कोरोना अपडेट:प्रदेश में आज 76 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ मिले,वही 89 मरीज़ स्वस्थ हुए देखिए जिलेवार आंकड़े*

आज 76 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान हुई व 89 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए।


*मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से प्रदेश साहू समाज संघ के पदाधिकारियों ने की मुलाकात*

तेलघानी बोर्ड के गठन के लिए आभार जताया।

रायपुर-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू समाज संघ के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन हिरवानी, जयपुर राजस्थान से आए साहू युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय महामंत्री दीपक साहू एवं कल्याण मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य में तेलघानी विकास बोर्ड के गठन के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया और कहा कि छत्तीसगढ़ देश का एक ऐसा राज्य है, जहां तेलघानी बोर्ड का गठन सरकार ने किया है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष संदीप साहू उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य में तिलहन का उत्पादन होता है। इसको और अधिक बढ़ावा देने का अभियान सरकार ने शुरू किया है। चालू खरीफ सीजन में किसानों को तिलहन के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राजीव गांधी किसान न्या योजना के तहत धान के बदले तिलहन का उत्पादन करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार रूपए तथा खरीफ में तिलहन का उत्पादन करने वाले कृषकों को प्रति एकड़ 9 हजार रूपए की इनपुट सब्सिडी देने का प्रावधान हमने किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नीम, करंज और कुसुम के बीज बहुतायत रूप से उपलब्ध हैं। गांवों में निर्मित गौठानों में नीम, करंज, कुसुम के बीज क्रय कर तेल निकालने की व्यवस्था की जा सकती है। इस अवसर पर के.के.गुप्ता, रामसेवक गुप्ता, मेघराज साहू, श्री गिरिजा साहू, शीतल साहू सहित सभी जिलों के साहू समाज के अध्यक्ष उपस्थित थे।
 


*मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पर्वतारोही सुश्री नैना धाकड़ ने की मुलाकात*

रायपुर।- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ की युवा पर्वतारोही सुश्री नैना धाकड़ ने मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को माउंड एवरेस्ट एवं माउंट लौहत्से फतह के संबंध में जानकारी दी। सुश्री नैना धाकड़ ने बताया कि माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8848.86 मीटर एवं माउंट लौहत्से की ऊंचाई 8516 मीटर है। इन दोनों चोटियों को फतह करने के बाद वहां उन्होंने देश का झण्डा फहराने के साथ ही ‘आमचो बस्तर’ का लोगों लगाया। सुश्री नैना धाकड़ ने मुख्यमंत्री को दोनों चोटियों की चढ़ाई और वहां के दृश्य का वीडियो क्लिप भी दिखाया। मुख्यमंत्री ने सुश्री नैना धाकड़ को एवरेस्ट फतह करने पर बधाई और शुभकामनाएं दी और कहा कि आपने छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। 


जन सुविधा की दृष्टि से हमने किया राज्य में 29 नई तहसीलो और 4 नए अनुविभागो का गठन- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल*

रायपुर-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज ‘‘लोकवाणी‘‘ की 20वीं कड़ी में ‘‘आदिवासी अंचलों की अपेक्षाएं और विकास‘‘ विषय पर प्रदेशवासियों से बात-चीत करते हुए सबसे पहले छत्तीसगढ़ी में प्रदेशवासियों को पारंपरिक हरेली तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति के अनुसार हरेली साल का पहला त्यौहार है। इस दिन अपने गांव-घर, गौठान को लीप-पोत कर तैयार किया जाता है। गौमाता की पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़िया भावना को ध्यान में रखते हुए हरेली सहित पांच त्यौहारों में सरकारी छुट्टी घोषित की गई है। उन्होने विश्व आदिवासी दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद प्रदेश में पहली बार विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इससे सभी लोगों को आदिवासी समाज की परंपराओं, संस्कृतियों और उनके उच्च जीवन मूल्यों को समझने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रदेशवासियों को अगस्त माह में आने वाले त्यौहार हरेली, नागपंचमी, राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस, ओणम, राखी, कमरछठ और कृष्ण जन्माष्टमी की भी बधाई दी।

29 नई तहसीलों और 04 अनुविभागों का गठन-

मुख्यमंत्री ने कोरिया जिले के श्री सतीश उपाध्याय, बालोद जिले के युवा श्री विनय कुमार मरकाम और बस्तर अंचल के दरभा के रहने वाले श्री सोमनाथ से हुई बातचीत का उत्तर देते हुए कहा कि हमने ढाई वर्षों में 29 नई तहसीलें और 4 नए अनुविभाग गठित किए हैं, उनमें से अधिकतर आदिवासी अंचल में ही हैं। कोरिया जिले में पटना के साथ चिरमिरी और केल्हारी तहसीलें भी गठित की गई हैं। इसके अलावा कबीरधाम जिले में रेंगाखार-कला, सरगुजा जिले में दरिमा, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में रामचंद्रपुर, सामरी, सूरजपुर जिले में लटोरी, बिहारपुर, जशपुर जिले में सन्ना और सुकमा जिले में गादीरास आदि प्रमुख हैं। इसी तरह चार नवीन अनुविभागों में दंतेवाड़ा का बड़े बचेली और बस्तर का लोहंडीगुड़ा शामिल है। बरसों पुरानी मांग को ध्यान में रखते हुए गौरेला - पेण्ड्रा - मरवाही को जिला ही नहीं बनाया गया बल्कि आदिवासी बहुल आबादी वाले इस क्षेत्र को उनका हक भी दिया गया। हमारा यह मानना है कि नई प्रशासनिक इकाईयों के गठन से लोगों को अपनी भूमि, खेती-किसानी से संबंधित काम, बच्चों की पढ़ाई, नौकरी या रोजगार से संबंधित कामों के लिए आसानी होगी। सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा। इसे ही हमने प्रशासनिक संवेदनशीलता का मूलमंत्र बनाया है। उन्होंने कहा कि जहां तक कोरिया जिले के मेरीन फॉसिल्स पार्क - जैव विविधता पार्क का सवाल है, हम सिर्फ कोरिया ही नहीं, बल्कि प्रत्येक जिले में अपनी ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर को सहेजने के सार्थक प्रयास कर रहे हैं।

52 वनोपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी-

मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत चेरपाल की सुश्री यशोदा पुजारी, सुकमा जिले के पोलमपल्ली निवासी श्री अजय बघेल और कबीरधाम जिले के श्री दयाल सिंह बैगा के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन से हमें लगा था कि आदिवासी अंचलों और शेष क्षेत्रों के बीच विकास का अंतर दूर कर लिया जाएगा, लेकिन हमने देखा कि विगत वर्षों में यह अंतर और भी अधिक बढ़ गया है। इसलिए हमने सबसे पहले विश्वास जीतने की बात की। इसके लिए निरस्त वन अधिकार पट्टों के दावों की समीक्षा, जेल में बंद आदिवासियों के प्रकरणों की समीक्षा कर अपराध मुक्ति, बड़े उद्योग समूह के कब्जे से आदिवासियों की जमीन वापस लौटाने का निर्णय, तेंदूपत्ता संग्रहण दर 2500 रुपए से बढ़ाकर 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा करने का निर्णय लिया गया। इससे आदिवासी अंचलों में सरकार और व्यवस्था के प्रति विश्वास का नया दौर शुरू हुआ है। हमने 7 से बढ़ाकर 52 वनोपज को समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था की, पुरानी दरों को भी बदला जिसके कारण वनोपज संग्रह से ही 500 करोड़ रुपए से अधिक अतिरिक्त सालाना आमदनी का रास्ता बन गया। अनुसूचित क्षेत्रों में कोदो, कुटकी, रागी जैसी फसलों को भी समर्थन मूल्य पर खरीदने के इंतजाम किए गए हैं तथा लाख को कृषि का दर्जा दिया गया है। वन अधिकार मान्यता पत्रधारी परिवारों के खेतों में उपजे धान को भी समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था की गई है। देवगुड़ी और घोटुल स्थलों का विकास कर आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है।

नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में 1637 करोड़ रूपए की लागत से सड़कें

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 16 हजार करोड़ रुपए की लागत से सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे हमारे आदिवासी अंचलों को सैकड़ों ऐसी सड़कें मिलेंगी, जिनका इंतजार वे दशकों से कर रहे थे। नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क बहाल करने के लिए हम 1 हजार 637 करोड़ रुपए की लागत से सड़कें बना रहे हैं। आदिवासी अंचलों में बिजली की सुविधा देने के लिए अति उच्च दाब के चार वृहद उपकेन्द्र का निर्माण पूरा कर लिया गया है। नारायणपुर, जगदलपुर, बीजापुर और सूरजपुर जिले के उदयपुर में ये उपकेन्द्र प्रारंभ हो जाने से बिजली आपूर्ति सुचारू हो गई है। इसके अलावा विगत ढाई वर्षों में आदिवासी अंचलों में सौर ऊर्जा से संचालित 74 हजार सिंचाई पम्प, 44 हजार से अधिक घरों में रोशनी और लगभग 4 हजार सोलर पेयजल पम्पों की स्थापना की गई है, जो अपने आप में कीर्तिमान है।

छत्तीसगढ़ को लघु वनोपज की खरीदी के लिए 11 राष्ट्रीय पुरस्कार

कबीरधाम जिले के श्री किशन लाल द्वारा वनोपजों के प्रसंस्करण को आगे बढ़ाने को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बताया कि बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा में एक बड़े उद्योग की स्थापना के नाम से ली गई आदिवासियों की जमीन वापसी की घोषणा के साथ आदिवासियों को न्याय दिलाने का सिलसिला शुरू हो गया है। 10 गांवों के 1 हजार 707 किसानों को 4 हजार 200 एकड़ जमीन के दस्तावेज प्रदान किए जा चुके हैं। कोण्डागांव में मक्का प्रोसेसिंग इकाई का शिलान्यास किया गया है। प्रदेश में 146 विकासखण्डों में से 110 विकासखण्डों में फूडपार्क स्थापित करने हेतु भूमि का चिन्हांकन तथा अनेक स्थानों पर भूमि हस्तांतरण भी किया जा चुका है। छत्तीसगढ़ में 139 वनधन विकास केन्द्र स्थापित हो चुके हैं, जिनमें से 50 केन्द्रों में वनोपजों का प्रसंस्करण भी हो रहा है। इस काम में लगभग 18 हजार लोगों को रोजगार मिला है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा ‘छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड’ के नाम से 121 उत्पादों की मार्केटिंग की जा रही है। भारत सरकार की संस्था ट्रायफेड द्वारा 6 अगस्त को छत्तीसगढ़ को लघु वनोपज की खरीदी तथा इससे संबंधित अन्य व्यवस्थाओं के लिए 11 राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। यह हमारे आदिवासी अंचलों के साथ पूरे प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है। दुर्ग जिले में 78 करोड़ रुपए से अधिक लागत पर एक वृहद प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। राज्य में वनोपज आधारित उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए वनांचल उद्योग पैकेज लागू किया गया है। इसके अलावा दंतेवाड़ा में रेडिमेड कपड़ों का ‘ब्रांड डेनेक्स’ एक सफल प्रयोग साबित हुआ है। नवचेतना बेकरी भी काफी सफल हो रही है। ऐसे कामों से सैकड़ों स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है।

‘मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना’ से बढ़ेंगे ग्रामीणों के आय के साधन

‘मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना’ के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना को वे भविष्य में स्थानीय लोगों, आदिवासी और वन आश्रित परिवारों की आय के बहुत बड़े साधन के रूप में देखते हैं। खुद लगाए वृक्षों से इमारती लकड़ी की कटाई और फलों को बेचकर लोगों की आय बड़े पैमाने पर बढ़ेगी। निजी लोगों को ही नहीं, बल्कि पंचायतों और वन प्रबंधन समितियों को भी पेड़ लगाने और काटने के अधिकार दिए गए हैं।

हाट-बाजारों तक पहुंची स्वास्थ्य सुविधा, एनीमिया और कुपोषण में आई कमी

लोकवाणी के माध्यम से आदिवासी क्षेत्र की मूलभूत आवश्यकताएं अच्छी शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य, रोजगार और स्कूल में शिक्षकों की कमी के प्रश्न पर जवाब देते हुए श्री बघेल ने कहा कि निश्चित तौर पर आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सबसे बड़ी जरूरत है। इस दिशा में प्राथमिकता से काम शुरू किया गया है। स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरतोें को डीएमएफ मद से पूरी करने के लिए आवश्यक नियम बनाए गए हैं। सीएसआर और अन्य मदों की राशि भी इन्हीं प्राथमिकताओं के लिए खर्च करने की रणनीति अपनाई है। इसके कारण बीजापुर, दंतेवाड़ा और जगदलपुर में अब उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो गई हैं। सुकमा जिले में भी बड़े स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य के सुदूर अंचल में ग्रामीणों को सहजता से स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने हमने मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना शुरू की है। इससे अब आदिवासी भाई-बहनों का उपचार हाट-बाजारों में होने लगा है। इसका लाभ 11 लाख से अधिक लोगों को मिल चुका है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पांच वर्ष से कम उम्र के 37.7 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के शिकार थे और 15 से 49 वर्ष तक की 47 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया अर्थात खून की कमी से ग्रस्त थीं। आदिवासी जिलों में हालत और भी खराब थी। इसे देखते हुए हमने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान शुरू किया, जिसमें डीएमएफ और जनभागीदारी के योगदान को बढ़ावा दिया। योजना के माध्यम से बच्चों को दूध, अण्डा, स्थानीय प्रचलन के अनुसार पौष्टिक आहार दिया, जिसके कारण कुपोषण और एनीमिया की दर में तेजी से कमी आ रही है।

मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान की यूएनडीपी और नीति आयोग ने की सराहना

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ अभियान शुरू होने से एक साल में बस्तर संभाग में मलेरिया के प्रकरण 45 प्रतिशत और सरगुजा संभाग में 60 प्रतिशत कम हो जाना सुखद है। यूएनडीपी और नीति आयोग ने मलेरियामुक्त बस्तर अभियान की तारीफ करते हुए बीजापुर जिले में मलेरिया में 71 प्रतिशत तथा दंतेवाड़ा में 54 प्रतिशत तक कमी करने की सफलता को बेस्ट प्रेक्टिस के रूप में सराहा है और अन्य आकांक्षी जिलों को भी इस अभियान को अपनाने की सलाह दी है।

प्रदेश में 14 हजार 580 शिक्षक-शिक्षिकाओं की नियुक्ति

श्री बघेल ने बताया कि शिक्षा के लिए हमने संकटग्रस्त क्षेत्रों पर ज्यादा फोकस किया। जिसके कारण सुकमा जिले के जगरगुंडा में 13 वर्षों से बंद स्कूल बीते साल खुल चुका है। कुन्ना में स्कूल भवन का पुनर्निर्माण तथा दंतेवाड़ा जिले के मासापारा-भांसी में भी 6 सालों से बंद स्कूल अब खुल गया है। कोरोना काल में पढ़ाई तुंहर पारा अभियान के तहत लाखों बच्चों को उनके गांव-घर-मोहल्लों में खुले स्थानों पर भी पढ़ाया गया। प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों को मातृभाषा में समझाना अधिक आसान होता है इसलिए हमने 20 स्थानीय बोली-भाषाओं में पुस्तकें छपवाईं, जिसका लाभ आदिवासी अंचलों में मिला। बीस साल बाद प्रदेश में 14 हजार 580 शिक्षक-शिक्षिकाओं की नियुक्ति आदेश दे दिए गए हैं। इससे आदिवासी अंचलों में भी शिक्षकों की कमी स्थायी रूप से दूर हो जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कोरोना की ‘तीसरी लहर’ को लेकर सभी से बहुत सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्व-त्यौहार मनाते समय फिजिकल डेस्टिेंसिंग का पालन करें, मास्क का उपयोग करें, हाथ को साबुन-पानी से धोते रहें तथा टीका जरूर लगवाएं। खुद को बचाए रखना ही सबसे जरूरी उपाय है।

मुख्यमंत्री  बघेल ने राम-वन-गमन पथ पर बात करते हुए कहा कि यह बहुत गर्व का विषय है कि भगवान राम का अवतार जिस काम के लिए हुआ था, उन प्रसंगों की रचना छत्तीसगढ़ में हुई। वास्तव में भगवान राम छत्तीसगढ़ में कौशल्या के राम और ‘वनवासी राम’ के रूप में प्रकट होते हैं। यह अद्भुत संयोग है कि भगवान राम का छत्तीसगढ़ में प्रवेश, संचरण और प्रस्थान सघन आदिवासी अंचल में ही हुआ। कोरिया जिले के सीतामढ़ी हरचौका में प्रवेश और सुकमा जिले के अंतिम स्थान कोंटा तक उनकी पदयात्रा। एक बार फिर राम के रास्ते पर चलते हुए अगर हम 2 हजार 260 किलोमीटर सड़कों का निर्माण करते हैं तो इससे पूरे रास्ते में विकास के दीये जल उठेंगे। आस्था के साथ जुड़ी सड़कें, सुविधाओं के साथ आजीविका के नए-नए साधन भी आएंगे। यह समरसता और सौहार्द्र के साथ वनवासी राम के प्रति आस्था का परिपथ बनेगा, जो नदियों, नालों, झरनों, जलप्रपातों, खूबसूरत जंगलों से गुजरते हुए सैकड़ों पर्यटन स्थलों का उद्धार करेगा। 

ब्यूरो रिपोर्ट


कोरोना अपडेट:प्रदेश में आज 120 कोरोना पॉजिटिव मरीज़ मिले,वहीं 162 मरीज़ स्वस्थ हुए-देखिए जिलेवार रिपोर्ट*

रायपुर-120 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की आज पहचान हुई वहीं 162 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए।


*केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री के साथ छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन की समीक्षा की।*

रायपुर-भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज यहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ मुख्यमंत्री निवास रायपुर में आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रुद्रकुमार, कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी भी उपस्थित थे। 


*मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्टता के लिए छत्तीसगढ़ को मिला एक्सीलेंस अवार्ड*

रायपुर।- कोरोना महामारी काल में भी लोगों के मानसिक स्वास्थ्य का रखा गया बेहतर ध्यान, स्वास्थ्य विभाग के काम को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया संस्था द्वारा कोरोना काल में मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत उत्कृष्ट सेवाओं के लिए ‘एक्सीलेंस इन मेन्टल हेल्थ’ अवार्ड से सम्मानित किया गया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने नई दिल्ली में आज आयोजित कार्यक्रम में राज्य की ओर से यह पुरस्कार ग्रहण किया।
मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं को राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ का चयन इस पुरस्कार के लिए किया गया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि कोविड-19 महामारी के समय राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित मेडिकल ऑफिसर्स और ग्रामीण चिकित्सा सहायकों की सहायता से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से प्रभावित हज़ारों लोगों की काउन्सलिंग की गई। इसके लिए राज्य स्तरीय नवाचार ‘चैम्प प्रोजेक्ट’ के अंतर्गत 1400 से अधिक मेडिकल ऑफ़िसर्स और ग्रामीण चिकित्सा सहायकों को देश की उत्कृष्ट संस्था नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज (NIMHANS) बैंगलोर से प्रशिक्षण कराया गया है। इनके माध्यम से सभी स्वास्थ्य संस्थाओं तक मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सभी सेवाओं को पहुंचाया गया। कोराना काल में जब बहुत से लोग मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे, तब स्वास्थ्य विभाग द्वारा मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत टेलीकम्युनिकेशन सेवा के माध्यम से उनका मनोबल बढ़ाया गया एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी मुहैया कराई गईं। 


*स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की खबर अफवाह,देखिए इस पूरे मामले को लेकर टीएस सिंहदेव ने क्या कहा*

रायपुर-एक टीवी चैनल में  प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के पद से इस्तीफा देने की खबर से पूरे राज्य के राजनीतिक क्षेत्र में खलबली मच गई हुई। इस संबंध मे टीएस सिंहदेव ने इसे अफवाह करार दिया,उनके कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के अपने पद से इस्तीफा देने की खबर केवल पूर्णतः असत्य और निराधार है,टीएस सिंहदेव के विरुद्ध यह अफवाह फैलाई जा रही है,सभी से निवेदन है कि ऐसी झूठी खबरों पर ध्यान न दें।स्वास्थ मंत्री ने इस खबर के आने के बाद ट्वीट कर कहा की कांग्रेस उनके खून में है पार्टी छोडने का सवाल ही नई उठता ये बाते पूरी तरह अफवाह है।

ब्यूरो रिपोर्ट


*कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव व असम प्रभारी विकास उपाध्याय आज असम विधानसभा पहुँचकर ली विधायकों की बैठक*

रायपुर-कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव व असम प्रदेश के प्रभारी विकास उपाध्याय इस समय असम प्रवास पर हैं।आज वे इस बीच गुवाहाटी में विधानसभा पहुँचे।जहाँ विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है और विधानसभा में ही कांग्रेस विधायकों की बैठक ली CLP नेता देवब्रत शेखिया ने विकास उपाध्याय का स्वागत किया।विकास ने इसके लिए आभार व्यक्त किया। विकास उपाध्याय इस बीच अपर असम के तीन विधानसभा क्षेत्र का दौरा भी कर रहे हैं जहाँ उपचुनाव होने हैं।उनके साथ राष्ट्रीय सचिव पृथ्वी साठे भी हैं। उन्होंने कहा, दलबदल कर ज्यादा समय तक कोई भी नेता जनता का विश्वास नहीं जीत सकता।आपको पार्टी का इज्जत करना पहले सीखना चाहिए।कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव विकास उपाध्याय दिल्ली प्रवास के बाद अपने प्रभार वाले प्रान्त असम दौरे पर हैं। असम में हाल ही के दिनों सरकार गठन के बाद कुछ विधायकों के इस्तीफे के बाद प्रदेश में कुल 5 विधानसभा में उप चुनाव होने हैं,जिसे लेकर भी विकास उपाध्याय का यह दौरा महत्वपूर्ण है। जिसमें से 3 विधानसभा अपर असम में ही हैं।इसी क्रम में वे विधानसभा पहुँच कर कांग्रेस विधायकों की बैठक भी वहीं ली है। जहाँ कांग्रेस के CLP नेता समेत सभी विधायक मौजूद रहे एवं साथ में प्रभारी सचिव पृथ्वी साठे भी हैं।विकास उपाध्याय का विधायकों से बैठक लेने का मुख्य उद्देश्य भी आगामी उपचुनाव को लेकर रहा। उन्होंने कहा,पार्टी बदल कर लंबे समय तक राजनीति करना सम्भव नहीं होता।ऐसे स्वार्थी तत्वों को लोकतंत्र माफ नहीं करेगी। उन्होंने आगामी दिनों में कुल 5 विधानसभा में होने वाले उपचुनावों में सभी विधायकों से एकजुट हो कर विजय हासिल करने का संकल्प लिया और कहा,पार्टी विरोधी लोगों को जो दलबदल कर अपनी स्वार्थ सिद्धि करते हैं उन्हें सबक सिखाने की जरूरत है।सभी विधायकों ने प्रभारी सचिव विकास उपाध्याय का समर्थन कर एकजुट हो कर काम करने का वचन दिया।

 


*छत्तीसगढ़- राज्य ओपन स्कूल कक्षा दसवीं के परिणाम घोषित,देखिए mornews*

रायपुर- छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल कक्षा दसवीं के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ .प्रेमसाय सिंह टेकाम ने रिजल्ट जारी किए हैं। इस परीक्षा के लिए 54260 छात्रों का पंजीयन हुआ था। इसमें से 54046 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए । इनमें 92 परीक्षार्थियों के रिजल्ट विभिन्न कारणों से रोके गए हैं। शेष 53993 परीक्षार्थियों का रिजल्ट जारी किया गया है। उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या 50037 है। 92.67 प्रतिशत इस बार का रिजल्ट रहा। 3956 परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण हुए। यह कुल घोषित परीक्षा परिणाम का 7.33 प्रतिशत है। छात्र अपने परीक्षा परिणाम छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की वेबसाइट http://www.sos.cg.nic.in पर देख सकते हैं। 


*स्कूलों में आवश्यकतानुसार होगी शिक्षकों की पदस्थापना*

शिक्षक संवर्ग के सीधी भर्ती का कार्य 25 अगस्त तक पूर्ण करने के निर्देश

रायपुर-लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा शिक्षक संवर्ग के 14 हजार 580 पदों पर सीधी भर्ती के संबंध में सभी स्कूल शिक्षा विभाग के सभी संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारियों को पदस्थापना संबंधी समस्त आवश्यक कार्य 25 अगस्त तक पूर्ण कर आयुक्त कार्यालय से अनुमोदन करने के निर्देश दिए गए हैं।
संबंधित अधिकारियों से नियुक्ति आदेश जारी करते समय यह पालन सुनिश्चित करने कहा गया है कि सर्वप्रथम शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षकीय स्कूलों में उम्मीदवारों की पदस्थापना करने कहा गया है। निर्देशित किया गया है कि दिव्यांग और महिलाओं को पदरिक्तता के आधार पर यथासंभव सुविधाजनक स्थान के स्कूल में पदस्थ करें। नियुक्ति आदेश व्यक्तिवार जारी किए जाए। नियुक्ति आदेश में राज्य शासन द्वारा परिवीक्षा अवधि के दौरान देय वेतन एवं परिवीक्षा अवधि का वित्त विभाग का निर्देश का स्पष्ट उल्लेख किया जाए। पदस्थापना में ग्रामीण क्षेत्र की शालाओं को प्राथमिकता दी जाए। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जिन न्यायलयीन प्रकरणों में पद रोकने के लिए अथवा प्रक्रिया में स्थगन के निर्देश दिए गए हैं, उसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने कहा गया है।
स्कूल शिक्षा विभाग के जारी निर्देश में उल्लेख किया गया है कि पूर्व में संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारियों ने व्यापम द्वारा जारी की गई प्रावीण्य सूची के आधार पर आरक्षण नियमों के अनुसार उम्मीदवारों के अभिलेखों का ऑनलाईन सत्यापन कर पात्र और अपात्र पाए गए उम्मीदवारों को पृथक-पृथक लिखित सूचना भी प्रदान की थी। स्कूल बंद होने के कारण नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए गए थे। वर्तमान में शासन द्वारा आदेश जारी करने की सहमति प्रदान की है। 


*पीड़ित महिलाओं के लिए मददगार बना महिला आयोग: डॉ. किरणमयी नायक*

जगदलपुर में एक ही दिन में 98 मामलों की सुनवाई

रायपुर-महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उन्हें उत्पीड़न से राहत दिलाने के मामले में छत्तीसगढ़ महिला आयोग का कार्यकाल उपलब्धियों भरा रहा। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक और सदस्यों ने राज्य के सुदूर अंचलों में जाकर महिलाओं के उत्पीड़न की सुनवाई की। पिछले एक वर्ष में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में 62 जन सुनवाईयां कर एक हजार 401 प्रकरणों में से कुल 410 प्रकरणों का निराकरण किया गया है।

डॉ. किरणमयी नायक ने आज यहां पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि राज्य में महिलाओं के हित संरक्षण के लिए आयोग द्वारा हर संभव मदद की जा रही है। पीडित महिलाओं को राहत देने के लिए आयोग द्वारा सुदूुर अंचलों में जाकर सुनवाई की गई तथा विशेष प्रकरणों में आयोग के कार्यालय मेें सुनवाई कर प्रकरणों का निराकरण किया गया है। तत्काल राहत दिलानें के लिए कई मौकों पर टेलीफोनिक माध्यम से भी महिलाओं की समस्याओं का निराकरण किया गया है। महिला उत्पीड़न की खबरों पर भी आयोग द्वारा संज्ञान लिया गया है। कई मामलों में उभय पक्षों के बीच समझौता कराते हुए उनके सुखी गृहस्थ जीवन की पुनः शुरूआत कराई गई। विशेष मामलों में दोनों पक्षों की निगरानी भी जा रही है।
उन्होंनेे बताया कि लॉकडाउन के दौरान पीड़ित महिलाओं को आयोग तक शिकायत आवेदन भेजने और सुनवाई में होने वाली परेशानियों से निजात दिलाने के उद्देश्य से आयोग की पहल पर व्हाटसपएप कॉल सेंटर का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा किया गया। व्हाटसएप नं. 90983-82225 में किसी भी महिला द्वारा शिकायत दर्ज करायी जा सकती है। पिछले वर्ष मेंन फ़ॉर वोमेन थीम पर पुरषों के जीवन में महिलाओं की भूमिका पर कार्यशाला का आयोजन किया गया।
डॉ. नायक ने बताया कि आयोग की सुनवाई के बाद 61 बेटियों को एन एम डी सी में नौकरी मिलना सुनिश्चित हुआ। पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने पर कई मामलों में कड़ी कार्यवाही की गई। भरण-पोषण के कई मामलों में तीन हजार से एक लाख रूपये प्रतिमाह दिलाया गया। 11 वर्ष पुराने एक मामलें में अनुकंपा नियुक्ति दिलाई गई। दो मामलों में डी.एन.ए. टेस्ट तथा एक मामले में नार्काे टेस्ट का आदेश भी दिया गया। जगदलपुर में एक ही दिन में 98 मामलों की सुनवाई की गई। उन्होंने बताया कि कोरोना संकट काल में महिलाओं को राहत दिलाने की पहल की राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी सराहना की। छत्तीसगढ़ सरकार के 2 साल पूर्ण होने के अवसर पर महिलाओं से संबंधित कार्यक्रमों के प्रति जागरूकता के लिए राजधानी रायपुर में एक विशालकाय रंगोली का निर्माण कराया गया जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया। 


प्रदेश में 114 नए कोरोना मरीज़ मिले,188 मरीज़ स्वस्थ हुए-देखिए जिलेवार रिपोर्ट*

114 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की आज पहचान हुई वहीं 188 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए।


*मुख्यमंत्री शामिल हुए कृषक कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष और सदस्यों के पदभार ग्रहण समारोह में*

रायपुर-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि खेती-किसानी को मजबूत बनाकर और हर हाथ को काम देकर गांव के पुराने गौरव को फिर से स्थापित करना राज्य सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना, सुराजी गांव योजना, गोधन न्याय योजना जैसे कदम उठाए गए हैं। श्री बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय से छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के नवनियुक्त पदाधिकारियों के पदभार ग्रहण के वर्चुअल कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शहीद महेन्द्र कर्मा की जयंती पर उन्हें याद करते हुए नमन किया।
कार्यक्रम में कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री निवास में तथा सहकारिता मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास, छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री अग्नि चंद्राकर और छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा, बीज निगम के कार्यालय में उपस्थित थे। कार्यक्रम में कृषक कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष महेंद्र चंद्राकर, सदस्य बसंत टाटी, नागेंद्र नेगी, संजय गुप्ता, भगवान पटेल, जानकीराम सेठिया, नंद कुमार पटेल, डेहराराम साहू, खम्मन पटेल, जगदीश दीपक, शरद यादव, श्रवण चंद्राकर, चुन्नी लाल वर्मा और श्रीमती शशि गौर ने पदभार ग्रहण किया।
मुख्यमंत्री ने परिषद के नवनियुक्त सभी पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उन्हें राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी हर किसान तक पहंुचाने, गौठानों को और अधिक सक्रिय करने की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि परिषद के पदाधिकारी हरेली का त्यौहार गौठानों में जाकर मनाए। इसके अलावा जब भी वे गांव के दौरे पर जाएं तो गौठानों में बैठक कर वहां की गतिविधियों की समीक्षा भी करें तथा इस संबंध में सुझाव से अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि गौठानों में अलग-अलग गतिविधियों से जोड़े और यह भी देखे गौठानों में नेपियर घास लगाई गई है कि नहीं और मवेशियों के लिए चारे-पानी की व्यवस्था है कि नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजो से पहले हमारे गांव उत्पादन के केन्द्र होते थे। शहर व्यापारिक केन्द्र का काम करते थे। अंग्रेजो के समय शहरों में बड़े-बड़े कारखाने स्थापित हुए, इससे उत्पादन और वाणिज्य के केन्द्र गांव के स्थान पर शहर बन गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यस्था मजबूत बनाने हर संभव प्रयास कर रही है। सुराजी गांव योजना में रूरल इंड्रस्ट्रीयल पार्क के जरिए ग्रामीणों और युवाओं को उत्पादक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। खेती किसानी को मजबूत बनाने के लिए किसानों की ऋण माफी और उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने की पहल की गई है। वनवासियों को तेेंदूपत्ता संग्रहण के लिए प्रति मानक बोरा 4000 रूपए मिल रही है। इससे गांव के लोगांे की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य शासन की योजनाओं का लाभ दूरस्थ अंचलों के किसानों, वनोपज संग्राहकों को भी मिल रहा है। उनकी जेब में पैसा जा रहा है और इसका असर व्यापार में भी दिख रहा है। इसका प्रमाण है कि बीजापुर जिले में वर्ष 2018 में जहां एक ट्रेक्टर बिका था, वही ऋण माफी और 25 सौ रूपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदी के बाद बीजापुर जिले में वर्ष 2019-20 में 73 ट्रेक्टर और 1235 मोटर सायकल और एक कमर्शियल ट्रेक्टर की बिक्री हुई । अगले साल इस जिले में 60 ट्रेक्टर और 1998 मोटर सायकल तथा तीसरे साल में 133 ट्रेक्टर, 968 मोटर सायकल की बिक्री अब तक हो चुकी है। इनमें 11 कमर्शियल ट्रेक्टर की बिक्री भी शामिल हैं।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि कृषि का विकास छत्तीसगढ़ के विकास का मूल आधार है। राज्य सरकार की योजनाओं से किसानों की जेब में पैसा पहंुचा और बाजार गुलजार हुए। लॉकडाउन के समय देश की अर्थव्यवस्था में जहां मंदी आई, वहीं छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी सहित अन्य गतिविधियां चालू रही। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कृषि और किसानों के साथ-साथ गरीबों की आर्थिक उन्नति के लिए काम कर रही है। इस दिशा में राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना लागू करने की क्रांतिकारी पहल भी की गई है। बजट में इस योजना के लिए प्रावधान भी किए गए हैं। 


*मुख्यमंत्री ने शहीद महेंद्र कर्मा की जयंती पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि*

रायपुर-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व मंत्री और लोकप्रिय नेता शहीद श्री महेंद्र कर्मा की जयंती पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री बघेल ने उन्हें याद करते हुए कहा है कि श्री महेन्द्र कर्मा को बस्तर टाइगर कहा जाता था, बस्तर के विकास और संगठन के काम में उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया। छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता और मंत्री के रूप उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली और छत्तीसगढ़ के विकास में अपना अमूल्य योगदान दिया। उनके योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। श्री बघेल ने कहा कि उनके विचार हमें सदैव प्रेरित करते रहेंगे। श्री महेन्द्र कर्मा की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर विश्वविद्यालय का नामकरण उनके नाम पर किया और उनके नाम पर प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के लिए ‘शहीद महेंद्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक समाजिक सुरक्षा योजना‘ प्रारंभ की है। 


*पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के पंचम दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री*

रायपुर-कोविड-19 के इस दौर में हम सभी सकारात्मक सोच के साथ एक दूसरे के दुख के सहभागी बनें, अपनी क्षमता के अनुसार एक-दूसरे का सहयोग करें। मानवता की खातिर जो भी काम किया जा सकता है, वह हम सबको मिलकर करना चाहिए। यह बात राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज पण्डित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़़ के पंचम दीक्षांत-समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि हमें भविष्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे संसाधनों की जरूरत पड़ेगी, जो भौतिक दूरियों के बावजूद हमारे ज्ञान में अभिवृद्धि कर सकेे। मुक्त विश्वविद्यालय इस क्षेत्र में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राज्यपाल ने सभी स्वर्ण-पदक एवं उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राज्यपाल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित सुंदर लाल शर्मा को नमन भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल सहित अन्य अतिथिगण शामिल हुए।

राज्यपाल सुश्री उइके ने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालय-महाविद्यालयों में व्याख्याताओं और प्राध्यापकों के पद रिक्त हैं। बस्तर-सरगुजा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में यह समस्या ज्यादा है। इसके कारण शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है। साथ ही शिक्षण संस्थानों को अच्छी ग्रेडिंग नहीं मिल पाती है, जिसके कारण उन्हें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से सहायता राशि मिलने में कठिनाई होती है। उन्होंने इन रिक्तियों की जल्द पूर्ति किये जाने की आवश्यकता जताई।
राज्यपाल ने कहा कि समन्वय समिति की बैठक काफी दिनों से नहीं हुई है, इसे जल्द बुलाई जाए, ताकि प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के लिए नीतिगत निर्णय लिये जा सके। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल को उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के लिए किये जा रहे प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने श्री पटेल की महाविद्यालयों में नैक ग्रेडिंग के लिए किये जा रहे प्रयासों के लिए सराहना की।
राज्यपाल ने कहा कि दूरस्थ माध्यम से उच्च शिक्षा, ऐसे शिक्षार्थियों के लिए वरदान साबित होती है, जिन्होंने किसी कारणवश अपनी शिक्षा बीच में छोड़ दी है। ऐसे युवाओं तक शिक्षा पहुँचाना हमारी महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। ऐसे शिक्षार्थी प्रदेश और देश के विकास में योगदान दे सकें, इसके लिए इन्हें तैयार करना हमारा उद्देश्य और कर्तव्य दोनों होना चाहिए। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए यह विश्वविद्यालय पूरे मनोयोग से कार्य कर रहा है, यह प्रसन्नता का विषय है।
राज्यपाल ने कहा कि हम लंबे समय से कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं। सभी शिक्षण संस्थान बंद पड़े हैं। इसका प्रभाव विद्यार्थियों और हम सब पर भी पड़ा है। यह अच्छी बात है कि ऑनलाईन तरीके से शिक्षा दी जा रही है, लेकिन इसकी एक सीमा है। उन्होंने अन्य विकल्पों पर भी विचार करने की आवश्यकता जताई। सुश्री उइके ने छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के आर्थिक, सामाजिक विकास के लिए विश्वविद्यालय द्वारा जैविक कृषि, उद्यानिकी, पशुधन, वनवासी तथा महिला उत्थान जैसे विषयों पर पाठ्यक्रम संचालित किये जाने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का हमारा सपना प्रदेश के समग्र और बहुआयामी विकास से ही पूरा होगा। इस सपने को पूरा करने में अन्य शिक्षण संस्थाओं की तरह पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय की तथा यहां से उपाधि अर्जित करने वाले छात्र-छात्राओं की भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी छत्तीसगढ़ की माटी से जुड़े होने के कारण, राज्य को न सिर्फ अपना भावनात्मक समर्थन प्रदान करें बल्कि आपकी पूरी प्रतिभा, ऊर्जा और सारे प्रयत्न भी छत्तीसगढ़ के जनजीवन को समृद्ध और खुशहाल बनाने में करें। श्री बघेल ने कहा कि जब हम कहते हैं ‘बात है अभिमान के, छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान के’, तो हम चाहते हैं कि राज्य का संपूर्ण गौरव उभर कर सामने आए। हमारे कृषि, वन, जल, खनिज आदि सारे संसाधनों का उपयोग, युवाओं की भागीदारी और रोजगार सुनिश्चित करने में हो। इस तरह एक पंथ-अनेक काज होने चाहिए, जो उच्च शिक्षा के साथ प्रत्येक व्यक्ति का जीवन संवारे, साथ ही प्रदेश के विकास में सबका योगदान दर्ज करे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के कमजोर तबकों के स्वावलंबन के प्रयासों को आगे बढ़ाने में उच्च शिक्षा की भागीदारी किस तरह से अधिक मजबूत हो। खेत-जंगल-जल संसाधन, खदानें, सभी को किस प्रकार से सतत् विकास से जोड़ा जाए और उसमें हमारी युवा शक्ति की केंद्रीय भूमिका हो, यह विचार करने का समय आ गया है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि दूरस्थ एवं मुक्त शिक्षा एक नवाचार है, इसके प्रसार के साथ अब इसको एक नयी दिशा दिए जाने की आवश्यकता है। दूरस्थ शिक्षा संस्थाओं को आश्रय देने के लिये निरंतर दिशा निर्देशन हेतु दूरस्थ शिक्षा परिषद को अधिकृत किया गया है, इसको कुछ निश्चित शक्तियां एवं अधिकार प्रदान किए गए हैं, जिससे कि यह एक उत्तरदायी संस्था के रूप में कार्य कर सके।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल ने कहा कि सुदूर क्षेत्रों में उच्च शिक्षा पहुंचाने का प्रमुख माध्यम, महाविद्यालय होते हैं। इनका विकास हमारा प्रमुख लक्ष्य है। इन महाविद्यालयों के लिए सहायक प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रियाधीन है। राज्य लोक-सेवा आयोग ने कई विषयों के परिणाम घोषित कर दिए हैं। शेष विषयों के परिणाम भी घोषित हो रहे हैं। सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति से प्रदेश में बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाने में हमें सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय दिल्ली के कुलपति प्रोफेसर श्री नागेश्वर राव ने अपना दीक्षांत उद्बोधन दिया। साथ ही नेता प्रतिपक्ष श्री धरमलाल कौशिक ने भी समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद श्री अरूण कुमार साव, संसदीय सचिव श्रीमती रश्मि सिंह एवं श्री पारसनाथ राजवाड़े, विधायक श्री शैलेष पांडेय, श्री रजनीश सिंह, कुलपति डॉ. बंश गोपाल सिंह, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण एवं विद्यार्थीगण उपस्थित थे।
दीक्षांत समारोह में शिक्षा विषय में 5 शिक्षार्थियों को पीएचडी की उपाधि, इसी तरह मनोविज्ञान और वाणिज्य विषय में 2-2 शिक्षार्थियों को, राजनीति शास्त्र, माईक्रोबायोलॉजी और मैनेजमेंट में एक-एक शिक्षार्थी को पीएचडी की उपाधि दी गई। दीक्षांत समारोह में सत्र जनवरी से दिसम्बर 2019 में कुल 2105 एवं सत्र जुलाई से जून 2019-20 में कुल 10 हजार 730 विद्यार्थियों को उपाधियां और पत्रोपाधि प्रदान की गई। सत्र जनवरी से दिसम्बर 2019 में मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों कन्दाला श्रीनिवास (एमए राजनीति), चन्द्रशेखर श्रीवास (एमए संस्कृत), विवेकचन्द्र महिलांग (एमए हिन्दी), मोहनला पटेल (एमएससी गणित), विकास कुमार मृधा (पीजीडीसीए), निशा राजवाड़े (एमए अंग्रेजी), चंचल गायकवाड़ (एमए इतिहास), प्रशांत कुमार रंगारी (एमए अर्थशास्त्र), प्रकाश चौहान (एमए समाजशास्त्र), दीपांजली सदावती (बी.लिब एवं आईएससी) को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इसी प्रकार सत्र जुलाई-जून 2019-20 में डोलेश्वरी (एमए राजनीति), कविता (एमए संस्कृत), चैनूराम नागवंशी (एमएससी गणित), अमीना लकड़ा (बीए), दीपिका गुप्ता (बीएससी), ढालेन्द्र चन्द्राकर (बीकॉम), तोशेन्द्र कुमार साहू (बीएड), उमा पटेल (एमए हिन्दी), प्रियंका साहू (एमए अंग्रेजी), रात्रि आंचला (एमए समाजशास्त्र), कल्पना देवांगन (बी.लिब् एवं आईएससी), रितिका (पीजीडीसीए), संतोष कुमार देवांगन (पीजी डिप्लोमा) को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। 


*मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सहकारी बैंकों के अध्यक्षगणों ने की मुलाकात*

रायपुर-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा एवं अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चन्द्राकर के नेतृत्व में विभिन्न जिलों के जिला सहकारी बैंक के नवनियुक्त अध्यक्षगणों ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अपने-अपने बैंकों के क्षेत्र अंतर्गत सहकारी समितियों के काम-काज, सहकारी समितियों में खाद एवं बीज के भण्डारण एवं वितरण की स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री को अल्पकालीन कृषि ऋण के वितरण की स्थिति से भी अवगत कराया। मुख्यमंत्री बघेल ने जिला सहकारी बैंकों के नवनियुक्त अध्यक्षगणों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उन्हें सहकारिता को सुदृढ़ करने के लिए पूरे मनोयोग से काम करने की बात कही। इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक के नवनियुक्त अध्यक्ष पंकज शर्मा रायपुर, श्री प्रमोद नायक बिलासपुर, नवाज खान राजनांदगांव, रामदेव राम अम्बिकापुर उपस्थित थे। 


*राज्य खेल पुरस्कार: आवेदन करने की तिथि बढ़ी 10 अगस्त तक*

रायपुर-छत्तीसगढ़ शासन खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रतिवर्ष खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों को खेल पुरस्कार प्रदान कर राज्य खेल अंलकरण सें सम्मानित किया जाता है। यह पुरस्कार राज्य के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों को प्रदान किये जाते हैं। इसके लिए विभाग द्वारा 7 अगस्त तक आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिसे बढ़ा कर अब 10 अगस्त कर दिया गया है। आवेदन खेल एवं युवा कल्याण विभाग के जिला कार्यालय या संचालनालय में राज्य खेल संघों से अनुशंसा सहित आवेदन निर्धारित तिथि तक कार्यालयीन समय अवधि में जमा किए जा सकते हैं। खिलाड़ी को पृथक-पृथक वर्षों के लिए पृथक-पृथक आवेदन प्रस्तुत करना होगा। आवेदन पत्रों का प्रारूप मय विज्ञापन विभाग की वेबसाइट www.sportsyw.cg.gov पर उपलब्ध है।

राज्य खेल अंलकरण के अंतर्गत सीनियर वर्ग के ऐसे खिलाड़ियों को शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार से अलंकृत किया जाएगा, जिनके द्वारा राष्ट्रीय चौम्पियनशिप में या राष्ट्रीय खेलों मंे कोई पदक प्राप्त किया गया हो या अधिकृत अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व किया गया हो। इसी प्रकार जूनियर वर्ग के उन खिलाड़ियों को शहीद कोैशल यादव पुरस्कार से अंलकृत किया जाएगा, जिनके द्वारा जूनियर वर्ग के राष्ट्रीय चैैम्पियनशिप में कोई पदक प्राप्त किया गया हो। ऐसे खिलाड़ी जिन्होंने विगत 5 वर्षों में चार बार सीनियर वर्ग राष्ट्रीय चौम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ की ओर से प्रतिनिधित्व करने वाले महिला, पुरूष खिलाड़ियो को शहीद पंकज विक्रम सम्मान से सम्मानित किया जाता है।
प्रशिक्षकों, निर्णायकों को वीर हनुमान सिंह पुरस्कार से अलंकृत किया जायेगा। खेल से जुड़े 55 वर्ष या अधिक उम्र के अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता मंे भाग लिया हो या राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया हो या संबंधित ने ऐसी कोई उल्लेखनीय सेवा खेल के क्षेत्र में की हो, जिसके आधार पर उन्हें सम्मानित किये जाने हेतु विचार किया जाए, उन्हें शहीद विनोद चौबे सम्मान से अलंकृत किया जावेगा। इसी प्रकार सीनियर व जूनियर वर्ग में राष्ट्रीय प्रतियोगिता पदक प्राप्त दल को मुख्यमंत्री ट्राफी प्रदान की जाती है। पुरस्कार के नियम छत्तीसगढ़ राजपत्र मे प्रकाशित किए गए है, नियमों के अंतर्गत पात्रता रखने वाले आवेदकों को पुरस्कार के लिए प्रावीण्यता के आधार पर चयन किया जाएगा।
शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार हेतु 03 लाख रूपये, शहीद कौशल यादव पुरस्कार हेतु एक लाख 50 हजार रूपये, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार हेतु एक लाख 50 हजार रूपये, शहीद विनोद चौबे सम्मान एवं पंकज विक्रम सम्मान हेतु 25-25 हजार रूपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसी प्रकार सीनियर एवं जूनियर वर्ग के दलीय खेलों के लिए मुख्यमंत्री ट्राफी प्रदान की जायेगी, जिसमें ऐसे दलीय खेल जिसके सदस्यों की संख्या 04 है, उन्हें सीनियर वर्ग में दो लाख रूपये एवं जूनियर वर्ग में एक लाख रूपये का पुरस्कार दिया जायेगा तथा ऐसे दलीय खेल जिनमें सदस्यों की संख्या 04 से अधिक है, उन्हें सीनियर वर्ग में 5 लाख रूपये तथा जूनियर वर्ग में 3 लाख रूपए का पुरस्कार प्रदान किया जायेगा। पुरस्कार के अतिरिक्त मानपत्र, अलंकरण फलक, ब्लेजर एवं टाई प्रदान की जाएगी।
राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त विजेताओं को प्रोत्साहन नियम के तहत नगद राशि पुरस्कार अलंकरण प्रदान किया जाता है। वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 में (1 अप्रैल से 31 मार्च तक 2 वर्ष के लिए) जिन खिलाड़ियों ने सब जूनियर, जूनियर एवं सीनियर वर्ग की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया है, वे खिलाड़ी जिला कार्यालय एवं अपने खेल संघों से आवेदन फार्म प्राप्त कर निर्धारित तिथि तक अपना आवेदन जमा कर सकेंगे।
इसी प्रकार खेलवृत्ति (डाईट मनी) के लिए जिन खिलाड़ियों ने विगत वर्ष अधिकृत राज्य स्तरीय प्रतियोगिता मे पदक प्राप्त किया हो या राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व किया हो, खेलवृत्ति हेतु आवेदन कर सकेंगे। खेलवृत्ति के अधिकतम आयु 19 वर्ष से अधिक नही होने चाहिए। खेल संघों से प्रोत्साहन के लिए उनके द्वारा वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 में (1 अप्रैल से 31 मार्च दो वर्ष के लिए) अर्जित की गई उपलब्धि के लिए प्रेरणा निधि के आवेदन जिला कार्यालय या संचालनालय में निर्धारित तिथि तक जमा कर सकेंगे।
पुरस्कार, नगद राशि, खेलवृत्ति प्रेरणा निधि हेतु आवेदन फॉर्म संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण या विभाग के सभी जिला कार्यालय एवं राज्य खेल संघों से प्राप्त किये जा सकते है। शहीद पंकज विक्रम पुरस्कार के आवेदन संघों के माध्यम से नियमानुसाार निर्धारित प्रक्रिया के तहत राज्य खेल संघों की अनुशंसा सहित प्राप्त किये जायेंगे। खेल संघ पृथक-पृथक वर्षवार दो पुरस्कारों (एक महिला, एक पुरुष खिलाड़ी) के लिये वरीयता के आधार पर 2-2 खिलाड़ियों के नाम की अनुशंसा कर सकेंगे। पंकज विक्रम पुरस्कार के आवेदन संचालनालय एवं जिला कार्यालय में खिलाड़ियों से सीधे स्वीकार नही किये जायेंगे।
पुरस्कार नियम में प्रावधानों के अनुरूप जिन खिलाड़ियों की मान्यता प्राप्त संघ द्वारा पुरस्कार के लिए अनुशंसा नहीं की गई है और तुलनात्मक रूप से उनकी उपलब्धि अधिक है, तो ऐसे खिलाड़ी तत्संबंधी विवरण प्रस्तुत कर, निर्धारित प्रारूप में अपना व्यक्तिगत विवरण लेख करते हुए अब 10 अगस्त 2021 तक, कार्यालयीन समय में संचालनालय, खेल एवं युवा कल्याण, सरदार वल्लभ भाई पटेल, अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, जी.ई. रोड, रायपुर या खेल विभाग के जिला कार्यालयों में अपना आवेदन सीधे जमा कर सकते हैं।