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*छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग का एक और घोटाला सामने आया*

रायपुर : स्वास्थ्य विभाग में कांकेर के पखांजूर जिले में 30 लाख रुपए से अधिक का एक घोटाला सामने के बाद अब 48 लाख रुपए का एक और घोटाला सामने आया है. यानी कुल घोटाला अब तक 78 लाख रुपए का सामने आ चुका है. जिसमें जांच के बाद सीजीएमएससी के उप अभियंता संविदा के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत बीजापुर थाने में केस रजिस्टर्ड कराया गया है. ये एफआईआर प्रभारी कार्यपालन अभियंता (बस्तर संभाग) एआर जाटव ने कराई है.

एफआईआर के मुताबिक आरोपी आकाश साहू (उप अभियंता संविदा) प्रभारी सहायक अभियंता एवं तत्कालीन प्रभारी कार्यपालन अभियंता सीजीएमएससी लिमि. बस्तर संभाग जगदलपुर छग के द्वारा 50 बिस्तर मातृ एवं शिशु अस्पताल बीजापुर जिला बीजापुर के निर्माण में छल कपट कूट रचित फर्जी बिल तैयार करवाकर गम्भीर आर्थिक अनिमित्ताये कर शासन को 48,,77,817 /- (अडतालिस लाख सतत्तर हजार आठ सौ सत्रह रूपये) की छति पहुंचाई है एवं बगैर कार्य किये ठेकेदार को लाभ पहुंचाया.

ये है 30 लाख के घोटाले की पूरी खबर…

जानकारी के मुताबिक उक्त निर्माण कार्यादेश मेसर्स शंकरा इंटरप्राईसेस शंकरा निलमय, दर्रीपारा, आजाद चौक के पास, कवर्धा जिला कबीरधाम (छ0ग0)पिन 491995को कार्यलयीन पत्र क्रं0 /निर्माण/05/EE-JDP/88/TSN-11260 NIT-1621 Baster को 05.04.2017 कार्य आदेश जारी किया गया. आरोपी आकाश साहू (उप अभियंता संविदा) प्रभारी सहायक अभियंता एवं तत्कालीन प्रभारी कार्यपालन अभियंता सीजीएमएससी लिमि. बस्तर संभाग (छ0ग0) दिनांक 27.07.2019 से 23.03.2020 तक कार्यपालन अभियंता के प्रभार में रहे. इसी दौरान 50 बिस्तर मातृ एवं शिशु अस्पताल बीजापुर सप्तम चलित देयक मुख्यालय भुगतान हेतु प्रस्तुत किया गया की जांच कार्य पालन अभियंता (वि./यां0) मुख्यालय सी.जी.एम.एस.सी.लिमि.रायपुर एवं सहायक अभियंता (वि./यां) सी.जी.एम.एस.सी. लिमि.रायपुर के द्वारा दिनांक 24.07.2021 को जांच की गयी जांच प्रतिवेदन के अनुसार 125 के.व्ही.ए.का एक नग डी.जी.सेट लागत रू01230771 एवं 200 के.व्ही.ए.के दो नग डी.जी.सेट रू.1823523X2 3647046 कुल राशि रू.4877817 के 3 नग डी.जी.सेट कार्य स्थल पर नहीं पाये गये.

जिसकी जांच के बाद विभाग ने एफआईआर दर्ज करवाई है. अब सवाल ये है कि यदि कार्यपालन अभियंता (संविदा) ने सिर्फ दो जगह ही 78 लाख रुपए की गड़बड़ी की तो पूरी उसके कार्यकाल की पूरी जांच विभाग करवाता है तो कितने करोड़ रुपए का घोटाला सामने आएगा ? 


*बच्चो को सूखा राशन मध्यान भोजन बाटने में लापरवाही,शिक्षक निलंबित*

कांकेर:- लॉकडाउन के दौरान राज्य सरकार ने 3 एवं 4 अप्रैल को मध्यान्ह भोजन के लिए बच्चों को सूखा राशन घर-घर जाकर देने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में सूखा राशन बांटने के लिए छात्र-छात्राओं को विद्यालय बुलाकर खुद अनुपस्थित रहने पर शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है।

राज्य शासन के निर्देशानुसार प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को घर-घर जाकर 3 एवं 4 अप्रैल को मध्यान्ह भोजन के सूखा राशन का वितरण करने के निर्देश प्रसारित किये गये हैं, लेकिन अंतागढ़ विकासखण्ड के पूर्व माध्यमिक शाला बडेपिंजोडी में मध्यान्ह भोजन के प्रभारी शिक्षक (एलबी) परदेशा राम मण्डावी ने 2 अप्रैल को मध्यान्ह भोजन का सूखा राशन वितरित करने के लिए छात्र-छात्राओं को विद्यालय बुलाया और स्वयं अनुपस्थित रहे।

कोरोना वायरस से बचाव के लिए शासन द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन नहीं करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने शिक्षक (एलबी) परदेशी राम मण्डावी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय अंतागढ़ नियत किया गया है, इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*लेबर आफिसर को कलेक्टर ने किया निलबिंत*

कांकेर:- जिले में पदस्थ सहायक श्रम पदाधिकारी को कलेक्टर के एल चौहान ने निलंबित कर दिया है। मुख्यालय से नदारद रहने पर यह कार्रवाई की गई है।

दरअसल नोवल कोरोना वायरस (COVID-19) से उत्पन्न परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में संकटापन्न जरूरमंद पंजीकृत श्रमिकों एवं कर्मकारों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। इसके अलावा अन्य निर्देश भी जारी किये गये हैं। इन निर्देशों के संबंध में सहायक श्रम पदाधिकारी पंकज बिजपुरिया से संपर्क किया गया, तो पता चला कि वे मुख्यालय से बाहर हैं। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*वन विभाग ने कैंपा योजना के तहत तालाब निर्माण का काम मजदूरो से ना कराकर जेसीबी मशीन से कराने का मामला सामने आया है*

कांकेर:- नरहरपुर विकासखंड के वन परिक्षेत्र सरोना के अंतर्गत वन विभाग ने कैंपा योजना के तहत खल्लारी एवं चोरिया में तालाब निर्माण का कार्य मजदूरों से ना कराकर जेसीबी मशीन से कराने का मामला सामने आया है। तालाब निर्माण कार्य में भारी अनियमितता भी बरती गई है। ग्राम चोरिया में 12 लाख एवं खल्लारी में 11 लाख के लागत से दो तालाब का निर्माण कराया गया है। ‌लेकिन तलाब का साइज को देखकर नहीं लगता कि इतनी बड़ी राशि खर्च हुई होगी। वहीं वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारीयों ने गांव वालों को अंधेरे में रखकर उन्हें काम नहीं दिया और गांव में काम करने वाले मजदूरों से वन विभाग के डिप्टी रेंजर द्वारा लिखवा लिया गया कि वे काम करना नहीं चाहते।

जबकि केंद्र सरकार का आदेश था कि कैंपा योजना के तहत ग्रामीणों को रोजगार मुहैया कराना। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा तालाब निर्माण कार्य को जेसीबी मशीन से कराया गया। कार्य के दौरान वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों ने तालाब निर्माण की जांच की मांग की है। इस मामले में डिप्टी रेंजर आरके पटौदी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस कार्य को टेंडर के जरिए करवाया गया है। इसमें हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है। वन परिक्षेत्र अधिकारी माधव श्याम रामटेके ने कहा कि डीएफओ ऑफिस से जैसा टेंडर निकला था उसी के हिसाब से तालाब निर्माण का कार्य करवाया गया है। 

ब्यूरो रिपोर्ट


*कोरोना वायरस की अफवाह सोशल मीडिया में शेयर करना बीआरसी को पड़ा भारी,कलेक्टर ने किया निलंबित*

कांकेर:- सोशल मीडिया में बॉयलर मुर्गा खाने से एक की मौत होने की अफवाह फैलाने वाले नरहरपुर बीआरसी हिमन कोर्राम को कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार खंड शस्त्रोत समन्वयक (बीआरसी) हिमन कोर्राम द्वारा सोशल मीडिया में मुर्गा खाने से कोरोना वायरस होने से एक व्यक्ति की मौत की अफवाह फैलाई दी। इसको लेकर अफवाहों का बाजार गर्म हो गया, जिसको लेकर मुर्गा व्यवसाईयों में नाराजगी देखी गई। साथ ही मुर्गा व्यवसाईयों ने ऐसे अफवाहों पर अंकुश लगाने के लिए कांकेर कलेक्टर केएल चौहान से शिकायत की। इसके बाद सिविल सेवा आचरण का उल्लंघन मानते हुए कलेक्टर ने बीआरसी हिमन कोर्राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन्हें चारामा बीईओ कार्यालय में अटैच किया गया है। 

ब्यूरो रिपोर्ट