और मिड-सेगमेंट हाउसिग में, 30 फीसदी घर खरीदारों ने रेडी-टू-मूव घरों को चुना है जबकि 60 फीसदी लोगों ने ऐसी प्रॉपर्टी चुनी हैं जो 2 साल से कम में पूरे होने वाल हैं. बस 10 फीसदी ही ऐसे लोग रहे जिन्होंने कंस्ट्रक्शन में 2 साल से ज्यादा समय लगने वाले प्रोजेक्ट में खरीदारी की है. दरअसल, इन दोनों कैटेगरी में रेडी-टू-मूव घरों की संख्या सीमित होने की वजह से लंबे इंतजार वाले घर बुक कराने पड़े हैं.

CREDAI-NCR के प्रेसिडेंट पंकज बजाज का कहना है कि अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट की ओर शिफ्ट दिखने लगा है क्योंकि पहले की इन्वेंट्री बिक चुकी है. दिग्गज डेवलपर्स के पास तैयार प्रोजेक्ट्स नहीं है.



फरांडे के मुताबिक, डेवलपर्स अब सतर्क हो गए हैं और नए लॉन्च को आगे टाल रहे हैं. जिनके पास फाइनेंशियल क्षमता है वो कंस्ट्रक्शन साइट पर काम जारी रख रहे हैं. क्योंकि डिमांड रेडी-टू-मूव घरों की ज्यादा है, हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को पूरा करना बनता है.

वहीं इस दौर में कंस्ट्रक्शन की लागत बढ़ी है – सीमेंट, स्टील जैसी ग्लोबल कमोडिटी की कीमतों में 30 से 70 फीसदी तक की बढ़त आई है. कई बिल्डर्स के मुताबिक, श्रमिकों के पलायन का भी असर देखने को मिला है. ऐसे में सेक्टर को राहत के लिए क्या है इंडस्ट्री की मांग?

इंडस्ट्री की डिमांड

पंकज बजाज कहते हैं कि इंडस्ट्री चाहती है सरकार कंस्ट्रक्शन मेटिरियल पर दिए GST पर इनपुट क्रेडिट की सुविधा बहाल करे. इनपुट क्रेडिट ना देने से कंस्ट्रक्शन पर लागत बढ़ी है जिससे अंततः ग्राहकों पर ही बोझ बनता है.

रियल एस्टेट इंडस्ट्री संगठन NAREDCO के नेशनल प्रेसिडेंट निरंजन हीरानंदानी कहते हैं कि पहली लहर के दौरान अधिकारियों से मदद मिली थी जिनकी फिर से जरूरत है.

उनके मुताबिक रेगुलेटरी डेडलाइन, क्लियरेंस के लिए अधिक समय, ज्यादा से ज्यादा प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए क्रेडिट सपोर्ट और फंडिंग की मदद और अटके प्रोजेक्ट्स की रिकवरी में मदद की जाए ताकि वे NPA ना बन जाएं. वे IBC कानून में भी कुछ ढील की मांग करते हैं.

हीरानंदानी कहते हैं कि इस समय ऐसे राहत के कदम उठाने चाहिए जिससे कोविड-19 की दूसरी लहर से आए निगेटिव असर का मुकाबला किया जा सके. इससे ना सिर्फ इंडस्ट्री बचेगी बल्कि भारत की GDP में भी बढ़त दिखेगी.


फिर महंगा हुआ पेट्रोल, 5 दिन में 52 पैसे तक बढ़ी कीमत

 पेट्रोल के दाम में लगातार पांचवें दिन बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है.

लोकसभा चुनाव खत्‍म होने के बाद से ही पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है. सोमवार को लगातार पांचवें दिन पेट्रोल की कीमतों में 10 से 11 पैसे की बढ़ोतरी हुई है. राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 10 पैसे की बढ़ोतरी के बाद 71.77 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.

वहीं मुंबई में पेट्रोल की नई कीमत 77.38 रुपये प्रति लीटर है. इसी तरह कोलकाता में पेट्रोल 10 पैसे की बढ़ोतरी के बाद 73.83 रुपये प्रति लीटर पर है तो चेन्‍नई में 11 पैसे की बढ़ोतरी की वजह से 74.50 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. हालांकि डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है.

क्‍या है डीजल की रेट

तेल विपणन कंपनियों ने रविवार को डीजल के दाम में दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में सात पैसे जबकि चेन्नई में आठ पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया था. इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, चारों महानगरों में डीजल के दाम बढ़कर क्रमश: 66.64 रुपये, 68.40 रुपये, 69.83 रुपये और 70.45 रुपये प्रति लीटर हो गए थे. ये दाम सोमवार को बरकरार रहे.

आगे क्‍या है स्थिति

पेट्रोल और डीजल की महंगाई से जल्द कोई राहत मिलने की गुंजाइश नहीं दिख रही है. एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (इनर्जी व करेंसी रिसर्च) अनुज गुप्ता के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में तेजी के बावजूद लोकसभा चुनाव के दौरान तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम पर नियंत्रण बनाए रखा, जिसके बाद उनको अपने घाटे को पाटने के लिए कीमतें बढ़ाने के अलावा दूसरा कोई उपाय नहीं है.

उन्होंने कहा कि अभी एक रुपया लीटर भी दाम नहीं बढ़ा है, लिहाजा यह वृद्धि का सिलसिला आगे जारी रहेगा. बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज पर पिछले सप्ताह शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड का अगस्त डिलीवरी अनुबंध 1.37 फीसदी की तेजी के साथ 68.69 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जबकि विगत 15 दिनों के दौरान ब्रेंट क्रूड का भाव 70 डॉलर से ऊपर ही बना रहा.


शेयर बाजार की बढ़त के साथ शुरुआत, सेंसेक्‍स 39,530 के पार

सप्‍ताह के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार की बढ़त के साथ शुरुआत हुई. सेंसेक्‍स की शुरुआत 100 अंक की बढ़त के साथ हुई.

बीते सप्‍ताह रिकॉर्ड बढ़त के बाद शेयर बाजार की रौनक सोमवार को भी बरकरार रही. सप्‍ताह के पहले दिन शुरुआती कारोबार मे सेंसेक्‍स 100 अंक से ज्‍यादा बढ़त के साथ 39,530 के स्‍तर को पार कर गया. इसी तरह निफ्टी करीब 30 अंक तेजी के साथ 11,870 के स्‍तर पर था.

बता दें कि बीते शुक्रवार को सेंसेक्‍स 623 अंक बढ़त के साथ 39 हजार 435 के स्‍तर पर बंद हुआ तो वहीं निफ्टी 187 की तेजी के साथ 11,844 के स्‍तर पर रहा. सोमवार को टाटा स्‍टील, यस बैंक, एनटीपीसी, एसबीआई और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 1 फीसदी से अधिक बढ़त के साथ कारोबार करते देखे गए. वहीं लाल निशान पर रहने वाले शेयरों में इंडस्‍इंड बैंक और एयरटेल हैं.

इन चीजों पर होगी नजर

इस सप्ताह बाजार की चाल प्रमुख आर्थिक आंकड़ों और विदेशी संकेतों से प्रभावित हो सकती है. दरअसल, इस हफ्ते भारत के जीडीपी विकास दर समेत दुनिया के कई देशों में प्रमुख आर्थिक आंकड़े जारी होने वाले हैं. भारत की जीडीपी विकास दर तीसरी तिमाही में पिछले साल के सात फीसदी से घटकर 6.6 फीसदी पर आ गई थी. 

पिछले साल चौथी तिमाही में जीडीपी विकास दर 7.7 फीसदी रही. इस दौरान राजनीतिक गलियारे के घटनाक्रमों पर भी बाजार की निगाह टिकी रहेगी. मसलन, नई सरकार में मंत्रिमंडल का गठन और कोई नीतिगत मामलों को लेकर की जाने वाली घोषणाएं. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल का भी बाजार पर असर दिखेगा.

इन कंपनियों के आने हैं नतीजे

सोमवार यानी आज ऑयल इंडिया, गेल इंडिया कोलगेट-पामोलिव इंडिया जैसी कंपनियां पिछले साल की आखिरी तिमाही के अपने नतीजे जारी कर सकती हैं. वहीं मंगलवार को सनफार्मास्युटिकल और पंजाब नेशनल बैंक के नतीजे आने की संभावना है. अडानी इंटरप्राइजेज, अडानी पावर कैडिला हेल्थकेयर, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स, पावर फाइनेंस, कारपोरेशन पावरग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के चौथी तिमाही के नतीजे बुधवार को जारी हो सकते हैं.

वहीं, कोल इंडिया, एचसीएल इन्फोसिस्टम्स और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नतीजे गुरुवार को आने वाले हैं. इसके अलावा देश के इन्फ्रास्ट्रकर क्षेत्र के उत्पादन के अप्रैल महीने के आंकड़े भी शुक्रवार को ही आंएगे.  मार्च में इसमें 4.7 फीसदी की वृद्धि हुई थी.


स्पाइसजेट की नई उपलब्‍धि, बेड़े में शामिल हुआ 100वां विमान

 देश की चर्चित एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट ने एक खास उपलब्‍धि हासिल की है. कंपनी के बेड़े में 100वां विमान शामिल हुआ है.

घरेलू विमानन कंपनी स्पाइसजेट ने अपने बेड़े में एक बोइंग737 विमान शामिल करने की रविवार को घोषणा की. स्‍पाइसजेट के इस ऐलान के साथ ही अब कंपनी ने खास उपलब्‍धि हासिल कर ली. दरअसल, स्‍पाइसजेट के बेड़े में विमानों की संख्या 100 पर पहुंच गई है. स्पाइसजेट चौथी ऐसी भारतीय कंपनी है जिसके बेड़े में विमानों की संख्या 100 पर पहुंची है. इससे पहले एयरइंडिया, बंद पड़ी जेट एयरवेज और इंडिगो के बेड़े में 100 से अधिक विमान रहे.

स्‍पाइसजेट के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने बेड़े में 100वां विमान शामिल करने के बारे में कहा, ‘‘किसने सोचा होगा कि जो स्पाइसजेट दिसंबर 2014 में बंद होने के कगार पर थी, 2019 में उसके बेड़े में 100 विमान शामिल होंगे.’’ स्पाइसजेट की ओर से जारी बयान के मुताबिक कंपनी सिर्फ पिछले महीने में ही 23 विमान बेड़े में जोड़े हैं. स्‍पाइसजेट के पास वर्तमान में 68 बोइंग737 विमान, 30 बॉमबार्डियर क्यू-400 विमान और दो बी737 फ्राइटर विमान हैं. वह अभी औसतन 62 जगहों के लिये रोजाना 575 उड़ानों का परिचालन करती है.

बता दें कि मौजूदा समय में आठ घरेलू विमानन कंपनियों एयर इंडिया, इंडिगो, स्पाइसजेट, गोएयर, एयर इंडिया एक्सप्रेस, विस्तार, एयर एशिया और एलायंस के पास संयुक्त तौर पर 595 विमान हैं. वहीं जेट एयरवेज कर्ज में होने की वजह से अस्‍थायी तौर पर बंद हो चुकी है. जेट एयरवेज के बंद होने का सबसे ज्‍यादा फायदा इंडिगो और स्‍पाइजेट को होने का अनुमान है.

दरअसल,  जेट एयरवेज के अधिकतर स्‍लॉट अब इन दोनों कंपनियों को दे दी गई है. वहीं ग्राहक भी इन दोनों कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं.इसके अलावा सैलरी संकट से जूझ रहे जेट एयरवेज के पायलट समेत कई कर्मचारियों ने स्‍पाइसजेट या इंडिगो ज्‍वाइन कर लिया है.फिलहाल जेट एयरवेज नीलामी प्रक्रिया से गुजरने वाली है. हाल ही में ब्रिटेन के सबसे अमीर बंधु हिंदुजा ने जेट एयरवेज में निवेश की दिलचस्‍पी दिखाई है.


जेट एयरवेज पर आर्थिक संकट, चार सूटकेस लेकर पत्नी संग लंदन जा रहे थे नरेश गोयल

 रिपोर्ट के मुताबिक उड़ान दोपहर तीन बजकर 35 मिनट पर रवाना होनी थी. दोनों को उतारने के बाद विमान ने शाम पांच बजे के बाद उड़ान भरी.

मुंबई से दुंबई जाने वाली वाली एमिरेट्स की फ्लाइट EK 507 के पहिए मुंबई एयरपोर्ट पर हरकत में आ चुके थे. इस एयरलांइस को सिक्युरिटी क्लीयरेंस मिल चुका था. सारे पैसेंजर सेफ्टी बेल्ट लगा चुके थे, कुछ ही मिनटों में ये फ्लाइट हवा में होती. लेकिन एक सिग्नल मिला और ये फ्लाइट अबोर्ट कर दी गई. आखिर वजह क्या थी?

ये वजह थी इस फ्लाइट में सवार वो दो वीआईपी जो कभी देश की बड़ी निजी एयरलाइंस कंपनियों के मालिकान रह चुके थे. हम बात कर रहे हैं नरेश गोयल और अनिता गोयल की. नरेश गोयल जेट एयरवेज के पूर्व चेयरमैन है. अनिता गोयल उनकी पत्नी है और वह जेट एयरवेज के बोर्ड ऑफ डॉयरेक्टर में शामिल थीं.

एमिरेट्स की ये फ्लाइट रनवे की ओर हल्की रफ्तार में बढ़ रही थी, एक बेहद टॉप इनपुट के आधार पर इस फ्लाइट को वापस पार्किंग में बुला लिया गया. जैसे ही विमान पार्किंग में लौटा फ्लाइट में कुछ लोग चढ़े. उन्होंने विनम्रता से नरेश गोयल और अनीता गोयल से कहा कि उन्हें तुरंत विमान से उतरना पड़ेगा और उनके साथ चलना पड़ेगा.

नरेश गोयल को पत्नी समेत फ्लाइट से उतारने वाले ये लोग इमिग्रेशन डिपार्टमेंट के अधिकारी थी. उनके इस अनुरोध से नरेश और अनीता को चौके ही, विमान में सफर कर रहे दूसरे यात्री भी भौचक रह गए. विमान में कई ऐसे लोग थे जो इन्हें पहचानते नहीं थे. कुछ लोगों के दिमाग में सुरक्षा को लेकर चिंता हुई तो दूसरे पैसेंजरों ने कुछ और सोचा.

खैर, कुछ देर बाद नरेश गोयल और अनीता गोयल विमान से उतरे. एमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया. सूत्र बताते हैं कि नरेश गोयल और उनके परिवार वालों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था, ताकि वे देश न छोड़ सकें, लेकिन चार ब्रीफकेस को लेकर नरेश गोयल फ्लाइट पर चढ़ चुके थे.

रिपोर्ट के मुताबिक गोयल लंदन जा रहे थे, इसके लिए उन्होंने पहले दुंबई की फ्लाइट ली थी. जेट एयरवेज के मुताबिक सारे सूटकेस अनीता गोयल के नाम से थे. ये सूटकेस भी विमान से उतार लिए गए जिससे उड़ान में एक घंटे से अधिक की देरी हुई.

रिपोर्ट के मुताबिक उड़ान दोपहर तीन बजकर 35 मिनट पर रवाना होनी थी. दोनों को उतारने के बाद विमान ने शाम पांच बजे के बाद उड़ान भरी. सूत्रों के अनुसार, नरेश गोयल बंद हो चुकी कंपनी जेट एयरवेज के बारे में विमानन कंपनी एतिहाद और हिंदुजा समूह के कार्यकारियों के साथ बैठक करने के लिए जा रहे थे.

जेट एयरवेज का ऑपरेशन नकदी संकट के कारण 17 अप्रैल से बंद है. कंपनी ने कई महीने से अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया है. कंपनी पर करीब 11000 करोड़ का बकाया है. पिछले सप्ताह हिंदुजा समूह ने कहा था कि वह जेट एयरवेज में निवेश करने के अवसर का मूल्यांकन कर रही है. नरेश गोयल और उनकी पत्नी अनीता गोयल ने मार्च में जेट एयरवेज के निदेशक मंडल से इस्तीफा दे दिया था. नरेश गोयल ने 26 साल पहले जेट एयरवेज की स्थापना की थी.