राज्य स्तरीय खेल के लिए सिलदहा के चार बच्चे चयनित

राज्य स्तरीय के लिए सिलदहा के चार बच्चे चयनित
पथरिया - विकास खण्ड क्षेत्र के ग्राम सिलदहा के चार ​बच्चों का 21वी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 10 नवंबर से कोरबा में शुरू होने जा रहा है ।जिसमें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिलदहा के चार बच्चे भाग लेने जा रहे हैं जिसमें खिलाड़ी मनीष निषाद , सुजल वर्मा , संजना राजपूत ,सीता राजपूत ,है खेल शिक्षिका रीना चंद्रवंशी ने बताया कि यह बच्चे शुरू से ही थ्रोबॉल में निरंतर प्रर्दशन करते आ रहे और 2018-19 में इन्होने 14 वर्षीय थ्रोबॉल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इसके साथ ही स्कूल के प्रिंसिपल भोसले का भी बहुत धन्यवाद ज्ञापित किया जिन्होंने बच्चों को हौसला और सहयोग प्रदान किये इसी प्रकार उनके माता-पिता परिवार के साथ क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों उनके शिक्षकों व क्षेत्र के लोगो ने ईश्वर से उनके उज्जवल भविष्य की कामना । साथ ही बधाई दी इन सभी खिलाड़ियों को बचपन से ही थ्रोबॉल डाजबाल हॉकी कबड्डी लागोरी क्रिकेट जैसे खेलों में अवगत कराकर इनके प्रतिभा को तराशने के लिए प्रतिदिन विद्यालय के संपूर्ण दायित्वों को पूरा कर हाई स्कूल के एक छोटे से मैदान में प्रतिदिन सुबह-शाम अभ्यास कराने वाली इनकी कोच रीना चंद्रवंशी जो कि खेल प्रभारी हैं उन्होंने भी हृदय से बधाइयां दी। 


क्षेत्र में हर्षोउल्लास से मनाया गया दीपावली, गौरा गौरी पूजा

क्षेत्र में हर्षोउल्लास से मनाया गया दीपावली, गौरा गौरी पूजा

पथरिया- ( रवि निर्मलकर )क्षेत्र में दीपावली , और गौरा गौरी पूजा के साथ भाईदूज का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया गया ।नगर एवम क्षेत्र के सभी गावों में धन की देवी माँ लक्ष्मी की पूजा अर्चना की गई घरों के सामने दीप जलाकर अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की मनोकाना की गई । नगर के वार्ड क्रमांक 2 और 11 में गौरा गौरी पूजा के अवसर पर क्षेत्र के गोड़ समाज द्वारा भगवान शिव और गौरी विवाह का आयोजन कर भव्य विसर्जन यात्रा निकाला गया इस विसर्जन यात्रा में नगरवासियों ने अपने अपने घर के सामने भगवान गौरा गौरी की पूजा कर विसर्जन के लिए विदाई दिए इस अवसर पर क्षेत्र के कांग्रेस नेता राजेन्द्र शुक्ला आदिवासी समाज के निमंत्रण पर नगर के दोनों वार्डो में गौरा गौरी की पूजा अर्चना किये उसके बाद परंपरागत तरीके से हाथों पर सोटा लेकर विसर्जन यात्रा में शामिल हुए और क्षेत्र के कल्याण की मनोकामना किये ।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परम्पराओं को मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने नई पहचान और नवीन ऊर्जा दी है यही कारण हैं कि अब छत्तीसगढ़ के पर्वो में नागरिकों की सहभागिता पहले से कही ज्यादा है ।आज युवा अपने राज्य के पर्व में शामिल होकर गौरव की अनुभूति कर रहा है ।पथरिया ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष राजा ठाकुर ने गौरा गौरी पूजा अर्चना कर नगरवासियों को धार्मिक आयोजन के लिए बधाई दिए ।इस अवसर पर नगर के सभी पार्षद उपस्थित रहे । 


नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक गौरा-गौरी पूजन में हुए शामिल,बोले हमारी संस्कृति हमे अपनी जड़ों से जोड़े रखती हैं*

बिलासपुर।नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने दीपोत्सव के अवसर पर बिल्हा के कई गांवों में आयोजित गौरा-गौरी व लक्ष्मी पूजन कार्यक्रम में शामिल होकर प्रदेशवासियों के प्रगति की कामना की है। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति ही हमें अपने जड़ों से जोड़े रखती है। प्रदेश के सभी क्षेत्रों में विविध संस्कृति है। जो हमें अपने समाज,लोकजीवन, पराम्पराओं के मान्यताओं बंधे रखता है। हम अपनी संस्कृति को जीवन का हिस्सा मानते है। हमारे सांस्कृतिक विरासत हमारे पूरखों ने दिया है। जिस हम सबको सहज के रखना होगा। एक पीढ़ी से दूसरे में पीढ़ी में सांस्कृति आदान-प्रदान समाज के मौलिक स्वरूप को स्थापित करने के लिये जरूरी है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने गौरा-गौरी पूजा के सफल आयोजन के लिये क्षेत्रवासियों को बधाई दी है। उन्होंने  बिल्हा के कई गांवों में पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान ग्रामवासी, पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*यमद्वितीया स्नान से यमलोक से उबारती है यमुना जी -आचार्य शर्मा*

आज 06 नवंबर दिन शनिवार को भैया दूज का त्योहार बड़े ही श्रद्धा से मनाया जा रहा है , इस भाईदूज (यमद्वितीया ) पर्व का बड़ा ही पावन महत्व है,, इस दिन भाई को बड़े ही पवित्र मन से बहन के द्वारा पूजन करके उन्हें भोजन प्रसादी कराया जाता है और वर्ष भर अपनी सुरक्षा का संकल्प लिया जाता है , ऐसी कथा आती है कि भगवती यमुना रसरानी जो कि ब्रज की अधिष्ठात्री देवी हैं आज ही के दिन अपने बड़े भाई यमराज से निवेदन करती है कि जो कोई व्यक्ति उनके पावन जल में स्नान करेंगे उन्हें वह यमदंड से दूर रखेंगे , और आज के दिन जो यमुना जी के जल में स्नान करते हैं उन्हें भगवती यमुना अपने निज लोक में वास प्रदान करते हुए भगवान श्री कृष्ण के चरणों का दास बनाती हैं ,

दिव्य कथा --

भगवान सूर्य नारायण की पत्नी का नाम छाया था। उनकी कोख से यमराज तथा यमुना का जन्म हुआ था। यमुना यमराज से बड़ा स्नेह करती थी। वह उससे बराबर निवेदन करती कि इष्ट मित्रों सहित उसके घर आकर भोजन करो। अपने कार्य में व्यस्त यमराज बात को टालता रहा। कार्तिक शुक्ला द्वितीया का दिन आया। यमुना ने उस दिन फिर यमराज को भोजन के लिए निमंत्रण देकर, उसे अपने घर आने के लिए वचनबद्ध कर लिया।

यमराज ने सोचा कि मैं तो प्राणों को हरने वाला हूं। मुझे कोई भी अपने घर नहीं बुलाना चाहता। बहन जिस सद्भावना से मुझे बुला रही है, उसका पालन करना मेरा धर्म है। बहन के घर आते समय यमराज ने नरक निवास करने वाले जीवों को मुक्त कर दिया। यमराज को अपने घर आया देखकर यमुना की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने स्नान कर पूजन करके व्यंजन परोसकर भोजन कराया। यमुना द्वारा किए गए आतिथ्य से यमराज ने प्रसन्न होकर बहन को वर मांगने का आदेश दिया।

यमुना ने कहा कि भद्र! आप प्रति वर्ष इसी दिन मेरे घर आया करो। मेरी तरह जो बहन इस दिन अपने भाई को आदर सत्कार करके टीका करें, उसे तुम्हारा भय न रहे। यमराज ने तथास्तु कहकर यमुना को अमूल्य वस्त्राभूषण देकर यमलोक की राह की। इसी दिन से पर्व की परम्परा बनी। ऐसी मान्यता है कि जो आतिथ्य स्वीकार करते हैं, उन्हें यम का भय नहीं रहता। इसीलिए भैयादूज को यमराज तथा यमुना का पूजन किया जाता है।

आचार्य रजनीकांत शर्मा,प्रदेश धर्माचार्य छत्तीसगढ़ प्रान्त
हिंदू शक्ति सेवा संगठन


*दीपावली के अवसर पर नारायणपुर एसपी गिरिजा शंकर जायसवाल ने दिया संवेदनशीलता का परिचय, पहले पहुँचे शहीद परिवारों के घर बाद में मनाई अपनी दीवाली*

रायपुर/नारायणपुर- दीपावली पर्व के पावन अवसर पर सर्वप्रथम शहीद परिवारों से उनके घर जाकर मिले; उनसे कुशलक्षेम जानकर पटाखें और मिठाईयां वितरित किये तथा साथ में दीपावली मनाने की शुरुआत की। जायसवाल ने सबसे पहले शहीद श्री विजय पटेल के घर जाकर शहीद परिवार के साथ दीपावली मनाया उसके बाद शहीद श्री देवनाथ पुजारी के घर गए वहाँ  जायसवाल शहीद के पुत्र को अपने गोद में लेकर भावविभोर हो गए उन्होंने बालक को विश्वास दिलाया कि हम आपके परिवार हैं किसी भी प्रकार की सहयोग और मार्गदर्शन की जरूरत हो तो आप न सिर्फ़ मुझसे वरन नारायणपुर पुलिस के किसी भी अधिकारी से सीधे मिलकर त्वरित समाधान पा सकते हैं। बालक के नटखटपन को देखकर पुलिस अधीक्षक सहित पुलिस महकमे के अधिकारी और जवान सहित परिवार खिलखिला कर हँस पड़े। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में जिला नारायणपुर में 24 शहीद परिवार निवासरत हैं; एसपी ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी अधिकारी खासकर राजपत्रित अधिकारी पहले शहीद परिवार के घर जाकर उनसे मिलें, उनसे उनकी कुशलक्षेम जानकर उनके साथ दीपावली मनाएँ क्योंकि नारायणपुर में शांति बहाल करने में शहीदों ने अहम भूमिका निभाई है इसलिए खुशियों का त्यौहार दीपावली मानने की शुरुआत शहीद परिवार से करें। शहीद परिवार के साथ दीपावली मनाने के साथ ही शहीद परिवारों को मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक के शुभकामना पत्र भी दिए गए। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*प्रथम वर्ष मनाया गया हर्षो उल्लास के साथ गोवर्धन पूजा,देखिए mornews*

बिलासपुर।भगवान श्री कृष्ण के गोवर्धन पूजा अर्चना में अखिल भारतवर्षीय युवा यादव महासभा बिलासपुर जिला अध्यक्ष अनील यादव पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत जलसों एवं अध्यक्ष शिवशंकर यादव के नेतृत्व में भव्य गोवर्धन पूजा का आयोजन किया गया बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम खैरा के यज्ञशाला लक्ष्मी नारायण मंदिर प्रांगण में विधि विधान से गोवर्धन पूजा किया गया ।कार्यक्रम में सामिल सोमनाथ यादव पूर्व पिछड़ा वर्ग, भुवनेश्वर यादव पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, जितेंद यादव जिला अध्यक्ष शहर,अमित यादव, शैलेन्द्र यादव, गौरी शंकर यादव, धनंजय यादव, अभिलेश यादव, ब्रजेश यादव उपस्थित थे । जिसमें पूरे बिलासपुर जिले के 600 - 700 से अधिक की संख्या में उपस्थित होकर यादव समाज का गौरव को बढ़ाया। यादव समाज के महिला पुरूष जिसने अपने अपने घर से 1 किलो दुध और 50 रूपय का सहयोग राशि दान देकर हर्षो उल्लास के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया । 

ब्यूरो रिपोर्ट


*अब प्रत्येक मंगलवार को कलेक्टर जन चौपाल होगा आयोजित*

बिलासपुर। राज्य शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक जिले मे आम नागरिकों के सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर जनचौपाल का आयोजन किया जाना है। उपरोक्त निर्देश के अनुक्रम में जिला बिलासपुर मे प्रत्येक मंगलवार(शासकीय अवकाश दिवस को छोड़कर) समय-सीमा बैठक के पश्चात् दोपहर 1 बजे से मंथन सभाकक्ष कलेक्टोरेट परिसर बिलासपुर में कलेक्टर जनचौपाल का आयोजन किया जाएगा।

ब्यूरो रिपोर्ट


प्रकृति से गोविंद जी के प्रेम का प्रतीक गोवर्धन पूजा-आचार्य रजनीकांत*

श्री गोवर्धन जी के पूजन का पर्व इस बार 5 नवंबर , शुक्रवार को बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन गोवर्धन पर्वत और भगवान श्री कृष्ण जी की पूजा का विधान है। इस दिन गायों की विशेष श्रृंगार करने उनकी पूजा की जाती है। लोग अपने घरों में गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाते हैं और फिर फूल, धूप, दीप आदि से उसकी पूजा करते हैं। इस दिन घरों में तरह-तरह के पकवान भी मनाए जाते हैं। गोवर्धन पूजा के दिन इस कथा को पढ़ना जरूरी माना जाता है।

गोवर्धन पूजा से जुड़ी पौराणिक कथा:

धार्मिक मान्यता के अनुसार एक बार देव राज इंद्र को अपनी शक्तियों का घमंड हो गया था। इंद्र के इसी घमंड को दूर करने के लिए भगवान कृष्ण ने लीला रची। एक बार वृंदावन में सभी लोग तरह-तरह के पकवान बना रहे थे और हर्षोल्लास के साथ नृत्य-संगीत कर रहे थे। यह देखकर भगवान कृष्ण जी ने अपने पिता नंदबाबा जी से पूछा कि आप लोग किस उत्सव की तैयारी कर रहे हैं? भगवान कृष्ण के प्रश्न पर नंदराय जी ने उन्हें बताया हम देव राज इंद्र की पूजा कर रहे हैं। तब भगवान कृष्ण ने उनसे पूछा कि, हम उनकी पूजा क्यों करते हैं?


बाबा जी ने उन्हें बताया कि, भगवान इंद्र देव की कृपा होती है तो अच्छी वर्षा होती है जिससे हमारे अन्न की पैदावार अधिक होती है और हमारे पशुओं को चारा मिलता है। बाबा की बात सुनकर भगवान कृष्ण जी ने कहा कि, हमें गोवर्धन पर्वत की पूजा करनी चाहिए क्योंकि हमारी गाय तो वहीं चारा चरती हैं और वहां लगे पेड़-पौधों की वजह से ही बारिश होती है।

भगवान कृष्ण जी की बात मानकर वृंदावन वारे , श्री गोवर्धन पर्वत की पूजा करने लगे यह सब देखकर इंद्र देव क्रोधित हो गए और उन्होंने इसे अपना अपमान समझा और ब्रज के लोगों से बदला लेने के लिए मूसलाधार बारिश शुरू कर दी। बारिश इतनी विनाशकारी थी कि गोकुल वासी घबरा गए। तब भगवान कृष्ण जी ने गोवर्धन पर्वत को अपनी बाएं हाथ की सबसे छोटी ऊँगली पर उठाया मानो किसी बालक ने हाथ में छतरी को उठा लिया हो और सभी लोग इसके नीचे आकर खड़े हो गए। यह सब देखकर
भगवान इंद्र क्रोध में आकर 7 दिनों और 7 रात तक लगातार भयंकर घनघोर मुसलाधार वर्षा प्रारंभ करवा दी और 7 दिनों तक भगवान कृष्ण ने इस पर्वत को उठाए रखा। भगवान कृष्ण जी ने एक भी वृंदावन वासी और गौ वंशों को क्षति नहीं पहुंचने दिया, ना ही बारिश में भीगने दिया। तब भगवान इंद्र को पश्चाताप हुआ कि उनसे मुकाबला कोई साधारण मनुष्य तो नहीं कर सकता है। जब उन्हें यह बात पता चली कि मुकाबला करने वाले स्वयं भगवान श्री कृष्ण हैं तो उन्होंने अपनी गलती के लिए क्षमा याचना मांगी और मुरलीधर की पूजा करके उनका आकाशगंगा के जल से अभिषेक किया साथ ही सुरभि गौ माता जी ने अपने चारो थनों से दूध की धारा प्रवाहित की तब से आज भी गिरिराज जी में दूध चढ़ाने का नियम बना हुआ है ।

गिरिराज जी का जन्म-

आचार्य रजनीकांत शर्मा जी ने बताया कि गर्ग संहिता के अनुसार ,,
गिरिराज जी की उत्पत्ति भगवान श्री कृष्ण जी के हृदय से निकली निर्मल ज्योति पुंज के द्वारा हुआ था , यह द्रोण पर्वत के पुत्र थें , एक बार ऋषि पुलस्त्य इन्हें मांगने गए तो द्रोण ने मना कर दिया पर गोवर्धन के कहने पर पुलस्त्य जी के हाथ में बैठकर आने को तैयार हो गए ,और गिरिराज जी ने शर्त रखा कि जहां रख देंगे वहां से नहीं उठूंगा ,,
और रास्ते में आकाश मार्ग से आते हुए ब्रज धाम को देखकर वहीं रुकने की इच्छा से अपना वजन बढ़ाना शुरू कर दिया जिससे पुलस्त्य जी उन्हें वहीं पर रख दिए और गोवर्धन जी के आगे नहीं जाने की जिद्द से पुलस्त्य जी ने उनको श्राप दे दिया गया कि नित्य प्रति तिल तिल घटते जाओगे ...और तब से आज भी गोवर्धन जी प्रति दिन तिल तिल घटते जा रहें हैं ....

आचार्य रजनीकांत शर्मा
प्रदेश धर्माचार्य छत्तीसगढ़ प्रान्त
हिंदू शक्ति सेवा संगठन
9685865386
8839922778 


*दीपोत्सव पर 14 अविद्याओ का दमन कर 14 वर्षो में वन से लौटे थे 14 भुवनपति श्रीराम-आचार्य रजनीकांत*

दीवाली के दिन भगवान श्री राम चौदह वर्ष वनवास काटने के बाद श्री अयोध्या धाम को पधारें थें जिसके उपलक्ष्य में समस्त अयोध्या धाम में बड़े ही हर्ष और उल्लास से यह दीपोत्सव का पर्व मनाया गया ,
शुभ मुहूर्त में श्री महालक्ष्मी ,श्री महागणेश तथा श्री लक्ष्मीनारायण भगवान जी की विधिवत पूजन कलश स्थापना करके करनी चाहिए साथ ही इस दिन दीप दान का पावन महत्व होता है ,,
जगह जगह शुभ स्थानों में दीप प्रज्जवलित करनी चाहिए ....
बंदनवार तथा केले के खंभों से घरों के दरवाजों को सुसज्जित कारण चाहिए ,,
और सुंदर भोग प्रसाद तथा पान का भोग प्रसाद भेंट करना चाहिए.....
इस दिन रात्रि 12 बजे श्री महाकाली जी की पूजन का भी विधान हैं....
एक बार सनतकुमार ने ऋषि-मुनियों से कहा- महानुभाव! कार्तिक की अमावस्या को प्रातःकाल स्नान करके भक्तिपूर्वक पितर तथा देव पूजन करना चाहिए। उस दिन रोगी तथा बालक के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति को भोजन नहीं करना चाहिए। सायंकाल विधिपूर्वक लक्ष्मी का मंडप बनाकर उसे फूल, पत्ते, तोरण, ध्वजा और पताका आदि से सुसज्जित करना चाहिए। अन्य देवी-देवताओं सहित लक्ष्मी का षोड्शोपचार पूजन करना चाहिए। पूजनोपरांत परिक्रमा करनी चाहिए। 


*जिल शहर OBC अध्यक्ष बिलासपुर द्वारा गर्म कपड़े का वितरण किया गया*


जिला शहर कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग बिलासपुर के अध्यक्ष हीरा यादव द्वारा दीपावली के महापर्व पर पुराना बस स्टैंड जाकर गरीब बच्चो व बुजर्ग जनों को मिठाई गर्म कपड़े व जूते चप्पल बांटे ।इसके अलावा बेसहारा लोगो को जरूरी वस्तुओ का भी वितरण किया गया
जिला शहर अध्यक्ष हीरा यादव द्वारा नगर वासियों को दीपावली पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की गई 


*नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने दी सभी प्रदेशवासियों दीपावली पर्व की बधाई*

बिलासपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने दीपावली पर्व पर सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह दीपावली का पर्व प्रदेशवासियों के जीवन में खुशहाली व उन्नति लाए।

नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने लोक कलाकार को दी दीपावली की बधाई

 

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने ग्राम अमेरीकापा.   (ताला ) के महिला लोककलाकारों से मुलाकात कर उन्हें दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दी। महिला समिति के लोककलाकारों ने परसदा स्थित निवास में पहुंचकर सुवा नृत्य की प्रस्तुति दी। इस दौरान प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि हमारे लोकजीवन में उत्सव के माध्यम से सबकी प्रगति की कामना करते हैं। यह अवसर हमारे संकल्प और मजबूती प्रदान करता है। उन्होंने लोक दल को शुभकामनाएं देते प्रदेशवासियों के प्रगति की कामना की है।

ब्यूरो रिपोर्ट 


*राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत तीसरे किश्त की राशि 73 करोड़ 49 लाख 11 हजार रुपए किसानों के खाते में,दीवाली पर खुशी हुई दुगनी*

बिलासपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 1 नवम्बर को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर जिले के 1 लाख 1 हजार 986 किसानों के खाते में खरीफ सीजन 2020-21 के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना अंतर्गत सब्सिडी की तीसरी किश्त 73 करोड़ 49 लाख 11 हजार रूपए अंतरित की गई। यह राशि मिलने से किसान दीपावली त्यौहार उत्साह से मना रहे है और अपने घर परिवार की जरूरते भी पूरी कर रहे है।
जिले के तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम निरतू करहीपारा के किसान  राजेन्द्र ओगरे को तीसरी किश्त के रूप में 3800 रूपए प्राप्त हुए हंै। पिछले दो किश्तों में भी हर बार इतनी ही रकम उन्हें मिली थी। राजेन्द्र ने बताया कि उसने 22 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा था। उसके पास 1.5 एकड़ खेत है। जिससे परिवार का गुजारा नहीं होता। वह शहर जाकर रोजी मजूरी भी करता है। तीसरी किश्त की राशि उसके खाते में आई है। जिससे वह अपने दोनों बच्चों के लिए फटाखे, नये कपड़े व मिठाई खरीद रहा है। इस तरह समय पर राशि मिलने से दीपावली त्यौहार की खुशी दोगुनी हो गई है।
बिल्हा विकासखण्ड के ग्राम बहतराई के किसान  घासीराम सूर्यवंशी को के खाते में 6 हजार रूपए आए है। उसके पास 2.5 एकड़ खेत है। जिसमें 83 कट्टी धान की पैदावार हुई, जिसे उसने खरीदी केन्द्र में बेचा था। दो किश्त की राशि पहले मिल गई है, अब तीसरी किश्त मिली है। घासीराम ने बताया कि इस राशि से उसका परिवार त्यौहार मना रहा है साथ ही दूसरों से लिया गया कर्ज भी वह चुकता करेगा। इन किसानों ने मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल का आभार व्यक्त किया। सही समय पर उन्हें राशि मिलने से वे सभी हर्षाेल्लास के साथ दीपावली मना पा रहे है।

ब्यूरो रिपोर्ट


छात्र हर्ष के द्वारा बनाई गई ड्राइंग को राज्योत्सव में मिली भरपूर सराहना,अपना जीवंत स्केच देखकर कलेक्टर मित्तर भी हुए कायल*

बिलासपुर । शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला चांटीडीह बिलासपुर में कक्षा दसवीं में अध्ययनरत छात्र हर्ष रजक की ड्राईंग कला को जो भी देखता है मंत्रमुग्ध हो जाता है। विगत दिवस पुलिस ग्राउंड में आयोजित राज्योत्सव मेले मे शिक्षा विभाग के स्टाल में छात्र कीे इस कला प्रतिभा को देखकर अतिथियो के साथ-साथ दर्शक भी कायल हो गये थे। हर्ष ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और डाॅ. सारांश मित्तर का जीवंत स्केच बनाया था जिसकी भरपूर सराहना उसे मिली। अब कला उत्सव में भी यह छात्र छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेगा। छात्र आज हर्ष अपने स्कूल के शिक्षको और परिजनों के साथ कलेक्टर से मिलने पहुंचा और उनसे औपचारिक मुलाकात कर अपने द्वारा बनाया गया उनका स्केच भेंट किया। कलेक्टर उसकी प्रतिभा से बहुत ही प्रभावित हुए एवं उसके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए छात्र की मांग पर संस्था में इसी प्रकार की गतिविधियों के लिए एक अतिरिक्त कक्ष बनवाने का आश्वासन दिया है।इस मौके पर शाला प्राचार्य अलका अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सहायक संचालक विधि प्रकोष्ठ  संदीप चोपड़े, संस्था के व्याख्याता सुनील कौशिक तथा माता ईश्वरी रजक, पिता  संतोष रजक उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि छात्र हर्ष का परिवार अत्यंत गरीब है। उसके पिता होटल में वेटर है और माता दूसरो के घरो में काम करती है। इस तरह उनके परिवार का गुजारा होता है। हर्ष को बचपन से ही ड्राइंग पेंटिंग का शौक है। गरीबी उसकी प्रतिभा में बाधक नही बनी। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला चांटीडीह में दाखिला पश्चात् यहां के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने उसे लगातार प्रोत्साहित किया एवं कला उत्सव एवं अन्य प्रतियोगिताओं में भाग लेने का उसे अवसर प्रदान किया जिससे उसकी कला में निरंतर निखार आता गया। वर्तमान में छात्र की बनाई हुई ड्राइंग रायपुर में आयोजित कला उत्सव के लिए चयनित हुई है। जिसमें वह बिलासपुर की ओर से राज्य का प्रतिनिधित्व करेगा।

 

 


नरक चतुर्दशी पर 16100 कन्याओं के रक्षक हुए द्वारिकाधीस-आचार्य रजनीकांत*

दीपावली पर्व के ठीक एक दिन पहले मनाई जाने वाली नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली,रूप चौदस और काली चतुर्दशी भी कहा जाता है। मान्यता है कि, कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी के विधि-विधान से पूजा करने वाले व्यक्ति को सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।
इसी दिन शाम को दीपदान की प्रथा है जिसे यमराज के लिए किया जाता है। इस पर्व का जो महत्व है उस दृष्टि से भी यह अत्यंत ही महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पांच पर्वों की श्रृंखला के मध्य में आने वाला त्योहार है। दीपावली से दो दिन पहले धनतेरस फिर नरक चतुर्दशी या छोटी दीपावली। इसे छोटी दीपावली इसलिए कहा जाता है क्योंकि दीपावली से एक दिन पहले रात के वक्त उसी प्रकार दीए की रोशनी से रात के तिमिर को प्रकाश पुंज से दूर भगा दिया जाता है जैसे दीपावली की रात को।

क्या है इसकी कथा-

इस रात दीए जलाने की प्रथा के संदर्भ में कई पौराणिक कथाएं और लोकमान्यताएं हैं। एक कथा के अनुसार आज के दिन ही भगवान श्री कृष्ण ने अत्याचारी और दुराचारी दुर्दांत असुर नरकासुर का वध किया था और सोलह हजार एक सौ कन्याओं को नरकासुर के बंदी गृह से मुक्त कर उन्हें सम्मान प्रदान किया था। इस उपलक्ष्य में दीयों की बारात सजाई जाती है।
इस दिन के व्रत और पूजा के संदर्भ में एक दूसरी कथा यह है कि रंति देव नामक एक पुण्यात्मा और धर्मात्मा राजा थे। उन्होंने अनजाने में भी कोई पाप नहीं किया था लेकिन जब मृत्यु का समय आया तो उनके समक्ष यमदूत आ खड़े हुए।
यमदूत को सामने देख राजा अचंभित हुए और बोले मैंने तो कभी कोई पाप कर्म नहीं किया फिर आप लोग मुझे लेने क्यों आए हो क्योंकि आपके यहां आने का मतलब है कि मुझे नर्क जाना होगा। आप मुझ पर कृपा करें और बताएं कि मेरे किस अपराध के कारण मुझे नरक जाना पड़ रहा है।
यह सुनकर यमदूत ने कहा कि हे राजन् ! एक बार आपके द्वार से एक बार एक ब्राह्मण भूखा लौट गया था, यह उसी पापकर्म का फल है। इसके बाद राजा ने यमदूत से एक वर्ष समय मांगा। तब यमदूतों ने राजा को एक वर्ष का समय प्रदान किया । राजा अपनी व्यथा लेकर ऋषियों के पास पहुंचे और उन्हें अपनी सारी कहानी सुनाकर उनसे इस पाप से मुक्ति का क्या उपाय पूछा।
तब ऋषि ने उन्हें बताया कि कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी का व्रत करें और ब्राह्मणों को भोजन करवा कर उनके प्रति हुए अपने अपराधों के लिए क्षमा याचना करें। राजा ने वैसा ही किया जैसा ऋषियों ने उन्हें बताया। इस प्रकार राजा पाप मुक्त हुए और उन्हें विष्णु लोक में स्थान प्राप्त हुआ। उस दिन से पाप और नर्क से मुक्ति हेतु भूलोक में कार्तिक चतुर्दशी के दिन का व्रत प्रचलित है।

क्या है इसका महत्व-

इस दिन के महत्व के बारे में कहा जाता है कि इस दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर तेल लगाकर और पानी में चिरचिरी के पत्ते डालकर उससे स्नान करने करके विष्णु मंदिर और कृष्ण मंदिर में भगवान का दर्शन करना करना चाहिए। इससे पाप कटता है और रूप सौन्दर्य की प्राप्ति होती है।
कई घरों में इस दिन रात को घर का सबसे बुजुर्ग सदस्य एक दीया जला कर पूरे घर में घुमाता है और फिर उसे ले कर घर से बाहर कहीं दूर रख कर आता है। घर के अन्य सदस्य अंदर रहते हैं और इस दीए को नहीं देखते। यह दीया यम का दीया कहलाता है। माना जाता है कि पूरे घर में इसे घुमा कर बाहर ले जाने से सभी बुराइयां और कथित बुरी शक्तियां घर से बाहर चली जाती हैं।रूप चतुर्दशी के दिन उबटन और तेल से स्नान करने का बेहद महत्व है। इस दिन तेल स्नान करने के पीछे पौराणिक कारण भी है।

जानिए इस दिन क्यों करते हैं तेल स्नान और क्या महत्व है इसका 


कहा जाता है कि इस दिन भगवान् श्रीकृष्ण और उनकी पत्नी सत्यभामा ने नरकासुर (भौमासुर) नामक राक्षस का वध किया था। यही कारण है कि इसे नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है।
जब भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध कि‍या, तो वध करने के बाद उन्होंने तेल से स्नान किया था। तभी से इस दिन तेल से स्नान की यह प्रथा शुरू हुई। ऐसा माना जाता है कि यह स्नान करने से नरक से मुक्ति मिलती है और स्वर्ग व सौंदर्य की प्राप्ति होती है।

 


इस दिन श्रीकृष्ण की विशेष पूजा की जाती है और उनके मंत्र का उच्चारण किया जाता है। जानिए श्रीकृष्ण का यह मंत्र -

वसुदेव सुत देवं, नरकासुर मर्दनम । देवकी परमानन्दं, कृष्णम वंदे जगद्गुरूम ।


काली पूजन का है विशेष महत्व-

भारतवर्ष में रूप चतुर्दशी का पर्व यमराज के प्रति दीप प्रज्जवलित कर, यम के प्रति आस्था प्रकट करने के लिए मनाया जाता है, लेकिन बंगाल में मां काली के जन्मदिन के रूप में भी मनाया जाता है, जिसके कारण इस दिन को काली चौदस कहा जाता है।
इस दिन मां काली की आराधना का विशेष महत्व होता है। काली मां के आर्श‍िवाद से शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने में सफलता मिलती है।


आचार्य रजनीकांत शर्मा
प्रदेश धर्माचार्य छत्तीसगढ़ प्रान्त
(हिंदू शक्ति सेवा संगठन) 

 


कलेक्टर ने ग्रीन ट्रिब्यूनल के नियमों का पालन करने की लोगो से की अपील, दीपावली सहित अन्य पर्वो पर पटाखे फोड़ने रहेगी सीमित अवधि*

बिलासपुर। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, प्रिंसिपल बैंच, नई दिल्ली द्वारा पटाखों के उपयोग के संबंध आदेश पारित किया गया है। पारित आदेश में केवल हरित पटाखों का विक्रय एवं उपयोग करने कहा गया है। दीपावली, छठ, गुरू पर्व तथा नया वर्ष, क्रिसमस के अवसर पर पटाखों को फोड़ने की अवधि 2 घंटे निर्धारित की गई है।
दीपावली पर्व में पटाखा फोड़ने की अवधि रात्रि 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक, छठ पूजा में प्रातः 6 बजे से प्रातः 8 बजे तक, गुरू पर्व में रात्रि 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक, नया वर्ष एवं क्रिसमस में रात्रि 11.55 बजे से रात्रि 12.30 बजे तक निर्धारित की गई है।
कम प्रदूषण उत्पन्न करने वाले इम्प्रूव्ड एवं हरित पटाखों की बिक्री केवल लाइसेंस्ड ट्रेडर्स द्वारा की जा सकेगी। केवल उन्हीं पटाखों को उपयोग के लिए बाजार में बेचा जा सकेगा, जिनसे उत्पन्न ध्वनि का स्तर निर्धारित सीमा के भीतर हो। सीरीज पटाखे अथवा लड़ियों की बिक्री, उपयोग एवं निर्माण प्रतिबंधित किया गया है। पटाखों का बहुतयात में उपयोग होने से वायु प्रदूषण के स्तर में वृद्धि होती है। अतएव उच्चतम न्यायालय एवं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, प्रिंसिपल बेंच नई दिल्ली द्वारा पटाखों के उपयोग के संबंध में उल्लेखित आदेशों का पालन किया जाना आवश्यक है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डाॅ. सारांश मित्तर ने दीपावली, छठ पूजा गुरू पर्व, नया वर्ष एवं क्रिसमस में माननीय उच्चतम न्यायालय एवं माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, प्रिंसिपल बेंच नई दिल्ली के आदेशों का पालन करने की अपील जिले के समस्त नागरिकों से की है।

ब्यूरो रिपोर्ट


*लाईवलीहुड कालेज निपनिया में संपन्न हुआ जिला स्तरीय जॉब मेला*

बिलासपुर। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, जिला पंचायत बिलासपुर एवं जिला कौशल विकास प्रॉधिकरण, जिला रोजगार कार्यालय बिलासपुर के संयुक्त तत्वाधान में जिला स्तरीय जॉब मेला का आयोजन लाईवलीहुड कॉलेज, निपनिया बिलासपुर में किया गया। रोजगार मेला में 13 निजी एजेंसी, प्रतिष्ठान से प्राप्त रिक्तियों के विरूद्ध 523 आवेदक विभिन्न पदों हेतु साक्षात्कार में शामिल हुए जिसमें 211 आवेदकों का प्रारंभिक चयन किया गया तथा 137 आवेदक अंतरिम रूप से चयनित हुए शेष आवेदकों के चयनकी कार्यवाही पूर्ण कर नियोजको द्वारा जिला रोजगार कार्यालय बिलासपुर को सूचित किया जायेगा। रोजगार मेला में उप संचालक रोजगार कार्यालय एवं जिला कौशल विकासप्रॉधिकारण बिलासपुर हेमंत पहारे, सहायक परियोजना अधिकारी लाईवलीहुड कॉलेज बिलासपुर एवं प्रभारी जिला कार्यक्रम प्रबंधक-आजीविका (एन.आर.एल.एम) उमाकांत पटेल, प्रभारी जिला कार्यक्रम प्रबंधक-वित्तीय समावेशन जिला पंचायत बिलासपुर अजीत कुमार वर्मा तथा जनपद पंचायत बिल्हा के अन्य अधिकारी मौजूद रहे

 


राज्य स्थापना के 21वी वर्षगांठ पर बिलासपुर जिला मुख्यालय में राज्योत्सव का रंगारंग आयोजन किया गया*

बिलासपुर । छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 21 वें वर्षगांठ पर आज बिलासपुर जिला मुख्यालय में राज्योत्सव का रंगारंग आयोजन किया गया। इस उत्सव में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने भी उत्साह पूर्वक भागीदारी की। राज्योत्सव का उद्घाटन करते हुए संसदीय सचिव इंद्रशाह मंडावी ने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी जन-जन तक शासकीय योजनाओं को पहुंचाने का कार्य करें, जिससे खुशहाली आएगी और गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना साकार होगी।
पुलिस ग्राउंड में आयोजित राज्योत्सव में विभिन्न विभागों ने स्टाल लगाकर अपनी विभागीय योजनाओं का जीवंत प्रदर्शन किया। सभी स्टालों में लोगों की भारी भीड़ रही। उत्सव में पहुंचे लोग छत्तीसगढ़ एवं जिले के विकास की झलक देख रहे थे और जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ले रहे थे।
समारोह के मुख्य अतिथि मंडावी एवं अन्य अतिथियों ने सभी स्टालों का अवलोकन किया और विभागों के प्रयासों की सराहना की। अपने उद्बोधन में श्री मंडावी ने शासन की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना का 21 वां वर्ष एक नवा अंजोर लेकर आया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार ने जनता के साथ किए गए 28 वायदों को पूरा कर दिया है। किसान जो धूप और बारिश में कड़ी मेहनत कर धान उपजाते हैं हैं, उन्हें उनकी उपज की कीमत 2500 रुपए देने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है। किसानों द्वारा लिए गए पूरे कर्ज को भी माफ किया गया।
श्री मंडावी ने स्कूल, कॉलेज तथा अन्य विभागों में हजारों पदों पर की गई भर्ती का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने मध्यम एवं गरीब वर्ग के बच्चों का भी अंग्रेजी स्कूल में पढ़ने का सपना साकार किया है। श्री मंडावी ने नरवा गरूआ, घुरवा बारी, योजना, स्व सहायता समूह की महिलाओं की कर्ज माफी, गोधन न्याय योजना तथा शासन की अन्य महत्वाकांक्षी योजनाओं को रेखांकित किया। मंडावी ने कहा कि अरपा नदी में बैराज निर्माण से आने वाले समय में बिलासपुर में पानी की जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 3 वर्षों में गांव में विकास की धारा बहाने एवं किसानों को सशक्त बनाने, अनुसूचित जाति जनजाति एवं अन्य वर्गों के कल्याण के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने अभिनव कदम उठाए हैं।
जिला पंचायत के अध्यक्ष अरुण सिंह चैहान ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश उत्तरोत्तर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनके क्रियान्वयन के चलते निश्चित ही प्रदेश का भविष्य उज्जवल है।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत करते हुए डॉ सारांश मित्तर ने जिले में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की विशेष रूचि के कारण जीवनदायिनी अरपा नदी अपने पुराने स्वरूप में लौट रही है और बिलासपुर से हवाई सेवा शुरू हो चुकी है। उत्सव में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति के अलावा शास्त्रीय संगीत व नृत्य की प्रस्तुति की गई। देर रात तक अतिथियों और दर्शकों ने इसका आनंद उठाया।
कार्यक्रम में महापौर रामशरण यादव, संभागायुक्त डॉ संजय अलंग, आईजी रतनलाल डांगी, पुलिस अधीक्षक दीपक झा, जिला पंचायत के सीईओ हैरीश एस., जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रमोद नायक, अभय नारायण राय, अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी व आम जनता बड़ी संख्या में उपस्थित रही।

ब्यूरो रिपोर्ट 


धनतेरस त्यौहार पर विशेष:प्रथम सुख निरोगी काया,इन वस्तुओं के ख़रीदी से आएगी संपन्नता,जानिए शुभ मुहूर्त-आचार्य रजनीकांत शर्मा से*

इस वर्ष धनतेरस का पवित्र त्यौहार 2 नवंबर को है. माना जाता है कि भगवान धन्वन्तरि जी इसी दिन समुद्र मंथन के अंतर्गत हाथ में अमृत का कलश लेकर प्रकट हुए थे. धन्वन्तरि महाराज देवताओं के वैद्य हैं. यही कारण है कि धनतेरस के दिन अपनी स्वास्थ्य की रक्षा और आरोग्य के लिए धन्वन्तरि देव जी की उपासना की जाती है. इस दिन को कुबेर का दिन भी माना जाता है और धन सम्पन्नता के लिए कुबेर की पूजा की जाती है.इस दिन लोग मूल्यवान धातुओं का और नए बर्तनों व आभूषणों की खरीदारी करते हैं.

धनतरेस के दिन घर लाएं ये एक चीज-

साल भर घर में धन का अभाव ना हो इसके लिए एक खास उपाय जरूर करें. धनतेरस के दिन धन-धान्य और समृद्धि के लिए चांदी खरीदना बहुत शुभ माना जाता है. इस दिन छोटी ही सही चांदी की वस्तु जरूर खरीदें. इस चांदी की वस्तु को घर में पूजा स्थान पर रख दें. दीपावली के दिन इस वस्तु को मां लक्ष्मी को अर्पित करें. दीपावली के अगले दिन इसको चावल के ढेर में डाल दें , और इसे वहीं पर साल भर रहने दें. इससे आपके घर में धन की बिल्कुल भी समस्या नहीं होगी.

धनतेरस का शुभ मुहूर्त-

2 नवंबर को प्रदोष काल शाम 5 बजकर 37 मिनट से रात 8 बजकर 11 मिनट तक का है. वहीं वृषभ काल शाम 6.18 मिनट से रात 8.14 मिनट तक रहेगा. धनतेरस पर पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 6.18 मिनट से रात 8.14 मिनट तक रहेगा धनतेरस का त्योहार पर लोगों को खरीदारी की पूरी लिस्ट तैयार रखनी होगी. धनतेरस पर सोने-चांदी की चीजें, बर्तन, झाड़ू और धनिया ... यह जरूर खरीदे

आचार्य रजनीकांत शर्मा ने बताया कि धनतेरस के दिन
लोहे ,स्टील ,एल्युमिनियम, प्लास्टिक ,चीनी मिट्टी के खिलौने अथवा बर्तन तथा कांच के बर्तन , खाली बर्तन एवं काले वस्तु लाने से परहेज करना चाहिए 

शुभ धनतेरस