*शादी कार्यक्रम के लिए अब मिलेगा ऑनलाइन आवेदन की सुविधा,सोशल डिस्टेंसिंग के साथ नियम का करना होगा पालन*

रायपुर- कोरोना महामारी के प्रकोप से प्रदेश की जनता को सुरक्षित रखने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है। इस कारण अब चिप्स ने विवाह अनुमति के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा शुरू की जा रही हैं। रायपुर में निवास करने वाले किसी भी नागरिक को लोकसेवा केंद्रों में आधार कार्ड, वोटर आइडी कार्ड, पैनकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड या विवाह आमंत्रण पत्र में से कोई भी एक पहचान पत्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन मिल सकेगा। विवाह अनुमति प्रमाण पत्र ऑनलाइन भी जारी किया जाएंगे, जिसका प्रिंट निकाल कर उसे प्राप्त कर सकते हैं। ज्ञातव्य है कि कोरोनो वायरस संक्रमण के कारण फिलहाल शादियों में ज्यादा मेहमानों के बुलाने पर रोक लगी हुई है। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*लॉक डाउन क्वारंटाइन उलंघन करने जनाकारी छिपाने मामले में 24 घण्टे में 10अपराध दर्ज*

रायपुर- प्रदेश में लॉक डाउन, क्वारंटाइन उल्लंघन करने और जानकारी छिपाने वालों पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। पुलिस ने पिछले 24 घंटे में 10 अपराध दर्ज किए हैं, जिसमें रायपुर में 1, महासमुंद में 1, बलौदाबाजार में 3, दुर्ग में 1, राजनांदगांव में 2 और मुंगेली में 2 अपराध दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने आईपीसी की धारा 188, 269, 270 के तहत अपराध दर्ज किए हैं। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*केंद्र की विफलता को छिपाने के लिए केंद्र के मंत्री और भाजपा षडयंत्रपूर्वक राज्यो का दोष निकालने में लगे हुए है-कांग्रेस*

रायपुर- देश में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ती संख्या पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के निर्णयों ने साबित कर दिया है कि वह कोरोना आपदा से लड़ने में सक्षम नहीं है। केंद्र के ग़लत फ़ैसलों की वजह से करोड़ों मज़दूरों के सामने रोज़गार का संकट पैदा हो गया और वे पैदल चलकर घर लौटने को बाध्य हुए। ग़लत समय पर लॉकडाउन करने जैसे केन्द्र सरकार के गलत फैसलों की वजह से कुछ मज़दूर भाई हाटस्पाट जोनों में दो माह रहकर संक्रमित होने को मजबूर हुए और अब वे अपने गृहराज्य छत्तीसगढ़ में लौटकर कोरोना से जूझ रहे हैं। केंद्र की विफलता को छिपाने के लिए केंद्र के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता षडयंत्रपूर्वक राज्यों का दोष निकालने में लगे हुए हैं। अब भाजपा नरेंद्र मोदी की विफलता का ठीकरा राज्यों के सिर फोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थाली, ताली, घंटा बजवाने, अंधेरा करवा के मोमबत्ती टॉर्च जलवाने और फूल बरसाने के अलावा कोरोना से लड़ने के लिये कोई ठोस और कुसंगत कदम नहीं उठाए। कोरोना से निपटने के लिए मोदी जी ने पीएम-केयर्स नाम का नया कोष बनाया और देश के सभी बड़े उद्योगों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को भारी भरकम दान देने के लिए बाध्य किया। अब मोदी देशवासियों को बता भी नहीं रहे हैं कि इस कोष में कितना पैसा आया, कितना खर्च हो रहा है और कहां खर्च हो रहा है। जिस समय देश संकट के दौर से गुज़र रहा है। भाजपा सरकार में केंद्रीय गृहमंत्री चुनावी रैलियां करने और विधायक ख़रीदने में व्यस्त है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के द्वारा शुरू से बरती गई एहतियात और छत्तीसगढ़ के लोगों की जागरूकता के परिणाम स्वरूप छत्तीसगढ़ में करोना के मामले शुरू से बेहद कम रहें। कटघोरा में संक्रमण फैला तो उसे नियंत्रण में लाने में छत्तीसगढ़ सरकार को सफलता मिली। छत्तीसगढ़ के जो मजदूर कमाने खाने के लिए बाहर गए थे वे लॉकडाउन में 60 दिन तक फंसे रहे और वापस लौट रहे हैं। लाकडाउन में छत्तीसगढ़ के मजदूरों को गुजरात, मुंबई, सहित अनेक कोरोना संक्रमण के हाटस्पाट में फंसे रहना पड़ा। छत्तीसगढ़ में करोना के प्रकरणों में वृद्धि शुरू हुई है। हालांकि छत्तीसगढ़ में वृद्धि देश के अन्य प्रदेशों की तरह नहीं है लेकिन केस बढ़ रहे है।प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कोरोना के लिये प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन के 20 लाख करोड़ के पैकेज में छत्तीसगढ़ को कुछ भी नहीं मिला। छत्तीसगढ को़ कोई मदद नहीं मिल पाई। पहले केन्द्र सरकार ने धान की कटाई समाप्त होने के बाद मनरेगा के काम खोलने के लिये पर्याप्त राशि नहीं दी। छत्तीसगढ़ के मजदूरों को मनरेगा का पैसा ना देकर पलायन करने के लिए कमाने खाने के लिए देश के दूसरे प्रदेशों में जाने के लिए मजबूर किया गया। यदि अपने प्रदेश में अपने घर गांव में काम मिलता तो यह मजदूर बाहर के प्रदेशों में क्यों जाते? लॉकडाउन में प्रदेश के बाहर कमाने खाने गययह मजदूर भूखे प्यासे रहे। अपनी रोजी-रोटी गंवाई। कर्ज लेकर किसी तरीके से गुजारा किया। लखनऊ से छत्तीसगढ़ के बेमेतरा के साहू मजदूर की साइकिल से छत्तीसगढ़ के लिए निकलने पर हाईवे में पति पत्नी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई और उनके बच्चे बेसहारा हो गए। इन मजदूरों की जमा पूंजी खत्म हो गई। इन मजदूरों को अपने ही प्रदेश लौटने के लिए छत्तीसगढ़ के बॉर्डर तक छोड़ने के लिए बस वालों ने 5000 से 10000 रू. प्रति हेड किराया लिया। छत्तीसगढ़ वापस लौटे लाखों मजदूरों में सैकड़ों मजदूर करोना संक्रमण का शिकार हुए। इसकी नैतिक जिम्मेदारी भाजपा की केन्द्र सरकार कह है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि केंद्र सरकार लगातार छत्तीसगढ़ के लोगों के हितों के खिलाफ कोरोना संक्रमण के मामले में लिये गये फैसलों की ही तरह से इसी तरीके के फैसले लेती है। 2500 रू. धान का दाम किसानों को देने पर सेंट्रल पूल में छत्तीसगढ़ का चावल नहीं लेने का फैसला भी ऐसा ही फैसला था। छत्तीसगढ़ की जमीन में बने एफसीआई के गोदामों में छत्तीसगढ़ के चावल को रखने से इंकार कर भाजपा की केंद्र सरकार ने पहले भी अपने छत्तीसगढ़ विरोधी चरित्र धान विरोधी किसान विरोधी चरित्र को उजागर किया था। यह वही छत्तीसगढ़ है जिसने अकाल दुकान के समय में चावल दे देकर पूरे देश का पेट भरने का काम किया था।

ब्यूरो रिपोर्ट


* कांग्रेस का बड़ा सवाल रमन सिंह बताए कि क्या वित्तिय कुप्रबंधन कर रही भूपेश सरकार*

रायपुर-कांग्रेस ने पूर्व मुख्य मंत्री रमन सिंह से पूछा है कि वे बताये की कौन से वित्तीय कुप्रबन्धन कर रही भूपेश सरकार ? प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि एक दर्जन से अधिक बार राज्य सरकार पर वित्तीय कुप्रबन्धन का आरोप लगाने वाले रमन सिंह राज्य की जनता को बताए कि भूपेश सरकार के कौन से निर्णय वित्तीय कुप्रबन्धन की श्रेणी में आते है?रमन सिंह किसानों के कर्ज माफी को वित्तीय कुप्रबन्धन मानते है ?या फिर धान की कीमत 2500 रु देने को फिजूल खर्ची की श्रेणी में रखते है या तेंदूपत्ता संग्रहन का मानदेय 2500 रु से बढ़ा कर 4000 रु किये जाने को को वे राज्य के खजाने पर अनावश्यक बोझ मानते हैं ?या फिर 400 यूनिट तक के बिजली बिल की राशि को आधा करने के निर्णय को वे गलत निर्णय समझते हैं ?कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने के तुरंत बाद से ही रमन सिंह राज्य की वित्तीय हालत खराब होने का आरोप लगा रहे हैं । आरोप लगाने की उहापोह में रमन सिंह भूल रहे हैं कि राज्य बनने के बाद डेढ़ दशक तक वे ही सरकार के मुखिया थे जब राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी वे नई सरकार को विरासत में लगभग 55 हजार करोड़ के कर्जे के साथ शिक्षा कर्मियों के संविलियन के खर्च की विरासत छोड़ कर गए थे । रमन सिंह को इसी बात की पीड़ा है कि इस बदहाल आर्थिक हालात के बावजूद भूपेश बघेल लगातार जनता को राहत कैसे दे पा रहे हैं।प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि वही राज्य है वही संसाधन है फिर भूपेश बघेल कैसे लोगो को राहत दे पा रहे रमन सिंह अपने चुनावी वायदे भी नही पूरा कर पाते थे ?यह नीयत का सवाल है रमन सिंह की प्राथमिकता में अट्टालिकाएं और पांच सितारा सरकारी भवन बनाने थे नई सरकार कीप्राथमिकता में लोगो को सीधे फायदा पहुँचा कर उनको आर्थिक रूप से शशक्त बनाने का है ।यही कारण है कि किसान ,तेंदूपत्ता संग्राहक के लिए योजना बनाई गई।बिजली उपभोक्ताओं को राहत दी गई ।सरकार ने भूमि की गाइड लाइन की दरों में 30 फीसदी कटौती कर लोगो को राहत दिया । वित्तीय कुप्रबन्धन या फिजूल खर्ची तो स्काई वाक ,गोल्फकोर्स जैसे प्रजेक्ट थे ।राज्योत्सव के नाम पर मेला ग्राउंड के एक मंजिला भवन में मंच से हाल तक जाने तीन तीन लिफ्ट लगाना जैसे सैकड़ो उदाहरण है जहाँ सरकारी खजाने को बेरहमी पूर्वक लुटाया गया ।प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा केंद्र से वित्तीय सहायता मांगना या रिजर्व बैंक से ऋण सम्बन्धी रियाययत मांगना वित्तीय प्रबंधन के हिस्से के साथ साथ संघीय ढांचे में राज्य का संवैधानिक अधिकार है ।इस मांग के आधार पर राज्य के वित्तीय हालात पर सवाल खड़ा कर रमन सिंह विशुद्ध रूप से राजनैतिक बयान बाजी कर रहे हैं।
यूपीए सरकार के समय दस वर्षों तक रमन सरकार के द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत किया जाने वाला वार्षिक बजट केंद्रीय योजनाओ का रूपांतरण मात्र रहता था।रमन सिंह को यह स्वीकारने का साहस दिखाना चाहिए कि जैसी मदद कांग्रेस की केंद्र सरकार राज्य को करती थी वैसी मदद मोदी सरकार नही कर रही ।रमन को ऐसा लगता है कि राज्य के वित्तीय प्रबंधन को और सुदृढ़ करने की जरूरत है तो क्यो नही वे राज्य सरकार के मांग के अनुरूप मोदी सरकार को राज्य को 30000 हजार करोड़ की मदद की सिफारिश करते।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने पूछा कि मोदी सरकार ने रिजर्व बैंक के रिजर्व खाते का 174 लाख करोड़ रु निकाल खर्च कर लिया ,विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमो की निजीकरण का प्रयास किया तो क्या रमन सिंह यह मानेगे की मोदी सरकार ने देश की वित्तीय व्यवस्था को तबाह कर दिया है।
ब्यूरो रिपोर्ट


*सरोज पांडेय के बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया,पहले दुर्ग की सर्वमान्य नेता तो बन जाए फिर छत्तीसगढ़ में सरकार बदलने के सपने पाले*

रायपुर- भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य सरोज पांडे के बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की ।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य सरोज पांडे मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखने वाली कहावत को चरितार्थ कर रही हैं ।भाजपा नेता सरोज पांडेय यदि कांग्रेस की तीन चौथाई बहुमत से निर्वाचित सरकार गिराकर अपने आपको प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में देख रही हैं तो अपनी इस गलतफहमी को दूर कर लें । यह सरोज पांडे का दिवास्वप्न मात्र है । ख्वाब देखना एक और बात होती है और उन्हें साकार करना अलग बात होती है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है की मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस की निर्वाचित सरकार गिराने को वहां की जनता ने पसंद नहीं किया है और विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार सभी सीटों पर जबरदस्त बहुमत से जीतेंगे और मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार में वापसी होगी।सरोज पांडेय ठीक ठाक तरीके से भाजपा में दुर्ग की नेता तो बन नहीं पाई छत्तीसगढ़ में सरकार बदलने की बात किस मुंह से कर रही है? सरोज पांडेय यह न भूलें कि अपने पूरे राजनीतिक जीवन में वह दुर्ग से रायपुर तक का राजनीतिक सफर तो तय नहीं कर पाई। बड़ी बड़ी बात कर रही है। सरोज पांडे पहले दुर्ग जिले की राजनीति में अपनी ही पार्टी भाजपा के अंदर के विरोधियों से तो निपटले । पहले अपने आप को दुर्ग जिले की राजनीति में सर्वमान्य नेत्री तो बना ले। बड़े बड़े ख्वाब देखना अलग बात है। हकीकत में राजनीति के धरातल में अपने आप को स्थापित करना बेहद कठिन काम है यह सरोज पांडे को समझ लेना चाहिए।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि राज्यसभा सदस्य सरोज पांडेय को नहीं भूलना चाहिए कि छत्तीसगढ़ की जनता ने 15 साल सत्ता में रही भाजपा को 15 सीट में समेटकर भाजपा नेताओं के अहंकार गुरुर को चकनाचूर कर दिया है। विधानसभा चुनाव के बाद हुए दो उपचुनाव त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकाय के चुनाव में भी भाजपा को मुंह की खानी पड़ी है। जनता के द्वारा बार-बार भाजपा के अहंकार घमंड को तोड़ने के बावजूद भाजपा के नेता स्वयं रावण की तरह अहंकार में मदमस्त हैं। भाजपा नेताओं को समझ लेना चाहिए कि लोकतंत्र में अहंकार नहीं बल्कि जनता की सेवा का भाव ही जनता के मन को जीतने का प्रमुख साधन है। जनसेवा से सरोज पांडे सहित किसी भी भाजपा नेता का कोई सरोकार नहीं है

ब्यूरो रिपोर्ट


*रमन सिंह का बयान राज्य सरकार के खिलाफ कम और केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ ज्यादा है,ये पब्लिक है जो सब जानती है-रमेश वर्ल्यानी*

रायपुर-पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के द्वारा छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को लेकर दिए गए बयान पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक रमेश वर्ल्यानी ने कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा है कि करोना और लॉक डाउन के कारण पूरे देश में आर्थिक गतिविधियां शून्य रही हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने भी अपने बजट एलॉटमेंट में कटौती की है और नए कार्यों पर रोक लगाई है। दरअसल रमन सिंह जी का बयान छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफ कम और केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ ज्यादा है।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक रमेश वर्ल्यानी ने कहा है कि
15 साल तक मुख्यमंत्री रहे डॉ रमन सिंह पहले अपने 15 साल के कार्यकाल का अवलोकन कर ले जो पूरी तरह से छलकपट प्रपंच कुप्रबंधन भ्रष्टाचार कमीशन खोरी और धोखाधड़ी से सराबोर रहा है। डॉ रमन सिंह ने देश-विदेश के उद्योगपतियों के कार्यक्रमों में करोड़ों रुपए खर्च किए और अरबों रुपए के एमओयू करके छत्तीसगढ़ के बेरोजगार नौजवानों को रोजगार देने के सब्जबाग दिखाए लेकिन वह सारे एमओयू सिर्फ कागजों पर ही धरे रह गए । किसानों के साथ छल करने में भी रमन सिंह सरकार ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए । अपने संकल्प पत्र में 2100 ₹ प्रति क्विंटल में किसानों की धान खरीदी का वादा कभी पूरा नहीं किया और 5 साल तक धान पर ₹300 बोनस भी नहीं दे पाए।रमन सिंह को छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के साथ भाजपा सरकार के 15 साल में किए गए विश्वासघात की याद दिलाते हुए रमेश वर्ल्यानी ने कहा है कि इस धोखे के कारण ही आदिवासी अंचल में भाजपा को घोर पराजय का सामना करना पड़ा। 15 साल के भाजपा शासन काल में लाखो आदिवासी जमीन के पट्टों के अधिकार से वंचित किए गए और बस्तर में टाटा स्टील की जमीन आदिवासियों को लौटाने के बजाय रमन सिंह सरकार ने उसे लैंड पूल में रखकर अन्य किसी पूंजीपति घराने को सौंपने और उपकृत करने की साजिश रची जिसे कांग्रेस की सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विफल किया।वरयानी ने आगे कहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सत्ता संभालते ही किसानों का 11 हजार करोड़ का कर्ज माफ किया किसानों का धान ₹2500 प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की है। कांग्रेस सरकार के इन क्रांतिकारी फैसलों के परिणाम स्वरूप देशव्यापी आर्थिक मंदी की चपेट में आने से छत्तीसगढ़ का व्यापार व्यवसाय उद्योग धंधे बज गए करोना काल में भी राजीव न्याय योजना के माध्यम से किसानों के खाते में धान खरीदी की अंतर राशि डालकर छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का काम कांग्रेस की सरकार ने किया है एक और टाटा स्टील के लिए ली गई जमीन आदिवासियों को लौटाई गई वहीं आदिवासी अंचल की वनोपज को समर्थन मूल्य में खरीद कर तथा तेंदूपत्ता थोड़ा इधर को ढाई हजार रुपए से बढ़ाकर ₹4000 प्रति मानक बोरा करके बस्तर सरगुजा के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम कांग्रेस सरकार ने किया है,

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक रमेश वर्ल्यानी ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा लिए गए जन हितैषी कार्यों और राज्य के वित्त मंत्री के रूप में उनके कुशल आर्थिक प्रबंधन के कारण ही उन्हें देश में पहले 2 सर्वाधिक लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों में शामिल किया गया है मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बढ़ती लोकप्रियता से रमन सिंह जी बेचैन और परेशान है जिसके चलते वे लगातार असत्य और भ्रामक बयानबाजी कर रहे हैं लेकिन यह पब्लिक है जो सब जानती है।

ब्यूरो रिपोर्ट


*भाजपा बताए दो करोड़ प्रतिवर्ष रोजगार देने वाले थे उसका क्या हुआ-कांग्रेस*

भाजपा प्रवक्ता शिवरतन शर्मा के बयान पर कांग्रेस का पलटवार

रायपुर-भाजपा प्रवक्ता शिवरतन शर्मा के बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी संकट काल में भाजपा नेताओं की याददाश्त कमजोर हो गई है राज्य सरकार पर रोजगार से संबंध में सवाल उठाने के पहले भाजपा नेता देश और प्रदेश की जनता को बताएं 2 करोड़ प्रतिवर्ष रोजगार देने का वादा का क्या हुआ? मोदी सरकार वन में हुई लापरवाही गलत नीतियों मनमानी हठधर्मिता के चलते देश में व्यापार व्यवसाय तबाह हुए हैं उद्योग धंधे ऑक्सीजन पर है? 2करोड़ युवाओं को प्रतिवर्ष रोजगार देने की बात तो दूर की बात है मोदी वन में जिनके हाथों में रोजगार था वो भी अब बेरोजगार हो चुके है। बेरोजगारी की दर 45 साल में अधिकतम दर 27% को पार कर चुकी है। मोदी सरकार के गलत नीतियों के कारण बीते साल में 6 साल में 15,000 से अधिक उद्योगपति कारोबार समेट कर देश छोड़कर चले गए हैं।बीते 6 साल में मोदी सरकार के द्वारा एक भी नया सरकारी कंपनियों का ना तो शिलान्यास किया गया ना ही लोकार्पण किया गया।बल्कि बीते 70 साल में कांग्रेस शासनकाल में स्थापित हुई भारत के नवरत्न कंपनियों,मिनी रत्न कम्पनियों को निजी हाथों में सौंपने की नीतियां तय कर 33 से अधिक सरकारी कंपनियों को भाजपा के चंद समर्थित उद्योगपतियों की सौंपने की तैयारी कर ली गई है। दूरसंचार निगम,ट्रेन,अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, लाल किला ,भेल ,सेल, एनटीपीसी, एचएएल, रेलवे स्टेशन सहित अनगिनत सरकारी उपक्रमों को बेचा जा रहा है । प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि देश यह कभी नहीं भूलेगा कि चुनाव के समय भाजपा ने किया था 2 करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष देने का वादा और चुनाव के बाद नौजवानों को पकौड़े तलने की सलाह दी। दरअसल भाजपा के नेता युवाओं के रोजगार के सवाल पर केंद्र की मोदी सरकार की विफलता से जनता का ध्यान हटाने में लग गये हैं।केंद्र सरकार के रिक्त लाखो सरकारी पदों पर अभी तक नियुक्तियां नहीं हुई है।प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी भाजपा की सरकार कोरोना महामारी संकटकाल में देश की जनता को सुरक्षा रोजगाार बेहतर स्वास्थ्य के संबंध में विश्वास दिलाने में विफल हो चुकी है 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज आज 30 दिन हो चुके हैं अब तक किसी को कोई लाभ नहीं मिल पाया है । किसान सम्मान निधि के नाम से किसानों का अपमान किया जा रहा है । छोटे एवं मध्यम उद्यमी व्यापारी मजदूर को 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज के नाम से गुमराह करने का काम मोदी भाजपा किया है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने कोरोना महामारी संकटकाल में मनरेगा के माध्यम से 1 दिन में 2600000 रोजगार देने में सफलता प्राप्त की है जो बीते 15 साल में नहीं हुआ था प्रवासी मजदूरों को भी मनरेगा में रोजगार देने के लिए जॉब कार्ड बनाए जा रहे हैं उनका राशन कार्ड बनाया जा रहा है प्रदेश के युवाओं के लिए 15,000 से अधिक शिक्षकों के पद,3000 से अधिक पुलिस विभाग एवं 3000 नर्सों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। नरवा गरवा घुरवा बारी के माध्यम से 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है और 1200000 युवाओं को इसके माध्यम से रोजगार मिलेगा।प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि भाजपा नेता रोजगार जैसे विषयों पर सवाल खड़े करने से पहले 2014 में देश के युवाओं के साथ किए गए प्रतिवर्ष 2करोड़ युवाओं को रोजगार देने के वादे पर देश के युवाओं को जवाब दें । नोटबंदी जीएसटी के गलतियों को सुधारते हुए चौपट हो चुकी व्यापार व्यवसाय उद्योग जगत को नगद वित्तीय सहायता पंहुचकर राहत दी जाये।

ब्यूरो रिपोर्ट


*3 एडीजी को मिली नई जिम्मेदारी,डीजीपी ने जारी किए आदेश*

रायपुर- डीजीपी डीएम अवस्थी ने प्रदेश के 3 अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों को कार्यभार सौंपा है। जारी आदेश के अनुसार अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक हिमांशु गुप्ता को प्रशासन एवं चयन की जिम्मेदारी दी गई है। एडीजी एसआरपी कल्लूरी को एडीजी प्रशिक्षण और एडीजी जीपी सिंह को निदेशक राज्य पुलिस अकादमी का कार्यभार सौंपा गया है। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*डीजीपी सख्त हुए कहा,पुलिस विभाग के अधिकारी कर्मचारीयो द्वारा आमजनता से हुआ दुर्व्यवहार तो होगी सख्त कार्यवाही,एफआईआर भी होगी*

रायपुर- प्रदेश में पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा आमजनता के साथ दुर्व्यवहार के गंभीर मामले सामने आने के बाद डीजीपी ने नाराजगी जताई है। डीजीपी डीएम अवस्थी ने सभी रेंज के आईजी और पुलिस अधीक्षकों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डीजीपी ने कहा कि प्रदेश में यदि किसी पुलिस अधिकारी ने किसी भी आमजन से दुर्व्यवहार किया तो उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा। डीजीपी ने अधिकारियों को अपने अधीनस्थों पर कठोर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए। डीजीपी ने कहा कि इसके पूर्व भी कई बार निर्देशित किया गया है कि आम नागरिकों के साथ पुलिस का व्यवहार सम्मानपूर्ण और सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए। हाल ही में कुछ घटनाएं प्रकाश में आई हैं,जिसमें पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा आम जनता के साथ दुर्व्यवहार और जबरन मारपीट की गई है। ऐसे मामलों के कारण विभाग में लम्बे समय से मेहनत कर रहे ईमानदार और अनुशासित पुलिसकर्मियों की सारी मेहनत पर पानी फिर जाता है। और पुलिस की नकारात्मक छवि जनमानस के सामने आती है। उन्होंने निर्देश दिया कि हाल में घटित इस प्रकार के प्रकरणों पर विभागीय जांच कर कार्यवाही की जाए। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*पंचायतो को जिम्मेदारी मिलने से भाजपा को क्यों पीड़ा हो रही है-मोहन मरकाम*

रायपुर- पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा हां, हमें सरपंचों पर भरोसा है । वे निर्वाचित जन प्रतिनिधि हैं। अपनी जिम्मेदारी समझते हैं । जनता के चुने हुए पंचायत के जनप्रतिनिधि को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने महामारी को नियंत्रित करने एवं प्रवासी मजदूरों की देखभाल के लिए बनाई गई क्वॉरेंटाइन सेंटर की जिम्मेदारी देकर करोना महामारी के नियंत्रण के महत्वपूर्ण काम में पंचायतों की सहभागिता सुनिश्चित की है । क्वॉरेंटाइन सेंटर में ठहरे प्रवासी मजदूरों को इससे घर जैसा माहौल और पारिवारिक वातावरण क्वॉरेंटाइन सेंटर में मिल रहा है। प्रवासी मजदूरों पंचायतों द्वारा संचालित क्वॉरेंटाइन सेंटर में खुद को सुरक्षित और बेहतर महसूस कर रहे हैं । किसी भी प्रकार की रहने खाने की दिक्कतें नहीं हो रही है।पंचायतों को कोरोना महामारी नियंत्रित करने और क्वॉरेंटाइन सेंटर की जिम्मेदारी देने से पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह को क्यों तकलीफ हो रही है ?प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि लाक डाउन वन से उत्पन्न परिस्थितियों के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने स्पेशल ट्रेनों बसों व अन्य माध्यमों से प्रवासी मजदूरों के घर वापसी के पुख्ता इंतजाम किए हैं । राज्य में लगभग साढे तीन लाख प्रवासी मजदूरों के घर वापसी सुनिश्चित हुई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने मजदूरों के घर वापसी के लिए लगभग 3.30 करोड़ ₹ की राशि खर्च की है।क्वेरेंटाइन सेंटर और प्रवासी मजदूरों के रहने खाने की व्यवस्था के लिए जिला कलेक्टरों को भी 3.30 करोड़ रुपए की राशि व ब्लॉक स्तर पर भी धन मुहैया कराया गया है जिसके कारण क्वेरेन्टाइन सेंटरों में प्रवासी मजदूरों के लिए बेहतर व्यवस्था हुई है। लगातार उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा हैं। ऐसे समय में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह इतने संवेदनशील मामले में राजनीति कर रहे हैं और बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि अपने 15 साल के शासनकाल में पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने तोपंचायतों को उनके अधिकार से वंचित किया था । पंचायत मद की राशि का उपयोग भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के स्वागत सत्कार में जबरिया खर्च कराए जाते थे ।अमित शाह की रैली के लिए भीड़ भी पंचायतों के पैसे से ही जुटाई जाती थी । रिलायंस कंपनी के टावर लगाने पंचायतों के अनुमति के बगैर बिना अनु बदन से पंचायत के मद की राशि को जबरिया खर्च कर दिया जाता था। आज पंचायतों को उनका अधिकार दिया गया है। जनता के चुने जनप्रतिनिधियों को करोना महामारी से निपटने में सक्षम और अधिकार सम्पन्न बनाया गया है । उत्तर दायित्व दिया गया है ऐसे में भाजपा नेताओं के पेट में दर्द उनके पंचायती राज विरोधी और लोकतंत्र विरोधी होने का जीताजागता सबूत है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि पहले मोदी सरकार ने देश के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर जरूरी सतर्कता नहीं बरती जिसका परिणामस्वरुप करोना बीमारी देश में फैली। छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल जी की सरकार ने शुरू से सावधानी बरतकर इस बीमारी को पूरी तरीके से नियंत्रित रखा था। लेकिन अब लाखों की संख्या में कमाने खाने बाहर गए हुए मजदूर वापस आ रहे हैं । 2 महीने से अधिक समय तक इन मजदूरों ने रोजी रोटी का अभाव झेला इनको मजदूरी नहीं मिली उनके पास की स्वयं की गाढ़ी पूंजी समाप्त हो गई । बाहर के प्रदेशों में रहकर इन मजदूरों को भूख प्यास, रहने की समस्या इलाज की समस्या तो झेलनी पड़ी ही यह लोग संक्रमण का शिकार होने के लिए भी मजबूर हुये । यदि समय रहते इन्हें वापस आने दिया गया होता, जो ट्रेनें बाद में चली वह पहले चलाई गई होती तो इन मजदूरों को करोना महामारी का शिकार ही नहीं होना पड़ता । बाहर रहकर मजदूरी के अभाव में कर्जदार नहीं होना पड़ता।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पूछा है कि जो इन मजदूरों को काम कराने ले गए थे, लाक डाउन के दौरान की मजदूरी इन मजदूरों को देने के लिए उनसे क्यों नहीं कहा मोदी सरकार ने ? कमाने खाने बाहर गए छत्तीसगढ़ के मजदूरों को मजबूर बनाने कर्जदार बनाने और करोना संक्रमण का शिकार बनाने के लिए मोदी सरकार जिम्मेदार है।

ब्यूरो रिपोर्ट


*देश के हालात से बेपरवाह भाजपा राज्यों में सत्ता के लोभ में कर रही है वर्चुअल रैली-मोहम्मद असलम*

रायपुर- प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मोहम्मद असलम ने कहा है कि केंद्र सरकार अब राज्यों को कोरोनावायरस की जिम्मेदारी देकर और लाक डाउन खोलकर धीरे-धीरे पूरी तरह से विश्वव्यापी महामारी की चिंता से मुक्त होकर हाथ खड़ा कर रही है। जबकि संक्रमण में लगातार देशभर में वृद्धि हो रही है विश्व में भारत का स्थान संक्रमितों को लेकर पांचवे स्थान पर आ गया है। देशभर में वैश्विक महामारी से नागरिक परेशान हैं और भाजपा इससे निजात पाकर जनता से बातचीत का नया तरीका अपनाकर "वर्चुअल रैली" में व्यस्त हो गई है। बिहार, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में सरकार बनाने के लक्ष्य को लेकर जनसंवाद रैली हो चुकी है और निरंतर यह प्रक्रिया जारी रखना चाहती है। अभी देश की जनता जान - माल की रक्षा, रोजगार, परिवार के पालन - पोषण, को लेकर चिंतित है, तो भाजपा को सत्ता प्राप्ति की चाह है। देश ना सिर्फ महामारी से जूझ रहा है बल्कि सीमाओं की रक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। भारत के पूर्व सेवानिवृत्त सेना अध्यक्षों के मुताबिक चीन की सेना एलएसी पार कर भारत की भूमि में कब्जा जमा चुकी है और केंद्र की सरकार राज्यों की सत्ता प्राप्ति की जुगत में लगी हुई है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मोहम्मद असलम ने कहा है कि देश में वैश्विक महामारी से हर वर्ग के नागरिकों के सामने भविष्य की चिंताएं है। कारोबार, व्यापार, ठप्प पड़ा है। चारों और घोर विपदा की स्थिति है। लोगों के समक्ष जीवन - यापन की अनिश्चितता है, रोजगार जा चुका है। सीमाओं पर खतरा मंडरा रहा है, नेपाल जैसा देश भारत को आंखें दिखा रहा है अन्य सीमावर्ती देशों से भी भारत के संबंध बहुत अच्छे नहीं हैं और भाजपा समर्थित केंद्र की सरकार निश्चिंत होकर डिजिटल रैली के जरिए जनसंवाद में व्यस्त है, यह कैसी विडंबना है।
ऐसी दशा में सत्ता का लोभ रखना और नागरिकों को यह संदेश देना कि जनता अपना ध्यान खुद रखे, सरकार की कोई जवाबदारी नहीं है। यह देश के लिए कितना, दुर्भाग्य जनक है

ब्यूरो रिपोर्ट


*बाबा महाकालेश्वरज्योतिर्लिंग भस्मआरती प्रातःकाल सिंगार*

उज्जैन-महाकालेश्वर भस्मआरती,

महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ||
मंत्र का अर्थ
हम त्रिनेत्र को पूजते हैं,
जो सुगंधित हैं, हमारा पोषण करते हैं,
जिस तरह फल, शाखा के बंधन से मुक्त हो जाता है,
वैसे ही हम भी मृत्यु और नश्वरता से मुक्त हो जाएं। 


*भाजपा वाले सस्ती लोकप्रयिता पाने नियमो की उड़ा रहे धज्जियां-घनश्याम तिवारी*

इतिहास गवाह, देश मे आये संकट पर भाजपाइयों ने हमेशा ही पीठ दिखाया - तिवारी

रायपुर- देश मे आये संकट की घड़ी में आज़ादी से लेकर कोरोना महामारी तक भाजपा का रैवैया पीठ दिखाने और सस्ती राजनीति पाने से ज्यादा कुछ भी नही। कोरोना संक्रमण से आज समूचे मानव जगत में त्राहि-त्राहि मचा हुआ है। पूरे विश्व मे संक्रमितों की संख्या लगभग 70 लाख के करीब है, भारत मे यह संख्या 3 लाख के करीब है।छत्तीसगढ प्रदेश कांग्रेस वरिष्ठ प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने प्रदेश भाजपाइयों पर संकट की घड़ी में सस्ती लोकप्रियता पाने, नियमो की अवहेलना का आरोप लगाते हुए कहा कि, प्रदेश में लगभग 3 लाख प्रवासी मजदूरों की वापसी भूपेश सरकार की गरीब मजदूरों के प्रति संवेदनशीलता का परिचायक है। इतनी बड़ी संख्या में मजदूर अपने अपने गाँव की पंचायत व्यवस्था के अनुसार स्कूल, सामुदायिक भवन में बनाये गये क्वारेन्टीन सेंटर पर रह रहे हैं और मजदूर अपने गाँव मे नही रहेंगे तो कहा रहेंगे, समूची व्यवस्था ग्राम पंचायत तथा ग्रामीणों की ही है, भाजपाई उन सेंटरों पर बिना अनुमति, बिना मास्क लगाये घुस रहे हैं, जो कि नियम विरुद्ध कार्य है। भाजपाई ग्रामीण व्यवस्था का विरोध कर ग्राम सभा, ग्राम पंचायत के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं, जिससे गांव की व्यवस्था पर स्वयं को विरोधी बना रहे हैं। वर्तमान दौर राजनीति करने का नही है, मानव सेवा और सतर्क, सुरक्षित रहते हुए नियमो को पालन करने है, मगर राजधानी रायपुर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय से लेकर महासमुंद में पूर्व विधायक तमाम भाजपाई कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और मापदंडों की लगातार अवहेलना कर सस्ती लोकप्रियता पाने ओछी राजनीति कर रहे हैं।।प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने भाजपाइयों से कुछ आवश्यक सवाल पूछे हुए कहा कि,जबरन घुसकर गांव की व्यवस्था और करोना से लड़ाई में विघ्न डालने की भाजपा की चाल का पूरे प्रदेश में विरोध हो रहा है।केंद्र सरकार ने कोविड19 की माहमारी मे जो अधिनियम बनाया है क्योरन्टीन सेंटरो में आने जाने के लिए क्या है वो नियम है.?बीजेपी नेताओं के पास क्योरन्टीन सेंटर में जाने की प्रसासनिक अनुमति नही थी तब भी वो क्योरन्टीन सेंटर जबरन क्यों गए ?क्या मोदी सरकार ने बीजेपी नेतागणों को बिना अनुमति क्योरन्टीन सेंटर जाने की छूट दी है??क्या केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने किसी तरह की एडवाइजरी जारी की है जिसमे क्योरन्टीन सेंटरो या भवनों, स्थलों में बिना सुरक्षा उपकरणों जैसे N95 मास्क, PPE कीट के बगैर जाने का कोई नियमावली आदेश हो.?प्रदेश कांग्रेस वरिष्ठ प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने भाजपा नेताओ से अनुरोध करते हुए कहा कि, ऐसी कोई नियमावली या आदेश उनके पास हो तो सार्वजनिक करे या फिर बिना अनुमति क्योरन्टीन सेंटर में जाने के लिए जनता से माफी मांगे।

ब्यूरो रिपोर्ट


*कांग्रेस का भाजपा पर आरोप,सांसद सुनील सोनी जिस विचारधारा से आते है,जिसका कमीशनखोरी भृष्टाचार का जन्मजन्मांतर का नाता है-कांग्रेस प्रवक्ता*

आजादी के पहले गांधी मैदान में स्थित कांग्रेस भवन छेरछेरा पुन्नी के दिन स्वतंत्रता सेनानियों, किसान मजदूर शिक्षक छात्रों महिलाओं के दान से बनाराजीव भवन कांग्रेस मुख्यालय का निर्माण भी कार्यकर्ताओ आमजनता के सहयोग से जनता के सहयोग से ही अन्य जिलों में बनेगा कांग्रेस भवन।

रायपुर- भाजपा सांसद सुनील सोनी के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सांसद सुनील सोनी दिल्ली और रायपुर में बने भाजपा मुख्यालय के निर्माण का अनुभव का बखान कर रहे हैं। रमन सरकार के दौरान हुई नान घोटाला ,मोबाइल लेपटॉप घोटाला,चरण पादुका घोटाला पीडब्ल्यूडी घोटाला, परिवहन विभाग का घोटाला कृषि विभाग घोटाला,दवाई घोटाला,शिक्षा विभाग घोटाला,आबकारी विभाग घोटाला,सरस्वती सायकल वितरण घोटाला, चना नमक घोटाला की भ्रष्टाचार कमीशन खोरी और शराब की काली कमाई से रायपुर में कुशाभाऊ ठाकरे परिसर और दिल्ली में भाजपा के सात माले के मुख्यालय का निर्माण हुआ है। सांसद सुनील सोनी जिस विचारधारा से आते हैं उस विचारधारा से कमीशनखोरी भ्रष्टाचार और कालेधन का जन्म जन्मांतर से नाता है। आजादी के लड़ाई के दौरान भी जब देशवासी फिरंगियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे तो कुछ लोग चंद पैसों के लिए अंग्रेजों के साथ खड़े हुए थे मुखबिरी कर रहे थे। छत्तीसगढ़ की जनता ने पूर्व के रमन सरकार के कैबिनेट की बैठक में शराब के 1500 करोड़ की कमीशन की राशि को लेकर रमन सरकार के कैबिनेट मंत्रियों की लड़ाई को देखा है।जो अखबारों की सुर्खियां रही।रमन के मंत्री पूछते रहे कि शराब की कमीशन की 1500 करोड़ किस खाते में जाएंगे स्पष्ट हो गया है कि 15 00 करोड़ रुपए के शराब के कमीशन से भाजपा के मुख्यालयों का निर्माण हुआ है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि आजादी के पहले में छेरछेरा पुन्नी के दिन गांधी मैदान में स्थित कांग्रेस भवन का निर्माण स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पत्रकार किसान मजदूर महिलाएं छात्रों के दान से सहयोग से हुआ था। ऐतिहासिक भवन आजादी की लड़ाई का साक्षी है ठीक वैसे ही कांग्रेस जब सत्ता में नहीं थी तब शंकर नगर में स्थित राजीव भवन कांग्रेस मुख्यालय का निर्माण कांग्रेस कार्यकर्ताओ एवं आम जनता के सहयोग से संपन्न हुआ और छत्तीसगढ़ के अन्य जिले जहां कांग्रेस भवन नहीं है वहां भी कांग्रेस भवन का निर्माण कार्यकर्ताओ और आम जनता के सहयोग से ही संपन्न होगा। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सांसद सुनील सोनी जाने अनजाने में दिल्ली और रायपुर में बने भाजपा मुख्यालय के निर्माण में लगी काली कमाई का पोल खोल दिया है।गरीबों किसानों मजदूरों महिलाओं के नाम से योजना बनाकर रमन सरकार ने भ्रष्टाचार कर कुशाभाऊ ठाकरे परिसर का निर्माण किया।भाजपा के नेता कुशाभाऊ ठाकरे परिसर को अशुभ मानते हैं वहां वास्तु दोष बताते हैं। असल में गरीबों किसानों मजदूरों को तड़पा कर बनाई गई कुशाभाऊ ठाकरे परिषद भाजपा मुख्यालय को गरीबों की बद्दुआ और हाय लगी है । जिसका दुष्परिणाम भाजपा को अनंत काल तक भोगना पड़ेगा।
 

ब्यूरो रिपोर्ट


*प्रदेश में एक बार फिर कोरोना मरीज मिलने की पुष्टि,कुल एक्टिव केस 834 हुई*

बिलासपुर:-एक बार फिर कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने की पुष्टि हुई है, यह सभी अलग-अलग जिले में पाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक कांकेर से 5, बेमेतरा और कोरिया से 3,3 ,मरीज मिलने की खबर आई है।अब प्रदेश में कुल एक्टिव कोरोना पॉजिटिव मरीजो की संख्या 834 हो गई है।

ब्यूरो रिपोर्ट 


*कमीशन खोरी के अभाव में तड़प रही है भाजपा-कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह*

रायपुर-प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने एक बयान जारी करके यह आरोप लगाया है कि 15 सालों तक प्रदेश में जमकर कमीशन खोरी भ्रष्टाचार और उगाही करने वाले लोग अब बिना सत्ता के वैसे ही तड़प रहे हैं जैसे बिना पानी के मछली तड़पती है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की कुर्सी संभालते ही विष्णुदेव साय द्वारा यह बयान देना कि अगर आज चुनाव हो जाए तो प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी, स्पष्ट इशारा करता है कि भारतीय जनता पार्टी के मन में जनता की सेवा भावना नहीं बल्कि सत्ता पाने का लालच कूट कूट कर भरा है। विष्णुदेव साय को तो प्रदेश की जनता को यह बताना चाहिए कि 5 वर्ष तक केंद्र सरकार में मंत्री रहने के दौरान उनकी उपलब्धियां क्या रही। उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में छत्तीसगढ़ राज्य के लिए क्या किया। दो बार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रहने के बावजूद आखिर इस प्रदेश की जनता उन्हें पहचानती तक नहीं है। उनकी किस योग्यता को आधार मानकर भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें छत्तीसगढ़ भाजपा का अध्यक्ष बनाया है। क्या यह सही नहीं है कि उनकी पहचान डॉ रमन सिंह के मुखौटा अध्यक्ष के रूप में है? क्या यह सही नहीं है कि वे डॉ रमन सिंह के रिमोट कंट्रोल द्वारा संचालित होते हैं? क्या यह सही नहीं है कि उनकी नियुक्ति को लेकर प्रदेश भाजपा के दूसरे बड़े नेता नाराज चल रहे हैं जिन्होंने कल एकात्म परिसर से दूरी भी बना ली थी?

जिस दिन विष्णुदेव साय को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनाने की घोषणा हुई थी उसी दिन भारतीय जनता पार्टी के अनेक जिम्मेदार नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास जमकर निकाली थी और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी को अगले कार्यकाल के लिए भी शुभकामनाएं और बधाइयां दे डाली थी। बेहतर होगा कि विष्णुदेव साय भारतीय जनता पार्टी में गुटबाजी के दलदल और चरण वंदना से पहले निपट लें फिर कांग्रेस के सामने चुनौती पेश करें। कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने भाजपा अध्यक्ष से यह सवाल भी पूछा है की प्रदेश में जीत यानी विक्ट्री को तरस रही भारतीय जनता पार्टी क्या महज संयोग से ही ऐसे नेताओं को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी दे रही है जिनके नाम अंग्रेजी के वी अक्षर से आते हैं। जैसे विक्रम उसेंडी और अब विष्णुदेव साय अगर यह कोई टोटका है तो यह टोटका भाजपा को मुबारक हो। यह मसला भाजपा के उन वरिष्ठ नेताओं के लिए अवश्य चिंतनीय होगा जिनके नाम अंग्रेजी के वी अक्षर से नहीं आते हैं। आर पी सिंह ने विष्णुदेव साय को सलाह दी है कि घमंड और झूठ से भरे थोथे बयान देने के बजाय अपनी उर्जा भाजपा की गुटबाजी को समाप्त करने में लगाकर प्रदेश की जनता के जनादेश के अनुसार सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभायें। राजनीति चुनाव के समय कर लेंगे । अभी सबको मिलकर गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को तेजी से साकार करने के लिये काम करने की जरूरत है।

ब्यूरो रिपोर्ट


*एक बार फिर अलग-अलग जगहों पर मिले कोरोना के 52 मरीज प्रदेश में आंकड़ा पहुँचा712 तक*

रायपुर- प्रदेश में अभी-अभी 52 और नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है। इसमें कबीरधाम से 28, रायपुर से 11, दुर्ग से 6, रायगढ़ से 3, मुंगेली से 2, जशपुर से 1 और बिलासपुर से 1 मरीज शामिल है। अब प्रदेश में कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 712 है। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*पीएम केयर फंड से मदद की उम्मीद दूर के ढोल सुहावने की तरह,मजदुरो को नही चंद उधोगपति को मिलेगा लाभ-कांग्रेस*

रायपुर- कोरोना महामारी काल में मदद करने के बजाये कोरी बयानबाजी और निराधार आरोपों की राजनीति कर रहे भाजपा को कांग्रेस ने कड़ा जवाब दिया प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि संकट काल में भाजपा ने अपने 9सांसदों,राज्यसभा सदस्य, पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व मंत्रियों, विधायको और भाजपा के कार्यकर्ताओं सहित आम जनता से फंड लेकर पीएम केयर फंड में 125 करोड़ से अधिक की राशि जमा कराई।छत्तीसगढ़ के खनन एवं औद्योगिक इकाइयों की सीएसआर की फंड की राशि भी ले ली गई।छत्तीसगढ़ से पीएम केयर फंड में हजार करोड़ से अधिक की राशि जमा हुई। लेकिन पीएम केयर फंड से राहत के नाम पर छत्तीसगढ़ के मजदूर किसान गरीब रिक्शा चालक ठेला चालक छोटे उद्यमियों व्यापारियों मध्यमवर्गीय परिवार को फूटी कौड़ी की भी मदद नहीं मिलना दुर्भाग्यजनक है। कोरोना महामारी संकटकाल में गरीबो की मदद के लिए दान लेने बनाई गई पीएम केयर फंड से मदद की उम्मीद करना दूर के ढोल सुहावने की तरह है। जैसे अच्छे दिन आएंगे? लेकिन कब कह पाना मुश्किल है ठीक वैसे ही है पीएम केयर फंड से मदद मिलेगी पर कब? किसे? कैसे ?ये किसी को पता नही है।ऐसा लगता है पीएम केयर फंड को भाजपा अपने संगठन कोष की तरह इस्तेमाल कर रही है।चंद भाजपा समर्थित उद्योगोपतियों को कोरोना काल में आम लोगों को सुविधा मुहैया कराने के नाम से लाभ पहुँचा रही है।पीएम केयर फंड में छत्तीसगढ़ से राशि तो लिया गया लेकिन छत्तीसगढ़ के लिए मदद राशि जारी नहीं की गई ऐसा लगता है पीएम केयर फंड के केयर में छत्तीसगढ़ का केयर करना नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा भाजपा से बेहतर तो मनरेगा के मजदूर निकले मनरेगा में श्रम कर मजदूरी की 22100 की नगद राशि जरूरतमंदों की मदद के लिए सीएम रिलीफ फंड में दे दी।मनरेगा के मजदूर भी कठिन समय मे अपने सामाजिक दायित्व को समझते हैं,तकलीफों में साथ खड़ा होने का हौसला रखते ताकत देते है।लेकिन भाजपा के नेताओ में वो जज्बा नही दिखा।कोरोना महामारी काल मे भी भाजपा खाली झूठी निराधार आरोप मढ़कर बयानबाजी ही करते रहे गई।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि संकट काल में राजनीति करने के बजाय मदद करने सामने आएं जिस प्रकार से आम जनता से वोट की उम्मीद करते हैं उसी प्रकार आम जनता भी भाजपा के सांसद विधायकों से मदद की उम्मीद कर रही है नरेंद्र मोदी जी को दूसरी बार प्रधानमंत्री के गद्दी में बिठाने में भी छत्तीसगढ़ की जनता का महत्वपूर्ण योगदान है भाजपा के नेता राज्य सरकार पर झूठी मनगढ़ंत निराधार आरोप लगाने से बाज आए छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ जनता भाजपा के चाल चरित्र गरीब किसान मजदूर विरोधी नीतियों को समझ चुकी है। मोदी भाजपा के गलत नीतियों के कारण आज देश भर की 135 करोड़ जनता घरों में बंद रहने मजबूर है 20 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है रोजी रोजगार व्यापार व्यवसाय सब ऑक्सीजन पर है। भाजपा नेता झूठ बोलकर निराधार आरोप लगाकर महामारी को फैलने से रोकने में असफल हुई मोदी सरकार की गलतियों को सुधार नहीं सकते।

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