कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने पर लोक निर्माण विभाग के प्रभारी कार्यपालन अभियंता निलंबित

रायपुर।राज्य शासन द्वारा लोक निर्माण विभाग के संभाग क्रमांक-1 बिलासपुर के प्रभारी कार्यपालन अभियंता श्री के.आर. गंगेश्री को वित्तीय वर्ष 2020-21 (माह मई 2020 से जनवरी 2021 तक) में गैर अनुबंध में अत्यधिक व्यय कर अपने कर्तव्य के प्रति लापरवाही एवं शिथिलता बरतने के कारण निलंबित कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग मंत्रालय महानदी भवन से निलबंन आदेश जारी करते हुए कार्यपालन अभियंता श्री के.आर. गंगेश्री का निलंबन अवधि में मुख्यालय कार्यालय मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग जगदलपुर निर्धारित किया गया है। उन्हें निलंबन अवधि में नियमानुसार निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*बड़ी खबर; ब्राम्हण समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी, नंद कुमार बघेल के खिलाफ राजधनी में मामला दर्ज, सीएम ने जताया है बयान पर आपत्ति*

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंद कुमार बघेल के खिलाफ राजधानी के डीडी नगर थाने में धारा 153-A और 505- A – ख के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है, पुलिस ने अवनेश पांडेय, सौमित्र मोहन मिश्रा और ब्राह्मण समाज के अन्य सदस्यों की शिकायत पर नंद कुमार बघेल के खिलाफ साम्प्रदायिक भावना को भड़काने और समाजिक माहौल खराब की धाराओं में मामला दर्ज किया है।
बता दें कि सोशल मीडिया में नंद कुमार बघेल की एक वर्ग विशेष के खिलाफ की गई टिप्पणी वायरल हो रही है।इस बात की जानकारी होने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने पिता के बयान पर दुःख जताते हुए कहा था कि सोशल मीडिया में यह बात कही जा रही है कि नंदकुमार बघेल पर इसलिए कार्यवाही नहीं होगी क्योंकि वे मुख्यमंत्री के पिता हैं। उन्होंने कहा कि एक पुत्र के रूप में मैं उनका सम्मान करता हूं, लेकिन एक मुख्यमंत्री के रूप में उनकी किसी भी ऐसी गलती को माफ नहीं किया जा सकता जो सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने वाली हो,उनकी सरकार सभी को एक ही दृष्टि से देखती है।

इस कारण रहे विवादों में

कुछ दिनों पूर्व एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया में आया था बयान उन्होंने कहा था कि यहां जितने ब्राम्हण वर्ग रहते है वो सभी विदेशी है विदेश से आए है ,और वो सभी को वापस विदेश भेज देंगे,इसके अलावा ऐसे और कई विवादित बयान के बाद से लगातार वे सुर्खियों में रहे है,और ब्राम्हण समाज इस बात का हमेशा विरोध  दर्ज करती रही है।

ब्यूरो रिपोर्ट


गणेशोत्सव को लेकर जिला स्तरीय बैठक संपन्न, गणेश पंडालों के लिए लेना होगा अस्थाई बिजली कनेक्शन, हुकिंग कर बिजली लेने पर होगी कार्यवाही*

कोरबा।आगामी गणेशोत्सव पर्व के दौरान गणेश पंडालों को बिजली की सुविधा के लिए विद्युत विभाग से अस्थाई कनेक्शन प्राप्त करना होगा। पंडालों में हुकिंग करके बिजली लेने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गणेश पंडालों को बिजली कनेक्शन प्रदान करने के लिए विद्युत विभाग द्वारा अलग से कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे जिससे गणेशोत्सव समितियों को बिजली कनेक्शन लेने में आसानी होगी। पंडालों में विद्युत व्यवस्था की निगरानी और निरीक्षण के लिए जिला प्रशासन द्वारा उड़नदस्ता दल गठित किया जाएगा। यह दल गणेश पंडालों का औचक निरीक्षण करके अवैध विद्युत कनेक्शनों पर कार्रवाई करेंगे। गणेशोत्सव पर्व को शांतिपूर्वक और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मनाने के लिए जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आज आयोजित की गई। प्रभारी अपर कलेक्टर श्रीमती कमलेश नंदिनी साहू की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभा कक्ष में आयोजित बैठक में शांति समिति के सदस्यगण शामिल हुए। बैठक में गणेश पर्व को शांतिपर्वूक मनाने के लिए चर्चा की गई। बैठक में गणेशोत्सव के संबंध में शासन द्वारा जारी कोविड प्रोटोकॉल एवं दिशा-निर्देशों की जानकारी सहित इस बारे में समिति के सदस्यों ने चर्चा की। प्रभारी अपर कलेक्टर ने गणेश पर्व के दौरान अवैध चंदा वसूली नहीं होने देना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गणेश मूर्ति विसर्जन के लिए जगह चिन्हांकन करने और देर शाम होने पर पर निर्धारित विसर्जन स्थलों पर बिजली-प्रकाश व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। शांति समिति की बैठक में एसडीएम कोरबा श्री सुनील नायक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर, डिप्टी कलेक्टर श्री हरिशंकर पैंकरा, अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार समिति बोर्ड के अध्यक्ष श्री विक्टर मेनन, के.सी.डब्ल्यू.एस. संरक्षक श्री रवि बख्श, महासचिव क्रिश्चियन समाज श्री रवि पी. सिंह, सचिव मदरसा श्री हलीम शेख, नगर निगम उपायुक्त श्री बी. पी. त्रिवेदी सहित आबकारी और छ.ग. राज्य विद्युत मण्डल के अधिकारीगण मौजूद रहे।
बैठक में प्रभारी अपर कलेक्टर ने कहा कि गणेश विसर्जन के लिए एक गाड़ी में अधिकतम चार लोग रहेंगे। उन्होंने गणेश विसर्जन के दौरान यातायात को नियंत्रित करने और सड़कों पर भीड़ नहीं होने देने के भी निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए। प्रभारी एडीएम ने बैठक में विसर्जन स्थलों और घाटों पर होम गार्ड के गोताखोर तैनात करने भी निर्देश दिए। प्रभारी एडीएम ने प्रतिबंधित प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों को नहीं बिकने देने और लगातार निगरानी करते रहने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
कोविड संक्रमण को देखते हुए गणेशोत्सव के दौरान इस बार भी सार्वजनिक रूप से या घरों से बाहर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना और विर्सजन के लिए एसडीएम से अनुमति लेनी पड़ेगी। इस बार चार फीट ऊंचाई और चार फीट चौड़ाई से अधिक आकार की गणेश मूर्तियां पंडालो में स्थापित नही की जा सकंेगी। मूर्ति स्थापना के लिए एसडीएम संबंधित क्षेत्र के पुलिस थाने से विस्तृत रिपोर्ट लेंगे और रिपोर्ट के आधार पर ही अनुमति जारी करेंगे। मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15’15 फिट से अधिक नही होगा। गणेश पंडालो के सामने कम से कम 5000 वर्ग फिट की खुली जगह भी रखनी होगी। घरो पर गणेश प्रतिमाओ की स्थापना के लिए जिला प्रशासन द्वारा अनुमति की आवश्यकता नही होगी। गणेश उत्सव के दौरान जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशो के साथ-साथ भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी एस.ओ.पी का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगा।
समितियां रखेंगी रजिस्टर, नोट होगा नाम, पता, मोबाइल नम्बर- बैठक में गणेशोत्सव के लिए जारी किए गए निर्देशो पर विस्तार से चर्चा की गई। दिशा-निर्देश के अनुसार पंडाल के सामने पंडाल एवं सामने 5000 वर्ग फिट की खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित नही होना चाहिए। पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने हेतु पृथक से पंडाल नही लगाया जाएगा। दर्शकों एवं आयोजकों के बैठने हेतु कुर्सी नहीं लगेंगी। किसी भी स्थिति में एक समय में मंडप एवं सामने मिलाकर 20 व्यक्ति से अधिक मौजूद नही होंगे। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति को रजिस्टर संधारित करना होगा, जिसमें दर्शन हेतु आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम पता एवं मोबाईल नम्बर दर्ज किया जाएगा। ताकि उनमें से कोई भी कोरोना संक्रमित होने पर कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जाएगा। ऐसा पाये जाने पर संबंधित एवं समिति के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सेनेटाईजर, थर्मल स्क्रीनिंग, ऑक्सीमीटर, हैण्डवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था करनी होगी। थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संक्रमित सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर पंडाल में प्रवेश से रोकने की जिम्मेदारी समिति की होगी। व्यक्ति अथवा समिति द्वारा फिजिकल डिस्टेंसिंग आगमन एवं प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बास-बल्ली से बेरिकेटिंग कराया जाएगा।
संक्रमित होने पर समिति को देना होगा इलाज का पूरा खर्च - शासन द्वारा जारी गणेशोत्सव दिशा-निर्देश के अनुसार यदि कोई व्यक्ति जो मूर्ति स्थापना स्थल पर जाने के कारण संक्रमित हो जाता है तो ईलाज का संपूर्ण खर्च मूर्ति स्थापना करने वाला व्यक्ति अथवा समिति द्वारा किया जाएगा। कंटेन्मेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी, यदि पूजा की अवधि के दौरान भी उपरोक्त क्षेत्र कंटेन्मेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है तो तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी। मूर्ति स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार के भोज, भंडारा, जगराता अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति स्थापना के समय, स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात किसी भी प्रकार के वाद्ययंत्र, ध्वनि विस्तारक यंत्र, डी.जे. बजाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति स्थापना एवं विसर्जन के दौरान प्रसाद, चरणामृत या कोई भी खाद्य एवं पेय पदार्थ वितरण की अनुमति नहीं होगी। ’विसर्जन के लिए केवल एक वाहन की अनुमति मिलेगी।

मूर्ति विसर्जन के लिए चार से अधिक व्यक्ति नहीं जा सकेंगे -

मूर्ति विसर्जन के लिए एक से अधिक वाहन की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए पिकअप, टाटा-एस (छोटा हाथी ) से बडे़ वाहन का उपयोग प्रतिबंधित होगा। मूर्ति विसर्जन के वाहन में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त साज-सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए 4 से अधिक व्यक्ति नहीं जा सकेंगे एवं सभी मूर्ति के वाहन में ही बैठेंगे। अलग से वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए प्रयुक्त वाहन पंडाल से लेकर विसर्जन स्थल तक रास्ते में कहीं रोकने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के लिए नगर निगम द्वारा निर्धारित रूट मार्ग, तिथि एवं समय का पालन करना होगा। शहर के व्यस्त मार्गाे से मूर्ति विसर्जन वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। सामान्य रूप से सभी वाहन रिंग रोड के माध्यम से ही गुजरेंगे। सूर्यास्त के पश्चात एवं सूर्याेदय के पहले मूर्ति विसर्जन के किसी भी प्रक्रिया की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के मार्ग में कहीं भी स्वागत, भंडारा, प्रसाद वितरण पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*धर्मांतरण,लव जिहाद व गौ हत्या पर जनता करेगी फैसला,हिन्दू शक्ति सेवा संगठन ने सौपा ज्ञापन*

रायपुर/दुर्ग - हिन्दू शक्ति सेवा संगठन के द्वरा कुछ दिन पूर्व ही धर्मान्तर , लव जिहाद व गौहत्या जैसे जघन्य अपराध के लिए रायपुर में प्रेस कांफ्रेंस कर यह मामला जोरशोर से उठाया था व सरकार को इस कड़ी कार्यवाही की मांग किया गया था उसी संदर्भ में आज दुर्ग के कलेक्ट्रेट में प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति जी के नाम ज्ञापन सौंपा गया जिसमें इन अपराधों को रोकने सरकार से मांग किया गया
संगठन के संस्थापक तामेश तिवारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रेस कांफ्रेंस के दौरान इन सारी बातों को जनता व सरकार के सामने रखा जा चुका है जिसे आज पुनः विज्ञप्ति के माध्यम से लिखित में अपनी मांग को दोहरा रहे व अंतिम निर्णायक मांग पत्र सौंप रहे है इसके बाद सरकार से इस विषय पर जनता बात करेगी तिवारी ने कहा कि सरकार इन विषयों को अगर गंभीरता से नही लिया तो बहुत बड़े पैमाने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। तामेश तिवारी ने बताया कि धर्मान्तर व लव जिहाद इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है कि आने वाले कुछ समय मे हिन्दू इतिहास बन कर ना रह जाये सरकार को चाहिए कि वह शिक्षा में सुधार करे अकबर महान की जगह वीर शिवा जी किस शिक्षा दी जाए , भारत के फ़िल्म इंड्रस्टीस पर कड़ा कानून बने, हिन्दू विरोधी फ़िल्म , फुहड़ता , खलनायक को नायक बना कर राष्ट्र व समाज विरोधी फ़िल्म निर्माताओ पर कार्यवाही करे सरकार , शादी के स्थानों पर मंदिर चर्च आर्य समाज आदि जैसे स्थानों पर लव मैरिज करने पर प्रतिबंध लगे व सिर्फ कोर्ट के माध्यम से माता पिता के सामने गवाही के रूप में अनिवार्य करे सरकार , लव जिहाद से कैसे बचें शिक्षा में शामिल करने की बात कही , व साथ ही भारत के सभी मदरसों का आडिट व आधुनिक शिक्षा प्रणाली लागू करने की बात कही ।
वही संगठन के प्रदेश अध्यक्ष योगेश्वर मानिकपुरी ने कहा कि सरकार के पास पावर रहते हुवे भी हिंदुत्व के नाम कुछ न करना बेहद निराशा जनक है , सरकार को हिंदुत्व के लिये कड़े क़ानून बनाना होगा व उसे जमीनी स्तर पर लागू भी करना होगा , मानिकपुरी ने बताया कि धर्म परिवर्तन करने वालो का सभी सरकारी सुविधाएं सरकार को बंद कर देना चाहिए व जंहा मुस्लिम या ईसाइयों की आबादी नही है वंहा चर्च व मस्जिद बनने पर सरकार को तुरंत रोक लगाना चाहिए।
प्रदेश उपाध्यक्ष तोशानंद शुक्ला ने ने बताया कि संगठन द्वरा गौमाता के संरक्षण व संवर्द्धन के लिए सरकार से मांग कि है कि वह सर्वप्रथम गौमाता को रास्ट्रीय माता घोषित करे, व व्यक्तिगत गौपालन पर जोर दे व उससे आर्थिक लाभ पहुचाने की दिशा में काम करने पर जोर दे, भारत के सभी बूचड़खाने को सील करे ,।
वही प्रान्त मंत्री राजेंद्र तिवारी ने छत्तीसगढ़ के गौठान व्यवस्था को पूरे भारत मे व्यवस्थित तरीक़े से लागू करे , जैविक खेती को अनिवार्य करने व बीफ का निर्यात बन्द करने की बात कही व हड्डियों से बनने वाले सभी सामानों के उत्पादन पर रोक लगाने कहा, सिंथेटिक मांस पर जोर दिया जाए, गौपाल मंत्रालय निर्माण हो तभी हम सभी की गौमाता का रक्षण व सवंर्धन हो पायेगा ।
विज्ञप्ति देने के दौरान प्रान्त सह संयोजिका ज्योति चौबे , भिलाई जिला अध्यक्ष देवेंद्र नाहक , दुर्ग मातृ शक्ति जिला अध्यक्ष डाली साहू , केशरी देवांगन , सिमा गुप्ता ,पारसमणि चंदेल , सम्बोद पांडेय , मृगेश प्रसाद ,भूपेंद्र सेन्द्रे , कविता शर्मा , भोलेश्वर वर्मा , सम्मुख राव , शेलकिरन शुक्ला आशा चौबे आदि उपस्थित थे। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*मांग बढ़ने से पूरे देश में बिजली खरीदी हुई महंगी, फिर भी छत्तीसगढ़ के किसानों को मिल रही सतत बिजली*

खेती के लिए सिंचाई पम्पों को हो रही निर्बाध बिजली आपूर्ति।

79 पॉवर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि से ओव्हर लोडिंग से मिली मुक्ति।

रायपुर।- प्रदेश में किसानों की सहूलियतों को ध्यान में रखते हुए बिजली के क्षेत्र में ठोस कदम उठाए गए हैं। जिसमें एक ओर 20 हजार कृषि पंपों को स्थायी कनेक्शन दिया गया है वहीं एक साल में 79 पॉवर ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई है, ताकि पावर सबस्टेशन में ओवरलोडिंग की स्थिति न बने, और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति की जा सके।

राज्य में 5.86 लाख कृषि विद्युत पम्प वर्तमान में विद्युत कनेक्शनयुक्त है। जिसमें स्थायी पम्प कनेक्शन 4.63 लाख एवं अस्थायी पम्प कनेक्शन 1.23 लाख है। इस वर्ष विद्युत पम्पों के नये कनेक्शन के कार्य को भी वरियता दी गई, जिसके फलस्वरूप 31 जून, 2021 में औपचारिकता पूर्ण 35161 में से बीस हजार विद्युत पम्पों को कुछ महीनों में ही उर्जित कर दिये गये है जो स्वतः एक रिकॉर्ड बन गया है ।
इन विद्युत पम्पों की विद्युत प्रदाय सतत् रूप से बनाये रखने हेतु विगत् 12 माहों में 33/11 केव्ही उप केन्द्रों के पावर ट्रान्सफार्मर की क्षमता उन्नयन हेतु विशेष ध्यान दिया गया है ताकि विद्युत उपलब्धता होने के बावजूद ओव्हर लोडिंग के कारण विद्युत कटौती जैसी स्थिति निर्मित न हो। उल्लेखनीय है कि 1 अगस्त 2020 से 30अगस्त, 2021 की अवधि में 79 पावर ट्रान्सफार्मरों की क्षमता वृद्धि की गई, यह भी एक रिकार्ड है। बीते साल 30 पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि हुई थी।
अधोसंरचना के विकसित होने से कृषि पम्पों हेतु लगातार विद्युत प्रवाह रहा। इस वर्ष अवर्षा के समय राज्य का लोड 4950 मेगावाट हो गया, जो गत वर्ष 4700 मेगावाट था। यह छत्तीसगढ़ राज्य गठन से लेकर अब तक का सर्वाधिक दर्ज लोड है। इस स्थिति में भी कृषि पम्पों को बिजली की आपूर्ति निर्बाध मिलना एक बड़ी सफलता है।
पिछले बारह महीनों में सब स्टेशन में पावर ट्रान्सफार्मर क्षमता वृद्वि के कार्यो में जिला महासमुन्द में 13 सब स्टेशन एवं जिला बेमेतरा में 12 सब स्टेशन में कार्य हुए फलस्वरूप ओवर लोडिंग की स्थिति नहीं आयी। इसी तरह जिला रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार, बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा, सूरजपुर में भी ओवर लोडिंग की स्थिति नहीं आयी। जिला कबीरधाम में दो उपकेन्द्रों मरकी एवं रवेली मे लोड बढ़ गया जिस पर तत्काल कार्यवाही करते हुए नये ट्रान्सफार्मर स्थापित किये गये। इसी तरह जिला बालोद में भी परसुली उपकेन्द्र में लोड बढ़ने पर नया ट्रान्सफार्मर लगा दिया गया है। जिला दुर्ग के तीन उपकेन्द्र में भी नया ट्रान्सफार्मर लगाकर लोड बढ़ने से रोक लिया गया है।
जिला राजनांदगांव में सर्वाधिक 13 केन्द्रों में क्षमता वृद्वि की गई। यहां 33 के व्ही छूरिया फीडर के ओव्हर लोड होने के कारण 25 किमी नई लाईन का विस्तार कार्य किया जा रहा है जो आगामी 2 माहों में पूर्ण किया जाना लक्षित है।
अत्यधिक पावर लोड आने से 400 केव्ही से लेकर 132 केव्ही अति उच्चदाब उपकेन्द्रों में वोल्टेज घट जाता है जो एक तकनीकी कारण है एवं निदान के लिये इन उच्चदाब उपकेन्द्रों के पावर ट्रान्सफार्मर के टेप को बढ़ाया गया है। मूलतः लो-वोल्टेज की समस्या उन क्षेत्रों में आती है, जहां पम्प बाहुल्य क्षेत्र हैं एवं 11 केव्ही फीडर के अंतिम छोर में स्थित हैं। दुर्ग जिला के बोरी क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या ज्ञात हुई जिसके निदान के लिये नई 33 केव्ही लाईन का कार्य किया जा रहा है जो संभवतः 10 सितम्बर, 2021 तक पूर्ण हो जायेगा। इस तरह के समस्या का जैसे ही संज्ञान में आते हैं, कार्य कराये जा रहें है।
विद्युत कृषि पम्पों को सतत् विद्युत आपूर्ति हेतु मैदानी अधिकारियों को विशेष निर्देश दिये गये है एवं तकनीकी समस्याओं का तत्कालीक निदान भी किया जा रहा है। गौर तलब है कि भूमिगत जल स्तर के अत्यधिक नीचे चले जाने से भी कृषि पंप से पानी कम आने से लो वोल्टेज की शंका की जानकारी मिलते ही अधिकारी मौके पर जाकर वोल्टेज सही पाये , जिससे ग्रामवासी भी संतुष्ट हुए कि जल स्तर का नीचे होना ही बोर पंप से कम पानी आने का कारण है। इस प्रकार की पूरी सजगता रखी जा रही है , जिससे पूरे राज्य में खरीफ़ फ़सल के दौरान बिजली की आपूर्ती बनी हुई है।
उल्लेखनीय है कि अभी पूरे देश में बिजली की मांग बढ़ी हुई है और पीक डिमांड के समय बिजली 18 रुपये से 20 रुपये के सर्वाधिक बढ़े दर पर ही मिल पा रही है। ऐसी परिस्थिति में भी छत्तीसगढ़ के कृषि पंपों को निर्बाध बिजली मिलना जहॉ एक बड़ी सफलता है , वहीं कृषि पम्पों के प्रति बिजली विभाग की संवेदनशीलता को भी स्पष्ट करता है ।

 


फ्लाइट से पहली तस्वीर आयी सामने, विधायक देवेंन्द्र यादव ने किया ट्वीट

फ्लाइट से पहली तस्वीर आयी सामने, विधायक देवेंन्द्र यादव ने किया ट्वीट 


*कांग्रेस में अंदरूनी कलह मुखर होती जा रही, महज़ तीन राज्यों- पंजाब, छत्तीसगढ़ राजस्थान तक सिमटी कांग्रेस।*

देश का सबसे पुराना दल धीरे-धीरे अपना जादू ही नहीं अस्तित्व भी खोता जा रहा है। महज़ तीन राज्यों- पंजाब, छत्तीसगढ़ राजस्थान तक सिमटी कांग्रेस में अंदरूनी कलह मुखर होती जा रही है।

पार्टी की चुनावी संभावनाओं के लिए अब अन्य राज्यों में पार्टी को अपना किला बचाने पर ध्यान देना होगा। हालांकि ये पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होती जा रही है क्योंकि अंदरूनी कलह का निपटारा होता दिख नहीं रहा है और आलाकमान शांति स्थापित करने में असमर्थ नज़र आ रहा है। पंजाब में कलह को खत्म करने के लिए आलाकमान देर से जागा और मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खिलाफ बुलंद होते विरोध के सुर को दबाने के लिए नवजोत सिंह सिद्धू को प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) का प्रमुख बनाया गया। लेकिन इससे मामला निपटता नज़र नहीं आ रहा है और पार्टी में मौजूद असंतुष्टों ने छह महीने बाद होने वाले चुनाव के अभियान के लिए नए चेहरा लाने की मांग की है।

वहीं छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वरिष्ठ मंत्री टीएस सिंह देव के बीच तनातनी को सुलझाने के लिए राहुल गांधी को हस्तक्षेप करना पड़ा लेकिन उससे लगता नहीं है कि कोई बात बन सकी है। इसी तरह राजस्थान में भी अंदरून कलह के चलते पार्टी की सत्ता जाते-जाते बची थी। फिलहाल कांग्रेस पार्टी का हाल उस क्लास की तरह हो गया है जिसका कोई मॉनीटर नहीं है। आलाकमान भी ऐसे मुश्किल वक्त में शीर्ष नेतृत्व को संभालने में पूरी तरह अक्षम नजर आ रहा है और किसी तरह की लकीर खींचने के काबिल नहीं दिख रहा है।19 वहीं सदी के अंत में जब कांग्रेस की स्थापना हुई, तभी से पार्टी में आंतरिक झगड़े होते रहे हैं। लेकिन उनमें से ज्यादातर वैचारिक मतभेद के चलते होते थे। इस तरह से व्यक्तिगत हित के चलते कई नेताओं ने खुद के दल स्थापित किए या फिर उन्होंनें विरोधी गुट का दामन थाम लिया।

अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस की संपादकीय में कहा गया है- पश्चिम बंगाल, असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, आंध्रप्रदेश, और तेलंगाना में जो सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं वो कांग्रेस के पूर्व नेता है। नेतृत्व का अभाव यहां साफ नज़र आया था जब साल 2019 में चुनाव में शिकस्त मिली और राहुल गांधी के अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद सोनिया गांधी कार्यकारी अध्यक्ष बनी लेकिन इससे पार्टी में किसी तरह की कोई बात नहीं बन सकी. कई राज्यों में विरोध करने वाले नेता ज़मीनी स्तर पर अच्छी पकड़ रखते हैं। लेकिन आलाकमान उन्हें अनुशासन में रखने में नाकाम रही है. नेतृत्व के अभाव की वजह से विरोधी गुट को अपने शीर्ष के साथ निर्देशों की अनदेखी करने का प्रोत्साहन मिला है।

आलाकमान के हाथ से कमान छूटना है वजह-
वरिष्ठ नेता जैसे मल्लिकार्जुन खड़गे और हरीश रावत जिन्हें केंद्र का दूत माना जाता है, अंसतुष्टों को ठीक करने या राज्य के क्षत्रपों से अपना वादा पूरा कराने में असफल रहे हैं। इस सब के पीछे महज एक वजह है आलाकमान के हाथ से कमान छूटना. इसका नतीजा 2017 में गोवा और मणिपुर मे देखने को मिला जब भाजपा ने कांग्रेस के मुंह से उसका निवाला छीन लिया। इसी तरह मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार और कर्नाटक में जेडी (एस) के गठबंधन में बनी सरकार खुद को बचाए नहीं रख सकी।

कांग्रेस पार्टी इस वक्त उस नाव की तरह है जो बिना पतवार के बह रही है, ये पार्टी के लिए विपक्ष के तौर पर भी चिंता की बात है. ऐसे में ज़रूरी है कि कांग्रेस को अपने घर संभालने और उसकी नींव को मजबूत करने के लिए अपने नेतृत्व में सुधार लाना होगा और आलाकमान को बेलगाम होती कांग्रेस की कमान को तुरंत संभालना होगा. 


*आईपीएस जी.पी.सिंह की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक,आय से अधिक संपत्ति के मामले में एसीबी ने किया है मामला दर्ज*

रायपुर। आय से अधिक संपत्ति और राजद्रोह के आरोपी निलंबित पूर्व एडीजीपी जीपी सिंह प्रकरण में नया मोड़ आया है। फरार चल रहे आईपीएस जीपी सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने जीपी सिंह की गिरफ्तारी 1 माह के लिए लिए रोक दी है। इससे अब उनके खिलाफ इस अवधि में किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की जा सकेगी। साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार से भी जवाब मांगा गया है। इसके पूर्व भी जीपी सिंह ने अग्रिम राहत की मांग की थी। उन्होंने उच्च न्यायालय में दो आवेदन दिए थे। पहला आवेदन अग्रिम जमानत याचिका को वापस लेने के कारण खारिज हो गया था। दूसरे आवेदन पर भी उच्च न्यायालय ने जांच न रोकने की बात पर खारिज कर दिया था। उच्च न्यायलय से अंतरिम राहत नहीं मिलती देख जीपी सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने चार सप्ताह के लिए राहत दे दी है।
बता दें कि जुलाई माह की 1 तारीख को जीपी सिंह के घर सहित 15 ठिकानों में एसीबी और ईओजब्ल्यू की टीम ने छापा मारा था। इस दौरान कुल 10 करोड़ की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ था। दस्तावेज भी बरामद हुए थे। कई महत्वपूर्ण सुराग के बाद पूर्व एडीजीपी जीपी सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार और राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। जीपी सिंह ने उच्च न्यायालय में राहत के लिए याचिका में सीबीआई जांच की मांग भी की थी। जीपी सिंह के ठिकानों में करीब 68 घंटे से भी अधिक चली जांच में पूरे राज्य में हड़कंप मच गया था। जांच के दौरान मिले दस्तावेजों के आधार पर रायपुर कोतवाली थाना में उनके खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। दो बार उन्हें थाने भी बुलाया गया था लेकिन वो नहीं पहुंचे थे। अब देखना है कि सुप्रीम कोर्ट से 1 माह की राहत मिलने के बाद प्रकरण में आगे क्या होगा। साथ ही उच्च न्यायालय में सीबीआई जांच की मांग सहित अन्य मांगे भी विचाराधीन है। इस याचिका पर भी उच्च न्यायालय के निर्णय का इंतजार रहेगा।

ब्यूरो रिपोर्ट 


*बसों के परमिट के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू*

रायपुर-परिवहन मंत्री  मोहम्मद अकबर के निर्देशानुसार बसों के परमिट संबंधी कार्याें का सुचारू रूप से संचालन और सरलीकरण करते हुए विभागीय वेबसाईट parivahan.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की गई है। इससे लोगों को कार्यालय आना नहीं पड़ेगा और अनावश्यक रूप से भीड़ नहीं बढ़ने से कोविड-19 (कोरोना) वायरस के संक्रमण को रोका जा सकेगा। बस परमिट संबंधी आवेदन लोगों द्वारा ऑनलाईन किसी भी समय किया जा सकता है, जिससे समय की बचत भी होगी। अब क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार में नवीन स्थायी अनुज्ञापत्र के लिए आवेदन 24 अगस्त से केवल ऑनलाईन स्वीकार किए जाएंगे। निर्धारित की गई प्रक्रिया से नवीन अनुज्ञापत्र के आवेदकगण कार्यालय में दस्तावेज जमा करने के बजाय सीधे ऑनलाईन अपलोड कर सकते हैं, जिससे अनावश्यक रूप से कार्यालय-आने-जाने से बचत होगी।

बसों के परमिट के लिए आवेदन करते समय संबंधित मार्ग एवं वाहन का कर प्रमाण पत्र, मार्ग का नक्शा एवं दूरी प्रमाण पत्र, वाहन स्वामी द्वारा धारित अनुज्ञापत्रों एवं वाहनों की जानकारी, वाहन स्पेयर में होने का शपथ पत्र, जीपीएस सर्टिफिकेट और स्पीड लिमिट डिवाइस सर्टिफिकेट आदि दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा विभागीय वेबसाईट में दी गई है। आवेदन के बाद आवेदक द्वारा इंटरनेट बैंकिंग, डेबिड कार्ड, क्रेडिट कार्ड एवं यूपीआई पेमेंट गेट-वे के माध्यम से शुल्क का भुगतान किया जा सकेगा। सभी दस्तावेज आवेदक को स्व-प्रमाणित करने होंगे।

बसों से संबंधित नवीन मंजिली गाड़ी अनुज्ञापत्र के ऑनलाईन आवेदन किए जाने की प्रोसेस भी निर्धारित की गई है। आवेदक को इसमें आवेदन करने के लिए परिवहन विभाग की वेबसाईट parivahan.gov.in पर विजिट करना होगा। आॅनलाईन सर्विस में व्हीकल रिलेटेड सर्विस चुनकर अदर सर्विस में परमिट लिमिटेड सर्विस में गाड़ी नंबर एवं चेचीस नंबर डालना होगा। इस प्रोसेस के बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी जनरेट होगा। फिर एप्लाई फ्रेस परमिट विन्डो खुलेगा, जिसमें परमिट डिटेल भरना होगा। संबंधित संभाग के चेक बाॅक्स को सलेक्ट करना पड़ेगा। आवेदक द्वारा वेबसाईट पर मौजूद रूट का चयन करके समयचक्र डाला जा सकेगा। वेबसाईट पर यदि रूट एन्ट्री नहीं है तो क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार, नवा रायपुर के कार्यालय में आवेदन करके या atc.cg@gov.in में ई-मेल करके रूट एन्ट्री करवाया जा सकता है। 


*आईएएस उमेश कुमार अग्रवाल अध्यक्ष राजस्व मंडल की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिली,आदेश जारी*

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (2004) के अधिकारी उमेश कुमार अग्रवाल को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। आईएएस उमेश अग्रवाल अपने वर्तमान कर्तव्य सदस्य राजस्व मंडल के साथ अध्यक्ष राजस्व मंडल की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने आदेश जारी कर दिया है। 


रेल प्रशासन ट्रैन में सफर करने वाले

रेल प्रशासन ट्रैन में सफर करने वाले लोगो की ओर कब ध्यान देगा।दैनिक यात्रियों के लिए मंथली सीजन टिकट पुनः बहाल हो और सुबह के प्राइम टाइम की बंद लोकल ट्रेनें चालू की जाए।अब इन यात्रियो को ट्रेनों में यात्रा करने के लिए काफी समस्याओ से जूझना पड़ रहा है।
कोरोना काल के बाद रेल मंत्रालय द्वारा यात्री सुविधाओं को क्रमशः बहाल किया जा रहा है।रेल यात्रियों में बड़ी संख्या में बिलासपुर से रायपुर और रायगढ़,पेंड्रा,अनुपुपुर न तक प्रतिदिन दैनिक यात्रा करने वाले व्यापारी, कर्मचारी,विद्यार्थी एवं अन्य वर्ग के लोगों को विगत 22 मार्च 2020 से रेल सुविधाओं के लॉक डाउन होने के कारण अनेक प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जोन मुख्यालय को आम जनता की इन समस्याओं की ओर नजरे इनायत करने की आवश्यकता है।
स्पेशल गाडियो के खेल से आम जनता को मिल रही है दोहरी मार…पूर्व की कीमत से ज्यादा पैसे देकर ट्रेनों में करनी पड़ रही है यात्रा….
कोरोना काल में यात्री सुविधाओं के नाम पर रेलवे के द्वारा स्पेशल गाड़ियां चलाई जा रही हैं।कोरोना काल मे यह नामकरण करके कुछ कुछ ट्रेनों को चलाया जाना समझ मे आता है।पर आज भी स्पेशल नाम से ट्रेनें चलाने का ओचित्य समझ से परे लगता है।एक तरफ रेल्वे यात्रा के पूर्व आरक्षण को जरूरी कर दिया है। दूसरी ओर लोकल गाड़ी में भी एक्सप्रेस ट्रेन की दर से टिकटों की बिक्री की जा रही है। लोकल गाडी ₹30 में रायपुर की यात्रा के लिए ₹60 लग रहे हैं वही एक्सप्रेस ट्रेन में ₹300 तक खर्च करना पड़ रहा है।आम यात्रियों की जेबो को हल्का किया जा रहा है।स्पेशल नाम की अब कोई आवश्यकता तो नही है।क्या रेलवे आगे भी स्पेशल नाम से यात्रा करवाकर आम जनता को आर्थिक झटका देता ही रहेगा।ऐसे बहुत से सवाल आज आम जनता के अंदर चल रहे है।

महामारी को दृष्टिगत रखते हुए रेल यात्रियों और आम जनता ने रेल प्रशासन के निर्णय का बढ़-चढ़कर साथ दिया। कोविड रोकथाम जांच के लिए स्टेशन में की जा रही जांच के नियमों का रेल प्रशासन के द्वारा कड़ाई से पालन कराया जा रहा है और रेलयात्री गाइडलाइन का पालन करके अपना योगदान दे रहे हैं।
दैनिक यात्रियों की सुविधा हो बहाल…
कोरोना काल मे रोकथाम के अभियान की सफलता के चरण में क्रमश: विस्तार की जा रही रेल सुविधाओं की दृष्टि से दैनिक यात्रा करने वाले हजारों यात्री रेलवे प्रशासन के उस निर्णय की ओर बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं , रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ की ओर रेल सुविधाओं को खोलते हुए मासिक टिकट जारी किया जाए ताकि जीवन यापन की दृष्टि से रायपुर रायगढ़ की ओर प्रतिदिन आने जाने वाले हजारों की संख्या में व्यापारी निजी और शासकीयकर्मी ,विद्यार्थी एवं अन्य वर्गों को मासिक सीजन टिकट की सुविधा मिल सके।
आज के समय मे एक्सप्रेस गाड़ियों में बिना आरक्षण के यात्रियों को यात्रा की मनाही होने से भी रायगढ़ से दुर्ग के बीच यात्रा में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है।इनकी परेशानियों की ओर रेलवे को ध्यान देने की आवश्यकता है।देश के कई राज्यों में बहुत कुछ बदलाव हो चुका है।पर बिलासपुर रेलवे अब तक इन मामलो की ओर नही देख पा रहा है।

दैनिक यात्रा करने वाले यात्रिओ से छत्तीसगढ़ उजाला की बातचीत हुई उन एमएसटी धारकों का कहना था कि हम सभी लोगो को यात्रा करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।बिलासपुर रेल प्रशासन से यह अपेक्षा कर रहे है कि कोविड-19 के सख्ती से पालन का निर्देश देते हुए टीकाकरण करा चुके दैनिक यात्रियों को मासिक सीजन टिकट की सुविधा उपलब्ध कराई जाये। एवम पूर्व की भांति बिलासपुर जोनल मुख्यालय से रायपुर एवं रायगढ़ ओर पेंड्रा अनुपुपुर की ओर प्रातः 9:30 से 10:30 के बीच में पूर्व में संचालित EMU लोकल की सुविधा पुनः आरंभ की जानी चाहिए जिसका वापसी में शाम 5:30 से 7:00 के बीच बिलासपुर पहुंच समय निर्धारित हो। 


कलिंगा विश्वविद्यालय में सद्भावना दिवस पर आनलाइन संगोष्ठी का आयोजन सम्पन्न*

रायपुर।कलिंगा विश्वद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न सांस्कृतिक,रचनात्मक एवं बहुउद्देश्यीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है । देश की एकता,अखंडता और सांप्रदायिक सद्भाव को विकसित करने के उद्देश्य में कलिंगा विश्वविद्यालय के कला एवं मानविकी संकाय के द्वारा सद्भावना दिवस’पर ऑनलाइन संगोष्टी का आयोजन संपन्न हुआ।
उक्त संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में भारत की प्रमुख युवा साहित्यकार और राजमोहिनी देवी कन्या स्नाकोत्तर महाविद्यालय,अंबिकापुर की सहायक प्राध्यापक डॉ विश्वासी एक्का उपस्थित थी । उन्होंने संगोष्ठी में उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की स्मृति में प्रत्येक वर्ष सद्भावना दिवस का आयोजन किया जाता है । भारत की गौरवशाली संस्कृति है, जहां पर विश्व बंधुत्व, सर्व कल्याण और मानवता की भावना हमारी प्रमुख पहचान है । हमारे देश में अनेक विविधताओं के बावजूद देश की एकता – अखंडता को बरकरार रखना हमारी प्रमुख जिम्मेदारी है । इसलिए भारतीय संविधान के तहत देश में कानून का सम्मान रखते हुए सभी को सम्मानजनक जीवन यापन करने का अधिकार दिया गया है । सद्भावना दिवस मनाने का मुख्य विचार हिंसा को समाप्त करके देश की एकता और अखंडता को बरकरार रखना है।
उक्त संगोष्ठी का संचालन करते हुए कलिंगा विश्वविद्यालय की सहायक प्राध्यापिका श्रीमती स्वरूपा पंडित ने कहा कि राजीव गांधी की स्मृति में बनाए जाने वाले इस महत्वपूर्ण दिन का संदेश है कि देश में सभी धर्म,जाति और भाषा को बोलने वाले और विविध आस्थाओं के लोगों के साथ रहना चाहिए । सद्भावना दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को दूसरों के प्रति अच्छी भावना रखने के लिए प्रेरित करना ,सभी धर्मों के लोगों के बीच भाईचारा, सामुदायिक सद्भाव, एकता प्रेम पैदा करना है।
उक्त आयोजन में कलिंगा विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण प्रकोष्ठ के अधिष्ठाता डॉ आशा अंभईकर, कला एवं मानविकी संकाय के अधिष्ठाता डॉ शिल्पी भट्टाचार्य, संगोष्ठी के समन्वयक ए के कौल, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ एके मिश्र,हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर अजय शुक्ला,विजय डॉ अनिता सामल,ए विजय आनंद, चंदन राजपूत,अनुरिमा दास,स्वरूपा पंडित,अविनाश कौर,शबलूम पाणी के साथ समस्त विभागों के प्राध्यापक, विद्यार्थी उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन श्रेया द्विवेदी ने किया तथा कला एवं मानविकी संकाय के अधिष्ठाता डॉ शिल्पी भट्टाचार्य ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

ब्यूरो रिपोर्ट 


*विधुत संविदाकर्मियों काम पर लौटे, हड़ताल समाप्त प्रबंधन से हुई सार्थक वार्ता।*

रायपुर।- छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी प्रबंधन और छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के बीच 21 अगस्त को सौहार्दपूर्ण वातावरण में वार्ता हुई, जिसके बाद छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ ने 10 अगस्त से चल रही हड़ताल वापस ले ली है। वे प्रदेश में विद्युत उपभोक्ता सेवा के अतिआवश्यक कार्य में लौट गए।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के महाप्रबंधक (मानव संसाधन) डीआर साहू ने बताया कि उच्च अधिकारियों की उपस्थिति में डगनिया मुख्यालय स्थित सेवा भवन में वार्ता हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के पदाधिकारी भी शामिल हुए। प्रबंधन ने उनकी 3 सुत्रीय मांगों पर बिंदुवार चर्चा की। उन्हें बताया गया कि परिचारक (लाइन) के पदों हेतु विज्ञापन जारी कर दिये गए हैं, उस चयन प्रक्रिया में भाग लें। उक्त भर्ती में संविदाकर्मियों को अनुभव का लाभ दिया जा रहा है, जिससे उन्हें नियमित होने का अवसर मिलेगा। साथ ही संविदा कर्मियों को अकुशल से कुशल श्रेणी में उन्नयन होने पर उनके वेतन में बढ़ोतरी भी की गई है।
इसके अलावा जो संविदाकर्मी इस वर्ष की भर्ती प्रकिया में नियमित नियोजन नहीं पा सकेंगे, उनकी संविदा अवधि समाप्त नहीं की जाएगी। कार्य के दौरान दुर्घटना में हुए अपंग संविदा कर्मचारियों के नियोजन हेतु विशेष प्रयास किया जायेगा। संघ ने सहमति जताते हुए आंदोलन को वापस लेने का ऐलान किया। सभी आंदोलनरत संविदाकर्मी काम पर लौट गए हैं।

 


*नारायणपुर नक्सली हमले में शहीद हुए जवानों को बस्तर आईजी पी सुंदरराजव नारायणपुर एसपी उदय किरण ने दी श्रद्धांजलि*

रायपुर-नारायणपुर नक्सली हमले में शहीद होने वाले आईटीबीपी के जवानों को आईजी बस्तर रेंज सुन्दरराज पी व नारायणपुर पुलिस अधीक्षक उदय किरण ने पुलिस लाइन नारायणपुर में श्रद्धाजंलि दी। दिनांक 20/08/21 को जिला नारायणपुर के कडेमेटा कैम्प से ITBP 45वी वाहिनी की एक दल आसपास इलाके के डोमिनेशन हेतु कैम्प से रवाना हुए थे। दोपहर लगभग 12 10 बजे कडेमेटा से कडेनार के बीच बेंचा मोड़ में माओवादियों द्वारा आई टी बी पी की पार्टी के ऊपर घात लगाकर फायरिंग किया गया। फायरिंग लगभग आधे घंटे तक चली। फायरिंग के दौरान आई टी बी पी के सहायक सेनानी श्री सुधाकर शिंदे एवं सहायक उप निरीक्षक श्री गुरुमुख सिंह गोली लगने से घटना स्थल पर ही शहीद हो गए। घटना के तत्काल बाद के आसपास के इलाकों की सघन सर्चिंग हेतु डी आर जी एवं आई टी बी पी 45वी वाहिनी का संयुक्त बल रवाना किया गया।

शहीद सहायक सेनानी सुधाकर शिंदे एवं शहीद सहायक उप निरीक्षक श्री गुरुमुख सिंह की अंतिम सलामी रक्षित केंद्र नारायणपुर में दी गयी। इस दौरान बस्तर रेंज आईजी  सुंदर राज पी, डीआईजी कांकेर रेंज बालाजी राव सोमावार, कलेक्टर नारायणपुर  धर्मेश साहू, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर उदय किरण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर, एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधिगण  रजनु नेताम, देवनाथ उसेंडी, बृजमोहन अग्रवाल,जैकी कश्यप, रतन दुबे, पंकज जैन, सुदीप झा उपस्थित रहे l 


*धर्मांतरण के खिलाफ हजारो की संख्या में भाजयुमो की विशाल जनजागरण पदयात्रा।*

रायपुर-भारतीय जनता पार्टी के दक्षिण विधानसभा के विधायक बृजमोहन अग्रवाल,प्रदेश प्रवक्ता राजेष मूणत ,जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ,जिला महामंत्री रमेश ठाकुर और ओंकार बैस और प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू की उपस्थिति में आज भाजयुमो रायपुर जिला अध्यक्ष गोविंदा गुप्ता ,जिला महामंत्री राहुल राव ,अर्पित सूर्यवंशी और कार्यक्रम प्रभारी प्रिंस परमार के नेतृव में भव्य धर्मांतरण के खिलाफ विशाल पद यात्रा रायपुर के रामकुंड से मोतीबाग स्थित बैजनाथ धाम तक हजारो की संख्या में रैली निकाली गई।गोविंद गुप्ता ने बताया कि धर्मांतरण करने वाले आज के समय मे पूरे प्रदेश रायपुर शहर में गली गली ,बस्तियों में लोगों को भड़का कर के ,प्रलोबन देकर के धर्मांतरण करवा रहे है और धर्मांतरण की शिकायत करने जाओ पुलिस के पास तो कोई शिकायत नहीं लिखता। लोगों को कहीं से कोई सुरक्षा सरकार के द्वारा नहीं मिला रहा। कांग्रेस सरकार धर्मांतरण के खिलाफ कुछ नहीं कर रहीं उनका पुर जोर समर्थन कर रही है जिसका भारतीय जनता युवा मोर्चा विरोध करती है।  भाजयुमो भूपेश सरकार के खिलाफ आरोप लगाती है ऐसा क्यों होता है कि जहाँ कांग्रेस की सरकार जिस राज्य में होती वहाँ धर्मांतरण खुलेआम कैसे हो जाता है? और तो और उनके खिलाफ ना कोई कोई शिकायत लिखता है ना ही कोई कार्यवाही होती है? ये धर्मांतरण अगर नहीं रुकेगा भाजयुमो पूरे शहर में अभियान चलाहेगी और धर्मांतरण करने वालो को सबक सिखाएगी।
इस कार्यक्रम में भाजयुमो राष्ट्रीय मंत्री रवि भगत,प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू,अमित मैंशेरी,सुनिधि पांडे,रितेश मोहरे, वैभव,हरिओम साहू,अम्बर अग्रवाल,आलोक शर्मा, नीरज वर्मा, प्रणय साहू,अश्वनी विश्वकर्मा, बिट्टू शर्मा,राहुल जैन,दीपक जायसवाल,मुकेश पटेल,संदीप तिवारी,आशीष आहूजा,सिद्धार्थ जैन ,दीपक तन्ना, प्रखर साहू,सोनू यादव, विजय लाहरवानी, विकास मित्तल, वसु शर्मा, शंकर साहू, आकाश तिवारी,दीपा वर्मा, विधि तिवारी ,अंकिता, शुभांकर द्विवेदी, आकाश शर्मा, जितेंद्र साहू,संदीप कसार, राज गायकवाड़, अमित सेंगर, मोहन पाठक,सुरेंद्र साहू, योगी साहू,हार्दिक पटेल,विनय जैन,गौतम साहू, राहुल सेन ,धर्मेश वर्मा, भरत कुंडे,नरेश पिल्ले, चंद्रप्रकाश शर्मा, अनमोल तिवारी आदि हजारो की संख्या युवा मोर्चा के कार्यकर्ता धर्मांतरण के खिलाफ उपस्थित थे । 

ब्यूरो रिपोर्ट


कोरोना अपडेट:प्रदेश में आज 74 नए कोरोना मरीज मिले,वहीं 108 मरीज़ स्वस्थ हुए,देखिए जिलेवार रिपोर्ट*

74 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की आज पहचान हुई वहीं 108 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए।


*मुख्यमंत्री ने रायपुर के भाठागांव में अंतर्राज्य्यी बस टर्मिनल परिसर का किया लोकार्पण*

रायपुर।देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर आज प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर के भाठागांव में करीब 49 करोड़ रूपये की लागत से नवनिर्मित  बालाजी स्वामी ट्रस्ट श्री दूधाधारी मठ अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल परिसर का लोकार्पण किया। उन्होंने इस अवसर पर रायपुर की जीवनदायनी खारून नदी के जल को प्रदूषण से बचाने के लिए 6 एम.एल.डी. सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का लोकार्पण भी किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने बालाजी स्वामी ट्रस्ट श्री दूधाधारी मठ को भाठागांव में इस अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल के निर्माण हेतु प्रदाय की गई 25 एकड़ भूमि जमीन के बदले उतनी कीमत की जमीन नवा रायपुर में देने की घोषणा की।मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर श्री बालाजी स्वामी ट्रस्ट श्री दूधाधारी मठ के अध्यक्ष तथा छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री रामसुंदर दास का शॉल पहनाकर सम्मान किया और मंच पर उनका चरणस्पर्श कर आशीर्वाद लिया।मुख्यमंत्री ने ट्रस्ट को उनके द्वारा दी गई जमीन के साथ-साथ स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे कार्याे के लिए आभार व्यक्त किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन काफी महत्वपूर्ण है। आज राजीव गांधी किसान न्याय योजना और गोधन न्याय योजना के किसानों और हितग्राहियों के खाते में राशि का ऑनलाईन अंतरण करने के साथ-साथ रायपुर शहर में मल्टीलेवल पार्किंग परिसर, स्वामी आत्मानंद शहीद स्मारक स्कूल, अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट आदि जैसे महत्वपूर्ण कार्याे का लोकार्पण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा किसी भी शहर के बस स्टेंड, बाजार, हास्पिटल, स्कूल-कॉलेज, मॉल, विकास कार्य उसकी पहचान होते है। रायपुर शहर में भी बूढ़ा तालाब का सौंदर्यकरण और जवाहर मार्केट का पुनः निर्माण जैसे अनेक कार्याे ने इसे नई पहचान दी है। इस अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल के बनने से रायपुर शहर में सार्वजनिक बस परिवहन को सु-व्यवस्थित व यात्रियों के लिए सुगम बनाने में मदद मिलेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी आत्मानंद शहीद स्मारक स्कूल में पहले केवल 59 बच्चे पढ़ते थे, अब यहां अच्छी कक्षा, पुस्तकालय, खेल मैदान, अच्छी पढ़ाई जैसे सुविधाएं दी जा रही हैं। अब इस स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़कर 700 हो गई है। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में अप्रोच से एडमिशन नही हो रहा, बल्कि योग्यता से एडमिशन होता है। रायपुर शहर के सप्रे स्कूल, दानी स्कूल, डॉ जे.एन पांडेय स्कूल जैसे स्कूलों का भी विकास किया जा रहा है।इस अवसर पर कृषि मंत्री और रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि मठ द्वारा बस टर्मिनल बनाने के यह जमीन 2007 में दी गई थी लेकिन इस पर 2017 पर कार्य किया गया। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश में सभी और विकास हो रहा है और अनेक कार्याे के लिए राज्य को पुरस्कृत किया गया है। छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष तथा  बालाजी स्वामी ट्रस्ट श्री दूधाधारी मठ के अघ्यक्ष राजेश्री महंत रामसुंदर दास ने मठ के इतिहास की संक्षिप्त जानकारी दी और कहा कि उन्हें खुशी है की आज मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के हाथों से नवनिर्मित बस स्टैंड का लोकार्पण किया गया है। रायपुर नगर पालिक निगम के महापौर श्जाज ढेबर ने भी इस एतिहासिक पल के लिए रायपुर और छत्तीसगढ की जनता को बधाई और शुभकामनाए दी और उन्होंने कहा कि पुराने बस स्टेंड के कारण 40 प्रतिशत शहर का यातायात प्रभावित होता था अब इससे निजात मिलेगी।कार्यक्रम में प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री  प्रेमसाय सिंह टेकाम, आवास व पर्यावरण मंत्री  मोहम्मद अकबर, उद्योग मंत्री  कवासी लखमा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, संसदीय सचिव  विकास उपाध्याय, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष  कुलदीप जुनेजा, रायपुर दक्षिण के विधायक बृजमोहन अग्रवाल, नगर पालिक निगम रायपुर के सभापति  प्रमोद दुबे, नगर पालिक निगम रायपुर की नेता प्रतिपक्ष श्रीमती मिनल चौबे सहित एम.आई.सी सदस्य एवं पार्षद के साथ-साथ कलेक्टर  सौरभ कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  अजय यादव, रायपुर नगर निगम के कमिश्नर और रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के एम.डी. प्रभात मलिक, अधिकारी - कर्मचारी एवं नागरिक उपस्थित थे। 


*मुख्यमंत्री ने राजधानी में बने मल्टी लेवल पार्किंग का किया लोकार्पण,450 चार पहिया वाहन तथा 200 दो पहिया वाहन के पार्किंग की व्यवस्था*

रायपुर।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय  राजीव गांधी की जयंती पर कलेक्टोरेट परिसर के समीप मल्टीलेवल पार्किंग का लोकार्पण कर आज राजधानी वासियों को एक नई सौगात दी है। रायपुर शहर में यातायात को सु-व्यवस्थित करने, रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने शहर का दूसरा मल्टीलेवल पार्किंग तैयार किया है, जिसमें 450 चार पहिया और 200 दोपहिया वाहनों की पार्किंग व्यवस्था है।

आधुनिक नगर योजना का उदाहरण बनेगा मल्टीलेवल पार्किंग

यह मल्टी लेवल पार्किंग 28 करोड़ रूपये की लागत से 17792 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्प्रिंगनुमा आकार में न्यूनतम क्षेत्रफल का समुचित उपयोग कर अधिकतम वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था हेतु निर्मित किया गया है। यह बहुमंजिला परिसर आधुनिक नगर योजना का सबसे अच्छा उदाहरण साबित होगा ।
रायपुर की ऐतिहासिक धरोहर कलेक्टोरेट परिसर, टाउन हॉल और नव निर्मित ऑक्सीजोन गार्डन व स्मार्ट रोड के मध्य स्थित यह परिसर अपनी उपयोगिता से शहर को एक नई पहचान देगा। इस परिसर के संचालन का फाइनेंशियल मॉडल भी तैयार किया गया है, जिसके तहत नगरीय निकाय को आगामी 5 वर्ष में लगभग 83.55 लाख रूपये की राजस्व आय की प्राप्ति होगी।

इस बहुमंजिला पार्किंग परिसर के प्रारंभ हो जाने से कलेक्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय सहित यहां कई अन्य शासकीय कार्यालयों में अपने वाहन से पहुंचने वाले नागरिकों के लिए पार्किंग की सुविधा सुलभ होने से यातायात सु-व्यवस्थित होगा। उल्लेखनीय है कि इसके पहले जय स्तंभ चौक में निर्मित प्रथम मल्टीलेवल पार्किंग का लोकार्पण भी फरवरी-2019 में मुख्यमंत्री श्री बघेल के करकमलों से संपन्न हुआ है।
कलेक्टोरेट परिसर के समीप नवनिर्मित इस छह मंजिला भवन के ऊपरी तल में रेस्टोरेंट भी संचालित होगा, जहां से शहर की भव्यता दिखाई देगी। इस परिसर के उपरी तल से ऑक्सीजोन प्रक्षेत्र, नगर घड़ी चौक, नगर निगम मुख्यालय, बैरनबाजार, सेंट पॉल गिरजाघर, राजा तालाब मस्जिद का गुंबद भी दृष्टिगत हैं। रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा कोराना काल की विषम परिस्थितियों के बावजूद 26 माह की अवधि में यह कार्य योजना पूर्ण की गई। यह परिसर अपने आधुनिक निर्माण कौशल से यातायात प्रबंधन के लिए लाइट हाउस के रूप में जाना जाएगा।

लोकार्पण अवसर पर कृषि मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री रविंद्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भंेड़िया, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, नगर निगम रायपुर के महापौर श्री एजाज ढेबर, संसदीय सचिव श्री विकास उपाध्याय, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष श्री कुलदीप जुनेजा, सभापति श्री प्रमोद दुबे, अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री सौरभ कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अजय यादव, नगर निगम के आयुक्त श्री प्रभात मलिक उपस्थित थे।