*मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सुप्रसिद्ध हास्य कलाकार कृष्णा अभिषेक ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर।छत्तीसगढ़ का समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सौन्दर्य, रमणीक पर्यटन स्थल और ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर अब बॉलीवुड को भी आकर्षित करने लगी है। सुप्रसिद्ध हास्य अभिनेता कृष्णा अभिषेक छत्तीसगढ़ में इस महीने की 25 तारीख से आगामी 10 दिनों तक रायपुर में अपनी आगामी फिल्म श्रीमान ऐश्वर्या राय की शूटिंग करने जा रहे है। उनकी ओएमजी इंडिया कार्यक्रम के कुछ एपिसोड की शूटिंग छत्तीसगढ़ में करने की योजना है। इस सिलसिले में उन्होंने आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से उनके रायपुर निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाक़ात की और उन्हें अपनी इस योजना के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने इस पर प्रसन्नता प्रकट करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में फ़िल्म निर्माण के लिए हरसंभव मदद दी जाएगी। राज्य सरकार द्वारा नई फिल्म नीति तैयार की जा रही है। जिसमें फिल्म निर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए प्रावधान किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कलाकारों में काफी प्रतिभा है, बनने वाली नई फिल्म नीति का उद्देश्य यहां के कलाकारों को आगे बढ़ाना है। यहां सरगुजा से लेकर बस्तर तक फ़िल्म शूटिंग के लिए कई खूबसूरत लोकेशन्स हैं, जिन्हें फिल्मी पर्दे पर उतारा जा सकता है। मैनपाट में जलजली और उल्टापानी, सिरपुर में बौद्ध विहार, बारनवापारा में घने जंगल, बस्तर में चित्रकोट जल प्रपात सहित कई स्थल प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी की रायपुर, जगदलपुर और बिलासपुर से हवाई सेवा शुरू हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरगुजा के रामगढ़ में विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला भी है, छत्तीसगढ़ में कला-संस्कृति की समृद्ध परंपरा रही है। पद्मश्री हबीब तनवीर के थिएटर ग्रुप से जुड़े तथा यहां के अन्य कलाकारों ने देश और विदेशों में नाम कमाया है। हास्य कलाकार कृष्णा ने मुख्यमंत्री को बताया कि बचपन का प्यार गीत से प्रसिद्ध हुए छत्तीसगढ़ के नन्हे गायक सहदेव दिदरो के साथ उन्होंने प्रोग्राम शूट किया है, जिसे जल्द ही प्रसारित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने दूरभाष से सुप्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता धर्मेन्द्र से बातचीत कर उनसे कुशल क्षेम पूछा और उन्हें याद दिलाया कि एक बार वे छत्तीसगढ़ के रायगढ़ आये थे। मुख्यमंत्री ने धर्मेन्द्र को छत्तीसगढ़ आने का न्यौता भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ और पंजाब में ये अनूठी समानता है कि देश मे ये दो ही ऐसे राज्य हैं जिनका नामकरण अंकों के आधार पर किया गया है। पंजाब में पांच नदियां हैं और छत्तीसगढ़ में 36 गढ़ थे। अभिनेता कृष्णा ने मुख्यमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में शूटिंग के लिए प्रस्तावित फिल्म में श्रेयस तलपड़े और किकु शारदा सह कलाकार रहेंगे। श्री कृष्णा ने यह भी बताया कि ओएमजी इंडिया श्रृंखला के एपीसोड की शूटिंग के लिए वे छत्तीसगढ़ के अनूठे स्थलों का भी फिल्मांकन करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस पर प्रसन्नता प्रकट करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में भी कई अनूठे स्थल हैं। उन्होंने मैनपाट के जलजली के बारे में बताया कि वहां कूदने पर जमीन स्प्रिंग की तरह उछाल देती है। बस्तर की दुर्लभ कुटुम्बसर गुफा की जानकारी देते हुए  बघेल ने बताया कि वहां स्टेगलामाईट से निर्मित अनेक आकृतियां है और वहां अंधी मछलियां पायी जाती है। इस अवसर पर विक्की मल्होत्रा, रिक्की मल्होत्रा, नवीन राठौर, भोजराज नवानी, प्रणीत सुंदरानी, श्रशु होरा और  शिव विश्वकर्मा उपस्थित थे। 


*सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला बनने के बाद क्षेत्र के लोगों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का जताया आभार*

रायपुर।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा सारंगढ़-बिलाईगढ़ को नया जिला बनाए जाने की घोषणा के बाद से इस इलाके के लोगों में अभूतपूर्व खुशी का माहौल है। इस तारतम्य में राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आज शाम बिलाईगढ़ क्षेत्रवासियों ने संसदीय सचिव चंद्रदेव राय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पहुंचकर मुख्यमंत्री  बघेल का अभिनंदन करते हुए आभार जताया। इस अवसर पर कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष  गिरीश देवांगन भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासन और जनता के बीच दूरियों को खत्म करने के लिए सत्ता का विक्रेन्द्रीकरण किया जा रहा है। इसके तहत नया जिला के गठन से क्षेत्र के लोगों को जनकल्याणकारी योजनाओं का भरपूर लाभ तत्परता से मिलेगा और समूचे क्षेत्र के विकास को द्रुत गति मिलेगी। उन्होंने इस दौरान आभार प्रदर्शन के लिए बिलाईगढ़ क्षेत्र से पहुंचे विभिन्न समाज के प्रतिनिधियों को नया जिला के गठन पर बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर कृषि मंत्री चौबे तथा संसदीय सचिव राय ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बिलाईगढ़ क्षेत्रवासी  भोजराम अजगल्ले,  नीरज कुमार साहू,  ओंकार डहरिया,  नीतीश बंजारे, श्री दीपक टंडन, महेन्द्र कुमार श्रीवास,  धनसाय,  संजय साहू आदि ने भी विचार व्यक्त करते हुए नया जिला के गठन पर खुशी जाहिर किए।

गौरतलब है कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ राज्य का सीमावर्ती इलाका है, इस इलाके से ओडिशा राज्य के बरगढ़ जिले की सीमा लगती है। सारंगढ़ की दूरी जिला मुख्यालय रायगढ़ से लगभग 52 किलोमीटर और बिलाईगढ़ और सरसींवा की बलौदाबाजार मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर है। इन इलाकों की अपने-अपने जिला मुख्यालय की दूरी के चलते शासकीय काम-काज एवं अन्य प्रयोजनों के लिए जिला मुख्यालय आना-जाना कठिन था। वर्षां से सारंगढ़ और बिलाईगढ़-सरसीवां क्षेत्र के लोग अपने लिए अलग जिले की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सारंगढ़-बिलाईगढ़ क्षेत्र की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए होकर नए जिले की सौगात दी है, ताकि इस क्षेत्र के लोग भी मुख्य धारा से जुड़कर तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो सके। 


*प्रदेश का सबसे बड़ा पहला एथेनॉल प्लांट कबीरधाम जिले में स्थापित होगा*

रायपुर।राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ में प्रदेश का सबसे बड़ा और पहला एथेनॉल प्लांट कबीरधाम जिले में स्थापित किया जाएगा। एथेनॉल प्लांट की स्थापना के लिए प्रदेश के प्रथम भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना के खाली भू-खंड की 35 एकड़ भूमि को चिन्हाकित किया गया है। सहकारिता विभाग ने एथेनॉल प्लांट की स्थापना के लिए ड्राइंग डिजाईन भी तैयार कर ली है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा वर्चुअल माध्यम से शीघ्र ही एथेनॉल प्लांट स्थापना के लिए भूमिपूजन किया जाएगा। सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने आज कवर्धा में एथेनॉल प्लांट के लिए चिन्हाकित भूमि का स्थल निरीक्षण किया और कलेक्टर को भूमिपूजन की आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के मुख्य आतिथ्य में पीपीपी मॉडल से स्थापित होने वाले एथेनॉल प्लांट की स्थापना के संबंध में 29 दिसंबर 2020 को मुख्यमंत्री निवास में भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना और छत्तीसगढ़ डिस्टलरी लिमिटेड की सहायक इकाई एन.के.जे. बॉयोफ्यूल के मध्य अनुबंध किया गया था। एथेनॉल प्लांट की स्थापना से कवर्धा क्षेत्र में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि का आधार मजबूत होगा। किसानों को गन्ना मूल्य का समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा।

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार गठन के साथ ही किसानों से संबंधित मुद्दें सर्वोपरि रहे है, सर्वप्रथम कृषि ऋणों की माफी की गई और गन्ना किसानों के हित को ध्यान में रखकर शक्कर कारखानों की आर्थिक कठिनाई के स्थायी निदान के लिए पीपीपी मॉडल से एथेनॉल प्लांट की स्थापना की जा रही है। छत्तीसगढ़ में पीपीपी मॉडल से एथेनॉल प्लांट की स्थापना का देश में यह पहला उदाहरण है।

सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने प्लांट स्थापना के स्थल निरीक्षण के बाद कवर्धा जिले के दोनों सहकारी शक्कर कारखाना के कामकाज की समीक्षा भोरमदेव शक्कर कारखाना में की। समीक्षा बैठक में एथेनॉल प्लांट की स्थापना के लिए राज्य और जिला पर तैयारियों के सबंध में विस्तार से जानकारी ली। मंत्री डॉ. टेकाम ने बैठक में बताया कि एथेनॉल प्लांट हाईब्रीड टेक्नालॉजी से बनेगा, जिसमें गन्ना पेराई सीजन के दौरान सीधे गन्ने के जूस से और ऑफ सीजन के दौरान मोलासीस से एथेनॉल बनाया जाएगा। गन्ने के रस को एथेनॉल में परिवर्तित करने के कारण अधिक जूस की जरूरत पड़ेगी, इसकी पूर्ति के लिए किसानों से अधिक से अधिक गन्ना क्रय किया जाएगा। कारखाने में गन्ने का रस निकालने के लिए और यूनिट लगायी जाएगी। किसानों को गन्ने की मूल्य का भुगतान समय पर सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण विपरीत परिस्थितियों, विपरीत आर्थिक परिवेश को ध्यान में रखते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था को विकसित करने के लिए निजी क्षेत्र की आर्थिक एवं तकनीकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पीपीपी मॉडल का चयन किया गया है।

मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा है कि राज्य शासन के निर्णय के पालन में प्रथम चरण में भोरमदेव शक्कर सहकारी कारखाने में पीपीपी मॉडल से एथेनॉल प्लांट की स्थापना की कार्रवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा में न्यूनतम 40 किलो लीटर प्रति दिन क्षमता के एथेनॉल प्लांट की स्थापना के लिए देश का पीपीपी मॉडल का पहला उदाहरण होने के कारण निवेशक चयन के लिए प्रक्रिया के सूक्ष्म पहलुओं को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर निविदा सफलतापूर्वक पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से पूर्ण की गई। बैठक में भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने के महाप्रबंधक  भूपेन्द्र सिंह ठाकुर और सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना के महाप्रबंधक  सतीश पाटले ने पेराई और उत्पादित शक्कर तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी।

एथेनॉल प्लांट स्थापना के लिए स्थल निरीक्षण के दौरान विधायक श्रीमती ममता चन्द्राकर, सहकारिता विभाग के विशेष सचिव  हिमशिखर गुप्ता, जिला कलेक्टर  रमेश कुमार शर्मा, संयुक्त पंजीयक सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। स्थल निरीक्षण के समय निजी कंपनी के प्रतिनिधि भी विशेष रूप से उपस्थित थे। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*सरगुजा बिलासपुर ज़िला में भारी बारिश की चेतावनी*

भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ में हाई अलर्ट जारी किया है. विभाग ने प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में  भारी बारिश की संभावना जताई है.

बिलासपुर और सरगुजा संभाग में भारी बारिश के हालात बन रहे हैं.
मौसम वैज्ञानिक ने सरगुजा, कोरबा, बिलासपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर, महासमुंद, रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, कांकेर, कोंडागांव, सुकमा, बीजापुर ज़िलों में गरज-चमक के साथ भारी से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया है. 


*जैसी शिक्षा वैसी परीक्षा के तर्ज पर अजित जोगी छात्र संगठन ने सौपा शिक्षा मंत्री को ज्ञापन*

रायपुर-अजीत जोगी छात्र संगठन के रायपुर जिला अध्यक्ष अविनाश साहू ने बताया कि महामारी को ध्यान में रखते हुए सत्र 2020- 2021 में छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन के माध्यम से शिक्षा दिया गया था एवं परीक्षा लिया गया था। उन्होंने कहा कि शहरी महाविद्यालयों के 25% छात्र छात्राएं ग्रामीण अंचल से हैं जो कि शहर में मकान लेकर रहते हैं और महामारी के वजह से लगे लॉकडाउन के कारण वह सब अपने घर जा चुके हैं और अब जब सरकार ऑफलाइन परीक्षा लेने जा रही है तो वह सभी छात्र छात्राओं को शहर में मकान के लिए भटकना पड़ रहा है जिससे वह आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं ।प्रदेश उपाध्यक्ष तरुण सोनी ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण एवं छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार को परीक्षा ऑनलाइन माध्यम से लेना चाहिए और उपरोक्त समस्याओं को संज्ञान में लेकर सरकार शीघ्र से शीघ्र इस समस्या पर कार्यवाही करते हुए ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करें अगर हमारी मांग पूरी नही किया जाता तो शिक्षा मंत्री के बंगले का घेराव कर उग्र आंदोलन किया जाएगा । कार्यक्रम में मुख्यरूप से आयुष विश्विद्यालय प्रभारी नजीब अशरफ ,नावेद कुरैशी , आकाश साहू ,आशीष कुमार , गजेंद्र सिंह ,मदन कुमार , हेमंत , राजा राज बंजारे , अविनाश अनन्त , राहुल देवांगन , बबलू पाल , केश वर्मा आदि उपस्थित थे ।

ब्यूरो रिपोर्ट


स्वतंत्रता के 75वें वर्षगांठ पर कलिंगा विश्वविद्यालय परिसर में स्वतंत्रता दिवस समारोह 16/08/2021

स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव‘ का हर्षोल्लास के साथ आयोजन
रायपुर:- भारत के स्वतंत्रता के 75वें वर्षगांठ पर कलिंगा विश्वविद्यालय परिसर में स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव‘ का हर्षोल्लास के साथ आयोजन किया गया। रविवार को कलिंगा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित उक्त कार्यक्रम में देशभक्ति की भावना से लबरेज विश्वविद्यालय के छात्रों और कर्मचारियों के लिए देशभक्ति कविता और भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।

उक्त आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग के अवर सचिव श्री राजेश तिवारी उपस्थित थे। स्वतंत्रता दिवस के उत्साहपूर्ण आयोजन में कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर श्रीधर, कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. आशा अंभईकर, वरिष्ठ प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय में ध्वजारोहण के कार्यक्रम के उपरांत कोरोना प्रोटोकॉल के नियमों का पालन करते हुए विश्वविद्यालय के एनसीसी के कैडेट्स ने कलिंगा विश्वविद्यालय की छब्ब् अधिकारी Flying Officer श्रीमति शोभा सिंह ठाकुर और राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने कलिंगा विश्वविद्यालय की NSS अधिकारी श्रीमति स्मिता प्रेमानंद के मार्गदर्शन में शानदार परेड की तथा राष्ट्रध्वज को सलामी दी।

 


कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर श्रीधर ने विश्वविद्यालय परिवार और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि- ‘‘आज इस विशेष दिन पर हम सभी गर्वान्वित हैं। आज हम अपने शहीदों की बहादुरी और उनके द्वारा प्रदत्त आजादी के उपहार का जश्न मानते हैं। जिनके बदौलत हमें बेहतर भविष्य बनाने और अपने सपनों के सच होने का अवसर मिला है। हमारे प्यारे देश की आजादी के लिए हजारों लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी है ताकि हमारा देश इस दिन को मना सके। हम सभी का कर्तव्य है कि हम उनके सपनों को याद रखें और उनके बलिदान को कभी न भूलें‘‘।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग के अपर सचिव श्री राजेश तिवारी ने कहा कि -‘‘स्वतंत्रता दिवस के गरिमामय अवसर पर हमें यह ध्यान रखना हैं कि प्रत्येक व्यक्ति राष्ट्र की एक महत्वपूर्ण इकाई हैं! अतः हम जो भी कार्य कर रहे है उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करे राष्ट्र को ध्यान में रखकर करें। आत्मनिर्भर, स्वावलंबी भारत ही हमारे सपनों का भारत है। इस स्वतंत्रता दिवस पर यह संकल्प लें और इसे साकार करें।

ध्वजारोहण कार्यक्रम के उपरांत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अवसर पर देशभक्ति की भावना पर लिखी स्वरचित कविता का पाठ किया। उक्त समारोह का संचालन शिक्षा विभाग के अधिष्ठाता डॉ. हर्षा पाटिल ने एवं धन्यवाद ज्ञापन छात्र कल्याण प्रकोष्ठ की अधिष्ठाता डॉ. आशा अंभईकर ने किया। उक्त आयोजन में विश्विद्यालय के समस्त प्राध्यापक, जिनमें डॉ. मोनिका सेठी, श्रीमति परविंदर शेष, श्रीमति प्रिति मनहार, श्री संजीव यादव, कु. रानी साहू, डॉ. हिंडोले घोष, श्री मनीष सिंह, श्री अंश बत्रा, श्री महेश साफी, श्री राजेश रावत एवं अन्य कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में मिठाई वितरण के साथ आजादी का अमृत महोत्सव संपन्न हुआ। 


*स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 4 नए जिलों एवं 18 नई तहसील गठन की घोषणा सहित दिए कई सौगात*

रायपुर-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश की जनता के नाम अपने संदेश के दौरान प्रदेशवासियों को कई ऐतिहासिक सौगातें दी। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण के सिलसिले को और आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ राज्य में जिलों का पुनर्गठन करते हुए चार नए जिलों चार नये जिले ‘मोहला-मानपुर’, ‘सक्ती’, ‘सारंगढ़-बिलाईगढ़’ तथा ‘मनेन्द्रगढ़’ के गठन की ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने राज्य में 18 नई तहसीलों के गठन का भी ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर निवासरत लोगों को उनकी काबिज जमीन का हक दिलाने के लिए ‘स्वामित्व योजना’ प्रारंभ की भी घोषणा की।

राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभाकामनाएं दी। उन्होंने राज्य में राजस्व संबंधी कामकाज की जटिलता से राहत दिलाने के लिए नामांतरण की प्रक्रिया को सरल करने, सभी जिला मुख्यालयों एवं नगर-निगमों में महिलाओं के लिए ‘मिनीमाता के नाम से एक उद्यान विकसित करने तथा प्रदेश के महाविद्यालयांे में प्रवेश के लिए आयु-सीमा का बंधन को समाप्त करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता को रियायती दर पर दवा उपलब्ध कराने के लिए नगरीय क्षेत्रों में लागू ‘मुख्यमंत्री सस्ती दवा योजना’ अब ‘श्री धन्वन्तरी योजना’ के नाम से जानी जाएगी। उन्होंने बिजली कंपनियों में विभिन्न पदों पर 2 हजार 500 से अधिक कर्मियों की भर्ती तथा ‘डायल 112’ सेवा की उपयोगिता को देखते हुए इसका विस्तार अब पूरे प्रदेश में किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि में काबिज लोगों को हक दिलाने के लिए राज्य में स्वामित्व योजना प्रारंभ किए जाने की घोषणा की।

अमर शहीदों का पुण्य स्मरण

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने संदेश में कहा कि 15 अगस्त 1947 को हमें आजादी मिली थी और आज के दिन हम 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। यह हम सबके लिए बहुत सौभाग्य की बात है। भारत ने दो शताब्दी से अधिक समय तक अंग्रेजों की प्रताड़ना और उनका शासन सहा है। गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए भारत माता के हजारों-हजार सपूतों और सुपुत्रियों ने अपना सर्वस्व त्याग किया। हंसते-हंसते बलि-वेदी पर चढ़ गए। उन वीरों को याद करते ही हमारी नसों में अपने महान पुरखों का खून उबलने लगता है और उन सबके त्याग के बारे में सोचकर आंखें नम हो जाती हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के साथ ही एक के बाद एक हजारों चेहरे नजरों के सामने आने लगते हैं। अमर शहीद गैंदसिंह, वीर नारायण सिंह, मंगल पाण्डे, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, रानी दुर्गावती, रानी लक्ष्मी बाई, वीरांगना अवंति बाई लोधी, लाल-बाल-पाल, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, डॉ. भीमराव अम्बेडकर, लाल बहादुर शास्त्री, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुुल कलाम आजाद जैसे नामों का एक कारवां बनता चला जाता है।

छत्तीसगढ़ महतारी के सपूतों का स्मरण


मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ के वीर गुण्डाधूर, पं. रविशंकर शुक्ल, ठाकुर प्यारेलाल सिंह, बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव, डॉ. खूबचंद बघेल, पं. सुंदरलाल शर्मा, डॉ. ई.राघवेन्द्र राव, क्रांतिकुमार, बैरिस्टर छेदीलाल, लोचन प्रसाद पाण्डेय, यतियतन लाल, मिनीमाता, डॉ. राधाबाई, पं. वामनराव लाखे, महंत लक्ष्मीनारायण दास, अनंतराम बर्छिहा, मौलाना अब्दुल रऊफ खान, हनुमान सिंह, रोहिणी बाई परगनिहा, केकती बाई बघेल, श्रीमती बेला बाई जैसे अनेक क्रांतिवीरों और मनीषियों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। आज मैं एक बार फिर इन सभी को सादर नमन करता हूं।

शहादत को नमन

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में सामाजिक सौहार्द्र, नागरिकों के बीच एकता और देश की अखण्डता को बचाए रखने के लिए भी अनेक सपूतों ने कुर्बानी दी। उत्तरप्रदेश में गणेश शंकर विद्यार्थी शहीद हुए थे, उन्हीं मूल्यों और सिद्धांतों के लिए महात्मा गांधी, श्रीमती इंदिरा गांधी और राजीव गांधी भी शहीद हुए। शहादत की यह परंपरा इतनी विस्तृत है कि हर प्रदेश में, ऐसी हस्तियों की यादें समाई हुई हैं, जिन्हें सिर्फ आज के दिन ही नहीं बल्कि हर दिन याद करने और उनके बताए रास्ते पर चलने की जरूरत है। देश की सीमाओं की चौकसी करने वाले सैनिकों और देश के भीतर सुरक्षा बलों में काम कर रहे लाखों जवानों को भी मैं नमन करता हूं, मोर्चों पर जिनकी मौजूदगी से हम सुरक्षित महसूस करते हैं।
पुरखों के सपनों को साकार करने नवा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने संदेश में कहा कि 75वां स्वतंत्रता दिवस एक ऐसा पड़ाव है, जहां पर खड़े होकर हमें अपनी विरासत पर गर्व भी होता है और जिसके आगे ‘नवा भारत’ गढ़ने की जिम्मेदारी भी हमें उठानी है। मुझे खुशी है कि अपनी धरोहर का सम्मान करते हुए हमने ‘नवा छत्तीसगढ़’ गढ़ने का जो अभियान पौने तीन वर्ष पहले शुरू किया था, उसका असर न सिर्फ हमारे प्रदेश में दिख रहा है, बल्कि नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने के हमारे प्रयासों ने पूरे देश में भी एक नई उम्मीद जगाई है। मुझे यह कहते हुए भी बहुत खुशी हो रही है कि विकास का ‘छत्तीसगढ़ मॉडल’ वास्तव में आजादी के दीवानों के सपनों को साकार कर रहा है। विकास की हमारी समझ, उन मानवीय मूल्यों से प्रेरित है, जो आजादी के आंदोलन की बुनियाद थे। आइए, एक बार फिर याद करें हमारे महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अमर वचन। सत्य और अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी ने कहा था-हिंसक तरीकों से हमेशा हिंसक आजादी ही मिलेगी और यह भारत तथा दुनिया के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करेगी। शहीदे आजम भगत सिंह ने कहा था- हमारे व्यक्तियों को कुचलकर वे हमारे विचारों को नहीं मार सकते। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने कहा था- हमारे बलिदान और मेहनत से जो स्वतंत्रता मिलती है, उसे हम अपनी सामर्थ्य से बचाकर रख सकते हैं। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने कहा था-हमें मानवता को उन नैतिक जड़ों तक वापस ले जाना चाहिए, जहां से अनुशासन और स्वतंत्रता दोनों का जन्म होता है। लाल बहादुर शास्त्री ने कहा था- आजादी की रक्षा करना केवल सैनिकों का ही काम नहीं बल्कि पूरे देश को मजबूत होना होगा। प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने अपने पहले भाषण में कहा था-जब तक लोगों की आंखों में आंसू हैं तब तक हमारा काम खत्म नहीं होगा। मैं कहना चाहता हूं कि हमारे पुरखों और महान नेताओं के संदेश में इतनी ताकत थी कि उनसे हमारे देश के संस्कार गढ़े गए। उन्हीं संस्कारों की बदौलत हम ‘नवा छत्तीसगढ़’ गढ़ रहे हैं। सत्य, अहिंसा, शांति, करुणा, संवेदनशीलता, गरीबों के आंसू पांेछना और कमजोर तबकों को शक्ति देना ही हमारी पहली प्राथमिकता है।

राज्य में संतुलित विकास का प्रयास

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भाइयों और बहनों, छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद यह सुअवसर मिला था कि राज्य के हर हिस्से में विकास के असंतुलन को समाप्त कर दिया जाए, लेकिन विडम्बना है कि इस दिशा में सही सोच के साथ सही प्रयास नहीं किए गए। हमने देखा कि ग्रामीण और वन क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों के उपयोग और स्थानीय लोगों की भागीदारी से इन अंचलों में तेजी से विकास किया जा सकता है, जिससे गांवों और शहरों के बीच बन गई गहरी खाई को पाटा जा सके। यह भी एक विडम्बना ही रही कि वन अधिकार अधिमान्यता पत्र वितरण से आदिवासी और परंपरागत वन निवासी समुदायों को जमीन का जो अधिकार मिल सकता था, वह भी सही ढंग से नहीं दिया गया। हमने न्याय की शुरुआत इसी मुद्दे से की थी। आज मुझे यह कहते हुए खुशी है कि हमने मात्र पौने तीन वर्षों में एक ओर जहां निरस्त दावों की समीक्षा करके बड़े पैमाने पर व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र दिए, वहीं दूसरी ओर 44 हजार से अधिक सामुदायिक और 2 हजार 500 से अधिक सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र दिए हैं। इतना ही नहीं, नगरीय क्षेत्रों में भी वन अधिकार पत्र देने वाला अग्रणी राज्य हमारा छत्तीसगढ़ बन गया है। लोहंडीगुड़ा के बाद स्थानीय लोगों को अपनी जमीन का हक दिलाने की यह एक बड़ी मिसाल है। इतना ही नहीं, अब वन अधिकार की जमीनों पर धान उपजाने या वृक्ष लगाने वाले लोगों को भी ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ और ‘मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना’ से जोड़ा गया है।ल

लघु वनोपज बन गए वनवासियों की ताकत

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि आदिवासी और वन आश्रित परिवारों के जीवनयापन का सबसे बड़ा सहारा वनोपज है, लेकिन पहले तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मात्र 2 हजार 500 रुपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक दिया जाता था, जिसे हमने बढ़ाकर 4 हजार रुपए किया। पहले मात्र 7 लघु वन उपजों को ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाता था। हमने 52 लघु वनोपजों को समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था की है। इनमें से 17 उपजों की दरें हमने बढ़ाई। इस तरह से 500 करोड़ रुपए से अधिक सालाना अतिरिक्त आमदनी हमारे आदिवासी एवं वन आश्रित परिवारों को प्राप्त हो रही है। भारत सरकार द्वारा की गई विस्तृत समीक्षा के हवाले से मैं सिर्फ एक उदाहरण देना चाहता हूं कि छत्तीसगढ़ ने बीते दो वर्षों में 1 हजार 173 करोड़ रुपए की लघु वनोपज खरीदी है, जो कि देश में कुल खरीदी का 74 प्रतिशत है। भारत सरकार ने वन-धन तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की तो पाया कि छत्तीसगढ़ 10 मापदण्डों में देश में अग्रणी है। इतना ही नहीं 15 महिला स्वसहायता समूहों को भी वनोपज के कामकाज में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कृत किया गया है। हम जिस बदलाव की बात करते थे, उसकी तस्दीक अब राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है, जिसके लिए मैं वन क्षेत्रों में रहने वाले सभी भाइयों-बहनों, स्वसहायता समूह से जुड़ी महिलाओं और युवा साथियों को बधाई देता हूं कि स्वावलम्बन की दिशा में उन्होंने बड़ी मजबूती से अपने कदम आगे बढ़ाए हैं।

परंपरागत कौशल को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि स्थानीय संसाधनों और परंपरागत कौशल को निखारकर जनता के आर्थिक-सामाजिक सशक्तीकरण के लिए लगातार नए कदम उठाए जा रहे हैं, जिसके तहत अब ‘रजककार विकास बोर्ड’, ‘लौह शिल्पकार विकास बोर्ड’, ‘तेलघानी विकास बोर्ड’, ‘चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड’ जैसी संस्थाओं का गठन किया जा रहा है। जब हम विषमताएं मिटाने की बात करते हैं तो किसान और ग्रामीण जन-जीवन से जुड़ी आजीविका के साधन पर हमारा ध्यान सबसे पहले जाता है। हमने ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ के माध्यम से जो शुरुआत की थी, उसे अब न्याय देने की दीर्घकालीन व्यवस्था में बदल दिया है। यहां तक कि धान तथा धान के बदले अन्य निर्धारित फसलें और वृक्ष लगाने पर भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा। इस पहल के बाद गांव-गांव से विविध फसलें तथा वृक्षारोपण की खबरें आनी शुरू हो गई हैं, जो वन और ग्रामीण अंचलों में आर्थिक मजबूती का शुभ संकेत है।

छत्तीसगढ़ में रिकॉर्ड धान खरीदी

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों की जान धान में बसती है, इसलिए हमने धान खरीदी को भी न्याय का मुद्दा बनाया। विगत एक वर्ष में 263 नए धान खरीदी केन्द्र खोले गए और 20 लाख 53 हजार किसानों से 92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर की गई। इस तरह से किसानों को समर्थन मूल्य के हिसाब से 17 हजार 240 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया, जो छत्तीसगढ़ के इतिहास में अब तक सबसे बड़ा कीर्तिमान है। ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ के तहत पहले वर्ष में 5 हजार 628 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि समर्थन मूल्य पर धान सहित विभिन्न फसलें बेचने वाले किसानों को दी गई है। योजना के दूसरे वर्ष में भी पहली किस्त के रूप में 1500 करोड़ रुपए से अधिक राशि दी जा चुकी है, और मेरा वादा है कि इस वर्ष भी 5 हजार 703 करोड़ रुपए की राशि चार किस्तों में दी जाएगी। किसानों को न्याय दिलाने के रास्ते पर आने वाली हर बाधा का, हम न केवल सामना करेंगे बल्कि जीतेंगे भी, यह मेरा परम विश्वास है। पहले हमने 1 नवम्बर 2018 की स्थिति में 17 लाख से अधिक किसानों की लंबित सिंचाई जलकर राशि 244 करोड़ रुपए माफ किए थे और अब एक बार फिर 30 जून 2020 तक लंबित सिंचाई जलकर की राशि लगभग 80 करोड़ रुपए माफ करने का निर्णय लिया है।
ग्रामीण अंचल में समृद्धि की सूत्रधार बनीं सुराजी गांव योजना

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने संदेश में कहा कि ‘सुराजी गांव योजना’ के माध्यम से ‘नरवा-गरुवा-घुरुवा-बारी’ के संरक्षण और विकास में मिल रही सफलता मील का पत्थर है। इसके विस्तार में ‘गोधन न्याय योजना’ से गौवंश के संरक्षण, गौठान की गतिविधियों को प्रोत्साहन मिला है। जब गोबर के कामकाज से बरसने वाला धन, सवा सौ करोड़ रुपए के पार हो गया है तो आज मैं यह कहना चाहता हूं कि हमने गोबर को गोधन बनाकर दिखा दिया है। मैं दावे के साथ कहता हूं कि गोधन ग्रामीण व शहरी जरूरतमंद तबकों के लिए वरदान साबित होगा। वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट प्लस जैसे नए उत्पाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि के सूत्रधार बन रहे हैं। इस सफलता से यह विश्वास हो गया है कि हम छत्तीसगढ़ की माटी को जहरीले रसायनों से आजादी दिलाने में भी सफल होंगे और अच्छे पोषणयुक्त खाद्यान्नों के उत्पादन में भी नया मुकाम हासिल करेंगे। मैं बहुत विनम्रता और भरे हुए दिल से कहना चाहता हूं कि भूमिहीन कृषि मजदूरों की व्यथा को नहीं समझा जाना अमानवीयता की श्रेणी में आएगा।

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि मुझे संतोष है कि देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सालभर होने वाले कार्यक्रमों में जब देश राष्ट्रीय पर्व का उल्लास मनाएगा तो उसमें हमारे छत्तीसगढ़ के वे मजदूर भी शरीक होंगे, जिन्हें ‘राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ का लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत लगभग 10 लाख मजदूर भाई-बहनों को 6 हजार रुपए सालाना अनुदान सहायता दी जाएगी।

आबादी भूमि पर निवासरत लोगों को जमीन का हक दिलाने स्वामित्व योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर निवासरत लोगों को उनकी काबिज जमीन का हक दिलाने के लिए ‘स्वामित्व योजना’ प्रारंभ की जाएगी। भूमि स्वामित्व का अभिलेख मिलने पर बड़ी संख्या में लोग बैंकों से आवासीय ऋण तथा अन्य सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगे। हर वर्ग के लोगों का अपनी जमीन, अपना मकान और अपने सिर पर छांव का सपना जल्दी पूरा करने के लिए हमारी सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। छोटे भू-खण्डों की खरीदी-बिक्री और पंजीयन पर पूर्व में लगाई गई रोक एक तरह का अन्याय ही था, जिसे दूर करने के लिए हमने 1 जनवरी 2019 को निर्णय लिया था। आज मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि इस फैसले से मध्यम और कमजोर तबकों के अनेक सपने साकार हुए हैं। इसके कारण 2 लाख 28 हजार भू-खण्डों का पंजीयन कराया जा चुका है। जमीन की गाइडलाइन दरों में 30 प्रतिशत कमी को आगामी एक साल के लिए और बढ़ा दिया गया है। आवासीय भवनों के क्रय पर पंजीयन शुल्क में 2 प्रतिशत की छूट तथा महिलाओं के पक्ष में पंजीयन कराए जाने पर स्टाम्प शुल्क में 1 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट को भी जारी रखा गया है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के माध्यम से ‘राजीव नगर आवास योजना’ लागू की गई है। विभिन्न आवासीय योजनाओं के हितग्राहियों को आर्थिक रियायतें दी गई हैं।

नामांतरण की प्रक्रिया का होगा सरलीकरण

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि राजस्व संबंधी कामकाज की जटिलता से जनता को राहत दिलाने के लिए हमने अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने भूमि के नामांतरण की प्रक्रिया का सरलीकरण किए जाने का ऐलान किया।

कुपोषण तथा एनीमिया से मुक्ति दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जो सार्वभौम पीडीएस का वादा किया था, उसे भी प्राथमिकता से पूरा किया गया है, जिसके कारण अब प्रदेश में 2 करोड़ 52 लाख लोगों को रियायती दर पर राशन सामग्री दी जा रही है और पीडीएस का कवरेज बढ़कर 99 प्रतिशत हो गया है, जो अपने आप में हर तबके को न्याय दिलाने के लिए हमारी प्रतिबद्धता की मिसाल है। सुचारू वितरण के लिए विगत एक वर्ष में 737 नई उचित मूल्य दुकानें स्थापित की गई हैं तथा 9 लाख नए सदस्यों के नाम राशन कार्डों में जोड़े गए हैं। कोरोना के कारण लॉकडाउन के दौरान जिन 58 लाख राशन कार्डधारियों को निःशुल्क चावल देना शुरू किया गया था, यह क्रम नवम्बर 2021 तक जारी रहेगा। मेरा मानना है कि कुपोषित पीढ़ियों का निर्माण करना और उन्हें बीमारी व आर्थिक तंगी के भंवर जाल में छोड़ देना, हमारी बहनों और नवजात शिशुओं के साथ सबसे बड़ा अन्याय था। प्रदेश की जनता के आशीर्वाद से हमारी सरकार बनी और कुपोषण तथा एनीमिया से मुक्ति दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई। आज मुझे यह कहते हुए खुशी है कि ‘मुख्यमंत्री सुपोषण योजना’ के कारण प्रदेश में कुल कुपोषित बच्चों की संख्या में 32 प्रतिशत तक की कमी आ गई है।
लॉकडाउन के दौरान इस अभियान को जारी रखना बहुत बड़ी चुनौती थी, लेकिन अपने काम के प्रति समर्पित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने 51 हजार 583 केन्द्रों में दर्ज 26 लाख 27 हजार हितग्राहियों को घर पहुंच ‘रेडी-टू-ईट’ सामग्री प्रदाय की और इस तरह संकट की घड़ी में भी अभियान को जारी रखा। मैं उन सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को साधुवाद देता हूं, जिन्होंने कोरोना संक्रमण के तूफान के बीच ‘मुख्यमंत्री सुपोषण योजना’ का दीया बुझने नहीं दिया।
महिलाओं के लिए मिनीमाता उद्यान

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि हमने शुरूआत से ही मातृशक्ति को अधिकार और सुविधा सम्पन्न बनाने की रणनीति अपनाई है, जिसके तहत अनेक कदम उठाए गए हैं। इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए मैं घोषणा करता हूं कि समस्त जिला मुख्यालयों एवं नगर-निगमों में एक उद्यान सिर्फ महिलाओं के लिए विकसित किया जाएगा, जो ‘मिनीमाता उद्यान’ के नाम से जाना जाएगा।

चार नये जिलों और 18 नये तहसीलों के गठन की घोषणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई प्रशासनिक इकाइयों का गठन विभिन्न क्षेत्रों में न्याय की खुशखबरी लेकर आता है। पहले भी हमने 4 नये अनुविभाग और 29 तहसीलें बनाई हैं। 25 तहसीलों के गठन का कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा। उन्होंने राज्य में 18 नई तहसीलों के गठन की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन की सुविधाओं को जनता के अधिक से अधिक निकट लाना हमारा प्रमुख लक्ष्य है, इसलिए मैंने मुख्यमंत्री बनने के 8 माह के भीतर 15 अगस्त 2019 को ‘गौरेला- पेण्ड्रा-मरवाही’ जिला बनाने की घोषणा की थी। नए जिले का शुभारम्भ भी 6 माह के भीतर कर दिया गया था। विकेन्द्रीयकरण के सिलसिले को और आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य में जिलों का पुनर्गठन करते हुए चार नए जिलों ‘मोहला-मानपुर’, ‘सक्ती’, ‘सारंगढ़-बिलाईगढ़’ तथा ‘मनेन्द्रगढ़’ के गठन की घोषणा की।

स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि पूरी दुनिया में कोरोना महामारी के कारण जिन क्षेत्रों में कामकाज सर्वाधिक प्रभावित हुआ उनमें शिक्षा का क्षेत्र प्रमुख है। लेकिन छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को अनेक नवाचारों के जरिए निरंतर जारी रखा गया। कोरोना से शैक्षणिक सत्र को अवरुद्ध नहीं होने दिया गया। ऑनलाइन कक्षाएं, पारा-मोहल्लों में कक्षाएं लगाकर पढ़ाई कराई गई। इतना ही नहीं शिक्षा की गुणवत्ता को शाला स्तर से बढ़ाने हेतु ‘स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना’ के तहत 171 सरकारी स्कूलों का उन्नयन कर इन्हें सर्वसुविधायुक्त बनाया गया है। मुझे खुशी है कि हमारे प्रदेश के बच्चों ने अंग्रेजी मीडियम में शिक्षा की जोरदार ललक दिखाई है। इन स्कूलों में कुल 1 लाख 36 हजार 500 बच्चों ने प्रवेश लिया है, जिसमें से 70 हजार बच्चे अंग्रेजी माध्यम के हैं तथा 66 हजार 500 बच्चे हिन्दी माध्यम के हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह शाला में अधोसंरचना उन्नयन का लाभ अंग्रेजी तथा हिन्दी दोनों माध्यमों के बच्चों को मिल रहा है। हम इस योजना को विकासखण्ड स्तर तक ले जाना चाहते हैं। हमने शिक्षकों का अभाव दूर करने के लिए भी ठोस प्रयास किए हैं, जिसके रास्ते में आई बाधाओं को दूर करते हुए शासकीय स्कूलों में 14 हजार 580 शिक्षक-शिक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र देने का काम पूरा किया जा रहा है। वहीं महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल, क्रीड़ा अधिकारी आदि के 1 हजार 440 पदों पर भी नियुक्ति देने का काम शीघ्र पूरा होगा। इस तरह हम शिक्षा जगत को अनिश्चय तथा आशंकाओं से मुक्ति दिलाते हुए प्रदेश में उद्देश्यपरक सार्थक शिक्षा का वातावरण बना रहे हैं।

महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए आयु-सीमा बंधन समाप्त

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि प्रचलित व्यवस्था के अनुसार प्रदेश के महाविद्यालयांे में, स्नातक तथा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयु-सीमा का बंधन है। आज मैं उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़ने वाले युवाओं के हित में आयु-सीमा के इस बंधन को समाप्त करने की घोषणा करता हूं।

स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर बनाना हमारा संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि डेढ़ दशकों से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव दूर करने, उसे जरूरतमंद जनता तक पहुंचाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने को लेकर भी तदर्थवाद चल रहा था। हमने स्पष्ट प्राथमिकताएं तय कीं। तत्काल भवन बनाकर सुविधाएं जुटाना मुश्किल ही नहीं बल्कि असंभव होता है, लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं कि सरकार पीड़ित जनता को अपने हाल पर छोड़ दे। इसलिए हमने गांवों, कस्बों, बसाहटों, पारा-मोहल्लों तक सुसज्जित चलित अस्पताल व शिविरों की सुविधाएं पहुंचाने की व्यवस्था की। ‘मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना’, ‘मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना’, ‘दाई-दीदी क्लीनिक’ जैसे नवाचारों का लाभ लाखों लोगों को मिला है। ‘डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना’ तथा ‘मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना’ देश की सबसे बड़ी आर्थिक मददगार योजना सिद्ध हुई है। पौने तीन साल पहले तक बस्तर में मलेरिया का प्रकोप बहुत अधिक था। हमने ‘मलेरियामुक्त बस्तर अभियान’ चलाया तो बीजापुर जिले में 71 प्रतिशत तथा दंतेवाड़ा जिले में 54 प्रतिशत मामले विगत एक वर्ष में कम हो गए। समूचे बस्तर में 45 प्रतिशत और समूचे सरगुजा संभाग में 60 प्रतिशत तक की कमी आई। इस तरह हमने अब ‘मलेरियामुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ का शंखनाद किया है। मेरा विश्वास है कि हमारे समर्पित स्वास्थ्यकर्मियों की बदौलत यह अभियान भी सफल होगा।
हमने डॉक्टरों तथा अन्य सुविधाओं की कमी दूर करने हेतु प्राथमिकता से कदम उठाए हैं, जिसके कारण ढाई वर्षों के अल्प समय में ही स्नातक चिकित्सकों, विशेषज्ञ चिकित्सकों तथा दंत चिकित्सकों की संख्या 1 हजार 378 से बढ़कर 3 हजार 358 पहुंच गई। इसी प्रकार विभिन्न स्तरों के मेडिकल स्टाफ की संख्या लगभग 18 हजार से बढ़कर 22 हजार हो गई। अस्पतालों में आईसीयू बिस्तरों की संख्या 279 से बढ़कर 729, एचडीयू बिस्तरों की संख्या शून्य थी, जो अब बढ़कर 515 हो गई, ऑक्सीजनयुक्त बिस्तरों की संख्या 1 हजार 242 से बढ़कर 7 हजार एक सौ, सामान्य बिस्तरों की संख्या 15 हजार से बढ़कर लगभग 30 हजार, वेंटिलेटर्स की संख्या 204 से बढ़कर 723 हो गई। ऑक्सीजन सिलेण्डर और कन्सेंट्रेटर की संख्या तीन गुने से अधिक बढ़ गई है।

मुख्यमंत्री सस्ती दवाई योजना का नामकरण अब धन्वंतरी योजना

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने संदेश में कहा कि प्रदेश की जनता को रियायती दर पर दवा उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री सस्ती दवा योजना’ नगरीय क्षेत्रों में लागू है। अब यह ‘श्री धन्वन्तरी योजना’ के नाम से जानी जाएगी। हमारी संवेदनशीलता के साथ तत्काल निर्णय लेने की प्रक्रिया के चलते छत्तीसगढ़, ‘कोरोना’ से अन्य राज्यों की तुलना में कम प्रभावित हुआ। हम लगातार काम कर रहे हैं ताकि संभावित तीसरी लहर में भी छत्तीसगढ़ के लोगों को अधिक क्षति न पहुंचे। मैं आप लोगों से यह अपील करना चाहता हूं कि ‘कोरोना’ को हल्के में न लें। कोरोना प्रोटोकॉल का हर स्तर पर पालन करें। भीड़ में न जाएं, सही ढंग से मास्क पहनें, साबुन से हाथ धोते रहें और टीके के दोनों डोज समय पर लगवाएं। किसी भी प्रकार की असावधानी नुकसानदेह होती है। संक्रमण से बचने का सबसे सुरक्षित उपाय ‘सावधानी’ ही है। ‘कोरोना’ से लड़ने वाले फ्रंट लाइन वारियर्स को मैं सलाम करता हूं, वहीं कोरोना से प्रदेश के जिन लोगों की मृत्यु हुई है, उन्हें सादर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, समस्त शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।

16 हजार करोड़ रूपए की लागत से सड़क एवं पुल-पुलिया का निर्माण

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने हर तरह की अधोसंरचना को व्यापक जनहित के नजरिए से देखा है कि अधूरे काम तेजी से पूरे हों और नए काम इस तरह से मंजूर किए जाएं जिससे अधिकाधिक लोगों को लाभ मिले। प्रदेश में 16 हजार करोड़ रूपए की लागत से सड़कों-पुल-पुलियों के निर्माण की कार्ययोजना बनाई गई है और स्पष्ट लक्ष्य रखा गया है कि सारे काम दो साल में पूरे कर लिए जाएं। ‘राम वन गमन पथ’ वास्तव में भगवान राम के वनवासी रूप के प्रकटीकरण का पथ है। इस महान मानवीय मूल्य को लोक आस्था के साथ जोड़ते हुए 2 हजार 260 किलोमीटर लम्बी सड़कों का निर्माण करने का बड़ा लक्ष्य हमने रखा है और इसके प्रथम चरण का कार्य भी प्रगति पर है।

विद्युत कम्पनियों में 2500 कर्मियों की भर्ती

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली के क्षेत्र में भी अधूरी पड़ी योजनाओं के कारण बहुत बड़ा निवेश जनहित में उपयोग नहीं हो पा रहा था और परियोजनाएं ठप्प पड़ी थीं। इसलिए हमने बिजली के क्षेत्र में भी प्राथमिकताएं तय की। हमने अति उच्च दाब पारेषण तंत्र की 500 करोड़ रुपए लागत की परियोजनाएं, वितरण तंत्र की करीब 2 हजार 700 करोड़ रुपए लागत की परियोजनाएं पूरी कराई, जिसका लाभ अब विभिन्न क्षेत्रों को मिलने लगा है। अब नए सिरे से परियोजनाएं बनाई गई हैं, जो प्रगति पर हैं। इनसे प्रदेश में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में और अधिक सुधार तथा स्थायित्व आएगा। ‘हाफ बिजली बिल योजना’ का लाभ 39 लाख 63 हजार लोगों को 1 हजार 822 करोड़ रुपए की बचत के रूप में मिला है। निःशुल्क बिजली प्रदाय योजना का लाभ 6 लाख किसानों तथा 18 लाख बी.पी.एल. उपभोक्ताओं को मिला है। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि हमारी बिजली कंपनियों में विभिन्न पदों पर 2 हजार 500 से अधिक कर्मियों की भर्ती की जा रही है, जिसमें जूनियर इंजीनियर से लेकर मैदानी स्तर पर काम करने वाले लाइन अटेंडेंट के पद शामिल हैं, छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद बिजली कंपनी में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नियमित भर्ती हो रही है, जिनमें छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को नियुक्ति दी जाएगी। इसमें से 1 हजार 500 लाइन अटेंडेंट पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिए गए हैं। शेष पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया चल रही है, शीघ्र ही उसके लिए भी विज्ञापन जारी किए जाएंगे।

429 सिंचाई परियोजनाएं स्वीकृत

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें विरासत में 18 हजार करोड़ रुपए लागत की अधूरी 543 सिंचाई परियोजनाएं मिली थीं, जिनमें से अब 138 परियोजनाएं पूर्ण कर ली गई हैं और 405 का काम प्रगति पर है। 17 दिसम्बर 2018 के बाद 1 हजार 657 करोड़ रुपए की लागत की 429 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 12 परियोजनाएं पूर्ण कर ली गई हैं तथा 417 परियोजनाएं भी शीघ्रता से पूरी करने हेतु जोर दिया जा रहा है। मैं बताना चाहता हूं कि आगामी दो वर्षों में भाटापारा शाखा नहर, प्रधानपाठ बैराज, खरखरा मोहदीपाट, जोंक व्यपवर्तन सिंचाई परियोजनाओं का लाभ भी मिलना शुरू हो जाएगा।
‘जल जीवन मिशन’ के माध्यम से हम ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि 39 लाख ग्रामीण घरों में वर्ष 2023 तक नल से शुद्ध पेयजल देने का काम पूरा हो जाए। भाइयों और बहनों, निश्चित तौर पर हमारा लक्ष्य ग्रामीण तथा वन क्षेत्रों, किसानों तथा वन आश्रित परिवारों को तेजी से विकसित कर सामान्य अंचलों के लोगों की बराबरी में लाना है, लेकिन हम विकास की किसी भी संभावना को छोड़ना नहीं चाहते और उसमें हर अंचल के स्थानीय लोगों की भागीदारी भी पूरी प्राथमिकता से बढ़ाना चाहते हैं।

राज्य में 18 हजार 492 करोड़ रुपए का पूंजीनिवेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के संसाधनों से राज्य में ही वेल्यू एडिशन के लिए जो भी व्यक्ति या संस्था आएंगे, उन सबका हार्दिक स्वागत है। मुझे यह कहते हुए खुशी है कि हमारी भावना निवेशकों तक सही अर्थों में पहुंची है, जिसके कारण विगत ढाई वर्षों में प्रदेश में 18 हजार 492 करोड़ रुपए के पंूजीनिवेश से 1 हजार 145 नए उद्योग स्थापित हुए हैं और 28 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। मैं बताना चाहता हूं कि वृहद उद्योगों में 51 हजार करोड़ रुपए से अधिक पूंजीनिवेश करने के लिए बडे़ महत्वपूर्ण एमओयू भी हुए हैं, जिनमें लगभग 72 हजार स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलना प्रस्तावित है। सरकारी, अर्धसरकारी, निजी, नगरीय-ग्रामीण-वन जैसे हर क्षेत्र में हमने नए रोजगार के अवसर बनाए हैं। नियमों को शिथिल करते हुए अनेक लोगों को अनुकम्पा नियुक्ति दी गई है। तृतीय लिंग समुदाय के लोगों को पुलिस में भर्ती किया गया है। विभिन्न उपायों से बेरोजगारी दर को 22 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत तक लाने में सफलता मिली है, यह एक स्वतंत्र एजेंसी का आकलन है।

बस्तर फाइटर्स बटालियन के तहत 2 हजार 800 पदों पर भर्ती

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे खुशी हो रही है कि छत्तीसगढ़ में बरसों से लंबित समस्याओं का हल इन पौने तीन वर्षों में हुआ है और अब प्रदेश की फ़िजा मंे हर ओर विकास के नए रंग उभरने लगे हैं। विरासत में मिली नक्सलवाद की समस्या पर अंकुश लगाने में मिल रही सफलता उत्साहवर्धक है। ‘बस्तर फाइटर्स’ बटालियन के तहत 2 हजार 800 नए पदों पर भर्ती की जाएगी। नक्सल प्रभावित जिलों में 63 सुदृढ़ पुलिस थाना भवनों का निर्माण किया जा रहा है। पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए कार्ययोजना मंजूर की गई है।

डायल 112 अब पूरे प्रदेश में

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि ‘डायल 112’ सेवा की उपयोगिता को देखते हुए इसका विस्तार अब पूरे प्रदेश में किया जाएगा। पुलिस बल को तनाव मुक्त रखने और जन-सरोकारों के लिए अधिक जागरूक करने हेतु कई कदम उठाए गए हैं जैसे-संकट निधि, स्पंदन, शहीद सम्मान निधि, मेरिट स्कॉलरशिप, थानों में संवेदना कक्ष, बाल मित्र कक्ष, महिला हेल्प डेस्क, राज्य साइबर थाना आदि। इस प्रकार हम पुलिस बल को नए तरीके से सजग और सुसज्जित कर रहे हैं। भाइयों और बहनों, यह एक विडम्बना ही है कि देश की आजादी के 75वें साल का उत्सव मनाते वक्त भी हमें कहीं न कहीं उन प्रवृत्तियों, उन प्रतिक्रियावादी ताकतों का मुकाबला करना पड़ रहा है, जो 1947 के समय उभार पर थीं। शांति, अहिंसा और साम्प्रदायिक सद्भाव की बुनियाद को कमजोर करने वाली ताकतों का पोषण कहां से होता है, यह बात समझना भी हमारी आजादी के मूल्यों को समझने के समान होगा।

नई आशाओं का गढ़ बनेगा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि स्वतंत्र भारत के महान संविधान का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, व्यक्ति की गरिमा तथा राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करने वाली बंधुता का रास्ता अपनाना, तब भी हमारी जरूरत थी और आज भी हमें इसकी जरूरत है। आज इस पावन तिरंगे की छांव में खड़े होकर हम एक बार फिर यह संकल्प लेते हैं कि गांधी-नेहरू-अम्बेडकर के रास्ते पर, संविधान के सिद्धांतों पर चलेंगे, भले ही रास्ता कितना भी कठिन और चुनौतियों से भरा क्यों न हो। मुझे विश्वास है कि छत्तीसगढ़ मॉडल से देश में विकास की जो नई अवधारणा विकसित हो रही है, समरसता और भागीदारी के साथ विकास का जो नया वातावरण बन रहा है, उससे न सिर्फ छत्तीसगढ़ के प्रति देश का विश्वास मजबूत होगा, छत्तीसगढ़ न सिर्फ देश और दुनिया के लिए नई आशाओं का गढ़ बनेगा बल्कि इसका लाभ भारत को अपनी विरासत, मूल्यों और सिद्धांतों के अनुरूप आगे बढ़ाने में भी मिलेगा। छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय गौरव के केन्द्र के रूप में सम्मानित होगा। हम ऐसा ही ‘नवा छत्तीसगढ़’ गढ़ने को प्रतिबद्ध हैं।

समारोह में छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री शैलेष नितिन त्रिवेदी, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री एम.आर.निषाद, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष सुश्री राजकुमारी दीवान, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक श्री डी.एम.अवस्थी सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।*मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में प्रदेशवासियों को ऐतिहासिक सौगातें दी हैं, जिसमें-*


1. विकेन्द्रीयकरण के सिलसिले को और आगे बढ़ाते हुए जिलों का पुनर्गठन करते हुए चार नये जिले ‘मोहला-मानपुर’, ‘सक्ती’, ‘सारंगढ़-बिलाईगढ़’ तथा ‘मनेन्द्रगढ़’ के गठन की घोषणा।

2. 18 नई तहसीलों के गठन की घोषणा ।

3. राजस्व संबंधी कामकाज की जटिलता से जनता को राहत दिलाने के लिए नामांतरण की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाएगा।

4. सभी जिला मुख्यालयों एवं नगर-निगमों में एक उद्यान सिर्फ महिलाओं के लिए विकसित किया जाएगा, जो ‘मिनीमाता उद्यान’ के नाम से जाना जाएगा।

5. प्रचलित व्यवस्था के अनुसार प्रदेश के महाविद्यालयों में, स्नातक तथा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयु-सीमा का बंधन है। उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़ने वाले युवाओं के हित में आयु-सीमा के इस बंधन को समाप्त करने की घोषणा ।

6. प्रदेश की जनता को रियायती दर पर दवा उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री सस्ती दवा योजना’ नगरीय क्षेत्रों में लागू है। अब यह ‘श्री धन्वन्तरी योजना’ के नाम से जानी जाएगी।


7. बिजली कंपनियों में विभिन्न पदों पर 2 हजार 500 से अधिक कर्मियों की भर्ती की जाएगी।


8. ‘डायल 112’ सेवा की उपयोगिता को देखते हुए इसका विस्तार अब पूरे प्रदेश में किया जाएगा। 


* पंचायतों में योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन कर ग्रामीणों को अधिकाधिक लाभ दिलाए-मोहम्मद अकबर*

रायपुर-वन एवं जलवायु परिवर्तन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने आज राजधानी के शंकरनगर स्थित अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंचों से जुड़कर वहां संचालित विकास कार्यों की समीक्षा की। विकास कार्यों के चर्चा के दौरान कबीरधाम जिले के बोड़ला जनपद पंचायत के अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच तथा सचिव शामिल हुए।
वन मंत्री श्री अकबर ने जिला पंचायत स्तर पर सरपंचों के द्वारा मांग किए गए सभी रोजगारमूलक कार्यों का परीक्षण उपरान्त स्वीकृति के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान शासन स्तर से स्वीकृति मिलने वाले बड़े कार्यों का प्रस्ताव भी भेजने निर्देशित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजय दयाराम के. सहित संबंधित विभागीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।
वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव से एक-एक कर चर्चा की और संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत एवं ग्रामीण विकास के साथ-साथ वहां संचालित विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली। मंत्री श्री अकबर ने सभी सरपंचों को अपने-अपने ग्राम पंचायत में योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन कर ग्रामीणों को अधिक से अधिक लाभ दिलाए जाने के लिए कहा। उन्होंने संबंधित सरपंच और सचिवों से चर्चा करते हुए ग्राम पंचायतों में जन सुविधा के विस्तार के लिए योजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन के लिए विशेष जोर दिया।
वन मंत्री अकबर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में आज जनपद पंचायत बोड़ला के अंतर्गत चेन्द्रादादर, बांटीपथरा, केसमर्दा, आमानारा, कुकरापानी, पीपरखुंटा, मगरवाडा, तरेगांव जंगल, दुर्जनपुर, छुही, लरबक्की, बैजलपुर, सिंघारी, दलदली, भुरसीपकरी, बोरिया, अंधरीकछार, खण्डसरा, मडमडा, लब्दा, बोदा-03, छांटा, कबराटोला, अचानकपुर, भलपहरी, कामाडबरी, खरिया, मुडघुसरी मैदान, मुडघुसरी जंगल, बैरख, चोरभट्टी, भोंदा, बोल्दाकला, खडौदाखुर्द, नेऊरगांवकला ग्राम पंचायत के काम-काज की समीक्षा की। 


*राज्य पुलिस सेवा के अधिकारीयो की निकली संक्षिप्त लिस्ट,दो महिला एएसपी गयीं बटालियन साथ मे दो डीएसपी भी भेजे गए बटालियन*

रायपुर-राज्य पुलिस सेवा के अफसरों की एक छोटी तबादला लिस्ट निकली हैं।जिसमे 3 एएसपी व दो डीएसपी स्तर के अफसर प्रभावित हुए हैं।2003 बेच की गायत्री सिंग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विशाखा कमेटी रायपुर को अत्तिरिक्त पुलिस अधीक्षक पीटीएस माना रायपुर,2007 बेच की यातायात रायपुर में पदस्थ अत्तिरिक्त पुलिस अधीक्षक वर्षा मिश्रा को उपसेनानी तीसरी वाहिनी छतीसगढ़ शस्त्र बल अमलेश दुर्ग,2007 बेच की ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संगीता पीटर्स को उप सेनानी 5 वी वाहिनी बस्तर में पदस्थ किया गया हैं।इसी तरह 2013 बेच के बलौदाबाजार में डीएसपी के पद पर पदस्थ आदित्य पांडेय को उपसेनानी 20 वी वाहिनी छतीसगढ़ शस्त्र बल महासमुंद में तथा 2013 बेच के ही पुलिस मुख्यालय रायपुर में पदस्थ डीएसपी प्रशांत शुक्ला को उपसेनानी 9 वी वाहिनी छसबल दंतेवाड़ा में पदस्थ किया गया हैं। 

ब्यूरो रिपोर्ट


भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस के 3 अधिकारियों को उत्कृष्ट विवेचना हेतु मेडल प्रदान करने की घोषणा गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू व डीजीपी डीएम अवस्थी ने अधिकारियों को दी बधाई

रायपुर-भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस के तीन अधिकारियों को उत्कृष्ट विवेचना हेतु मेडल प्रदान करने की घोषणा की गयी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा वर्ष-2021 के लिये छत्तीसगढ़ पुलिस के बेमेतरा में पदस्थ उप पुलिस अधीक्षक  राजीव शर्मा, राजनांदगांव में पदस्थ उपनिरीक्षक श्रीमती इंदिरा वैष्णव और बस्तर में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक श्रीमती इंदु शर्मा को अलग-अलग प्रकरणों में उत्कृष्ट विवेचना करने पर पुरस्कृत किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा प्रति वर्ष उत्कृष्ट विवेचना करने पुलिस अधिकारियों को मेडल प्रदान किया जाता है। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू और पुलिस महानिदेशक  डीएम अवस्थी ने इन तीनों अधिकारियों को मेडल मिलने पर बधाई दी है। उल्लेखनीय है कि पुलिस मुख्यालय की ओर से उत्कृष्ट विवेचना हेतु पुलिस अधिकारियों की अनुशंसा केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गयी थी। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*दसवीं पास अभ्यर्थी को मिलेगी पावर कंपनी में नौकरी,होगी 1500 लाइन परिचारकों की सीधी भर्ती,आवेदन 21 अगस्त से 20 सितंबर तक देखिए mornews*

रायपुर-छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने परिचारक (लाइन) के पदों पर सीधी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए है। मैदानी अमले के रूप में 1500 पदों पर सीधी भर्ती की जाएंगी। इसमें छत्तीसगढ़ के मूलनिवासियों को नौकरी मिलेगी। सीधी भर्ती के लिए कक्षा दसवीं पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। आवेदन 21 अगस्त से 20 सितंबर 2021 तक *www.cspc.co.in* में लॉगइन करके जमा किये जा सकेंगे।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी के चेयरमेन श्री अंकित आनंद ने यह जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी में 1500 परिचारक की भर्ती होगी। इन पदों पर भर्ती से जहां एक ओर स्थानीय निवासियों को नौकरी मिल सकेगी, वहीं विद्युत संबंधी कार्यों के लिये मैदानी स्तर पर कुशल अमला तैयार होगा। इससे उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के साथ उनकी समस्याओं के निराकरण में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि पॉवर कंपनी ने 1500 परिचारक की भर्ती के लिये विज्ञापन जारी कर दिया है। राज्य शासन के नियमों के अनुसार आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसमें अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 174 पद, अनुसूचित जनजाति के लिए 426 पद तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 232 पद आरक्षित होंगे, शेष 668 पद अनारक्षित रहेंगे।
अंकित आनंद ने बताया कि बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के विद्युत कार्यालयों के लिए होने वाली भर्ती में वहीं के मूल निवासी ही आवेदन कर सकेंगे। इससे आदिवासी अंचल के युवाओं को सरकारी नौकरी मिल सकेगी। शेष सभी जिलों के विद्युत कार्यालयों में होने वाली भर्ती के लिये पूरे प्रदेश के अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। लाइनमेन की भर्ती में कुशल संवर्ग के अनुभवी संविदाकर्मियों को अनुभव का लाभ दिया जाएगा।
जगदलपुर क्षेत्र में अनुसूचित जाति के 05, अनुसूचित जनजाति के 83, ओबीसी के 32 पद आरक्षित और 18 पद अनारक्षित वर्ग के लिए हैं। अंबिकापुर क्षेत्र के लिए अनुसूचित जाति के 07, अनुसूचित जनजाति के 84, ओबीसी के 30 पद आरक्षित और 41 पद अनारक्षित वर्ग के लिए हैं।
रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, राजनांदगांव तथा दुर्ग क्षेत्र के लिये अनुसूचित जाति के 162, अनुसूचित जनजाति के 259, ओबीसी के 170 पद आरक्षित और 609 पद अनारक्षित वर्ग के लिए हैं। आवेदन शुल्क, पात्रता, स्टायफंड, दायित्व, शैक्षणिक योग्यता, चयन प्रक्रिया एवं अन्य शर्तों की जानकारी पॉवर कंपनी की वेबसाइट पर देखी जा सकती है। 


*मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से गैर सरकारी संगठन संचालक महासंघ के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य भेंट*

रायपुर-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ गैर सरकारी संगठन संचालक महासंघ के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  बघेल को प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि समाज की सेवा कार्य कर रहे संस्थाओं की उन्नति तथा सम्मान आदि उद्देश्यों के लिए यह महासंघ का गठन किया गया है। प्रतिनिधि मंडल में मोहम्मद सिराज, लक्ष्मीनारायण लाहोटी, रविन्द्र सिंह, सुनील नारवानी, अमर बंसल, प्रशांत पाण्डेय आदि शामिल थे। 


छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण की दर घटकर 0.19 प्रतिशत हुई,11 अगस्त को 6 जिलों में कोरोना का नया मामला नही मिला*

रायपुर-प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दर और घटकर 0.19 प्रतिशत हो गई है। विगत 11 अगस्त को प्रदेश भर में हुए 42 हजार 763 सैंपलों की जांच में 83 व्यक्ति संक्रमित पाए गए। राज्य के सभी जिलों में संक्रमण की दर एक प्रतिशत से नीचे है। विभिन्न जिलों में संक्रमण की दर शून्य प्रतिशत से लेकर अधिकतम 0.74 प्रतिशत तक है। प्रदेश के छह जिलों बालोद, बेमेतरा, गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सूरजपुर और नारायणपुर में 11 अगस्त को कोरोना संक्रमण का एक भी मामला नहीं आया है। इस दिन प्रदेश में कोरोना संक्रमित एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है। कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने और रोज कम संख्या में नए मरीज मिलने के कारण कोविड-19 के सक्रिय मामलों में लगातार गिरावट आ रही है। राज्य में अभी सक्रिय मरीजों की संख्या 1557 है। 


*मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजधानी रायपुर में राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल बिलासपुर करेंगे ध्वाजारोहण,देखिए मंत्रीगण और संसदीय सचिव इन जिलो में फहराएंगे ध्वज देखिए पूरी सूची*

 रायपुर- स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री और मंत्रीगण करेंगे ध्वजारोहण, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राऊण्ड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत कोरिया जिला मुख्यालय में एवं उपाध्यक्ष मनोज सिंह मण्डावी कोण्डागांव जिला मुख्यालय में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। अन्य जिला मुख्यालयों में मंत्रीगण और संसदीय सचिव राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे।
राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रदेश के जिला मुख्यालयों में ध्वजारोहण हेतु मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी गई है। गृह एवं लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू महासमुंद में, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव कबीरधाम में, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे रायगढ़ में, वन एवं परिवहन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर दुर्ग में, स्कूल शिक्षा तथा अनुसूचित जाति तथा आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम कोरबा में, उद्योग एवं आबकारी मंत्री कवासी लखमा बस्तर में, नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया सरगुजा में, खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत राजनांदगांव में, उच्च शिक्षा एवं खेल मंत्री उमेश पटेल बलौदाबाजार-भाटापारा में, राजस्व एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जयसिंह अग्रवाल बिलासपुर में, तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार मुंगेली मंे, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया कांकेर जिला मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण करने के पश्चात मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे।
इसी प्रकार संसदीय सचिव यू.डी. मिंज बलरामपुर में, विकास उपाध्याय बेमेतरा में, रेखचंद जैन सुकमा में, इन्द्रशाह मंडावी दंतेवाड़ा में, विनोद सेवनलाल चन्द्राकर धमतरी में, चिन्तामणि महाराज जशपुर में,  द्वारिकाधीश यादव गरियाबंद में,  शिशुपाल सोरी बीजापुर में, पारसनाथ राजवाड़े गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में, सुश्री शकुंतला साहू सूरजपुर में,  गुरूदयाल सिंह बंजारे नारायणपुर में, डॉ. श्रीमती रश्मि आशीष सिंह बालोद में एवं  चन्द्रदेव प्रसाद राय जांजगीर-चांपा जिला मुख्यालय में आयोजित 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ध्वजारोहण करने के बाद मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे ।

ब्यूरो रिपोर्ट


*एकीकृत किसान पोर्टल को लेकर कार्यशाला आयोजित,किसानों की सुविधा के लिए तैयार हो रहा एकीकृत किसान पोर्टल*

रायपुर-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश के परिपालन में राज्य के किसानों की सुविधा के लिए एकीकृत किसान पोर्टल (यूएफपी) तैयार किया जा रहा है। इस पोर्टल के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों सहित राजीव गांधी किसान न्याय योजना एवं मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने के लिए किसान पंजीयन करा सकेंगे। निकट भविष्य में कृषकों से संबंधित अन्य योजनाओं को भी इसी पोर्टल में समाहित करने का प्लान है। कृषि, वन उद्यानिकी बीज विकास निगम एवं एनआईसी के अधिकारी इस पोर्टल को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। एकीकृत किसान पोर्टल राजस्व विभाग के भुईयां पोर्टल से लिंक रहेगा ,ताकि भूमिस्वामी किसान के द्वारा धारित भूमि का खसरा और रकबे का मिलान हो सके।एकीकृत किसान पोर्टल के प्रारंभिक स्वरूप के संबंध में चर्चा एवं सुझाव को लेकर आज यहां सर्किट हाउस के कांक्लेव हाल में कृषि विभाग की ओर से प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन हुआ। कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ एम. गीता, संचालक कृषि यशवंत कुमार, संचालक उद्यानिकी

 माथेश्वरन व्ही., छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम के प्रबंध संचालक  अनिल साहू, राज्य सूचना अधिकारी पीएन सिंह, संयुक्त सचिव कृषि  के.सी. पैकरा, वन मंडलाधिकारी श्री वरुण जैन की विशेष मौजूदगी में आयोजित कार्यशाला में रायपुर एवं दुर्ग संभाग के सभी जिलों के राजस्व, कृषि, वन, उद्यानिकी, खाद्य एवं सहकारी समितियों के अधिकारियों ने भाग लिया।

कार्यशाला के प्रारंभ में राज्य सूचना अधिकारी सिंह ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से एकीकृत किसान पोर्टल के बारे में विस्तार से जानकारी दी और अधिकारियों के प्रश्न शंकाओं का समाधान किया। डीएफओ वरुण जैन ने मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के प्रावधान और पोर्टल में पंजीयन के दौरान ध्यान रखे जाने वाले बातों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत संयुक्त वन प्रबंधन समिति, ग्राम पंचायत एवं वन भूमि पट्टाधारी कृषक यदि वृक्षारोपण करते हैं और अप्रैल 2022 की स्थिति में भौतिक सत्यापन के दौरान रोपित पौधों में से यदि 80 प्रतिशत पौधे जीवित रहते हैं, तो संबंधितों को 10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ एम. गीता ने कहा कि इस पोर्टल को तैयार करने का उद्देश्य राज्य के सभी वर्ग के कृषकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए एक प्लेटफार्म पर लाना है। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के फाइनल होते ही राजीव गांधी किसान ने योजना के पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को एकीकृत किसान पोर्टल पर इंपोर्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने कार्यशाला में शामिल अधिकारियों के प्रश्न एवं सुझावों की सराहना की और कहा कि आप सब के उत्साह और सहभागिता को देखकर यह स्पष्ट पता चलता है कि आप सब फील्ड में किसानों को शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ दिलाने में जुटे हैं। उन्होंने प्रतिभागी अधिकारियों को मोबाइल अथवा ईमेल के माध्यम से एकीकृत किसान पोर्टल को बेहतर बनाने के लिए आगे भी अपने सुझाव आगामी दो-तीन दिनों में मोबाइल मैसेज अथवा ईमेल के माध्यम से भेजने का आग्रह किया। 


*कलिंगा विश्वविद्यालय में वुडबॉल खिलाड़ियों का सम्मान।*

रायपुर,कलिंगा विश्वविद्यालय मध्य भारत का एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान है। यहाँ पर विद्यार्थियों में शोध प्रवृत्ति और नयी खोज को विकसित करने के लिए वैश्विक मापदंड के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने तथा शोध व खेल के प्रति विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार कार्य किया जाता रहा है।

कलिंगा विश्वविद्यालय के वुडबॉल खिलाडियों ने अखिल भारतीय वुडबॉल प्रतियोगिता चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, मोहाली में लॉकडाउन के पहले आयोजित वुडबॉल प्रतियोगिता में भाग लिया था। जिसमें विश्वविद्यालय के महिला एवं पुरूष वुडबाॅल खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए महिला वर्ग प्रथम एवं पुरूष वर्ग ने द्वितीय खिताब अपने नाम किया।

हाल ही में विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों को मेंडल और प्रमाण-पत्र वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डाँ. आर श्रीधर के द्वारा खिलाड़ियों को मेंडल और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। कुलपति ने खिलाडियो को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना के साथ खेल में निरतंर आगे ब-सजयने के लिए प्रोत्साहित किया।

महिला वर्ग खिलाडियों में कु. वर्षा धु्रव, कु. शिवानी सिंह और कु. अवनी गरिमा खलको एवं पुरूष वर्ग खिलाडियों में श्रृंगी शर्मा, मनीष यादव, पंकज सिंह डीगर और वेदप्रकाश पटेल को सम्मानित किया गया। उक्त कार्यक्रम में खेल विभाग के प्राध्यापक श्री संजीव कुमार यादव एवं प्राध्यापिका सुश्री रानी साहू उपस्थित थे। 


*जल है तो जीवन है; बड़ी जल प्रदाय योजनाओं को समय पर पूरा करने का लक्ष्य*

रायपुर-जल है तो जीवन है। जल है तो कल है। यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना पहले हुआ करती थी। लेकिन यह तो बस एक ऐसा संदेश है जो हमें जल संरक्षण का महत्व बताने के दरम्यान इस्तेमाल में लाया जाता है। धरातल पर जल की उपलब्धता वर्तमान में और हमारे आने वाले कल के लिए कितना है और इस दिशा में हम क्या प्रयास कर रहे हैं ? शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं ? कुछ ऐसा सवाल शायद ही किसी के मन में आता होगा। बहरहाल शुद्ध पेयजल सभी नागरिकों की नितांत आवश्यकताओं में से एक है और इसे उपलब्ध कराना सबसे बड़ी प्राथमिकता भी है। वैसे तो छत्तीसगढ़ की सरकार पूरे प्रदेश के हर घर में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने नल कनेक्शन की दिशा में कार्य कर रही है, मगर शहरी क्षेत्रों में 1 लाख से अधिक जनसंख्या वाले निकायों में मिशन अमृत योजन के माध्यम से हर घर में निजी नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने समय का लक्ष्य लेकर चल रही है। लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य लेकर चल रही छत्तीसगढ़ की सरकार की कई बड़ी परियोजनाएं इस साल के अंत तक और आगामी वर्ष तक पूरी होने की संभावना है।मिशन अमृत योजना सिर्फ सरकार के लिए ही एक बड़ी योजना नही है। यह एक ऐसी योजना भी है जिसमें ‘जल है तो कल है‘ का एक बेहतर भविष्य जुड़ा है। धरातल पर इस योजना का बेहतर क्रियान्वयन लोगों के घरों में नल कनेक्शन के जरिये शुद्ध पेयजल मुहैया कराने में मददगार साबित तो होगी ही, साथ ही जल प्रदाय योजनाओं की संपूर्णता हेतु मिशन अमृत योजना का धरातल पर तेजी से अमल किया जा रहा है। मिशन अमृत योजना में 2011 की जनसंख्या अनुसार 1 लाख से अधिक जनसंख्या वाले प्रदेश के 9 नगरीय निकाय रायपुर, भिलाई, दुर्ग,राजनांदगांव, बिलासपुर, कोरबा,रायगढ़ एवं जगदलपुर जिनकी कुल आबादी शहरी आबादी का 54 प्रतिशत है को सम्मिलित किया गया है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य समस्त आवासों में निजी नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। इसके लिए कुल 1838 करोड़ रुपए की जल प्रदाय योजना स्वीकृत है।

उच्च स्तरीय पानी टंकी और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य प्रगति पर

मिशन अमृत योजना के अंतर्गत लक्ष्य अनुसार 9 जलशोधन सयंत्र में से 5 का कार्य प्रगति पर है। 77 उच्च स्तरीय जलागार निर्माण कार्य में 56 प्रगति पर है। पेयजल वितरण हेतु पाइप लाइन विस्तार कार्य के अंतर्गत 3521 किलोमीटर लक्ष्य के विरुद्ध 2659 किमी प्रगति पर है। निजी नल संयोजन कार्य में 322613 नग में से 171664 नग प्रगति पर है।

कई बड़ी जल प्रदाय परियोजना का कार्य इस पूरी होने की संभावना

निकायों में हर घर नल कनेक्शन और हर घर पानी उपलब्ध कराने छत्तीसगढ़ की सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने हाल ही में समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को जलप्रदाय परियोजना को समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए। जल प्रदाय परियोजना में कोरबा लागत राशि 211 करोड़ रुपए, भिलाई लागत राशि 221 करोड़ , अम्बिकापुर लागत राशि 100 करोड़, रायगढ़ लागत राशि 131 करोड़ का कार्य 90 प्रतिशत से अधिक पूरा हो गया है। रायपुर फेस 1 लागत राशि 156 करोड़, राजनांदगांव लागत राशि 199 करोड़ का 80 प्रतिशत से अधिक का कार्य पूरा हो चुका है। इन सभी परियोजनाओं को इसी साल पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। दुर्ग लागत राशि 162 करोड़, बिलासपुर 292 करोड़, रायपुर फेस 2 लागत राशि 270 करोड़, जगदलपुर लागत राशि 96 करोड़ रुपए की परियोजना का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। जगदलपुर परियोजना को छोड़कर अन्य सभी को फरवरी 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

जलप्रदाय परियोजना के पूर्ण होने के साथ 3.22 लाख लोगों को मिलेगा नल कनेक्शन

इस वर्ष के अंत तक और अगले साल माह फरवरी तक जल प्रदाय परियोजनाओं का काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन परियोजनाओं के पूरा होते ही नल कनेक्शन देने और घरों में पानी पहुचाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो जाएगी। जलप्रदाय परियोजना से जुड़े कोरबा में 26000, भिलाई में 50580, रायपुर फेस 1 में 11526, अम्बिकापुर में 15161, राजनांदगांव में 34000, रायगढ़ में 26837, दुर्ग में 21517, बिलासपुर में 56251, रायपुर फेस 2 में 56409 और जगदलपुर में 24332 नल कनेक्शन देने का लक्ष्य है।

जल आवर्धन योजना से 1.53 लाख घरों में मिलेगा नल कनेक्शन

नगरीय निकायों में जल आवर्धन योजना अंतर्गत जलप्रदाय परियोजना का कार्य भी प्रगति पर है। शिवपुरचर्चा, जशपुर नगर और नारायणपुर जल आवर्धन का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस वर्ष के अंत तक महासमुंद, कवर्धा, बलरामपुर और दंतेवाड़ा का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। धमतरी,तिल्दा-नेवरा, खैरागढ़, मुंगेली, जांजगीर-नैला, अकलतरा,सक्ति, बैकुंठपुर कोंडागांव, सराईपाली, भाटापारा और दीपका जल आवर्धन योजना को वर्ष 2022 के अलग-अलग माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर 1 लाख 53 हजार 458 नल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त 25 नगर पंचायतों में भी जल आवर्धन योजनाओं का कार्य प्रगति पर है। इससे 45481 नल कनेक्शन प्रदाय किए जाएंगे। 


*मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए*

रायपुर-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय में विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में गृहमंत्री  ताम्रध्वज साहू, खाद्य मंत्री  अमरजीत भगत, अनुसूचित जाति एवं जनजातीय विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थिति रहे। 

ब्यूरो रिपोर्ट