*मुख्यमंत्री से किए मुलाकात चन्दूलाल चंद्राकर मेडिकल कालेज के छात्र और पालकगण*

रायपुर-मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज उनके निवास कार्यालय में चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग में अध्ययनरत छात्रों एवं उनके पालकों ने मुलाकात की। पालकों ने मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा की जा रही पहल और कॉलेज के अधिग्रहण के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का आभार जताया। पालकों ने कहा कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार ने न सिर्फ ऐतिहासिक निर्णय लिया है, बल्कि राजधर्म का भी पालन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे हमारे भविष्य है। इनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शासन हर संभव प्रयास करेगा।
गौरतलब है कि चंदूलाल चंद्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग में 2017 बैच के 180 छात्र चतुर्थ वर्ष में अध्ययनरत है। यहां इन बच्चों का अध्यापन कार्य प्रभावित होने की वजह से मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर राज्य शासन द्वारा बच्चों को अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेज में पुनः आबंटन (रिएलोकेट) किए जाने का आदेश छत्तीसगढ़ शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी किया गया है। हॉस्पिटल बोर्ड के राज्य अध्यक्ष और आईएमए मेडिकल स्टूडेंट नेटवर्क के राज्य संयोजक डॉ. राकेश गुप्ता ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को बताया कि 2017 के पूर्व बैच के लगभग 300 मेडिकल छात्र इंटर्नशिप पूरा कर रहे हैं, अब वे पीजी नीट की परीक्षा में बैठेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल एवं संवेदनशीलता से 480 छात्रों का भविष्य सुरक्षित हुआ है। मेडिकल छात्र श्री अक्षत ने कॉलेज के एमबीबीएस के छात्रों के रिएलोकेशन के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि छात्रों को उनके गृह जिले के शासकीय जिला चिकित्सालयों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में इंटर्नशिप करने का अवसर भी दिया जाना चाहिए, इससे इंटर्नशिप के दौरान उन्हें ज्यादा सीखने का मौका मिलेगा। डॉ. राकेश गुप्ता का कहना है कि किसी भी राज्य में निजी मेडिकल कॉलेज के लिए एमसीआई तभी अनुमति देती है, जब राज्य सरकार की ओर से यह लिखित में दिया जाता है कि वह इस कॉलेज में अध्ययनरत बच्चों के हितों की पूरी तरह से सुरक्षा करेगी। कई राज्यों में निजी मेडिकल कॉलेजों की मान्यता समाप्त होने के बाद अध्ययनरत छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार द्वारा इस तरह के कदम उठाए गए हैं। उन्होंने उत्तराखंड के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का भी उल्लेख करते हुए बताया कि जिसमें कहा गया है कि राज्य सरकार मेडिकल छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए नैतिक रूप से जवाबदार है।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य की जनता, छात्रों के हितों तथा प्रदेश में तेजी से चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के उद्देश्य से चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग के अधिग्रहण का निर्णय लिया गया है। आमतौर पर किसी चिकित्सा महाविद्यालय की अधोसंरचना को तैयार करने में ही करीब 500 करोड़ रूपए की लागत और काफी समय लग जाता है। मेडिकल कॉउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा मान्यता प्राप्त 150 सीट वाले चंदूलाल चंद्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग के राज्य शासन द्वारा अधिग्रहण से आधी से कम लागत में ही एक और शासकीय मेडिकल कॉलेज का लाभ प्रदेश की जनता और छात्रों को तत्काल मिल सकेगा। इस अवसर पर डॉ. बसंत आंचल, डॉ. प्रवीण चंद्राकर, डॉ. छत्तर सिंह, डॉ. रूपल पुरोहित, श्री विश्वजीत मित्रा, डॉ. अक्षत तिवारी सहित छात्र एवं पालकगण उपस्थित थे। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*क्वान्टिफाइबल डाटा आयोग के कार्यालय का सागौन बंगाल परिसर रायपुर में प्रारम्भ*

रायपुर-छत्तीसगढ़ राज्य की जनसंख्या में अन्य पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की गणना हेतु छत्तीसगढ़ शासन द्वारा छत्तीसगढ़ क्वान्टीफायबल डाटा आयोग का गठन किया गया है। जिसका कार्यालय पी.डब्ल्यू.डी. चौक, सागौन बंगला परिसर, कटोरा तालाब, रायपुर में प्रारंभ हो चुका है। अन्य पिछड़े वर्ग की संख्या से संबंधित यदि कोई जानकारी देना चाहते हैं, तो कार्यालयीन समय में इस परिसर में आकर जानकारी प्रस्तुत कर सकते हैं।
डाटा आयोग के निर्देश पर चिप्स द्वारा वेब पोर्टल के माध्यम से डाटा एकत्रिकरण का कार्य किया जावेगा। इस हेतु अनुसूचित क्षेत्रों में दो पंचायत पर एक तथा मैदानी क्षेत्रों में चार पंचायत पर एक सुपरवाईजर नियुक्त किया गया है। इस संबंध में चिप्स द्वारा सुपरवाईजरों के लिए प्रशिक्षण आज 27 जुलाई 2021 से प्रारंभ किया गया है। यह प्रशिक्षण ऑनलाईन किया गया है। प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ आयोग के अध्यक्ष श्री सी.एल. पटेल, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश के द्वारा वर्चुअल रूप से किया गया। इस अवसर पर आयोग के सचिव श्री बी.सी. साहू द्वारा आयोग के गठन एवं कार्यों की पृष्ठभूमि के संबंध में प्रशिक्षणार्थियों को संक्षिप्त रूप से बताया गया। प्रशिक्षणार्थियों को वेब पोर्टल का तकनीकी मार्गदर्शन चिप्स की कन्सलटेंट श्रीमती दिव्या किरण एवं उनके सहयोग साथियों के द्वारा दिया गया।
इच्छुक व्यक्ति कार्यालयीन समय में अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या संबंधी जानकारी कार्यालय में दे सकते हैं
गणना हेतु नियुक्त सुपरवाईजरों का ऑनलाईन प्रशिक्षण प्रारंभ

ब्यूरो रिपोर्ट


प्रदेश के 26 जिलों में संक्रमण दर एक प्रतिशत से नीचे-देखिए रिपोर्ट*

रायपुर-26 जुलाई को प्रदेश की औसत संक्रमण दर 0.51 प्रतिशत रही, बेमेतरा और कवर्धा जिले में नहीं मिला एक भी नया मरीज
छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण की दर नियंत्रण में है। विगत 26 जुलाई को प्रदेश के 26 जिलों में संक्रमण की दर एक प्रतिशत से नीचे रही है। इन जिलों में संक्रमण की दर शून्य प्रतिशत से 0.81 प्रतिशत रही। बेमेतरा और कवर्धा जिले में संक्रमण का कोई नया मामला नहीं आया।
26 जुलाई को प्रदेश की औसत संक्रमण दर 0.51 प्रतिशत रही है। कुल 37 हजार 440 सैंपलों की जांच में 192 सैंपल पॉजिटिव पाए गए। अभी राज्य के केवल दो जिलों बीजापुर और कांकेर में संक्रमण की दर एक प्रतिशत से अधिक है। 26 जुलाई को बीजापुर में संक्रमण की दर 1.35 प्रतिशत और कांकेर में 1.6 प्रतिशत रही है। 

ब्यूरो रिपोर्ट


प्रदेश में आज 128 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान हुई व 254 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज हुए- देखिए जिलेवार रिपोर्ट*

आज 128 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान हुई व 254 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए।


*मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में सवाल के जवाब में बताया, सिंचाई पंपो को नवम्बर तक विधुत कनेक्शन*

रायपुर-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज विधानसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि आगामी नवंबर माह तक राज्य में सिंचाई पम्पों के विद्युत कनेक्शन के सभी लंबित मामले निराकृत कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों के हित सरकार प्रथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के बावजूद भी राजय में सिंचाई पंपों को विद्युत कनेक्शन दिए जाने का कार्य जारी है। बीते पांच माह में 11 हजार 661 सिंचाई पंपों को कनेक्शन दिए जा चुके है। उन्होंने सदन को इस बात के लिए आश्वस्त किया कि नवम्बर 2021 तक शेष विद्युत पंपों को कनेक्शन दे दिया जाएगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्भूपेश बघेल ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान किसानों के 35 हजार 161 सिंचाई पंपों के ऊर्जीकरण की घोषणा की थी। इसके परिपालन में अब तक 11 हजार 661 सिंचाई पंपों को बिजली कनेक्शन दे दिए गए हैं और 23 हजार 500 सिंचाई पंपों को कनेक्शन देने का कार्य प्रगति पर है।यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा सिंचाई पंपों के ऊर्जीकरण के लिए आवश्यक विद्युत लाइनों के विस्तार हेतु समय-समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वर्तमान समय में प्रत्येक पंप के लिए विद्युत लाइन विस्तार आवश्यक होने पर एक लाख प्रति पंप के मान से अनुदान सहायता दी जा रही है। प्रतिवर्ष उपलब्ध कराए गए अनुदान में से राशि की बचत होने पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा प्रति पंप अधिकतम 1.50 लाख रूपए लागत व्यय पर विद्युत लाइन विस्तार के कार्य भी स्वीकृत करने की व्यवस्था है। इसके अतिरिक्त बस्तर एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा ग्रामीण विकास प्राधिकरण द्वारा द्वारा भी ऐसे सिंचाई पंप कनेक्शन, जिनके ऊर्जीकरण के लिए राज्य शासन द्वारा निर्धारित अनुदान की सीमा से अधिक लागत व्यय पर लाइन विस्तार की आवश्यकता होती है, इसके लिए भी अतिरिक्त अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। 


*विधानसभा का मानसून सत्र:बीजेपी के हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित*

रायपुर-हो हंगामे के बीच छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित की गई है। मानसूत्र सत्र के पहले दिन विधायक बृहस्पत सिंह पर हमले के मुद्दे पर सदन गरमाया। भाजपा विधायकों ने जमकर इस मुद्दे पर हंगामा किया। विपक्ष के भारी शोरगुल के बीच सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि हमारी जानकारी में ये पहली घटना है। ये सिर्फ कांग्रेस के लिए ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए दुर्भाग्यजनक है। विपक्ष की मांग है कि सदन की कमेटी से इसकी जांच कराई जाए। इस सरकार में संवादहीनता की स्थिति है। एक मंत्री को अपनी बात रखने के लिए चिट्ठी लिखनी पड़ती है। भाजपा के वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ऐसा गंभीर मुद्दा दूसरा कोई नहीं हो सकता। ये दुर्भाग्यजनक है,देश के इतिहास में ऐसी घटना नहीं हुई। एक विधायक का मंत्री पर आरोप है कि वे मेरी हत्या करा सकते हैं। अजय चंद्राकर ने कहा कि विधायक ही सुरक्षित नहीं है। नारायण चंदेल ने इसे सदन शुरू होने से पूर्व विधायिका पर हमला बताया। ननकीराम कंवर ने इस मामले में जांच की घोषणा करने की बात कही। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*सावन का पहला सोमवार आज,शिवालय में भक्तों की भीड़ भोलेनाथ करेंगे मनोकामना पुर्ण,राशि अनुसार करे पूजन*

बिलासपुर-आज है सावन मास का पहला सोमवार,सावन का ज्योतिष महत्व यह है कि श्रावण मास के प्रारंभ में सूर्य राशि परिवर्तन करते हैं। सूर्य का गोचर सभी 12 राशियों को प्रभावित करता है।
सावन मास शिवजी के साथ मां पार्वती को भी समर्पित है। भक्त सावन महीने में सच्चे मन और पूरी श्रद्धा के साथ महादेव का व्रत धारण करता है, उसे शिव का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त होता है। विवाहित महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने और अविवाहित महिलाएं अच्छे वर के लिए भी सावन में शिव जी का व्रत रखती हैं। श्रावण मास में राशियों के अनुसार शिव जी का अभिषेक करने से भक्तों को निश्चित मन चाहा फल मिलता है।

राशि अनुसार करे पूजन-

मेष राशी :- शहद से
वृष् राशी :- दही से
मिथुन राशी :- गन्ने के रस से
कर्क राशी :- दुध से
सिंहराशी :- गुड के शर्बत से
कन्या राशी :- गन्ने के रस से
तुला राशी :- सुगंधित इत्र से
वृश्चिक राशी :- शहद से
धनु राशी :- ह्ल्दी मिश्रित दुध से
मकर और कुम्भ राशी :- सरसों के तेल से
मीन राशी :- ह्ल्दी मिश्रित जल से 


प्रदेश में आज 130 नए मरीज़ों की पहचान हुई 176 मरीज़ ठीक हुए है -देखिए जिलेवार रिपोर्ट*

आज 130 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान हुई व 176 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए


*छग योग आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्यों के कार्यभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री।*

स्वस्थ तन और मन के लिए योग हमारी दिनचर्या में शामिल हो।-मुख्यमंत्री

 

रायपुर।-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्यों के कार्यभार ग्रहण समारोह में राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल रूप से शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा और सदस्यों रवि बक्श, रविन्द्र सिंह, गणेश योगी तथा राजेश नारा को उनके नवीन दायित्व के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज तथा बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विक्रम मंडावी एवं विधायक श्रीमती देवती कर्मा उपस्थित थे। कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राजेन्द्र तिवारी, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी तथा समाज कल्याण विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुडे़।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्राचीन ज्ञान से जुड़े योग हमारे देश की एक परंपरा है। योग से हमारे तन और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं और इससे हमारा शरीर निरोगी हो सकता है। उन्होंने बताया कि योग का क्षेत्र व्यापक है। भगवान श्री कृष्ण ने तो इसे भक्तियोग, ज्ञानयोग तथा कर्मयोग से जोड़कर काफी विस्तार स्वरूप दिया। छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा इसकी महत्ता के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और इससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ा जाए। जिससे हम सभी की दिनचर्या में योग अनिवार्यतः शामिल हो जाए।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमति अनिला भेंड़िया ने भी संबोधित किया और योग के महत्व के बारे में जन जागरूकता लाने के लिए जोर दिया। कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ने संबोधित किया और छत्तीसगढ़ में योग को उच्चतम शिखर तक पहुंचाने के लिए हरसंभव पहल करने को कहा। 


*छग राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री।*

 

रायपुर।-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, संसदीय सचिव शिशुपाल शोरी, यू.डी. मिन्ज, विधायक मोहन मरकाम, गुलाब कमरो, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, छत्तीसगढ़ राज्य पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी, राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष सुश्री राजकुमारी दीवान, आयोग के सदस्य गणेश ध्रुव अमृत टोप्पो, श्रीमती अर्चना पोर्ते और नितिन पोटाई भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनसंख्या में 32 प्रतिशत जनसंख्या अनुसूचित जनजातियों की है और यहां 44 प्रतिशत क्षेत्र में वन हैं। आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को बहुत बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि आयोग के अध्यक्ष और सदस्य कर्तव्य निष्ठा से कार्य करते हुए आदिवासियों के हित में काम करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास पर उपस्थित लोकसभा सांसद दीपक बैज और राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम ने भी अध्यक्ष और सदस्यों को शुभकामनाएं दी।
 


*स्टेट क्वालिटी मॉनिटर्स के इम्पेनलमेंट के लिए 31 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित*

रायपुर-राज्य शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की एजेंसी छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत स्टेट क्वालिटी मॉनिटर्स के इम्पैनलमेंट के लिए आवेदन आमंत्रित किया है। इसके लिए कार्यपालन अभियंता या इससे उच्च पद से सेवानिवृत्त सिविल अभियंताओं तथा छत्तीसगढ़ व पड़ोसी राज्यों के इंजीनियरिंग या पॉलिटेक्निक कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राध्यापकों (सिविल इंजीनियरिंग) से आवेदन मंगाया गया है। आवेदकों को इन व्यावसायिक योग्यताओं के साथ ही सड़क या पुल या दोनों के निर्माण एवं रखरखाव का अनुभव होना आवश्यक है। आवेदन 31 जुलाई 2021 तक जमा किए जा सकते हैं। आवेदकों को मैदानी अनुभव (Field Experiences) से संबंधित दस्तावेज भी आवेदन के साथ संलग्न करने कहा गया है।
इम्पैनलमेंट के लिए पात्रता की शर्तें, स्टेट क्वालिटी मॉनिटर्स के कर्तव्य (Duty) और आवेदन पत्र का प्रारूप वेबसाइट www.pmgsy.nic.in (डब्लूडब्लूडब्लू डॉट पीएमजीएसवाई डॉट एनआईसी डॉट इन) पर ‘डीओ एंड एसक्यूएम सलेक्शन एंड परफॉर्मेंस इवेल्यूएशन (DO and SQM selection and performance evaluation)’ शीर्षक के तहत देखी जा सकती है। स्टेट क्वालिटी मॉनिटर्स के रूप में कार्य करने के इच्छुक आवेदक निर्धारित प्रारूप में अपना आवेदन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण, विकास भवन, सिविल लाइन, रायपुर को 31 जुलाई तक भेज सकते हैं। अभिकरण ने एनआरआईडीए (NRIDA) में नेशनल क्वालिटी मॉनिटर और दूसरे राज्यों में स्टेट क्वालिटी मॉनिटर के रूप में इम्पैनल्ड अधिकारियों तथा 31 जुलाई 2021 को 70 साल की उम्र पूरी कर रहे अधिकारियों को आवेदन नहीं करने कहा है। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*कोरोना से बचाव के लिए प्रदेश में अब तक 1.16करोड़ टिके लगाए गए,रायपुर वैक्सीनेशन के मामले में देश के महानगरों से आगे*

रायपुर-कोरोना से बचाव के लिए प्रदेश में अब तक (22 जुलाई तक) एक करोड़ 15 लाख 73 हजार 458 टीके लगाए गए हैं। प्रदेश के 94 लाख दस हजार 415 लोगों को इसका पहला टीका और 21 लाख 63 हजार 043 को दोनों टीके लगाए जा चुके हैं। प्रदेश में तीन लाख नौ हजार 094 स्वास्थ्य कर्मियों, तीन लाख 16 हजार 717 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 वर्ष से अधिक के 50 लाख 59 हजार 784 और 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के 37 लाख 24 हजार 820 नागरिकों को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगाया जा चुका है। वहीं दो लाख 43 हजार 880 स्वास्थ्य कर्मियों, दो लाख 23 हजार 659 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 वर्ष से अधिक के 15 लाख 95 हजार 478 तथा 18 से 44 आयु वर्ग के एक लाख 026 लोगों को दोनों टीके लगाए जा चुके हैं।
प्रदेश में 91 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों, शत-प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 वर्ष से अधिक के 86 प्रतिशत नागरिकों और 18 से 44 आयु वर्ग के 28 प्रतिशत युवाओं ने कोरोना से बचाव का पहला टीका लगवा लिया है। वहीं 72 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों, 76 प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स और 45 वर्ष से अधिक के 27 प्रतिशत लोगों ने दोनों टीके लगवा लिए हैं।
कोरोना सक्रंमण से बचाव के लिए बालोद जिले में अब तक चार लाख दस हजार 627, बलौदाबाजार-भाटापारा में चार लाख आठ हजार 732, बलरामपुर-रामानुजगंज में दो लाख 34 हजार 710, बस्तर में तीन लाख 49 हजार 787, बेमेतरा में दो लाख सात हजार 784, बीजापुर में एक लाख नौ हजार 223, बिलासपुर में सात लाख 30 हजार 484, दंतेवाड़ा में एक लाख 46 हजार 896, धमतरी में तीन लाख 87 हजार 289, दुर्ग में आठ लाख 41 हजार 252, गरियाबंद में एक लाख 96 हजार 858, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में एक लाख 50 हजार 525, जांजगीर-चांपा में पांच लाख 44 हजार 916 और जशपुर में तीन लाख 19 हजार 852 टीके लगाए जा चुके हैं।
कबीरधाम जिले में कोरोनारोधी टीके की पहली और दूसरी, दोनों खुराकों को मिलाकर दो लाख 98 हजार 141, कांकेर में तीन लाख आठ हजार 544, कोंडागांव में एक लाख 99 हजार 116, कोरबा में पांच लाख 24 हजार 361, कोरिया में दो लाख 27 हजार 373, महासमुंद में पांच लाख 80 हजार 499, मुंगेली में दो लाख 28 हजार 812, नारायणपुर में 46 हजार 441, रायगढ़ में 11 लाख 44 हजार 794, रायपुर में 13 लाख 50 हजार 201, राजनांदगांव में सात लाख 77 हजार 985, सुकमा में एक लाख 45 हजार 396, सूरजपुर में दो लाख 75 हजार 630 तथा सरगुजा में चार लाख 27 हजार 230 टीके अब तक लगाए गए हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट 


*झूठे,फर्जी गलत जाती प्रमाण-पत्रों के आधार पर सरकारी नौकरी कर रहे लोगो को तुरंत बर्खास्त करने निर्देश,सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को भेजा पत्र*

रायपुर- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के झूठे, फर्जी अथवा गलत प्रमाण-पत्रों के आधार पर नियुक्तियां प्राप्त कर लेने वाले शासकीय सेवकों की सेवाएं तत्काल समाप्त करने के लिए सभी विभागों के नाम परिपत्र जारी किया है। हाल ही में सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री बघेल से मुलाकात के दौरान इस मुद्दे की ओर उनका ध्यान आकर्षित करते हुए कार्यवाही का अनुरोध किया था। उद्योग मंत्री कवासी लखमा से भी आज ही इस मुद्दे सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने चर्चा की थी।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शासन के सभी विभागों, छत्तीसगढ़ राजस्व मंडल बिलासपुर के अध्यक्ष, सभी संभागीय आयुक्तों, सभी विभागाध्यक्षों, सभी जिला कलेक्टरों, जिला पंचायतों के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के नाम आज 24 जुलाई 2021 को जारी किए गए परिपत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देश के अनुपालन में विभागों से संबंधित ऐसे प्रकरण जिनके जाति प्रमाण, जाति प्रमाण-पत्र छानबीन समिति द्वारा फर्जी अथवा गलत पाए गए हैं, उन्हें तत्काल सेवा तथा महत्वपूर्ण पदों से पृथक किया जाए। ऐसे संपूर्ण प्रकरणों में महाधिवक्ता, छत्तीसगढ़ के माध्यम से शीघ्र सुनवाई करने के लिए उच्च न्यायालय से अनुरोध किया जाए तथा ऐसे प्रकरण जिनमें न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त नहीं है, उन्हें तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जाए। परिपत्र में कहा गया है कि सेवा समाप्ति का आदेश जारी करने के पूर्व प्रशासकीय विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में कैविएट दायर किया जाए। जिन प्रकरणों में न्यायालय का स्थगन प्राप्त हो, उनमें सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुसार विधि विभाग द्वारा समीक्षा की जाए और प्रशासकीय विभाग द्वारा स्थगन समाप्त करने की कार्यवाही तत्परतापूर्वक की जाए। सामान्य प्रशासन विभाग ने संबंधित फर्जी अथवा गलत जाति प्रमाण-पत्र धारकों के विरुद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी 07 दिनों के भीतर स्वयं को तथा आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने को कहा है।

ब्यूरो रिपोर्ट 


*Big Breaking: 12 बोर्ड के नतीजे घोषित,शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह ने जारी किए परिणाम-देखिए mornews*

रायपुर-स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेम साय सिंह टेकाम ने आज छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हायर सेकेण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा वर्ष 2021 का परिणाम ऑनलाईन घोषित किया। घोषित परीक्षाफल 97.43 प्रतिशत रहा। इसमें उत्तीर्ण बालिकाओं का प्रतिशत 98.06 और बालकों का प्रतिशत 96.69 है। इस अवसर पर संसदीय सचिव द्वय  विकास उपाध्याय और  द्वारिकाधीश यादव, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला, मण्डल के सचिव प्रोफेसर व्ही.के.गोयल, मण्डल के सदस्य और अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेम साय सिंह टेकाम ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हायर सेकेण्डरी परीक्षा में सफल सभी परीक्षार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हायर सेकेण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा में पंजीकृत 2 लाख 89 हजार 023 परीक्षार्थियों में से 2 लाख 86 हजार 850 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 2 हजार 402 छात्रों के परिणाम अपात्र होने के कारण निरस्त किए गए और 341 छात्रों के परिणाम बाद में घोषित किए जाऐंगे। आज घोषित 2 लाख 84 हजार 107 छात्रों के परिणाम में से एक लाख 30 हजार 561 बालक और एक लाख 53 हजार 546 बालिकाएं है। उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की कुल संख्या 2 लाख 76 हजार 817 है, जो घोषित परीक्षाफल का 97.43 प्रतिशत है। घोषित परीक्षा परिणाम में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या 2 लाख 71 हजार 155 है, जो 95.44 प्रतिशत है, द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या 5 हजार 570 है, जो 1.63 प्रतिशत है और तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या 79 है, जो .03 प्रतिशत है। 13 परीक्षार्थियों को पास श्रेणी में उत्तीर्ण घोषित किया गया है और पूरक की पात्रता 2035 परीक्षार्थियों को दी गई है। इसके अतिरिक्त 5 हजार 255 परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण हुए है, इसमें 3 हजार 204 बालक और 2 हजार 51 बालिकाएं है।
हायर सेकेण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट मुख्य परीक्षा वर्ष 2020 में कुल 2 लाख 75 हजार 495 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए थे, जिनमें 2 लाख 16 हजार 526 परीक्षार्थी (कुल 78.59 प्रतिशत) उत्तीर्ण हुए थे, इनमें से उत्तीर्ण बालिकाओं का प्रतिशत 82.02 और बालकों का प्रतिशत 74.70 था।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हायर सेकेण्डरी व्यावसायिक परीक्षा वर्ष 2121 में कुल 11 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए। सभी परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 7 बालक और 4 बालिकाएं है। सभी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए और परीक्षा परिणाम शतप्रतिशत रहा।
परीक्षा परिणाम छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल की वेबसाइट www.cgbse.nic.in पर उपलब्ध है और वेबसाइट www.results.cg.nic.in पर भी परीक्षा परिणाम देखे जा सकते है। इस वर्ष नोवेल कोरोना वायरस कोविड 19 के संक्रमण के कारण छात्रों की परीक्षा घर से आयोजित की गई। अतः इस वर्ष प्रावीण्य सूची जारी नहीं करने का निर्णय लिया गया है।

जाने रिजल्ट.   *‘www.results.cg.nic.in’*

ब्यूरो रिपोर्टर


*सरपंच संघ प्रदेश अध्यक्ष आदित्य उपाध्याय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से की मुलाकात।*

भूपेश बघेल ने सरपंच संघ से शीघ्र ही मुलाकात करने का दिया आश्वाशन।
(देवेश दुबे,मो.7999216722)

रायपुर।- छत्तीसगढ़ राज्य सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य उपाध्याय ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से उनके निवास पर सौजन्य मुलाकात कि। आदित्य उपाध्याय ने प्रदेश के समस्त सरपंचो के हित को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री से राजधानी रायपुर में सरपंच संघ भवन निर्माण की मांग की।

सरपंच के खिलाफ धारा 40 अविश्वास प्रस्ताव को संशोधन किए जाने, सरपंचो का मानदेय बढ़ाने और एसोआर में परिवर्तन किए जाने सहीत सरपंच के हितों से जुड़े कई अन्य विषयों पर विचार विमर्श किया गया। साथ ही श्री उपाध्याय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से प्रदेश के सरपंच संघ के संभागीय अध्यक्षों के साथ मुलाकत करने का आग्रह कीया। जिसमें मुख्यमंत्री श्री बघेल ने सरपंच संघ पदाधिकारियों से 28 या 29 जुलाई को मुलाकात करने की आश्वासन दिया है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के सूचना आयुक्त धनवेन्द्र जायसवाल, छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ बिलासपुर के जिला सचिव गंगा मानिकपुरी, तखतपुर सरपंच संघ के सचिव सुखदेव सिंगरौल आदि उपस्थित थे।
 


प्रदेश में आज 118 नए मरीज मिले, 312 मरीज़ ठीक हुए-प्रदेश के जिलेवार आंकड़े देखिए*

आज 118 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान हुई व 312 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए।


*ब्रेकिंग: आलोक कुमार चक्रवाल होंगे गुरुघासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के नए कुलपति*

रायपुर- बिलासपुर के गुरुघासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय को आज नया कुलपति मिल गया।भारत सरकार ने आज गुजरात के प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल को बिलासपुर सेंट्रल यूनिवर्सिटी में कुलपति बनाया है। भारत सरकार के अंडर सिकरेट्री नवीन कुमार ने इस बाबत आदेश जारी कर दिया है।सरल व सहज स्वभाव के व्यक्तित्व वाले डॉ आलोक अभी सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के पद पर पदस्थ थे। इससे पहले गुरू घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी की कुलपति अंजिला गुप्ता थी। अंजिला गुप्ता का कार्यकाल एक साल पहले ही खत्म हो चुका था।उनके बारे में यह भी हल्ला था कि वो दोबारा कुलपति बनने की जुगत में लगी हुई है।पर उनकी कोशिश असफल हुई।डॉ चक्रवाल के साथ और भी दो लोगो का नाम कुलपति बनने की सूची में था,पर इस पद पर डॉ चक्रवाल ने बाजी मार ली।
डॉ आलोक कुमार चक्रवाल सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी में कामर्स एंड बिजनेस एडमिस्ट्रेशन विभाग में प्रोफेसर हैं। 52 साल के डॉ चक्रवाल का शिक्षण के क्षेत्र में 30 साल का अनुभव हैं। उन्होंने रिसर्च के क्षेत्र में भी करीब तीन दशक तक काम किया है। 3 गोल्ड मैडल हासिल करने वाले डॉ आलोक के 4 पेपर को अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में अवार्ड मिल चुका है। मैनेजमेंट, कामर्स, फाइनेंस, मार्केटिंग और रिसर्च में उनकी गहरी पकड़ रही है। वो कई अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार में भी शिरकत कर चुके हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट 


*राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में जिले के चार शिक्षक सम्मानित,शिक्षा लोक कल्याण का सबसे बड़ा माध्यम-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल*

बिलासपुर - शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों को सम्मानित एवं पुरस्कृत करने की परपंरा के तहत राज्य शिक्षक समारोह 2020 आज वर्चुअल रूप से आयोजित किया गया। जिसमें राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उईके और मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल भी मौजूद रहे। इस अवसर पर प्रदेश के 48 शिक्षकों को राज्यस्तरीय सम्मान दिया गया। जिसमें जिले के चार शिक्षक भी शामिल है।
राज्यपाल सुश्री उईके द्वारा राजभवन में जिले की शासकीय हाई स्कूल लिगिंयाडीह की व्याख्याता श्रीमती रश्मि गुप्ता को डाॅ. मुकंुदधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार एवं  दिनेश कुमार पाण्डेय उच्च वर्ग शिक्षक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला ओछिनापार, विकासखण्ड कोटा को डाॅ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। दो अन्य शिक्षक श्रीमती रश्मि सिंह धु्रवे व्याख्याता शासकीय हाई स्कूल ग्राम पाली और श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक शाला सरकंडा को भी राज्य पुरस्कार से नवाजा गया है। इनको कलेक्टोरेट के सभाकक्ष मंथन में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हैरीश एस ने 21 हजार रूपए, शाॅल, श्रीफल देकर सम्मानित किया।
सम्मान समारोह की मुख्य अतिथि सुश्री उईके ने अपने उद्बोधन में कहा कि एक अच्छा शिक्षक विभिन्न विषयों का ज्ञान ही नहीं देता बल्कि एक अच्छा नागरिक बनने की प्रेरणा भी विद्यार्थियों को देता है। उनके चरित्र निर्माण में भी योगदान देता है। माता-पिता के बाद शिक्षक ही हमारे गुरू है। वे हमें ज्ञान की रौशनी देने के साथ सच्चाई के मार्ग पर चलने का हौंसला देते है। हम सबका दायित्व है कि उनका सम्मान करें। राज्यपाल सुश्री उईके ने कोरोना काल के दौरान शिक्षकों के अभूतपूर्व योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस दौरान भी शिक्षकों ने मोहल्ला क्लास और आॅनलाईन क्लास के माध्यम से शिक्षा का अलख जगाए रखा है। राज्यपाल ने कोरोना संक्रमण के दौरान मृत शिक्षकों को श्रद्धांजली दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि शिक्षा लोक कल्याण का सबसे बड़ा माध्यम बने यह हमारा प्रयास है। जीवन की प्रथम शिक्षा घर से शुरू होती है। माता-पिता हमारे प्रथम शिक्षक होते है और स्कूल में हमें जीवन के विकास की शिक्षा मिलती है। उन्होंने कहा कि वास्तविक शिक्षक वह है जो जीवन की चुनौतियों को स्वीकार करने की शिक्षा दे।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि वर्तमान समय में जीवन मूल्यों में तेजी से गिरावट आ रही है ऐसे समय में शिक्षकों का दायित्व बढ़ गया है। शिक्षक ऐसी शिक्षा प्रदान करें जिससे जीवन मूल्यों का विकास हो सके। समाज शिक्षकों को बड़ी उम्मीद से देख रहा है।
श्री टेकाम ने वर्ष 2021 की राज्य स्तरीय सम्मान के लिए चयनित शिक्षकों की घोषणा भी की। जिसमें बिलासपुर जिले के दो शिक्षक श्रीमती केरोलाईन सत्तूर प्राचार्य शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई उच्चतर माध्यमिक शाला दयालबंद और डाॅ. धंनजय पाण्डेय व्याख्याता शासकीय बहुउद्ेशीय उच्चतर माध्यमिक शाला दयालबंद भी शामिल हंै।
कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के सचिव डाॅ. कमलप्रीत सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री  रविन्द्र चैबे, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू वर्चुअल रूप से उपस्थित थे। 

ब्यूरो रिपोर्ट