*राज्य प्रशासनिक सेवा के 4 अधिकारियों को मिली नवीन पदस्थापना देखिए किन्हें मिली है जिम्मेदारी*

रायपुर-राज्य शासन ने राज्य प्रशासनिक सेवा के चार अधिकारियों की नए स्थानों पर पदस्थ किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डीडी सिंह ने आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश के अनुसारहरिकृष्ण शर्मा अपर कलेक्टर राजनांदगांव को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग,रविराज ठाकुर डिप्टी कलेक्टर दुर्ग को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, पूनम सोनी सहायक संचालक भू-अभिलेख कार्यालय रायपुर को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और जागेश्वर कौशल संचालक संपदा गृह विभाग को डिप्टी कलेक्टर दुर्ग के पद पर पदस्थ किया गया है। 

ब्यूरो रिपोर्टर


*मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ हुए कोरोना से संक्रमित,ट्वीट कर दी जानकारी*

रायपुर-(ब्यूरो रिपोर्ट)उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हुए कोरोना से संक्रमित उन्होंने अपने ट्वीटर पेज पर लिखा कि, शुरुआती लक्षण दिखने पर मैंने कोविड की जांच कराई और मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मैं सेल्फ आइसोलेशन में हूं और चिकित्सकों के परामर्श का पूर्णतः पालन कर रहा हूं। सभी कार्य वर्चुअली संपादित कर रहा हूं।

Mornews


*सविंधान निर्माता डॉ भीमरावअंबेडकर की जयंती पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दी श्रद्धांजलि किया नमन*

रायपुर-सीएम भूपेश बघेल ने भारत के संविधान निर्माता, महान समाज सुधारक भारत रत्न डाॅ. भीमराव अम्बेडकर को उनकी 130वीं जयंती पर नमन किया। कोविड-19 के बचाव और रोकथाम के लिए लागू लाॅकडाउन के कारण सीएम बघेल ने अपने निवास कार्यालय कक्ष में संविधान निर्माता बाबा साहब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र पर माल्यार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने भारत के संविधान निर्माण और समता मूलक समाज के निर्माण, समाज के कमजोर वर्गाें और महिला सशक्तिकरण में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने बाबा साहब की ओर से कमजोर तबकों की शिक्षा, स्वावलंबन और सम्मान की स्थापना के लिए किए गए प्रयासों को और अधिक विस्तार देने का संकल्प दोहराया। सीएम बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में बाबा साहब के लाखों अनुयायी बाबा साहब का जन्मदिन उत्साह और श्रद्धा से मनाते हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए सभी लाॅकडाउन का पालन करें और घर पर बाबा साहब का जन्मदिन मनाएं। यह बाबा साहब को हमारी सच्ची पुष्पांजलि होगी। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*ब्रेकिंग;दुर्ग जिले 19 अप्रैल तक के लिए बढ़ाया गया लॉक डाउन*

दुर्ग- जिले में 6 से 14 अप्रैल तक लॉकडाउन लगाया गया था। कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए इस लॉकडाउन के नतीजे प्रभावी रहे हैं और इससे कोरोना संक्रमण में कमी देखी गई है। इसके परिप्रेक्ष्य में मंगलवार को कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने लॉकडाउन को 19 अप्रैल तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि जिले में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन में पूरा सहयोग करें ।

ब्यूरो रिपोर्टर


*राज्य सभा सांसद सरोज हुई कोरोना से संक्रमित,एम्स में भर्ती*

रायपुर। प्रदेश के तीन जिलों में कोरोना ने जिस प्रकार अपना कहर मचाया है, उससे कारण प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग कोविड पॉजिटिव आ रहे हैं। दुर्ग, राजनांदगांव और राज्य की राजधानी रायपुर में इसका विकराल रूप देखने को मिल रहा है। मिली जानकारी के अनुसार राज्यसभा सांसद और दुर्ग जिले की वरिष्ठ भाजपा नेत्री सरोज पाण्डेय कोरोना पॉजिटिव हुई हैं। इसके कारण उन्हें राजधानी रायपुर के एम्स हॉस्पिटल में में भर्ती कराया गया है।
  

ब्यूरो रिपोर्ट


*भाजयुमो में जिलाध्यक्षों की की गई नियुक्ति,राजधानी सहित बाकी बचे जिलों में होनी थी नियुक्ति देखिए सूची mornews*

 रायपुर-भारतीय जनता युवा मोर्चा में राजधानी रायपुर सहित 9 जिले के जिलाध्यक्षों की घोषणा की है,संघठन में जुड़े युवा कार्यकर्त्ताओ को मौका देते हुए नियुक्ति की गई है।बड़े नेताओं की आपसी सहमति नई बन पाने के कारण इन जिलों में नियुक्ति रुकी हुई थी।प्रदेश प्रभारी के निर्देश पर बचे जिले में यह नियुक्ति की गई है देखिए सूची।

ब्यूरो रिपोर्टर


*खुद को सीआईडी अधिकारी बताकर घूम रहे युवक को पुलिस ने किया गिरफ्तार,सेंट्रो कार के साथ वाकी टाकी भी मिला*

रायपुर- खुद को पुलिस अधिकारी बताकर घूम रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। बता दें कि एक सेंट्रो कार में नीली बत्ती लगाकर एक युवक घूम रहा था। आरोपी स्वयं को सीआईडी का अधिकारी बताकर अपने पास वॉकी टॉकी, माइक कैमरा और कॉम्बेट वर्दी पहनकर शहर में तेज गति से कार चला रहा था। सिविल लाइन के पीछे रहने वाला अजय दास अपनी गाड़ी में ऑल इंडिया क्राइम, सीआईडी लिखकर घूम रहा था। उसे जब पुलिस अधिकारियों ने रोक कर पूछताछ की तब कहीं जाकर आरोपी की सच्चाई सामने आई। पुलिस ने आरोपी अजय दास के खिलाफ धारा 170, 419 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*रायगढ़ और धमतरी जिले में भी होगा सम्पूर्ण लॉक डाउन देखिए mornewe*

रायपुर-जिले में कोरोना के संक्रमण बढ़ते जा रहे है राज्य सरकार ने इसकी रोकथाम के के लिए लॉक डाउन करने के लिए कलेक्टर को आदेश दिए थे इसी के मद्दे नजर एक के बाद एक जिले में कलेक्टर लॉक डाउन कर रहे है आज रायगढ़ जिले में भी लॉकडाउन, के आदेश दिए गए है 14 अप्रैल की प्रातः 6 बजे से 22 अप्रैल की रात्रि 12 बजे कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया हैै।रायगढ़ कलेक्टर भीम सिंह ने इसके लियेके  आदेश जारी  कर दिए है।
 


*राज्यो में वैक्सीन की कमी की आ रही जानकारी सही नही,सभी राज्यो को पर्याप्त संख्या में वैक्सीन की डोज मिल रही है-अमित शाह*

 दिल्ली/रायपुर-देश में कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ता जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक महाराष्‍ट्र, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्‍यप्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, केरल और पंजाब में कोविड के नए मामलों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। नए मामलों के 84.21 फीसदी केस इन राज्‍यों में दर्ज हुए हैं। संक्रमण के बढ़ते केस के बीच कई राज्यों ने वैक्सीन की कमी होने का आरोप लगाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वैक्सीन की कमी को लेकर आ रही जानकारी सही नहीं है। सभी राज्यों को पर्याप्त संख्या में वैक्सीन की डोज मिल रही ।

mornews ब्यूरो 


*सीएम भूपेश बघेल ने लगवाई कोरोना वैक्सीन की पहली डोज,आम जन से की अपील*

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ​शुक्रवार को राजधानी के मेकाहारा पहुंचकर कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। उन्होंने अपील की है कि सभी सुपात्र कोरोना की डोज ले। डोज लेने के बाद वे कोरोना के अनुरूप ही गाइडलाइन का पालन करें। वे मास्क पहनकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*बड़ी खबर:कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मरहास को नक्सलियों ने सुरक्षित छोड़ा*

रायपुर-बीजापुर जिले के तर्रेम थाना क्षेत्र में 3 अप्रैल को पुलिस-नक्सली मुठभेड़ हुई थी. इस मुठभेड़ के बाद जम्मू-कश्मीर का लाल राकेश्वर सिंह मनहास लापता था. नक्सलियों ने जानकारी दी कि लापता कोबरा बटालियन का जवान उनके कब्जे में है. आज गुरुवार को 5 दिन बाद नक्सलियों ने जवान को सुरक्षित छोड़ दिया है. नक्सलियों ने पहले जवान को ग्रामीणों के बीच छोड़ा, फिर वहां से ग्रामीणों ने तर्रेम थाना में जवान को सौंप दिया है.बताया जा रहा है कि राकेश्वर इस समय तर्रेम में 168वीं बटालियन के कैंप में है। वहां उनका मेडिकल चेकअप किया जा रहा है। उन्हें कैसे और किसके साथ रिहा किया गया। कितने बजे वह कैंप पहुंचे, इन सभी बातों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है।ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों के हमले में 23 जवान शहीद हुए थे। नक्सलियों ने भी अपने 5 साथी मारे जाने की बात मानी थी। मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों ने CRPF के कोबरा कमांडो राकेश्वर का अपहरण कर लिया था।इसके बाद माओवादी प्रवक्ता विकल्प ने मंगलवार को प्रेस नोट जारी कर कहा था कि पहले सरकार बातचीत के लिए मध्यस्थों का नाम घोषित करे, इसके बाद वह जवान को सौंप देंगे। तब तक वह उनके पास सुरक्षित रहेगा।नक्सलियों की मांग के बाद सरकार ने मध्यस्थों के नाम जारी किए या नहीं यह स्पष्ट नहीं है। क्योंकि, मध्यस्थों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए थे। इस वजह से यह भी साफ नहीं है कि नक्सलियों की किन मांगों को पूरा करके सरकार ने राकेश्वर सिंह को मुक्त कराया है। 

ब्यूरो रिपोर्


*सुरक्षा बलो को रोड सिक्योरिटी ऑपरेशन के दौरान माओवादीयो द्वारा लगाए गए आईईडी को बरामद करने में सफलता मिली*

रायपुर/जगदलपुर-सुरक्षा बलों को रोड सिक्युरिटी आॅपरेशन के दौरान माओवादियों द्वारा लगाये गये आईईडी को बरामद करने में मिली सफलता श्री सुन्दरराज पी. पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रंेज, श्री विनीत खन्ना, पुलिस उप महानिरीक्षक, कांकेर रेंज, उ0ब0 कांकेर, पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर श्री मोहित गर्ग, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज चन्द्राकर, नारायणपुर के निर्देषन में जिले में तैनात जिला बल, छसबल, आईटीबीपी, बीएसएफ सुरक्षा बलों द्वारा लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है इसी तारतम्य में दिनांक 08.04.2021 को थाना कुरूषनार से जिला बल एवं आइटीबीपी की संयुक्त पुलिस पार्टी रोड सिक्युरिटी आपरेशन पर कुरूषनार से नारायणपुर की ओर रवाना हुई थी। रोड सुरक्षा की कार्यवाही के दौरान थाना कुरूषनार से 03 कि0मी0 दूर कोषा सेंटर के पास रोड से करीबन 70 मीटर अंदर जंगल (थाना कुरूषनार) में 01 नग आईईडी लोकेट किया गया। बीडीएस टीम नारायणपुर द्वारा सावधानी पूर्वक डिफ्यूज कर 01 नग प्रेशर कुकर बम बरामद कर माओवादी नक्सलियों के नापाक मन्सुबें को असफल करने में सफलता मिली है। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*जल का संरक्षण करना है बहुत जरूरी,पढ़िए मंकी सिंह की कहानी*

बंदर मंकी सिंह की आपबीती कहीं आपकी न हो जाए, इसलिए जल का संरक्षण करें... वन्य जीवों के लिए पर्याप्त जल और वृक्षों की उपलब्धता किस तरह सुनिश्चित किया जाए इसे जानने के लिए मातृका दीदी

"मंकी सिंह की कहानी"

एक बार की बात है दो बहनें मातृका और दुर्गम्या Morning Walk पर जा रही थी तभी उन्होंने देखा सड़क किनारे बंदर मंकी सिंह अलसाया हुआ, दुःखी और निराश बैठा है।

मातृका दीदी बंदर के पास जाकर पूछती है: क्यों भाई मंकी सिंह आप परेशान और चिंतित क्यों बैठे हैं?

मंकी सिंह ने जवाब दिया: मातृका दीदी, "क्या आपको पता कि जंगलों से सारे फलदार और इमारती ही नहीं वरन अन्य वृक्षों को भी काटकर समाप्त कर दिया गया है जिसके कारण जंगलों के लगभग सारे जलस्रोत भी सूख चुके हैं।" भोजन और पानी के अभाव में जंगल के सारे जीवों के जीवन खतरे में पड़ गया है, यदि यही स्थिति रही तो सारे जंगली जानवर जल्दी ही मर जायेंगे।

मातृका दीदी: ओह! आप ये क्या कह रहे हैं मंकी सिंह?

मंकी सिंह: सही बता रहा हूँ मातृका दीदी, मेरा ही दुर्भाग्य देखिए भूख प्यास के कारण मेरे माता-पिता, पत्नी और बच्चे सहित मेरा पूरा परिवार मर गया है, इसलिए मैं दुःखी हूँ।

दुर्गम्या अपने बैग से Bottle निकालती है और मंकी सिंह को पीने के लिए देते हुए कहती है: मंकी सिंह आप भी बहुत भूखे प्यासे लग रहे हैं, थोड़ा पानी पी लीजिए फिर मेरे घर चलकर मेरे साथ भोजन ग्रहण कर लेना।

मंकी सिंह Bottle वापस करते हुए कहता है: नहीं दुर्गम्या दीदी मेरे परिवार के सारे सदस्य तो मर गए हैं फिर मैं जी कर क्या करूँगा कहते हुए फफककर रो पड़ता है।

मातृका दीदी मंकी सिंह के आँसू पोछती है और उसके शिर में हाथ फेरकर उन्हें समझाते हुए कहती है: भाई मंकी सिंह हम आपके परिवार तो आपको लौटा नहीं सकते मगर हम पर भरोसा रखो, हम प्रयास करेंगे कि अब जंगल के कोई भी जीव भूख और प्यास के कारण नहीं मरेगा और जंगल में फिर से खुशहाली वापस लौट आएगी।

दुर्गम्या दीदी मातृका दीदी के बातों का समर्थन करते हुए कहती है: भाई मंकी सिंह, हम प्रयास करेंगे कि जंगल फिर से आप सबके रहने योग्य और सुरक्षित हो जाए।

ये सुनकर थोड़ी ही देर में मंकी सिंह Bottle का ढक्कन खोलता है और एक ही घुट में पूरे पानी ढक कर जाता है और बोलता है: ThankYou दीदी।

तभी दुर्गम्या दीदी नौटंकी करते हुए कहती है: देखो न मातृका दीदी भाई मंकी सिंह ने तो मेरे Bottle के सारे पानी पी लिया.... उहू उहुँ कहते हुए रोने लगती है।

दुर्गम्या दीदी के नखरे देखकर मंकी सिंह और मातृका दीदी जोर से हस पड़ते हैं,उसके बाद तीनों वापस घर आ जाते हैं, आंगन में लगे आम फल की लालच मंकी सिंह को पेड़ में चढ़ने पर मजबूर कर देता है, मंकी सिंह आज खूब आम खाया और उसके बाद उछल कूद मचाते हुए कुछ आम नीचे आंगन में ही गिरा देता है इसे देखकर दुर्गम्या दीदी गुस्से में आ जाती है और बोलती है मंकी सिंह आखिर तुम बंदर ही रहोगे..... गुलाटी मारना कभी नहीं छोड़ोगे.....। मंकी सिंह नीचे आकर माफ़ी के भाव से बोलता है: Sorry Durgamya Joshi, फिर तीनों घर के भीतर प्रवेश करते हैं Cooler चालू करके चर्चा करने लग जाते हैं कि कैसे हम जंगलों में पर्याप्त मात्रा में पानी और जंगली जानवरों के लिए भोजन सुनिश्चित कर सकते हैं।

दुर्गम्या दीदी चर्चा का शुरुआत करते हुए बोलती है: हम सरकार से आग्रह करेंगे कि सरकार वन क्षेत्र में अधिक से अधिक बांध और चेकडैम बनवाये, जहाँ बांध और चेकडैम संभव न हो वहां पर तालाब अथवा डबरी का निर्माण करवाए।

मंकी सिंह: दुर्गम्या दीदी यह सबसे बेहतर उपाय है परंतु इसमें तो सरकार को भारी लागत लगाना पड़ेगा, ऊपर से अधिकतर बांध और चेकडैम विवादित भी हो जाते हैं। बांध बन भी गया तो लोग बांध के चोरों तरफ पिकनिक स्पॉट बनाकर जंगली जानवरों के लिए फिर से उसे प्रतिबंधित कर देते हैं। कुछ तालाब और डबरी तो शिकारी जानवरों के ही कब्जा में होता है जिसके कारण भूख प्यास मिटाने के नाम पर अधिकतर जीव उन शिकारी जानवरों के भोजन बन जाते हैं।

दुर्गम्या दीदी: तो हम इसके लिए बेहतर विकल्प के रूप में क्या कर सकते हैं मातृका दीदी?
मातृका दीदी: अच्छा है, कोई बात नहीं, हमारे पास इससे सरल, सहज, सस्ते और आसान परन्तु बेहतर उपाय है जिससे हम जंगल के हर स्थान में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कर सकते हैं।

दुर्गम्या दीदी: वो कैसे दीदी?

मातृका दीदी: आप सबको तो पता है कि वन क्षेत्र में भी पहले से ही पर्याप्त संख्या में तालाब, डबरी और छोटे बड़े नाला उपलब्ध है; हम उन सारे स्थानों में ट्यूबवेल खोदाई करके उसमें सोलर पंप लगवा कर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कर सकते हैं फिर प्यास के कारण कोई भी जीव मरेगा नहीं।

मंकी सिंह: ये तो बेहतर उपाय है मातृका दीदी। मगर एक समस्या उन जीवों के लिए स्थिर बनी रहेगी जो अधिकतर समय पर्वतों में रहते हैं। जब गर्मी के दिनों में उन्हें प्यास लगती है तो वे नीचे आकर पानी पीते उसके पहले ही उनके जान गले से आ निकलती है, मुश्किल से प्यास बुझ भी गई तो फिर से पहाड़ी के ऊपर चढ़ने में उन्हें पुनः प्यास लग जाती है। मातृका दीदी कई जंगली जानवर तो पर्वत श्रृंखलाओं के उस पार होते हैं उनके लिए क्या कुछ बेहतर व्यवस्था सोची जा सकती है?

मातृका दीदी: क्यों नहीं; हम ऐसे पर्वत श्रृंखलाओं के बीच वाले पर्वत के ऊपर ही ट्यूबवेल और सोलर एनर्जी के माध्यम से पानी उपलब्ध करवा सकते हैं जो नीचे की ओर छोटी सी झरना की भांति झरती रहेगी फलस्वरूप अलग अलग श्रेणी के जानवर एक ही समय में पानी पी सकेंगे इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों के वृक्षों को भी जीवित रखने में लाभदायक हो सकेगा।

दुर्गम्या दीदी: मातृका दीदी हम मंकी सिंह के लिए उन स्थानों में आम और अन्य फलदार वृक्ष जरूर लगाएंगे; ताकि मंकी सिंह हमारे घर, आंगन, बाड़ी और खेतों के फसल, फल और पेड़ को बर्बाद करने न आएं।

मंकी सिंहः दुर्गम्या दीदी, हम जानवर तो खुद को जंगलों में ही सुरक्षित और बेहतर समझते हैं, आबादी क्षेत्र में आना हमारे लिए अत्यंत खतरनाक और जानलेवा होता है क्योंकि कई गांव और शहर में हमारे साथी जानवरों को भरमार बंदूक का शिकार होना पड़ता है।

चर्चा समाप्ति के बाद मातृका दीदी टेबल में रखे अपने स्मार्टफोन को उठाती है और सोशल मीडिया साइट्स के माध्यम से दोस्तों और सरकार से अपील करती है
"प्लीज सर.... प्लीज दोस्तों.... वनों और पर्वतीय क्षेत्रों में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने में अपना योगदान दीजिए, क्योंकि जंगलों और पर्वतों में पानी और फलदार वृक्षों की जरूरत न सिर्फ मंकी सिंह और अन्य जंगली जीव के आवश्यक है वरन समान रूप से हम सभी मनुष्यों के लिए भी आवश्यक है।" आपको याद दिला देना चाहती हूँ कि पारिस्थितिकी तंत्र के सारे जीव के लिए सबसे पहली प्राथमिकता जल और भोजन है, सबसे खास बात तो ये है कि जैव विविधता के बिना हम मनुष्यों के जीवन की भी कल्पना नहीं की जा सकती।

वृक्ष, वन और जल एक दूसरे के पूरक और एक दूसरे पर निर्भर है, आप सबको तो पता ही है कि जल बिना किसी भी जीव की जीवन संभव नहीं है इसलिए प्लीज आज ही संकल्प लीजिए कि अपने घर, परिवार, वार्ड, मोहल्ले, गांव और शहर से पहले जंगलों में पर्याप्त पानी की उपलब्धता और वृक्षारोपण सुनिश्चित करेंगे। आप सबको ज्ञात है कि हर साल दर साल गर्मी बढ़ती जा रही है जिसके कारण हम Cooler, AC और Fridge के आदी होते जा रहे हैं जबकि ये हमारे जीवन के लिए घातक भी है इसलिए आपसे निवेदन है अपने घर, महल या Building को बड़ा बनाने के बजाय उसे छोटा बनाइये मगर अपने आंगन, बाड़ी, खेत और सड़क में पौधरोपण जरूर करिए इससे न सिर्फ धरती की तापमान कम होगी बल्कि हम Cooler, AC और Fridge के निर्भरता से भी उबर सकेंगे।

प्लीज सर..... प्लीज पाठक साथियों.... प्लीज मीडिया बंधुओं..... आप भी जल संरक्षण के लिए अपने हिस्से का पहल करिए ताकि मंकी सिंह की कहानी आपके साथ न दोहरा जाए। 


*जगदलपुर पहुँचे गृह मंत्री अमित शाह बोले जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा पूरा देश शहीद परिवार के साथ*

रायपुर। शहीदों को श्रद्धांजलि देने जगदलपुर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जवानों ने भी नक्सलियों को भारी नुकसान पहुंचाया है। पूरा देश शहीदों परिवार के साथ खड़ा है। शाह ने कहा कि कैंप बनने से नक्सली बौखलाएं हुए है। केंद्र और राज्य दोनों मिलकर नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*योग्य कार्यकर्त्ताओ को छोड़ अपने चहेतों को बाट दिए पद क्या ऐसे में भाजपा आने वाले विधानसभा में जीत हासिल करेगी*

रायपुर/बिलासपुर-अंधा बांटे रेवड़ी अपने अपने को दे,वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ द्वारा इसी परिपाटी पर काम किया जा रहा है माना कि शीर्ष नेतृत्व की फटकार के बाद यह दिखाई दे रहा है की सभी मोर्चों पर गठन हो रहा है परंतु क्या यह गठन वाकई संगठनात्मक कसावट के लिए उपयुक्त है या केवल एक औपचारिकता मात्र है?छत्तीसगढ़ भाजपा आज प्रदेश में विपक्ष के स्थान पर काबिज है।पर क्या आज छत्तीसगढ़ भाजपा एक सही विपक्ष का रोल अदा कर पा रही है।इस बात को लेकर अकसर पार्टी कार्यकर्ताओं में चर्चा होते रहती है।पार्टी के अलावा आम जनता के बीच मे भी यह बात सुनने को आती है।एक मजबूत विपक्ष के रूप में छत्तीसगढ़ भाजपा पूरे तरह से कमजोर प्रतीत होती है।प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी के आने के बाद ही भाजपा नेताओं का प्रदेश में काबिज कांग्रेस सरकार के खिलाफ बयान देना शुरू हुआ है।प्रदेश प्रभारी के ख़ौफ़ में कम से कम प्रदेश के नेताओ ने बोलना तो शुरू किया।पंद्रह वर्ष के सत्ता सुख भोगने के बाद विपक्ष का रोल अदा कर पाने में भाजपा असहज प्रतीत हो रही थी।पर क्या आज भी मजबूत विपक्ष के रूप में आ पाई है यह कहना बडा ही कठिन होगा।
क्या प्रदेश में भाजपा की सोच और तौर तरीके पूरी तरह से कांग्रेसीकरण हो गए है।क्या भाजपा में भी कांग्रेसियो की तरह पार्टी संचालन करने की प्रवृत्ति आ गयी है।क्या कार्यकर्ता अब बिना पद के पार्टी के लिए काम करना नही चाहते है या फिर सही लोगो के चयन कर पाने में प्रदेश का पार्टी नेतृत्व अब पूरी तरह से असक्षम हो चुके है।प्रदेश के नेता अपने आसपास रहने वाले अपने कट्टर समर्थकों को ही पद देकर उपकृत करने में लगे हुए है।
जिस प्रकार से कांग्रेस में अपने अपने लोगों को बिना किसी अनुभव वरिष्ठता आदि के बिना भी दायित्व प्राप्त होता हैं , पर वह उपयोगी नहीं होता ,ठीक उसी तर्ज पर आज भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ में सभी मोर्चा प्रकोष्ठों में गठन के लिए तत्पर और कटिबद्ध है।जिस प्रकार से मोर्चा और प्रकोष्ठों में पदों का सृजन करके अपने कुछ लोगों को संतुष्टि प्रदान कर खानापूर्ति की जा रही है; साथ ही प्रदेश नेतृत्व भी शीर्ष नेतृत्व को सभी मोर्चों के गठन दिखाकर अपने रिपोर्ट कार्ड को अच्छा दिखाना चाहता है । यथार्थ में पार्टी के धरातल के विस्तार में यह प्रकोष्ठ मोर्चा आदि सभी एक सकारात्मक योगदान दे सकते हैं परंतु विडंबना है की उन सभी का गठन सिर्फ और सिर्फ चाटुकारिता एवं बड़े नेताओं अथवा सन्निकटता वाले कार्यकर्ताओं को आज भी प्राप्त हो रहा है।
जबकि होना यह चाहिए कि समाज में जो भी व्यक्ति पार्टी विचारधारा से सहमत हों और उस संबंधित कार्य क्षेत्र से जुड़े हुए हैं ऐसे लोगों को उनके वर्ग,उनकी योग्यता, उनके कार्यक्षेत्र को ध्यान में रखते हुए मोर्चा और प्रकोष्ठों का गठन किया जाना चाहिए।यदि इसी प्रकार जिला और के पदों को रेवडी की तरह बांटा गया तो वह दिन दूर नहीं जब कोई नाली प्रभारी,गमला संयोजक, चाय पानी प्रभारी,फ्लेक्स प्रचार प्रभारी,वाल पेंट प्रभारी भी जैसे पदों को प्राप्त करेंगे।जैसे एनजीओ प्रकोष्ठ में एनजीओ का कार्य करने वाले लोगो को जोड़ना था,आरटीआई प्रकोष्ठ में आरटीआई से जुड़े लोगों को जोड़ना था।वैसे ही सोशल मीडिया में सक्रिय रहने वाले अच्छे लोगो को पार्टी के साथ जोड़ने था।पर इनकी जगह नेताओ के पिछलग्गू लोगो को ही इन पदों पर बैठालना समझ से परे है।क्या अपने आसपास के ही लोगो को इन प्रकोष्ठ में जोड़ना था?
केंद्रीय नेतृत्व एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी डी पुरंदेश्वरी को तो यह चाहिए की पार्टी में योग्यता अनुभव कार्यक्षेत्र और सामाजिक छवि को ध्यान में रखते हुए दायित्व आवंटन किए जाने चाहिए। जिससे आगामी चुनावों में इनका प्रत्यक्ष जनता के बीच से लाभ मिल सके।प्रदेश में भाजपा की स्थिति बहुत ज्यादा अच्छी नही है।आज भी केवल कुछ लोगो तक ही भाजपा का संगठन संचालित हो रहा है।आज भी पार्टी के अच्छे कार्यकर्ता गुमनामी में जी रहे है।विधानसभा चुनाव हारने वाले आज भी जिले में संगठन के पदों पर अपनी जीहुजूरी करने वालो को रेवड़ी की तरह पद रूपी प्रसाद बाटने में लगे हुए है।आज भी वो ही लोग सबकुछ तय करने में लगे हुए है।क्या ऐसे में भाजपा दोबारा सत्ता में काबिज हो पाएगी?ऐसे बहुत से सवाल है जिनके बारे में पार्टी नेतृत्व को मनन करने की आवश्यकता है।
ब्यूरो रिपोर्ट 


*भिलाई विधायक हुए परिवार सहित कोरोना से संक्रमित,माता बड़े भाई सहित अन्य घर के सदस्यों की रिपोर्ट पॉजिटिव*

 रायपुर-भिलाई विधायक देवेंद्र यादव कोरोना से हुए संक्रमित उनके परिवार में भी 5 लोग संक्रमित हो गए है।विधायक देवेंद्र यादव के माता जी बड़े  भईया भाभी सहित देवेंद्र खुद संक्रमित हुए है उन्होंने इस बात की जानकारी ट्वीट कर दी है।

ब्यूरो रिपोर्ट


*लॉक डाउन:6 अप्रैल से 14 अप्रैल तक जिले में सम्पूर्ण लॉक डाउन कलेक्टर ने जारी किए आदेश,देखिए mornews*

दुर्ग-कोविड संक्रमण की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने 6 अप्रैल से 14 अप्रैल तक जिले में सम्पूर्ण लॉकडाउन का निर्णय लिया है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है। लॉकडाउन के दौरान टीकाकरण और जांच जारी रहेगी। कलेक्टर ने आम नागरिकों से अपील की है कि जिले में संक्रमण के तेज प्रसार को नियंत्रित करने यह बहुत जरूरी है कि लॉकडाउन के माध्यम से कोरोना की गतिशीलता को नियंत्रित किया जाए। इसके लिए नागरिकों का सहयोग बेहद जरूरी है। पूर्व में जिले में लॉकडाउन लगाए गए थे और जन सहयोग से कोरोना की पहली लहर को रोक पाने में सफलता मिली थी। इस बार भी कोविड संकट के दौर में धैर्य की जरूरत है ताकि कोविड संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित किया जा सके। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि घर में रहें, सुरक्षित रहें। पिछली बार की तरह हमने लॉकडाउन में सम्पूर्ण संयम का परिचय दिया तो कोविड की गंभीरता से पूरी तरह से बच सकेंगे। उन्होंने 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों से नजदीकी टीकाकरण केंद्र पहुंचकर टीका लगवाने का आग्रह किया है। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि कोरोना के लक्षण उभरते ही टेस्ट कराएं। साथ ही पॉजिटिव आने पर चिकित्सक की सलाह पर कार्य करें। पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने पर भी टेस्ट कराएं। पॉजिटिव मरीजों के आइसोलेशन का पूरा ध्यान रखें। कलेक्टर ने कहा है कि जिले के समक्ष यह कठिन परिस्थिति है। यदि इस समय पूरे संयम और दृढ़ता से इस परिस्थिति का मुकाबला किया तो निश्चय ही हम अपने परिवारजनों और प्रियजनों को इस विपदा से सुरक्षित रख सकेंगे। 

ब्यूरो रिपोर्ट


विधायक विकास उपाध्याय का कोरोना बचाओ को लेकर कर जनता से मार्मिक अपील

 संसदीय सचिव व विधायक विकास उपाध्याय जी ने असम से जारी एक वीडियो संदेश में रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में बढ़ते कोरोना से बचाव को लेकर छत्तीसगढ़ की जनता से मार्मिक अपील की है और कहा है मास्क को सुरक्षा कवच  मान कर इसका पालन करें साथ ही अधिक से अधिक वैक्सीन खुद और अन्य को भी लगवाने मदद करें।