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*महिलाओ को एक से अधिक पति रखने का अधिकार, ये देश ने लाया प्रस्ताव, कानून का विरोध शुरू*

 अभी तक हम ये ही सुनते आए हैं कि पुरुष एक से ज्यादा पत्नियां रख सकते हैं लेकिन अब दक्षिण अफ्रीका सरकार के एक प्रस्ताव के मुताबिक महिलाएं एक से ज्यादा पति रख पाएंगी | आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि इस देश में पुरूष पहले ही एक से ज्यादा शादियां कर पाते हैं | लेकिन अब ये सरकार महिलाओं को भी ऐसा ही करने का अधिकार देने जा रही है |

 
पर अब इस फैसले को लेकर विरोध भी शुरू हो गए हैं | कई व्यापारी औऱ जान मानी हस्तीयां इस फैसले के विरोध में आ गई हैं |लोकप्रिय हस्ती मूसा मसेलेकु इस प्रस्ताव के विरोध में हैं| उन्होंने कहा है कि इस प्रस्ताव के कानून बनने पर दक्षिण अफ्रीका की संस्कृति खत्म हो जाएगी |
 
मूसा का संबंध में कहना है कि स कानून के पास होने के उपरांत क्या महिलाएं पुरुषों के लिए लोबोला देंगी?  लोबोला को अफ्रीकी संस्कृति में दुल्हन की कीमत कहा जाता है जिसे मर्दों की ओर से दिया जाता है |
वहीं उन्होंने सवाल किया है कि ऐसे रिश्तों में बच्चों के हालात क्या होंगे |उन्होंने कहा कि पुरुष अगर एक से ज्यादा शादियां करता है तो ये एक प्रचलित प्रथा है लेकिन अगर महिला एक से ज्यादा शादियां करती हैं तो पुरुष इसे झेल नहीं पाएंगे क्योंकि वे बहुत ज्यादा ईर्ष्यालु होते हैं और समाज बिखर जाएगा |
 
आपको बता दें कि, मूसा की चार बीवियां हैं लेकिन उन्हें महिलाओं के लिए एक से ज्यादा शादी के कानून को लेकर परेशानी है| गौरतलब है कि इस प्रस्ताव को दक्षिण अफ्रीका के गृह विभाग ने दिया है और इसे ग्रीन पेपर में शामिल करने की डिमांड की गई है|
दक्षिण अफ्रीका के पड़ोसी देश जिम्बाब्वे में पहले से ही महिलाओं के एक से अधिक पति रखने का चलन है| प्रोफेसर कॉलिन्स इस पर रिसर्च भी कर चुके हैं| उन्होंने बीबीसी के साथ बातचीत में बताया कि इस तरह की शादियां आमतौर पर महिलाएं ही पहल करती हैं |


*मोहम्मद अली जिन्ना की मूर्ति को बम से उड़ाया*

कराची: अशांत बलोचिस्तान प्रांत के तटीय शहर ग्वादर में बलोच आतंकवादियों ने पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की एक प्रतिमा को बम धमाके में नष्ट कर दिया. 'डॉन' समाचार पत्र में सोमवार को प्रकाशित खबर के मुताबिक, सुरक्षित क्षेत्र माने जाने वाले मरीन ड्राइव पर जून में स्थापित की गई प्रतिमा को रविवार की सुबह प्रतिमा के नीचे विस्फोटक रखकर उड़ा दिया गया.

 

पूरी तरह से नष्ट हुई जिन्ना की प्रतिमा
 

 

खबर के अनुसार विस्फोट में प्रतिमा पूरी तरह से नष्ट हो गई. बीबीसी उर्दू की खबर के अनुसार प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बलोच रिपब्लिकन आर्मी के प्रवक्ता बबगर बलोच ने ट्विटर पर विस्फोट की जिम्मेदारी ली है.  बीबीसी उर्दू ने ग्वादर के उपायुक्त मेजर (सेवानिवृत्त) अब्दुल कबीर खान के हवाले से कहा कि मामले की उच्चतम स्तरीय जांच की जा रही है.

 

आतंकवादी पर्यटकों के रूप में क्षेत्र में घुसे थे- अब्दुल कबीर

 

अब्दुल कबीर ने कहा कि विस्फोटक लगाकर जिन्ना की प्रतिमा को नष्ट करने वाले आतंकवादी पर्यटकों के रूप में क्षेत्र में घुसे थे. उनके मुताबिक अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन एक-दो दिन में जांच पूरी कर ली जाएगी. उन्होंने कहा, 'हम मामले को सभी कोणों से देख रहे हैं और जल्द ही दोषियों को पकड़ लिया जाएगा.'

 

ऑल इंडिया मुस्लिम लीग के नेता रहे थे जिन्ना


जिन्ना 1913 से लेकर 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान की स्थापना तक ऑल इंडिया मुस्लिम लीग के नेता रहे. इसके बाद 1948 में निधन होने तक वह पाकिस्तान के पहले गवर्नर जनरल रहे. 


यूएस ने भारत को लौटाया सदियों पुरानी 157 मूर्तियां और कलाकृतियां

अमेरिका ने भारत को 157 कलाकृतियां वापस की है। पीएम मोदी ने यूएस के इस कदम की सराहना की है। उन्होंने राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा अवैध मूर्तियों की चोरी को रोकने के लिए किये गए प्रयास से सहमति जताई। बता दें कि ये मूर्तियां बहुत ही पुरानी और कीमती हैं।

इन कुल 157 कलाकृतियों की लिस्ट में 10वीं सीई के बलुआ पत्थर में रेवंता के डेढ़ मीटर बेस रिलीफ पैनल से लेकर 8.5 सेंटीमीटर लंबे कांस्य नटराज तक के सेट हैं। ये बहुत ही कीमती हैं। इनमें अधिकतर 11वीं सीई से 14 वीं सीई के दौरान के ऐतिहासिक कलाकृतियां हैं।
वहीं करीब 45 कलाकृतियां सामान्य युग से पहले की हैं। 12वीं सीई की उत्कृष्ट ब्रोंज नटराज की मूर्ति भी इसमें है। इनमें 11वीं सीई से लेकर 14वीं सीई तक की मूर्तियों के अलावा अन्य कई ऐतिहासिक कलाकृतियां शामिल हैं। 2000 ईशा पूर्व की कॉपर से बनी मानवकृति भी शामिल है। यूनाइटेड स्टेट्स से मिली इन तोहफों में आधी कलाकृतियां यानी करीब 71 कलाकृतियां सांस्कृतिक हैं।
वहीं आधे से अधिक मूर्तियां हैं जो हिंदू धर्म , बौद्ध धर्म और जैन धर्म से संबंधित हैं। इन मूर्तियों का निर्माण धातु, पत्थर और टेराकोटा के जरिए हुआ है। कांस्य की कलाकृतियों में लक्ष्मी नारायण, बुद्ध, विष्णु, शिव पार्वती और 24 जैन तीर्थंकरों की प्रसिद्ध मुद्राओं की अलंकृत मूर्तियां हैं। रूपांकनों में हिंदू धर्म की धार्मिक मूर्तियां तीन सिर वाले ब्रह्मा, रथ के साथ सूर्य, विष्णु की मूर्तियां शामिल हैं। मालूम हो कि शुक्रवार को अमेरिका के उप राष्ट्रपति कमला हैरिस और राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात की।
इसके बाद उन्होंने शनिवार सयुंक्त राष्ट्र महासभा को संब्जाधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने आतंकवाद ,अफगानिस्तान कोरोना महामारी जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। 


*अमेरिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जोरदार स्वागत*

वाशिंगटन। पीएम मोदी गुरुवार को अपने तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे पर पहुंच गए। वाशिंगटन पहुंचने पर प्रधानमंत्री का जोरदार स्वागत हुआ। एयरपोर्ट पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के कई अधिकारी भी पहुंचे थे।

अपने इस दौरे पर पीएम मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे और क्वाड देशों के नेताओं संग बैठक करेंगे। इसके अलावा पीएम मोदी व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। पीएम मोदी ने भी ट्वीट कर अपने वॉशिंगटन पहुंचने की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, ‘वॉशिंगटन डीसी पहुंच गया। अगले दो दिनों में मैं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस, स्कॉट मॉरिसन, योशिहिदे सुगा से मिलूंगा। इस दौरान मैं क्वाड मीटिंग में हिस्सा लूंगा और शीर्ष कंपनियों के सीईओ से मुलाकात कर भारत में आर्थिक उपलब्धियों को उनके सामने रखूंगा।’ 


*पाकिस्तान में कृष्णा जन्माष्टमी पर श्री कृष्ण की मूर्ति को उपद्रवियों ने तोड़ा*

इस्लामाबाद। कृष्ण जन्माष्टमी पर पाकिस्तान में एक बार फिर हिन्दू मंदिर पर उपद्रवियों ने हमला बोला है। सिंध प्रान्त के संघार जिले में एक मंदिर में तोड़फोड़ की गई और भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति को तोड़ दिया गया। पाकिस्तान के नेता लाल मल्ही ने ट्वीट कर भगवान कृष्ण की मूर्ति तोड़ने और उसे अपवित्र किये जाने पर निंदा की है।
पाकिस्तान की नॅशनल असेंबली के सदस्य लाल मल्ही ने मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी को टैग करते हुए ट्वीट किया, ‘खिप्रो-सिंध में मंदिर को अपवित्र किये जाने और भगवान कृष्ण की मूर्ति को तोड़े जाने की कड़ी निंदा करता हूं। कानून लागू करने वालों को मंदिरों और देवी-देवताओं पर बार-बार होने वाले हमलों को रोकने के लिए तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए।’ पाकिस्तानी एक्टिविस्ट राहत ऑस्टिन ने ट्वीट किया, ‘जब लोग कृष्ण जन्माष्टमी मना रहे थे तभी हिंदू देवी-देवताओं के अपमान के मकसद से खिप्रो संघर में एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की गई। पाकिस्तान में इस्लाम के खिलाफ ईशनिंद के फर्जी आरोप में भी मॉब लिंचिंग या मौत की सजा हो जाती है लेकिन गैर-मुस्लिमों देवी-देवताओं के खिलाफ अपराध की कोई सजा नहीं।
‘ सोशल मीडिया पर तस्वीरों में भगवान कृष्ण की मूर्ति को कई टुकड़ों में टूटा हुआ दिखाया गया है। गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में, पंजाब प्रांत में रहीमयार खान जिले के भोंग शहर में एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ करने के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
4 अगस्त को पाकिस्तान में उपद्रवियों की एक भगवान गणेश की मूर्तियों के साथ मंदिर तोड़ दिए थे। इसके बाद चारो ओर इस घटना की निदा किये जाने पर पाकिस्तान सरकार मंदिर गणेश मूर्ति का दोबारा मरम्मत के बाद हिन्दू समुदाय को यह मंदिर वापस सौंपा गया। 



*काबुल से 85 भारतीय नागरिकों को लेकर उड़ान भरा C-130 विमान*


काबुल। भारत अमेरिका के साथ मिलकर अफगानिस्तान में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने की कोशिश करा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए भारत अमेरिका के सहयोग से भारतीय विमान को काबुल तक पहुंचाने की कोशिश में है। इस बीच खबर है कि भारतीय विमान सी-130 जे शनिवार को 85 भारतीयों को लेकर काबुल से उड़ान भर चुका है। यह विमान जल्द ही भारत पहुंचेगा।

सूत्रों ने कहा कि भारत अमेरिकी सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि भारतीय वायुसेना केपरिवहन एयरक्राफ्ट को काबुल तक पहुंचाया जा सके। सरकार को उम्मीद है कि इस सी-17 में 250 भारतीयों को निकाला जा सकता है। हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करता है कि उनमें से कितने हवाईअड्डे तक पहुंचने में सक्षम हैं, क्योंकि काबुल पर तालिबान का कब्जा है और हर चौकियों और चेकपॉइंट्स पर भी उसके लड़ाके नजर बनाए हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, काबुल के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट की उड़ान मुश्किल साबित हो रही है, इसलिए आईएएफ को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
माना जा रहा है कि फिलहाल अफगानिस्तान में 400 से ज्यादा भारतीय फंसे हुए हैं, जिन्हें वहां से बाहर निकालने की जरूरत है। हालांकि, सटीक आंकड़ा फिलहाल साफ नहीं हो पाया है। सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्रालय अफगान नागरिकों के वीजा आवेदनों का भी आकलन कर रहा है। इससे पहले वायुसेना के दो सी-17 विमानों ने 15 अगस्त को भारतीय दूतावास के कर्मचारियों को निकालने के लिए काबुल से उड़ान भरी थी। इसमें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान भी शामिल थे, जिन्हें कर्मचारियों की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया था। काबुल हवाई अड्डे पर अराजकता को देखते हुए विमान ने बहुत ही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उड़ान भरी थी। 


*अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस*

अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान ने पहली बार मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी है. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदायों की चिंताओं पर बात की. इसमें महिलाओं के प्रति उसका रवैया कैसा होगा, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं संग वह वैसे संबंध रखना चाहता है, मीडिया के लिए उसके क्या नियम होंगे? सबके जवाब तालिबान की तरफ से मिले हैं.


तालिबान की प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रमुख बातें यह रहीं कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उसे मान्यता देने की मांग कर रहा है. साथ ही साथ अफगानिस्तान में मौजूद दूतावासों को भी नुकसान नहीं पहुंचाने का वादा किया गया है. महिलाओं, प्रेस को कुछ नियमों के साथ वह छूट देने का वादा कर रहा है.

*तालिबान के प्रवक्ता ने दुनिया से क्या वादे किए*........

*1- अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ साजिश रचने, हमला करने के लिए नहीं होने दिया जाएगा.*

*2- किसी भी अंतरराष्ट्रीय दूतावास या संस्था को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे. उनको तालिबान द्वारा ही सुरक्षा दी जाएगी. जबीहुल्ला मुजाहिद  ने कहा*......

*काबुल में दूतावासों की सुरक्षा हमारे लिए महत्वपूर्ण है. हम सभी देशों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि हमारे बल सभी दूतावासों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और सहायता एजेंसियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मौजूद हैं*.'

*3- महिलाओं को शरिया कानून के तहत अधिकार और आजादी देंगे. हेल्थ सेक्टर और स्कूलों में वे काम कर सकेंगी. क्या मीडिया में भी महिलाएं काम कर सकेंगी? इस सवाल पर प्रवक्ता ने घुमा-फिराकर जवाब दिया. वह बोले कि जब तालिबान सरकार बन जाएगी तब साफ-साफ बताया जाएगा कि शरिया कानून के हिसाब से क्या-क्या छूट मिलेंगी*.

*4- प्राइवेट मीडिया को स्वतंत्र रूप से काम करने देंगे. प्रवक्ता ने यहां किंतु-परंतु की गुंजाइश छोड़ते हुए कहा कि, 'बस पत्रकार अफगानिस्तान के मूल्यों का ख्याल रखकर काम करेंगे.*

*5- प्रवक्ता ने कहा कि अफगान युद्ध अब खत्म हो गया है. जिसने भी बीते वक्त में तालिबान के खिलाफ युद्ध लड़ा, उसको तालिबान माफ करता है. प्रवक्ता ने आगे कहा- किसी भी देश-व्यक्ति से बदला लेने का इरादा नहीं है. इसमें पूर्व सैनिक, पूर्व अफगान सरकार के सदस्य भी शामिल हैं.*

*6- अफगानिस्तान में कोई किसी को किडनैप नहीं कर सकेगा. कोई किसी की जान नहीं ले सकेगा. सुरक्षा को लगातार बढ़ाएंगे.*

*7- तालिबान ने वादा किया कि उनके राज में देश की अर्थव्यवस्था और लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा.*

*8- तालिबान के प्रवक्ता ने कहा, 'तालिबान की प्राथमिकता कानून व्यवस्था बनाने की है. इसके बाद लोग शांति से रह सकेंगे.*

*9- अफगानिस्तान में रह रहे लोगों को तालिबान ने भरोसा दिया, 'कोई आपको नुकसान नहीं पहुंचाएगा. कोई आपका दरवाजा नहीं खटखटाएगा*'

*10- प्रवक्ता ने दावा किया कि पिछली सरकार (अशरफ गनी की सरकार) किसी योग्य नहीं थी और किसी को सुरक्षित नहीं रख सकती थी. प्रवक्ता ने वादा किया कि तालिबान सबको सुरक्षा देगा. आज तक* 


*हिंदू मंदिर पर हमला करने वालों पर पाकिस्तान पुलिस ने की कारवाई*

 ● *हिंदू मंदिर पर हमला करने वालों पर पाकिस्तान पुलिस ने की कारवाई*

● *20 गिरफ़्तार, 150 पर मामला दर्ज*
 
पाकिस्तान में एक हिंदू मंदिर पर हमला मामले में देश के पंजाब प्रांत में शनिवार को पुलिस ने 20 लोगों को गिरफ्तार कर लिया और 150 से अधिक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।  मामले में सुप्रीम कोर्ट  की ओर से दखल दिए जाने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से अपराधियों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था और कहा कि इस मामले से अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि धूमिल हो रही है।
 
बता दें कि पाकिस्तान के रहीम यार खान जिले के भोंग शहर में बुधवार को उन्मादी भीड़ ने एक हिंदू मंदिर पर डंडे, ईंट और पत्थरों से हमला कर दिया। इन लोगों ने मंदिर में आगजनी की और  मूर्तियों को भी तोड़ दिया। पाकिस्तानी सांसद और हिंदू समुदाय के नेता रमेश कुमार वंकवानी ने घटना के वीडियो को शेयर किया। इसमें भीड़ को मंदिर के ढांचे को नष्ट करते देखा जा सकता है। भीड़ ने मंदिर में तोड़फोड़ की और मूर्तियों और मंदिर के ढांचे को तोड़ दिया। दरअसल, आठ साल के बच्चे को कोर्ट ने रिहा कर दिया था, जिसपर लोगों ने नाराजगी जताते हुए हिंदू मंदिर को निशाना बनाया। इस बच्चे ने कथित तौर पर स्थानीय मदरसे में पेशाब किया था जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था।

आधी रात को फार्महाउस की दीवार से आती थी आवाजें, वजह जान के पति-पत्नी के होश उड़े, जाने ऐसा क्या हुआ?

प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट (Property Investment) करना हमेशा से लोगों की पहली पसंद रहता है. लोग अपनी सेविंग्स लगाकर घर खरीदते हैं. लेकिन जब पता चले कि इसमें उनके साथ हो गया है धोखा, तो इंसान ठगा सा महसूस करता है. ऐसा ही एक धोखा हुआ पेंसिल्वेनिया (Pennsylvania) में रहने वाले एक कपल के साथ. उन्होंने अपनी सेविंग्स से 149 साल पुराना फार्महाउस (149 Year Old Farmhouse) खरीदा था. कपल इस घर को खरीद खुश था लेकिन ये ख़ुशी ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाई.

कपल जब इस घर में शिफ्ट हुआ तो बेहद खुश था. वो लंबे समय से उस लोकेशन में घर देख रहे थे. आखिरकार इस फार्महाउस के जरिये उनका सपना पूरा हुआ. कपल ने 149 साल पुराना फार्महाउस खरीद लिया. लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे उनकी खुशियां गायब होने लगी. कपल को रात में अपने घर की दीवारों से अजीबोगरीब आवाजें आती थी. कपल इसे लेकर चिंतित रहने लगा. उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि ये कैसी आवाजें हैं? आखिरकार उन्होंने एक जांच टीम को इसके लिए घर बुलाया. इसके बाद उनके सामने जो असलियत आई वो चौंकाने वाली थी.

दीवार में थी 4 लाख मधुमक्खी

टीम ने जांच में पाया कि उनके घर की दीवार में करीब चार लाख मधुमक्खी रह रही थी. ये सुनते ही कपल के होश उड़ गए. उन्हें इनके हटाए जाने तक घर से दूर रहना पड़ा. CNN को दिए इंटरव्यू में महिला ने बताया कि जब फार्महाउस के पुराने मालिक ने इसे बेचने में हड़बड़ी की थी, उन्हें तभी समझ जाना चाहिए था. लेकिन तब अपने बजट में मिल रहे घर के अलावा उनके दिमाग में कुछ नहीं आया. हालांकि, बाद में समझ आया कि उसने हाउस को इतने सस्ते दाम पर कैसे बेच दिया था?

हटाने में खर्च हुए 8 लाख रुपए

घर की दीवार के पीछे 4 लाख मधुमक्खियों को हटाने के लिए कपल ने Allan Lattanzi को हायर किया जो प्रोफेशनल बीकीपर हैं. उन्होंने मधुमक्खी हटा तो दी लेकिन इसमें कपल के 8 लाख रुपए खर्च हो गए. एलन ने बताया कि वो चार साल पहले भी इस फार्महाउस में आया था. तब उसके पुराने मालिक ने मधुमक्खी हटाने से इंकार कर दिया था क्यूंकि उनके पास पैसे नहीं थे. इससे साफ़ है कि कपल को जानते हुए ये घर बेचा गया था.

35 साल से रह रही थी मधुमक्खियां

Allan Lattanzi ने बताया कि उनकी टीम ने दीवार के पीछे से करीब साढ़े चार लाख मधुमक्खी हटाई थी. ये इसके पीछे 35 साल से रह रहे थे. इन्हें हटाने में काफी खर्च हुआ, जिसकी वजह से कपल ने गोफंड पेज बनाया है. उन्होंने लोगों से मदद की अपील की है. सस्ते दाम में खरीदा गया फार्महाउस कपल को काफी महंगा पड़ गया. 


कोरोना की वैक्सीन लगवाओ या जेल जाओ- राष्ट्रपति

फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते अक्सर अपने बयानों के कारण सुर्खियों और विवादों में रहते हैं. यहां तक कि उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को गाली तक दे दी थी और इस वजह से दोनों देशों में तनाव पैदा हो गया था. अब दुर्तेते ने अपने नागरिकों से कहा है कि कोरोना की वैक्सीन लगवाओ या जेल जाओ. राष्ट्रपति दुतेर्ते ने एक और विकल्प दिया है. उन्होंने कहा कि जो वैक्सीन नहीं लगवा सकते हैं, वे देश छोड़कर भारत या अमेरिका चले जाएं. भारत और अमेरिका में ही कोरोना महामारी ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है. शायद इसीलिए दुतेर्ते ने कटाक्ष करते हुए भारत और अमेरिका का नाम लिया है.

*G-7 देशों की नसीहत से बौखलाया चीन, ताईवान भेजा एक साथ 28 फाइटर जेट*


सीमा विवाद जैसे मुद्दों पर G-7 देशों की नसीहत का चीन पर कोई असर नहीं हुआ है, उल्टा वह बौखला गया है. इसी बौखलाहट में बीजिंग ने ताइवान की तरफ 28 लड़ाकू विमान भेजे. ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि पिछले साल से चीन के लड़ाकू विमान लगभग रोजाना ताइवान की तरफ उड़ान भरते आ रहे हैं, लेकिन कल चीन ने 28 फाइटर जेट्स भेजे, जो अब तक की सबसे ज्यादा संख्या है. बता दें कि हाल ही में G-7 देशों ने इसके लिए चीन को निशाने पर लिया था.

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि चीनी कार्रवाई पर हमारी वायु सेना ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए लड़ाकू वायु दस्ते को तैनात किया और वायु रक्षा प्रणाली के जरिए द्वीप के दक्षिण-पश्चिम भाग में निगरानी बढ़ाई. मंत्रालय ने कहा कि ताइवान की तरफ आए विमानों में 14 J-16 और 6 J-11 लड़ाकू विमान शामिल रहे. गौरतलब है कि चीन ताइवान पर दबाव बनाने के लिए इस तरह की हरकतों को अंजाम देता रहता है.

G-7 समूह देशों के नेताओं ने रविवार को बयान जारी कर ताइवान जलडमरूमध्य मुद्दे को शांतिपूर्व सुलझाने का आह्वान किया था, जिससे बौखलाए चीन ने इस तरह अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कल कहा कि G-7 समूह जानबूझकर चीन के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है. उन्होंने कहा कि चीन अपने अंदरूनी मामलों को सुलझाना जानता है और उसमें किसी की दखल की जरूरत नहीं है. 


*नई सरकार बनने के तीसरे दिन ही इजराइल ने तोड़ा सीजफायर, गाज़ा पट्टी पर किया हवाई हमले*

फिलिस्तीनी क्षेत्र से चरमपंथियों द्वारा दक्षिणी इज़रायल में आग लगाने वाले गुब्बारे भेजे जाने के बाद इजरायली वायु सेना ने आज गाज़ा पट्टी पर हवाई हमले शुरू कर दिए. पुलिस और सेना ने कहा कि गुब्बारे भेजे जाने के बाद किए गए हवाई हमले, गाज़ा और इजरायल के बीच हुए युद्ध विराम के बीच हुए हैं. बता दें कि 21 मई को दोनों पक्षों ने सीजफायर का ऐलान किया था.

फिलिस्तीनी सूत्रों के अनुसार इजरायल की वायु सेना ने गज़ा शहर के दक्षिणी हिस्से में स्थित खान यूनुस के पूर्व में एक साइट को निशाना बनाया. खान यूनुस में एएफपी के एक फोटो जर्नलिस्ट ने इन धमाकों को देखा. उधर, इजरायली डिफेंस फोर्स ने कहा कि आग वाले गुब्बारों के जवाब में लड़ाकू विमानों ने चरमपंथी संगठन हमास से संबंधित सैन्य परिसरों पर हमला किया.

बयान में कहा गया- खान यूनुस में चरमपंथियों की बैठक वाली जगहों को निशाना बनाया गया. 12 साल सत्ता में रहने के बाद प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पद से हटने के बाद रविवार रात को नई गठबंधन सरकार बनी. नई सरकार में आज गाज़ा के खिलाफ पहली स्ट्राइक हुई. आग लगाने वाले गुब्बारों के बारे में इजरायल के दमकल अधिकारियों ने कहा कि इसकी वजह से दक्षिणी इज़राइल में लगभग 20 जगह आग लग गई. 


अल जजीरा के पत्रकार की इजरायल में जबरन गिरफ्तारी, फिलिस्तीनियों पर रिपोर्टिंग कर रही थी।

 यरूशलम
इजरायल की सीमा पुलिस ने अल जजीरा सैटलाइट चैनल की एक वरिष्ठ संवाददाता को उस वक्त जबरन हिरासत में ले लिया, जब वह यरूशलम से रिपोर्टिंग कर रही थी। वह यहां फिलिस्तीनियों के एक धरने को कवर कर रही थीं। शेख जर्राह में हिरासत में लेने के कई घंटे बाद शनिवार को गिवारा बुदेरी को रिहा कर दिया गया।

अल जजीरा ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने चैनल के कैमरामैन के उपकरणों को भी तोड़ डाला। अल जजीरा के यरूशलम ब्यूरो प्रमुख वालिद ओमरी ने कहा कि बुदेरी का हाथ टूट गया है और वह यरूशलम के हदासाह अस्पताल में भर्ती हैं।

ओमरी ने कहा कि बुदेरी नियमित रूप से शेख जर्राह से रिपोर्टिंग कर रही थीं। वह शनिवार को वहां फिलिस्तीनियों के एक धरने को कवर कर रही थीं। ओमरी ने बताया कि इजरायल की सीमा पुलिस ने उनसे पहचान पत्र मांगा और उन्होंने अपने चालक को फोन कर कार से पहचान पत्र लाने के लिए कहा।

धक्का-मुक्की, फिर गिरफ्तारी
ओमरी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने उन्हें इतना वक्त नहीं दिया और उन पर चिल्लाने लगे और उनसे धक्का-मुक्की की। अधिकारियों ने उन्हें हथकड़ी पहनाई और सीमा पुलिस की जीप में जबरन बैठा दिया। ओमरी ने कहा कि बुदेरी इजरायल सरकार के प्रेस कार्यालय से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। इजरायल की पुलिस ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।


इजराइल में नई सरकार बनने में लगा विपक्ष, नेतन्याहू ने रोकने की कोशिश की।

यरुशलम, रायटर। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को विरोधियों को परिवर्तन की सरकार बनाने से रोकने की कोशिश की। मीडिया रिपोर्टो में कहा गया कि इजराइल के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले नेता को अपदस्थ करने का समझौता निकट हो सकता है।

इजरायल में पिछले दो वर्षो में चार चुनाव हो चुके हैं। विपक्ष के प्रमुख याइर लैपिड के लिए गठबंधन बनाने की समय सीमा बुधवार को खत्म हो रही है। इजरायली मीडिया का कहना है कि लैपिड दक्षिणपंथी, मध्यम मार्गी और वामपंथी पार्टियों के साथ समझौते के काफी करीब हैं।

लैपिड की संभावना बहुत हद तक धुर दक्षिणपंथी राजनेता नफ्ताली बेनेट के समर्थन पर टिकी है, जिनकी यामिना पार्टी को संसद में छह सीटें मिली हैं। बेनेट के बारे में अनुमान लगाया जा रहा है कि वे संभवत: रविवार तक लैपिड के साथ गठबंधन का एलान कर देंगे।

स्थानीय मीडिया में कहा जा रहा है कि बेनेट साझेदारी के लिए तैयार हो जाएंगे। लेकिन उनको पहले अपनी पार्टी के सांसदों को उस सरकार का समर्थन करने के लिए तैयार करना होगा, जिसे मध्यम मार्गी और वामपंथी दलों का भी समर्थन हासिल होगा। नेतन्याहू के विरोधी इसे परिवर्तन की सरकार कहते हैं। विभिन्न विचारधाराओं वाली पार्टियों को मिलाकर बनने वाली इस सरकार को संसद में अरब सदस्यों के समर्थन की भी दरकार होगी, जिनके विचार यामिना पार्टी से काफी अलग हैं।


*तुर्की राष्ट्रपति अर्दोआन ने किया विवादित मस्जिद का उद्धाटन*

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप अर्दोआन के इस्तांबुल में एक विवादित मस्जिद का उद्घाटन कर दिया है. यह मस्जिद इस्तांबुल के मशहूर तक्सिम चौक पर है इसलिए इसे तक्सिम मस्जिद के नाम से जाना जाता है. इसी मस्जिद के निर्माण की योजना को लेकर साल 2013 में तुर्की में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे. शुक्रवार को इसके उद्घाटन में हज़ारों लोग शामिल हुए. मस्जिद में भीड़ होने के कारण कई लोगों को चौक पर ही नमाज़ पढ़नी पड़ी. यह मस्जिद इस्तांबुल में उस सार्वजनिक जगह के बगल में है जिसे धर्मनिरपेक्ष तुर्की का प्रतीक माना जाता है. तक्सिम मस्जिद इतनी विशाल है कि इसके सामने सार्वजनिक इमारत और तुर्की के संस्थापक मुस्तफ़ा कमाल अतातुर्क की मूर्ति छोटी नज़र आती हैं.

* सऊदी अरब ने पाकिस्तान को छोड़कर 11 देशों से यात्रा प्रतिबंध हटाया*

रियाद, 30 मई: पाकिस्तान को छोड़कर, सऊदी अरब ने 11 देशों के लोगों को मध्य पूर्वी देश की यात्रा करने की अनुमति दी है क्योंकि उसने रविवार से यात्रा प्रतिबंध हटा दिया था जो कि COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए लगाया गया था, गल्फ न्यूज की सूचना दी।

विकास से परिचित लोगों का हवाला देते हुए, सऊदी समाचार पत्र ने कहा कि रविवार (स्थानीय समयानुसार) सुबह 1 बजे से 11 देशों से यात्रा प्रतिबंध हटा लिया जाएगा। हालाँकि, इन देशों के यात्रियों को संस्थागत संगरोध से गुजरना होगा। संयुक्त अरब अमीरात, जर्मनी, संयुक्त राज्य अमेरिका, आयरलैंड, इटली, पुर्तगाल, यूनाइटेड किंगडम, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, फ्रांस और जापान के यात्रियों को रविवार से प्रवेश की अनुमति होगी।गल्फ न्यूज ने सऊदी गृह मंत्रालय के एक आधिकारिक सूत्र के हवाले से बताया, "महामारी विज्ञान के परिदृश्य में स्थिरता और उन देशों में प्रभावी महामारी-नियंत्रण के प्रयासों के कारण, सऊदी अरब ने 11 देशों से आने वाले यात्रियों को रविवार सुबह 1 बजे से अनुमति देने का फैसला किया है।

सऊदी अरब में आने वाले अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को अपने स्वयं के खर्च पर सात-दिवसीय अनिवार्य संगरोध अवधि से गुजरना पड़ता है, आगमन के दिन से, राज्य की संगरोध सुविधाओं में से एक में प्रकाशन की सूचना दी। सातवें दिन, उन्हें एक पीसीआर परीक्षण करना होगा, जिसके बाद उन्हें नकारात्मक आने पर संगरोध छोड़ने की अनुमति दी जाएगी।

फरवरी में, सऊदी अरब ने कई देशों के साथ उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया, सउदी, राजनयिकों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रतिबंध से छूट दी। प्रतिबंध सूची में 20 देश अर्जेंटीना, यूएई, फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका, इंडोनेशिया, भारत, जापान, आयरलैंड, इटली, पाकिस्तान, ब्राजील, पुर्तगाल, यूके, तुर्की, दक्षिण अफ्रीका, स्वीडन, स्विस परिसंघ थे। लेबनान, और मिस्र।

(ANI)