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*बस्तर अंचल में जहाँ स्वामी आत्मानंद इंगलिश मीडियम स्कूल खुले है,वहां बच्चो के लिए हॉस्टल की व्यवस्था की जाएगी- मुख्यमंत्री बघेल*

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा है कि बस्तर अंचल में जहां स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खुले हैं, वहां बच्चों के लिए हॉस्टल की व्यवस्था भी की जाएगी। मुख्यमंत्री आज यहां अपने निवास कार्यालय में बस्तर से आए सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मंडल से चर्चा कर रहे थे। श्री बघेल के आमंत्रण पर यह प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री निवास पहुंचा था। चर्चा के दौरान प्रतिनिधि मंडल में शामिल लोगों ने कहा कि राज्य सरकार ने इंग्लिश मीडियम स्कूल प्रारंभ कर गरीब और आदिवासी परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए एक अच्छी पहल की है। इन स्कूलों में हॉस्टल खुलने से वहां बच्चों को रहने की भी अच्छी सुविधा हो जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज की समस्याओं को जानने, राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी सीधे समाज के लोगों से प्राप्त करने के लिए आज प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया गया है। सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल में गोंड, धुरवा, हल्बा, दोरला, मुरिया, माड़िया सहित विभिन्न आदिवासी समाज के प्रतिनिधि शामिल थे। उन्होंने अपनी समस्याओं और उनके निदान, शासन की योजनाओं की मैदानी स्थिति के बारे में खुलकर अपनी बात रखी। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि बस्तर संभाग के दूरस्थ अंचलों में भी अब शिक्षा, स्वास्थ्य, की अच्छी सुविधाएं मिल रही हैं। पहले अंदरूनी क्षेत्रों में जाने के बारे में लोग सोच भी नहीं सकते थे। लेकिन अब कोंटा, दोरनापाल, जगरगुण्डा, भेज्जी के अंदरूनी क्षेत्रों में लोगों का आना-जाना शुरू हो गया है। अंदरूनी इलाकों में भी लोगों के राशन कार्ड, आधार कार्ड, हेल्थ कार्ड बड़ी संख्या में बने हैं। अभी भी शिविर लगाकर कार्ड बनाए जा रहे हैं। लोगों को वन अधिकार पट्टे का लाभ मिला है। वहीं लघु वनोपजों के संग्रहण और वैल्यू एडिशन से आय, रोजगार के अवसर बढ़े हैं। तेन्दूपत्ता की बढ़ी हुई संग्रहण दर भी लोगों को मिल रही हैं। बड़ी संख्या में सड़क, पुल-पुलिया, भवन निर्माण के कार्य किए गए है और दूरस्थ अंदरूनी इलाके में निर्माण कार्य चल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार की यह मंशा है कि आदिवासी अंचलों के लोगों को भी वैसी ही सुविधाएं मिले जैसी सुविधाएं मैदानी अंचल के लोगों को मिल रही हैं। राज्य सरकार आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर से बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। योजनाओं के क्रियान्वयन, तेजी से किए जा रहे विकास कार्यों और बस्तर अंचल के आदिवासियों सहित सभी वर्गों के लोगों के साथ सीधे संवाद से लोगों का राज्य सरकार के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। बस्तर अंचल के अंदरूनी इलाकों में वर्षों से बंद स्कूल फिर से चालू हुए हैं। राज्य सरकार वन अधिकार सहित आदिवासियों के हितों की रक्षा के लिए सजग है। इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष श्री मनोज मंडावी और उद्योग मंत्री  कवासी लखमा ने भी अपने विचार प्रकट किए। इस अवसर पर संसदीय सचिव  शिशुपाल सोरी,  रेखचंद जैन, विधायक  चंदन कश्यप,  संतराम नेताम,  राजमन वेंजाम, विक्रम मंडावी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय वाणिज्यि उत्सव का शुभारंभ, देश के निर्यात में छत्तीसगढ़ की अहम भागीदारी के लिए एयर कार्गो की सुविधा जरूरी- भूपेश बघेल*

रायपुर।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां राजधानी रायपुर में दो दिवसीय वाणिज्य उत्सव का शुभारंभ करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक संसाधन एवं सभी खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। यहां उद्योग एवं व्यापार की असीम संभावनाएं विद्यमान है। छत्तीसगढ़ राज्य देश के निर्यात में अहम रोल अदा कर सकता है। लैण्डलॉक प्रदेश होने के नाते यहां के उत्पाद को बाहर भेजने के लिए एयर कार्गाे की सुविधा जरूरी है। हम भारत सरकार से एयर कार्गो की सुविधा के लिए लगातार आग्रह कर रहे हैं, ताकि यहां के उत्पाद को निर्यात करने में आसानी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जल, जंगल, जमीन की कोई कमी नहीं है। धान का कटोरा होने के साथ-साथ देश का 74 फीसद से अधिक वनोपज छत्तीसगढ़ में संग्रहित होता है। यहां प्रचुर मात्रा में वनौषधियां विद्यमान है। इनकी प्रोसेसिंग एवं वैल्यूएडिशन से उद्योग, व्यापार एवं निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। वाणिज्य उत्सव का यह दो दिवसीय कार्यक्रम आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत भारत सरकार के विदेश व्यापार महानिदेशालय तथा छत्तीसगढ़ वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में वाणिज्य मंत्रालय से संबंधित शेफिक्सल कोलकाता, डीजीएफटी, सीएसआईडीसी कस्टम्स आदि सहभागी है। शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  कवासी लखमा ने की।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मौके पर देश की आजादी के लिए अपना सबकुछ कुर्बान करने वाले अमर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि देश के नव-निर्माण में देश के प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहर लाल नेहरू जी का बड़ा योगदान रहा है। वर्ष 1955-56 में छत्तीसगढ़ में भिलाई स्टील प्लांट की स्थापना हुई। यह प्लांट छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहते है, यहां धान की हजारों प्रजातियां है। वनोपज का भरपूर उत्पादन एवं संग्रहण छत्तीसगढ़ में होता है। आयरन ओर से लेकर टिन, अलेक्जेंड्राईट उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि व्यापार में मांग और पूर्ति का संतुलन जरूरी है। इसमें असंतुलन की स्थिति में नुकसान होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 70 के दशक में खाद्यान्न की मांग को पूरा करने के लिए हरित क्रांति की शुरूआत हुई। आज स्थिति यह है कि देश में दलहन, तिलहन को छोड़ दिया जाए, तो आवश्यकता से अधिक खाद्यान्न होने लगा है, यहीं वजह है कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में धान के प्रचुर उत्पादन को देखते हुए इससे एथेनॉल बनाए जाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से सिर्फ अनुमति न मिलने की वजह से यह मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि केन्द्र सरकार अनुमति दे दे तो इससे राज्य के सरप्लस धान का उपयोग हो सकेगा। पेट्रोलियम के आयात पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा बचेगी। किसानों को धान का बेहतर मूल्य मिलेगा। राज्य में उद्योग और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर छत्तीसगढ़ की सुराजी गांव योजना के तहत गौठानों के निर्माण और गोधन न्याय योजना के तहत गोबर की खरीदी और इससे तैयार होने वाले उत्पाद के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसके जरिए राज्य में आर्गेनिक खेती को बढ़ावा मिला है। अब हम गोबर से बिजली बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। राज्य के दो उद्यमियों ने गोबर से विद्युत उत्पादन के लिए सहमति दी है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मौके पर छत्तीसगढ़ राज्य की नई औद्योगिक नीति 2019-24 का उल्लेख करते हुए कहा कि हमने राज्य में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए उद्यमियों को कई तरह की सहूलियत देने का प्रावधान किया है। जिसके चलते राज्य में बेहतर औद्योगिक वातावरण का निर्माण हुआ है।

औद्योगिक संस्थानों एवं उद्यमियों से 140 एमओयू हुए हैं, जिसमें 65 हजार करोड़ रूपए का निवेश होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कृषि एवं वनोपज आधारित उद्योग को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है। उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार हर संभव मदद दे रही है। उन्होंने कहा कि देश के 700 बिलियन यूएस डॉलर के निर्यात में छत्तीसगढ़ भी अपनी बेहतर भागीदारी निभा सके, इसके लिए जरूरी है कि लघु वनोपज के निर्यात को बढ़ावा देने के साथ ही एयर कार्गाे की सुविधा उपलब्ध हो। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बाम्बू द ग्रीन गोल्ड पुस्तक का विमोचन किया।

कार्यक्रम को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  कवासी लखमा ने सम्बोधित करते हुए कहा कि कृषि एवं वनोपज आधारित उद्योगों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने विशेष पैकेज का प्रावधान किया है। फूड पार्क की स्थापना की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ में एक्सपोर्ट ऑफिस की स्थापना किए जाने का आग्रह भारत सरकार के विदेश व्यापार महानिदेशालय से किया है। मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने कहा कि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए दो बाते जरूरी है। पहला उत्पाद की लागत कम हो और दूसरा क्वालिटी बेस्ट होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सबकी यह जिम्मेदारी है कि हम उद्यमियों को हर संभव मदद और सुविधाएं उपलब्ध कराए। यदि हम ऐसा करते है, तो राज्य में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए उद्यमी ही हमारे ब्रांड एम्बेसडर हो जाएंगे।

कार्यक्रम को वाणिज्य मंत्रालय भारत सरकार के ओएसडी  विकास चौबे, प्रमुख सचिव उद्योग  मनोज पिंगुआ ने सम्बोधित किया और कहा कि देश के निर्यात क्षमता को बढ़ाने में उद्यमियों का सहयोग जरूरी है। श्री पिंगुआ ने कहा कि छत्तीसगढ़ का निर्यात वर्ष 2019-20 में 9,068 करोड़ रूपए था, जो वर्ष 2020-21 में बढ़कर 17,200 करोड़ रूपए हो गया है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्यात के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने राज्य में उद्योग एवं व्यापार को बढ़ावा दिए जाने हेतु किए जा रहे प्रयासों से विस्तार से जानकारी दी।
वाणिज्य उत्सव में छत्तीसगढ़ से स्टील, कृषि और वनोपज की प्रोसेसिंग से तैयार उत्पाद सहित विभिन्न क्षेत्रों की निर्यातोन्मुखी उद्यौगिक इकाईयों के उद्यमी और उनके प्रतिनिधि शामिल हुए। इस उत्सव में छत्तीसगढ़ और देश में पिछले 75 वर्ष में विनिर्माण और निर्यात के क्षेत्र में हुई प्रगति और इसे सतत रूप से आगे बढ़ने के संबंध में जानकारी दी गई।

गौरतलब है कि राजधानी रायपुर में आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर 21 एवं 22 सितंबर को दो दिवसीय वाणिज्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर उद्योग विभाग के सचिव  आशीष भट्ट, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक  पी. अरूण प्रसाद, शेफिक्सल वाईस चेयरमैन डॉ. लाल हिंगोरानी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*सीएम भूपेश बघेल ने 2हजार 834 करोड़ रुपए के विकास कार्यो की दी सौगात,27 जिलो में 401 निर्माण एवं विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण और भूमिपूजन*

रायपुर।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के जरिए राज्य के 27 जिलों को कुल 2 हजार 834 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पौने तीन साल के दौरान कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन सहित बहुत सारी चुनौतियां सामने आयी। इसके बावजूद भी छत्तीसगढ़ में विकास और निर्माण के कार्य लगातार चलते रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 401 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। जिसमें लोक निर्माण विभाग के 2708 करोड़ की लागत के 332 कार्य सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण के हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने की। इस अवसर पर स्वास्थ मंत्री टी. एस. सिंहदेव, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेम सिंह टेकाम, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, यू डी मिंज, सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं विधायक गुलाब कमरो, बृहस्पत सिंह, प्रकाश नायक, खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल उपस्थित थे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत, लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री रूद्रकुमार, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, सांसद दीपक बैज, श्रीमती फूलोदेवी नेताम सहित विधायक गण एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुए।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आगे कहा कि बीते जून माह में राज्य के सभी जिलों में विभिन्न विभागों के कुल 8188 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया था, जिनकी कुल लागत 6 हजार 845 करोड़ रुपए थी। जून माह में ही घर-घर तक पेयजल पहुंचाने के लिए 238 करोड़ रुपए लागत की 658 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया था, जिस पर तेजी से काम जारी है। तब से लेकर अब तक लगातार और भी बहुत से नये कामों की शुरुआत हुई है, और पूर्ण हो चुके कामों का लोकार्पण भी लगातार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लोक निर्माण विभाग के 2708 करोड़ की लगात वाले कार्यों के अलावा अन्य विभागों के 69 कार्यों का भी लोकार्पण और शिलान्यास किया जा रहा है, जिनकी लागत 125.65 करोड़ रुपए है। इनमें ऐसे निर्माण कार्य शामिल है, जिनकी वर्षों से मांग रही है। उन्होंने कहा कि हम सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं की तरह निर्माण और जन-सुविधा विकास की योजनाओं पर भी तेजी से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बेहतर आवागमन सुविधा के लिए 312 सड़कों एवं पुलों का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इसी तरह मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के तहत 266 करोड़ की लागत वाले 2262 कार्य तेजी से पूरे कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि इससे राज्य में सड़क नेटवर्क को और मजबूती मिलेगी। साथ ही जन सुविधाओं का विकास तेजी होगा।
कार्यक्रम को लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश में अधोसंरचना निर्माण के काम तेजी से कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों के साथ-साथ पुल-पुलियों के निर्माण को विशेष प्राथमिकता से कराया जा रहा है, ताकि लोगों को बारहमासी आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने धरसा योजना की तैयारी तथा विभाग की कार्य योजना का जानकारी भी दी और कहा कि स्वीकृत सड़कों के निर्माण के साथ-साथ आने वाले वर्षों में राज्य में तीन हजार किलोमीटर लंबी सड़कों की मरम्मत कराया जाना है। लोक निर्माण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि पौने तीन सालों में लोक निर्माण विभाग द्वारा लगभग 12 हजार करोड़ रूपए के निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी गई है। छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम द्वारा 5225 करोड़ की लागत के 3900 किलोमीटर लंबी सड़कों एवं पुल-पुलिया के निर्माण कराया जा रहा है।
जिलों को मिली निर्माण एवं विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज जिन कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया उनमें कोरिया जिले में 95.70 करोड की लागत के 27 कार्य़, सूरजपुर जिले में 60.69 करोड़ की लागत के 13 कार्य, बलरामपुर में जिले में 117.18 करोड़ की लागत के 14 कार्य, सरगुजा जिले में 99.07 करोड़ के 9 कार्य, जशपुर जिले में 27.53 करोड़ के 6 कार्य, रायगढ़ जिले को 203.04 करोड़ की लागत के 11 कार्य, कोरबा जिले को 109.11 करोड़ की लागत के 6 कार्य, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही को 23.95 करोड़ की लागत वाले 3 कार्य, मुंगेली जिले को 50.40 करोड़ की लागत के 8 कार्य, बिलासपुर जिले को 26.04 करोड़ की लागत के 5 कार्य, महासमुन्द जिले को 102.12 करोड़ की लागत के 16 कार्य, बलौदाबाजार जिले को 182.40 करोड़ की लागत के 34 कार्य, रायपुर जिले को 271.32 करोड़ की लागत के 41 कार्य, गरियाबंद जिले को 53.33 करोड़ की लागत के 6 कार्य, धमतरी जिले को 144.61 करोड़ की लागत के एक कार्य, बालोद जिले को 195.72 करोड़ की लागत के 15 कार्य शामिल हैं।
इसी तरह दुर्ग जिले को 115.11 करोड़ की लागत के 15 कार्य, बेमेतरा जिले को 152.83 करोड़ की लागत के 24 कार्य, कवर्धा जिले को 130.19 करोड़ की लागत के 10 कार्य, राजनांदगांव जिले को 145 करोड़ की लागत के 31 कार्य, कांकेर जिले को 168.21 करोड़ की लागत वाले 26 कार्य, कोण्डागांव जिले को 49.47 करोड़ की लागत वाले 11 कार्य, नारायणपुर जिले को 52.87 करोड़ की लागत वाले 14 कार्य, बस्तर जिले को 139.12 करोड़ की लागत के 29 कार्य, दंतेवाड़ा को 29.99 करोड़ की लागत के तीन कार्य, बीजापुर जिले को 10.92 करोड़ की लागत के दो कार्य तथा सुकमा जिले को 78.44 करोड़ की लागत के 11 कार्य शामिल हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट 


*मुख्यमंत्री ने किया राजीव युवा मितान क्लब के शुभारंभ,पंचायतों एवं नगरीय वार्डो में गठित होंगे राजीव युवा मितान क्लब**

रायपुर।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के युवाओं से किए अपने वायदे को आज पूरा करते हुए उन्हें रचनात्मक कार्यों से जोड़ने और विकास कार्यों में सहभागी बनाने के लिए राजीव युवा मितान क्लब नाम से एक महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया। इसके तहत राज्य के प्रत्येक ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के वार्डों में चरणबद्ध रूप से 13269 राजीव युवा मितान क्लब गठित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने योजना के शुभारंभ अवसर पर राज्य के युवाओं को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राजीव युवा मितान क्लब के माध्यम से युवाओं को अपनी पहचान कायम करने एवं नेतृत्व क्षमता को विकसित करने का अवसर मिलेगा। वह राज्य की प्रगति में सामाजिक रूप से जिम्मेदार, जागरूक और सकारात्मक भूमिका का निर्वहन करने में सक्षम होंगे। कार्यक्रम के शुरूआत में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एवं मंत्री श्री टी.एस.सिंहदेव, श्री रविन्द्र चौबे, डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम एवं श्री मोहम्मद अकबर ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री राजीव गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में राजीव युवा मितान क्लब के गठन एवं संचालन के लिए जिलों को 19.43 करोड़ रूपए की राशि भी जारी की। राजीव युवा मितान क्लब के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बजट में 50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। प्रत्येक क्लब को प्रत्येक तीन माह में 25 हजार रूपए के मान से एक साल में रचनात्मक गतिविधियों के संचालन के लिए एक लाख रूपए दिए जाएंगे। राज्य में 13269 क्लबों को वर्ष भर में 132.69 करोड़ रूपए की अनुदान राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री राजीव गांधी के युवा भारत के सपने को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य में राजीव युवा मितान क्लब योजना की शुरूआत हुई है। इसके माध्यम से हम नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ रहे हैं। इस योजना की शुरूआत कर हम अपने उस संकल्प को पूरा करने जा रहे हैं, जिसे हमने अपने जन घोषणा पत्र में शामिल किया था। इसका उद्ेश्य राज्य के युवाओं को संगठित करके उनकी ऊर्जा का उपयोग नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने में करेंगे। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि युवा प्रतिभा को तराशना और उन्हें उपयुक्त मंच प्रदान करने सरकार की जिम्मेदारी है। युवा शक्ति, राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण पूंजी है। इस पूंजी का उपयोग हम राज्य के सर्वांगीण विकास में करना चाहते हैं। उन्होंने उम्मीद जतायी कि राजीव युवा मितान क्लब के माध्यम से युवा शक्ति को एक दिशा मिलेगी, जिसका लाभ पूरे राज्य को मिलेगा।

कार्यक्रम को स्वास्थ्य मंत्री  टी.एस. सिंहदेव, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री  रविन्द्र चौबे, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, वन मंत्री  मोहम्मद अकबर एवं कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  उमेश पटेल ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि राज्य की युवा शक्ति को संगठित करने और उन्हें रचनात्मक कार्यों से जोड़ने का यह क्रांतिकारी कार्यक्रम है। राज्य में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में इसकी शुरूआत हो रही है। युवाओं के माध्यम से छतीसगढ़ की संस्कृति, पर्यावरण, खेल को आगे बढ़ाने तथा जनकल्याण कारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने और लोगों को इसका लाभ दिलाने में मदद मिलेगी। राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए राजीव युवा मितान क्लब का गठन सराहनीय कदम है।

कार्यक्रम के प्रारंभ में खेल एवं युवा कल्याण विभाग सचिव  एन.एन. एक्का ने राजीव युवा मितान क्लब के प्रावधान की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य युवा महोत्सव 2020 के मौके पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की घोषणा के परिपालन में खेल एवं युवा कल्याण विभाग राजीव युवा मितान क्लब का ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों में वार्ड स्तर पर गठन किया जाएगा। क्लब का पंजीयन फर्म एवं सोसायटी एक्ट के तहत होगा। प्रत्येक क्लब में 20 से 40 युवा होंगे। जिनकी आयु 15 से 40 वर्ष के मध्य होगी। योजना के क्रियान्वयन पर्यवेक्षण एवं मार्गदर्शन हेतु मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्री स्तरीय समिति का गठन होगा। राज्य स्तरीय कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे। जिला एवं अनुविभाग स्तर पर भी समितियां गठित की जाएंगी। जिलों के प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय समिति के संरक्षक होंगे। कार्यक्रम के अंत में संचालक खेल एवं युवा कल्याण श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने आभार व्यक्त किया। 


*मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से तृतीय लिंग समुदाय के 13 नव-नियुक्त आरक्षकों ने की मुलाकात*

रायपुर।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज निवास कार्यालय में तृतीय लिंग समुदाय के 13 नव-नियुक्त आरक्षकों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी को उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सबने छत्तीसगढ़ शासन की तृतीय लिंग समुदाय के कल्याण के लिए संचालित कार्यक्रम और नीति का लाभ उठाकर अपने जीवन को एक नई दिशा दी है। आप सब अपने समुदाय के लोगों के लिए प्रेरक है। आरक्षक के दायित्वों का भली-भांति निवर्हन करने के साथ ही अपने समुदाय के लोगों के जीवन स्तर में बदलाव लाने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करें। इस मौके पर तृतीय लिंग समुदाय के सभी आरक्षकों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सेल्यूट किया और अपना परिचय दिया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, संचालक समाज कल्याण पी.दयानंद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

ब्यूरो रिपोर्ट 


*रायपुर पुलिस का प्रहार, बिना प्रार्थिया का किये इंतजार,मनचले शोहदों को किया बेजार*

रायपुर।राजधानी रायपुर की सड़कों में राह चलती युवक्ति पर मनचलों द्वारा पीछा कर फब्तियां कसने का वीडियो सोशल मीडिया पर वाइरल होने के बाद एक्शन में आई रायपुर पुलिस ने चंद घण्टो में ही गाड़ी के नम्बर के आधार पर आरोपियो को हिरासत में ले लिया और बिना प्रार्थिया के इंतजार किये खुद प्रार्थी बन एफआईआर दर्ज करवा आरोपियो को अदालत में पेश किया जा रहा हैं। राजधानी रायपुर में विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत के सरकारी आवास के सामने सड़क पर से गुजर रही एक युवक्ति पर दो स्कूटी सवार युवक पीछा कर फब्तियां कस रहे थे,हुलिए से युवक्ति छात्रा लग रही थी।युवकों ने युवक्ति के सामने गाड़ी अड़ा कर रोकने की भी कोशिस की और फब्तियां कसी,युवक्ति ने भी चिल्ला कर युवकों की हरकत को मना करने की नाकाम कोशिश की।इस पूरे वाक्ये को सड़क पर पीछे से गुजर रहे एक कार चालक ने वीडियो बना कर वाइरल कर दिया।
राजधानी की सड़कों पर खुलेआम युवक्ति से इस तरह की अभद्रता का वीडियो जैसे ही कप्तान प्रशान्त अग्रवाल के पास पहुँचा तो उन्होंने बिना प्रार्थिया का इंतजार किये तुरंत ही एक्शन लेते हुए,वीडियो में स्कूटी के नम्बर के आधार पर आरोपियों की शिनाख्त करते हुए पुलिस को प्रार्थी बना राजधानी के सिविल लाइन थाने में मनचलों के विरुद्ध अपराध दर्ज करवा कर आरोपी मनचले युवकों को गिरफ्तार कर लिया हैं, गिरफ्तार आरोपियों में कुशालपुर निवासी 19 वर्षीय नितिन शर्मा पिता मदन शर्मा और प्रोफेसर कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय राजू शर्मा पिता प्रज्ञा शर्मा को गिरफ्तार करने के साथ गाड़ी को जब्त कर लिया है. दोनों आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद उनकी हरकतों के लिए उचित खातिरदारी कर आज न्यायालय में पेश किया जाएगा.

रायपुर पुलिस की यह कार्यवाही उन मनचलों के लिए भी नजीर बनेगी जो इस तरह राह चलते हुए युवक्तियों व महिलाओं पर फब्तियां कस उन्हें छेड़ा करते है, पर युवक्तिया लोक लाज के भय से सामने आ कर पुलिस में शिकायत नही दर्ज करा पाती,इस वजह से उनके हौसले बुलंद हो जाते हैं।पर नए कप्तान प्रशान्त अग्रवाल ने इसका तोड़ निकालते हुए अपराधियो को यह संदेश दे दिया है कि शातिर अपराधियो से अब उन्ही के तरीके से निपटा जाएगा व किसी भी सूरत में उन्हें बख्शा नही जाएगा।रायपुर पुलिस ने वीडियो बनाने वाले नागरिक का भी धन्यवाद किया हैं। 


*पॉवर कंपनी में लाईन परिचारकों के आवेदन की अंतिम तिथि 20 सितंबर तक।*

एक लाख से अधिक आवेदन हो चुके हैं प्राप्त।

छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों से भरे जायेंगे रिक्त पद-न्यूनतम योग्यता 10वीं पास।

रायपुर।- छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी में परिचारक (लाईन) के पदों के लिये अंतिम तिथि 20 सिंतबर है। कंपनी ने पदों की संख्या दोगुनी कर दी है। 3000 पदों पर भर्ती के लिये आनलाईन आवेदन सोमवार 20 सितंबर को रात्रि 11.59 बजे तक ही जमा किये जा सकेंगे।
छत्तीसगढ़ बनने के बाद बिजली विभाग में पहली बार एकसाथ इतने अधिक पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी। परिचारक (लाईन) के पदों हेतु इच्छुक 10 वीं पास अर्हता प्राप्त आवेदक कंपनी की वेबसाईड- डब्लूडब्लूडब्लू डॉट सीएसपीसी डॉट सीओ डॉट आईएन में लाग-इन करके ऑन लाईन आवेदन जमा कर सकते हैं। इसमें पूरे प्रदेशभर से भारी संख़्या में आवेदन जमा हो रहे हैं। अभी तक एक लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी के अनुसार रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव में सर्वाधिक 2434 परिचारकों की भर्ती की जाएगी। बस्तर क्षेत्र में 261 और सरगुजा क्षेत्र में 305 पदों पर भर्ती होगी। बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में वहां के मूल निवासी ही आवेदन कर सकेंगे। इससे आदिवासी अंचल के युवाओं को सरकारी नौकरी मिल सकेगी। जबकि रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, दुर्ग, राजनांदगांव के पदों के लिए छत्तीसगढ़ के किसी भी जिले के निवासी आवेदन भर सकेंगे।
रिक्त पदों पर भर्ती हेतु राज्य शासन के नियमों के अनुसार आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसमें अनुसूचित जाति वर्ग के लिये 334 पद, अनुसूचित जनजाति के लिये 813 पद तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये 479 पद आरक्षित होंगे। शेष 1374 पद अनारक्षित होंगे।

 


*प्रदेश में 16 सितंबर को दो लाख 14 हजार से अधिक लोगों का हुआ टीकाकरण*

रायपुर।प्रदेश में 16 सितम्बर को 2 लाख 14 हजार से अधिक लोगों का कोरोना टीकाकरण हुआ है, प्रदेश में अब तक कुल 1 करोड़ 61 लाख 73 हजार से अधिक डोज लगाए जा चुके है,स्वास्थ्य अमला युद्ध स्तर पर कर रहा टीकाकरण।

ब्यूरो रिपोर्ट


*एक और सम्मान सुरक्षित भव फाऊंडेशन के नाम , विकास उपाध्याय हाथो प्राप्त किया वर्ल्ड रिकॉर्ड*

*सुरक्षित भव: फाउंडेशन* दुनिया की एक मात्र ऐसी समाज सेवी संस्था है जो विशेष रूप से यातायात के क्षेत्र में अपनी लगातार भागीदारी विगत 9 वर्षों से निभाती आ रही हैं और सड़को पर लाल बत्ती पर खड़े राहगीरों को ट्रैफिक के प्रति अनुशासित और स्मार्ट बनाने का प्रयास कर रही है ।

संस्था का मानना है की किसी भी शहर की पहचान उसके यातायात से भी होती है , और जितनी जाने वर्तमान समय में महामारी के कारण गई है उतनी जाने लगभग प्रति वर्ष सड़क हादसों में भी जाती रही है ,

इन्हीं सभी बातो को ध्यान रख सुरक्षित भव फाउंडेशन लगातार अपने 3000 दिनों से यातायात को सुचारू रूप से चलाने वा लोगो को उनके सुरक्षा वा दायित्व के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रही है ।।

और इसी कार्य वा दायित्व का निर्वाहन करते हुए अब तक 21 *वर्ल्ड रिकॉर्ड* की प्राप्ति की है, जिसमे से आज WAC वर्ल्ड रिकॉर्ड , माननीय श्री विकास उपाध्याय जी पश्चिम विधायक महोदय के हाथों प्राप्त किया ।

इस संस्था को मिलने वाले सम्मान के लिए श्री विकास उपाध्याय जी ने संस्था के सभी सदस्यों की प्रशंसा की एवं संस्था के कार्य को अपने कार्य क्षेत्र में भी करने की बात कही, इसके साथ ही विकास उपाध्याय ने कहा कि संस्था द्वारा किए जा रहे अनेकों रोड एक्टिविटी, लोगो को जागरूक करने में महत्व पूर्ण भागीदारी निभा रही हैं,जिसमे उनके द्वारा अब भविष्य में स्वम भी संस्था के इन समाज सेवी कार्यो के लिए समय देंगे और संस्था का सदस्य बन वे विभिन्न स्थानों के इस कार्य को सुचारू रूप से निर्वाह करने में मदद करते रहेंगे ।

इस घड़ी में संस्था के संस्थापक एवम चेयरमैन संदीप धुप्पड़, डायरेक्टर केशव राव, सरदार मनदीप सिंह , अध्यक्ष सुनीता चंसोरिया, सचिव बि वि एस राजकुमार, सह सचिव बाबू मोदी, एक्स आर्मी फाऊंडेशन के चीफ श्री दिनेश मिश्रा जी व संस्था के सदस्य हिमानी ठाकुर,सुरेन्द्र शर्मा, सोनिया सोनी, सत्या सिंह, लीना सिंह अभिषेक चंसोरिया
,खेमराज, सोनी रहे ।।

विकास उपाध्याय ने संस्था से प्राप्त सेवाओं के लिए, अनेकों साधुवाद के साथ कहा कि भविष्य में, इसी तरह अगर, संस्था की सेवाएं प्राप्त होती रही तो हमारा शहर और प्रदेश के लोग, स्वम की सुरक्षा और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होंगे और स्मार्ट सिटी के साथ, स्मार्ट ट्रैफिक बना कर एक और नया कीर्तिमान भी बना पायगे ।। 


*रायपुर ज्वेलरी दुकान में चोरी, अपराध रोकने में नाकाम रायपुर पुलिस*

रायपुर। राजधानी रायपुर में बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है. मिली जानकारी के मुताबिक चोरो ने शुभम मंगलम ज्वेलर्स की दुकान का ताला तोड़कर वारदात को अंजाम दिया है. शिकायत में प्रार्थियां ने बताया कि दुकान का सामान बिखरा पडा था, काउंटर व डब्बे मे रखा सोने की अंगुठी पांच नग, सोने का कान का टॉप्स सात जोडी, सोने की बाली आठ जोडी, सोने की नाक का बाली बीस नग, बच्चों का ओम लाकेट सोने की छ: नग, सोने के दाने करीब बीस ग्राम, सोने की दो पत्ती, चांदी का पायल बच्चों का छ: जोड़ी , पायल बडा दो जोड़ी, नगदी रकम 7000 रूपये जुमला किमती करीब 207000 रूपये का मशरूका नही था. इस मामले में पुलिस शिकायत दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है.
 


कोरोना ब्रेकिंग:कल से ज्यादा मिले आज मरीज प्रदेश में 38 कोरोना मरीजो की पहचान हुई देखिए जिलेवार आंकड़े*

आज 38 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान हुई व 38 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए।


*13 सितंबर से 23 के बीच 1 से 19 वर्ष के सभी बच्चों को कृमि मुक्ति की दवा खिलाई जाएगी*

रायपुर।प्रदेश में 1 से 19 वर्ष के सभी बच्चों को दिनांक 13 से 23 सितंबर 2021 के बीच मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा गृह भ्रमण कर कृमि मुक्ति की दवा खिलाई जाएगी। सभी बच्चों को कृमि मुक्ति की दवा अवश्य खिलाएं।


*मंत्री अमरजीत भगत का दौरा कार्यक्रम*

 रायपुर।खाद्य मंत्री अमरजीत भगत का आज जिले में दौरा देखिए।


*प्रदेश में आज बड़े पैमाने में आईएएस अफसरों के विभाग में फेरबदल किया गया देखिए mornews*

रायपुर। प्रदेश में आज बदले गए आईएएस अफसरों के विभाग प्रदेश सरकार ने रविवार को बड़ी प्रशासनिक सर्जरी करते हुए 21 आइएएस अफसरों के प्रभार में फेरदबल किया है। इनमें 19 मंत्रालय में पदस्थ वरिष्ठ अफसर शामिल हैं। कृषि उत्पादन आयुक्त डा. एम गीता को नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ भवन का आवासी आयुक्त बना दिया गया है। उनके स्थान पर डा. कमलप्रीत सिंह को कृषि विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, भिलाई नगर निगम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऋतुराज रघुवंशी को रायपुर विकास प्राधिकरण का सीईओ बनाया गया है। बलरामपुर- रामानुजगंज जिला पंचायत की सीईओ तुलिका प्रजापति को हटा दिया गया है। उन्हें मंत्रालय में बिना प्रभार का उप सचिव पदस्थ किया गया है।
अब पीएचई भी संभालेंगे मुख्यमंत्री के एसीएस साहूमुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) सुब्रत साहू अपनी मौजूदा जिम्मदारियों के साथ ही लोक स्वास्थ्य यंत्रिकी विभाग (पीएचई) भी संभालेंगे। साहू को केवल जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी से मुक्त किया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री के सचिव परदेशी सिद्धार्थ कोमल को सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करते हुए सचिव खनिज साधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। परदेशी मुख्यमंत्री के सचिव बने रहेंगे। उनके अन्य प्रभार में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
प्रदेश में रविवार को बड़े पैमाने पर आइएएस अफसरों के प्रभार में बदलाव किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) से जारी सूची के अनुसार धनंजय देवांगन सचिव उच्च शिक्षा को सचिव गृह विभाग के पद पर पदस्थ करते हुए सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।सरगुजा रेंज के प्रभारी आइजी बनाए गए यादव
रायपुर में एसएसपी रहे आइपीएस अजय यादव को सरगुजा रेंज का प्रभारी आइजी बनाया गया है। उनके पदभार ग्रहण करने के साथ ही रतनलाल डांगी सरगुजा आइजी के प्रभार से मुक्त हो जाएंगे। डांगी के पास अब केवल बिलासपुर रेंज का प्रभार रह जाएगा। वहीं आइपीएस विवेक शुक्ला को 11वीं वाहिनी से पुलिस मुख्यालय बुलाया गया है। यहां उन्हें एआइजी कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है।
आधा दर्जन एएसपी का तबादलाराज्य पुलिस के आधा दर्जन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) का तबादला कर दिया गया है। रविवार को गृह विभाग से जारी आदेश के अनुसार गरियाबंद के एएसपी सुखनंदन राठौर को पीएचक्यू एटीएस की जिम्मेदारी दी गई है। गौरेला-पेंड्रा- मरवाही के एएसपी रामगोपाल करियारे को बिलासपुर जोनल पुलिस अधीक्षक पदस्थ किया गया है। बिलासपुर जोनल पुलिस अधीक्षक अर्चना झा को गौरेला-पंड्रा- मरवाही का एएसपी बनाया गया है। इसी तरह एएसपी कोरबा कीर्तन राठौर को रायपुर स्थानांतरित किया गया है। रायगढ़ एएसपी अभिषेक वर्मा को कोरबा का एएसपी बनाया गया है। इसी तरह रायपुर ग्रामीण एससपी लखन पटले को रायगढ़ भेजा गया है।
इन अफसरों का बदला प्रभार– मनोज कुमार पिंगुआ को आवासी आयुक्त छत्तीसगढ़ भवन नई दिल्ली के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करके प्रमुख आवासी आयुक्त बनाया गया है। उनके बाकी प्रभार में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है।- डा. एम गीता- प्रभारी कृषि उत्पादन आयुक्त को आवासी आयुक्त छत्तीसगढ़ भवन नई दिल्ली बनाया गया है।
अमृत कुमार खलखो- सचिव श्रम विभाग व अतिरिक्त प्रभार सचिव राज्यपाल को श्रमायुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।- डा. कमलप्रीत सिंह सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, अतिरिक्त प्रभार जीएडी को केवल मिशन संचालक समग्र शिक्षा के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करते हुए प्रभारी कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव कृषि किसान कल्यण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
अविनाश चंपावत सचिव जल संसाधन विभाग को सचिव संसदीय कार्य विभाग बनाया गया है। उन्हें आयुक्त पंचायत का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।- प्रसन्‍ना आर सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, अतिरिक्त प्रभार सचिव कौशल विकास और संचालक पंचायत को पंचायत संचालक के प्रभार से मुक्त किया गया है। बाकी प्रभार यथावत रखे गए हैं।- अन्बलगन पी सचिव खनिज साधन विभाग को सचिव जल संसाधन विभाग पदस्थ करते हुए सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
नीलम नामदेव एक्का सचिव जनशिकायत एवं निवारण विभाग को उनके मौजूदा कर्तव्यों के साथ सचिव खेल एवं युवा कल्यण विभाग का अतिरिक्त प्रीाार सौंपा गया है।- एलेक्स पाल मेनन श्रमायुक्त को संचालक छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी पदस्थ किया गया है।- भूवनेश यादव विशेष सचिव ग्रामोद्योग विभाग को विशेष सचिव उच्च शिक्षा विभाग (स्वतंत्र प्रभार) के पद पर पदस्थ करते हुए विशेष सचिव तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग तथा प्रबंध संचालक राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
राजेश िंसह राण्ाा प्रबंध संचालक हाथकरघा विकास एवं विपणन को प्रबंध संचालक पाठ्य पुस्तक निगम के पद पर पदस्थ करते हुए संयुक्त सचिव स्कूल शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।- नरेंद्र कुमार दुग्गा विशेष सचिव कृषि विभाग को मिशन संचालक, समग्र शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई है।- अभिजीत सिंह प्रबंध संचालक पाठ्य पुस्तक निगम को संचालक भू- अभिलेख के पद पर पदस्थ करते हुए संयुक्त सचिव गृह विभाग तथा संचालक शासकीय मुद्रण एवं लेखन सामग्री का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
रणबीर शर्मा संयुक्त सचिव मंत्रालय को प्रबंध संचालक राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के पद पर पदस्थ करते हुए संयुक्त सचिव कृषि विभाग तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी राज्य जल ग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी की जिम्मेदारी दी गई है।- सुधाकर खलखो संचालक ग्रामोद्योग अतिरिक्त प्रभार प्रबंध संचालक हस्तशिल्प विकास बोर्ड को प्रबंध संचालक हाथकरघा विकास एवं विपणन संघ रायपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
जगदीश सोनकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी राज्य जलग्रहण क्षेत्र को उप सचिव वन विभाग पदस्थ किया गया है।- ऋतुराज रघुवंशी आयुक्त नगर निगम भिलाई को मुख्य कार्यपालन अधिकारी रायपुर विकास प्राधिकरण बनाया गया है।- चंदन संजय त्रिपाठी अपर संचालक उच्च शिक्षा को संचालक पशु चिकित्सा सेवा पदस्थ किया गया है।- तुलिका प्रजापति मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बलरामपुर- रामानुजगंज को उप सचिव मंत्रालय पदस्थ किया गया है।

ब्यूरो रिपोर्ट 


*गुजरात के अगले मुख्यमंत्री होंगे भूपेंद्र पटेल,भाजपा विधायक दल की बैठक में लिया गया निर्णय*

अहमदाबाद।गुजरात का अगला मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल होंगे भाजपा विधायक दल की बैठक में पाटीदार समाज के नेता घाटलोदिया सीट से विधायक भूपेंद्र पटेल के नाम पर सहमति से चुन लिया गया, भूपेंद्र पटेल के राज्यपाल को आज शाम भाजपा विधायक दल का समर्थन पत्र सौंपने के बाद सोमवार को 15 मंत्रियों के साथ शपथ वे लेंगे,
बीजेपी विधायक दल की बैठक में पर्यवेक्षक के तौर पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और नरेंद्र सिंह तोमर की उपस्थिति में विजय  रुपाणी के इस्तीफे देने के बाद भूपेंद्र पटेल के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति बनी, विधायक दल की बैठक से पहले ही उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने विधायक दल के नेता के लोकप्रिय, मजबूत, अनुभवी और सभी को स्वीकार्य होने की बात कह दी थी, जिसके बाद विधायक दल का यह फैसला आया है,और उन्हें विधायक दल के नेता के रूप में चुना गया।

ब्यूरो रिपोर्ट 


*प्रदेश में आज 24 नए कोरोना मरीज मिले, जबकि 36 मरीज स्वस्थ हुए,राहत भरी बात है एक भी मौते नही*

रायपुर।आज 24 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान हुई व 36 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए।


छत्तीसगढ़ गोबर खरीदने वाला और गोबर खरीदी को लाभ में बदले वाला पहला राज्य- भूपेश बघेल*

रायपुर।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ गोबर खरीदी करने वाला देश का पहला राज्य होने के साथ-साथ गोबर खरीदी को लाभ में बदलने वाला पहला राज्य भी है। उन्होंने कहा कि गोबर से वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के साथ इसे और भी अधिक लाभप्रद बनाने की दिशा में काम किया जाना चाहिए। गोबर से बिजली उत्पादन की संभावनाओं का अध्ययन किया जाए, चारे के मामले में गौठानों को स्वावलंबी बनाने के साथ यहां आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गौठानों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ रहा है, गौठानों को और अधिक मजबूत बनाया जाना चाहिए। कलेक्टर गौठानों के संधारण, मरम्मत और निर्माण कार्यों की जरूरत की लगातार समीक्षा करें और आवश्यकतानुसार कार्य कराएं। मुख्यमंत्री आज यहां अपने निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर बेचने वाले पशुपालकों एवं संग्राहकों को गोबर खरीदी के एवज में राशि, महिला स्व-सहायता समूहों को लाभांश की राशि और गौठान समितियों को 5 करोड़ 33 लाख रूपए की राशि का अंतरण करने के बाद कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में गोधन न्याय योजना के अंतर्गत पशुपालकों एवं संग्राहकों के खाते में क्रय किए गए गोबर के एवज में 27वीं किश्त के रूप में 1 करोड़ 74 लाख रूपए की राशि ऑनलाईन अंतरित की। इस राशि को मिलाकर पशुपालकों और संग्राहकों को गोबर खरीदी की अब तक 100 करोड़ 82 लाख रूपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने इस अवसर पर स्व-सहायता समूहों को लाभांश के रूप में 1 करोड़ 41 लाख रूपए तथा गौठान समितियों को 2 करोड़ 18 लाख रूपए की राशि का भुगतान किया।
स्व-सहायता समूहों को अब तक लाभांश की राशि के रूप में कुल 21 करोड़ 42 लाख रूपए तथा गौठान समितियों को 32 करोड़ 94 लाख रूपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। स्व-सहायता समूहों और गौठान समितियों को अब तक कुल 54 करोड़ 36 लाख रूपए की राशि का भुगतान किया गया है। गोधन न्याय योजना से 1 लाख 74 हजार से अधिक पशुपालक और संग्राहक लाभान्वित हुए हैं। अब तक 50 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग गोबर से वर्मी कम्पोस्ट के अलावा दूसरी लाभप्रद गतिविधियां प्रारंभ करने की ओर बढ़ रहे हैं। कुछ जगहों में गौठान में गोबर गैस तैयार कर घरों में गैस सप्लाई का काम भी प्रारंभ हुआ है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गोबर से बिजली उत्पादन की संभावनाओं का अध्ययन किया जाना चाहिए। यदि यह कार्य संभव होता है, तो यह एक बड़ी उपलब्धि होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ तेलघानी, लौह शिल्पकार, चर्म शिल्पकार एवं रजककार बोर्ड का गठन किया गया है। इन बोर्ड़ाें की गतिविधियां भी गौठान में प्रारंभ की जाएं, जिससे लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकंे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों का संचालन एक निरंतर प्रक्रिया है, इसलिए गौठानों में निर्माण, संधारण और मरम्मत आदि कार्य लगातार करने की जरूरत है। सभी कलेक्टर्स इस विषय को सप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में शामिल कर गौठानों में संचालित गतिविधियों की निरंतर समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि जहां गौठान समितियां सक्रिय नहीं है, वहां जनप्रतिनिधियों, कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से चर्चा कर दूसरे लोगों को मौका दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गौठानों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है और शहरी क्षेत्रों में भी गौठान और गोधन न्याय योजना को लेकर लोकप्रियता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वावलंबी गौठानों की संख्या भी बढ़ रही है। एक वर्ष में स्वावलंबी गौठानों की संख्या बढ़कर 1634 हो गई है। इसका यह अर्थ है कि लोगों का इन योजनाओं के प्रति रूझान बढ़ रहा है। श्री बघेल ने कहा कि दो रूपए किलो में गोबर खरीदी करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है। इसके साथ ही साथ छत्तीसगढ़ में गोबर को लाभ की वस्तु में बदलने में भी सफलता मिली है। गोबर से तैयार हो रही वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग बड़ी संख्या में किसान स्व-प्रेरणा से कर रहे हैं। इससे जहां जैविक खेती को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट बनाने के काम में संलग्न तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों में काम कर रहे 9 हजार से अधिक स्व-सहायता समूहों की लगभग 64 हजार महिलाओं को रोजगार और आय का नया जरिया मिला है। वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग से सब्जियों, अनाज और फलों की गुणवत्ता बेहतर होगी और वे स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभदायक होंगे।
मुख्यमंत्री ने गोधन न्याय योजना और गौठानों के सफल संचालन के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि अनेक अधिकारी दूसरे राज्यों से छत्तीसगढ़ आए हैं, लेकिन उन्होंने गहरी रूचि लेकर छत्तीसगढ़ की परिस्थितियों को समझकर योजनाओं का सफल बनाने में योगदान दिया। श्री बघेल ने 7 सितम्बर को संसद की कृषि स्थायी समिति के सदस्यों से मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने गोधन न्याय योजना और गौठानों में रूचि दिखाई। जब उन्हें बताया गया कि गोबर से 10 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट बनाया गया है और किसान इसका उपयोग भी कर रहे हैं, तो समिति के सदस्यों ने कहा कि इससे स्वाईल हेल्थ में भी सुधार होगा। समिति के सदस्यों ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना में भी रूचि ली। समिति ने धान से एथेनॉल तैयार करने की छत्तीसगढ़ की योजना के प्रति भी अपनी सहमति जताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों को चारा के मामले में स्वावलंबी बनाने का प्रयास किया जाए, ताकि पशु भटके नहीं, इससे पशु प्रबंधन में आसानी होगी।
कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना की चर्चा पूरे देश में है। संसद की कृषि स्थायी समिति सहित संसद की चार समितियों ने इस योजना की सराहना करते हुए कहा है कि इसे पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गौठानों में लोगों को स्व-रोजगार देने के लिए रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की योजना अभूतपूर्व है। इसे देश में स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योजना के लागू होने के एक वर्ष में गोबर संग्राहकों को 100 करोड़ रूपए से अधिक राशि का भुगतान किया जा चुका है। साथ ही गोबर से तैयार 68 करोड़ की वर्मी कम्पोस्ट का विक्रय भी किया जा चुका है। सवा लाख किसान सोसायटियों से वर्मी कम्पोस्ट ले जा चुके हैं। यह योजना आने वाले समय में एक क्रांतिकारी योजना साबित होगी।
कृषि उत्पादन आयुक्त एवं कृषि विभाग की सचिव डॉ. एम. गीता ने कार्यक्रम में बताया कि प्रदेश में स्वीकृत गौठानों की संख्या बढ़कर 10112 तथा निर्मित गौठानों की संख्या बढ़कर 6112 हो गई है। उन्होंने बताया कि 4495 गौठानों के चारागाहों की 9732 एकड़ भूमि में चारा रोपण का कार्य पूरा हो गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गौठानों में लगभग 80 हजार वर्मी टांकांे का निर्माण किया गया है, जिनमें 7 लाख 68 हजार क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट और 3 लाख 37 हजार क्विंटल सुपर कम्पोस्ट का उत्पादन किया गया है। उन्होंने बताया गया कि गौठानों में तैयार 76 प्रतिशत वर्मी कम्पोस्ट तथा 45 प्रतिशत सुपर कम्पोस्ट का विक्रय अब तक किया जा चुका है। डॉ. गीता ने बताया कि गौठानों में विभिन्न आर्थिक गतिविधियों में संलग्न 9 हजार 153 स्व-सहायता समूहों की 64 हजार 317 महिलाओं को योजना के प्रारंभ होने से अब तक 39 करोड़ 77 लाख रूपए की आय हो चुकी है।
इस अवसर पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, कृषि विभाग के विशेष सचिव एवं राज्य नोडल अधिकारी गोधन न्याय योजना डॉ. एस. भारती दासन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

ब्यूरो रिपोर्ट 


*Big Breaking:विवादित बयान पर नंदकुमार बघेल को कोर्ट ने भेजा जेल,जमानत अर्जी नही लगाई*

रायपुर।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंद कुमार बघेल पर राजधानी पुलिस ने समाज विशेष पर टिप्पणी सौहार्द्र बिगाड़ने पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अपराध दर्ज किया था,रायपुर पुलिस ने नंद कुमार बघेल को इस मामले में गिरफ्तार किया और आज कोर्ट में पेश किया जहाँ उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया,आपको बता दे कि आज रायपुर पुलिस ने बघेल को जिला न्यायालय लेकर पहुंची जहाँ नंदकुमार बघेल को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट जनक कुमार हिडक की कोर्ट में पेश किया जहाँ पर 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। आपको बता दें इस मामले में नंदकुमार बघेल ने जमानत अर्जी लगाने से और अपनी तरफ से वकील रखने से इंकार कर दिया।

रायपुर डीडी नगर थाने में दर्ज की गई थी एफआईआर-

नंदकुमार बघेल के खिलाफ रायपुर के डीडी नगर थाने में केस दर्ज किया गया था,सर्व ब्राह्मण समाज की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था उनके खिलाफ सामाजिक द्वेष पैदा करने का आरोप था आईपीसी की धारा 505 धारा 153 ए के तहत सामाजिक तनाव बढ़ाने को लेकर कार्यवाही की गई। 

ब्यूरो रिपोर्ट